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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 109502 (ALL)

HARSH ALIAS HARSH BALIYAN v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

ABAIL/11644/2024 · 2025-07-15

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:116904 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 11644 of 2024 Applicant :- Harsh Alias Harsh Baliyan Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Krishna Kant Dubey,Santosh Kumar Dubey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित वतरममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अकग्रिम जममानत प्रमाररनमा पत्र आववेदक हरर उरर हरर बमाललियमान ककी ओर सवे मपु०अ०स० 06/2020 अन्तररत धमारमा 420/ 467/ 468/ 120 बची भमा०ददं०कव०, रमानमा ननोएण्डिमा सवेक्टर 58, लजलिमा रगौतम बपुद्ध नरर मम अकग्रिम जममानत पर मपुक्त करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे कवदमान अलधवक्तमा ककी तरर सवे कवदमान अलधवक्तमा एवदं कवदमान अपर शमासककीय अलधवक्तमा कनो सपुनमा तरमा पत्रमावलिची कमा पररशचीलिन ककयमा। 3. आववेदक कवे कवदमान अलधवक्तमा नवे तकर प्रस्तपुत ककयमा कक आववेदक कनदर्दोर हहै , उसवे उपरनोक्त धमारमाओदं मम दवेरवश तदंर व परवेशमान करनवे ककी कनयत सवे आललिप्त ककयमा रयमा हहै , उसवे आशदंकमा हहै कक उसवे उपरनोक्त वकररत ममामलिवे मम कररफ्तमार ककयमा जमा सकतमा हहै , जबकक उसकवे कवरूद्ध कनोई कवश्वसनचीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भची करन हहै कक आववेदक कवे कवरुद्ध अभची तक कनोई भची बमाध्यकमारची प्रकक्रियमा नहहीं अपनमाई रयची हहै एवदं आववेदक ककी ओर सवे यह भची आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानसून ककी प्रकक्रियमा मम सहयनोर करनवे कवे ललिए तहैयमार हहै और जब भची आवश्यकतमा हनोरची वह ईममानदमारची सवे न्यमायमालिय कवे समक्षि खपुद कनो उपलिब्ध करमाएरमा और उन सभची शततों कनो स्वचीकमार करनवे कवे ललिए भची तहैयमार हहै जनो न्यमायमालिय उस पर अलधरनोकपत करवेरची। 4. कवदमान अपर शमासककीय अलधवक्तमा दमारमा यह तकर प्रस्तपुत ककयमा रयमा कक अकभयपुक्त दमारमा कमाररत अपरमाध रदंभचीर प्रकक कत कमा हहै तरमा आववेदक कवे कवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पपुललिस दमारमा आववेदक कवे कवरुद्ध सदंबदंलधत कवचमारर न्यमायमालिय मम आरनोपपत्र प्रवेकरत ककयमा रयमा हहै। इसललिए आववेदक कनो अकग्रिम जममानत पर मपुक्त ककयवे जमानवे कमा कनोई औकचत्य प्रतचीत नहहीं हनोतमा हहै। अततः अकभयपुक्त कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र कनरस्त ककयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकतमा हहै कक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलिवे मम ममाननचीय उच्चतम न्यमायमालिय नवे ममानमा हहै कक अकग्रिम जममानत पर कनररय करतवे समय न्यमायमालिय कनो आरनोप ककी प्रकक कत और रदंभचीरतमा , अकभयपुक्त कमा पसूवरवकत, अकभयपुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सदंभमावनमा पर कवचमार करनमा चमाकहए तरमा न्यमायमालिय कनो अकभयपुक्त कवे कवरुद्ध उपलिब्ध सदंपसूरर समामग्रिची कमा समावधमानचीपसूवरक मसूल्यमादंकन करनमा चमाकहए तरमा अकभयपुक्त ककी सटचीक भसूकमकमा कनो भची ध्यमान मम रखनमा चमाकहए। 6. वतरममान ममामलिवे मम अकग्रिम जममानत सदंबदंधची कवलध कवे स्रमाकपत लसद्धमादंततों कनो ध्यमान मम रखतवे हहए और पक्षिकमारतों कवे कवदमान अलधवक्तमाओदं कवे करनतों , आरनोपतों ककी प्रकक कत , आववेदक ककी भसूकमकमा और ममामलिवे कवे सभची तथ्यतों एवदं पररणस्रकतयतों कनो ध्यमान मम रखतवे हहए चसूदंकक सदंबदंलधत कवचमारर न्यमायमालिय मम आववेदक कवे कवरुद्ध समाक्ष्य पमायवे जमानवे कवे उपरमान्त आरनोप पत्र प्रवेकरत ककयमा जमा चपुकमा हहै , अततः ममामलिवे कवे रपुर -दनोर पर कबनमा कनोई कवचमार व्यक्त ककए यह अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र स्वचीकमार ककए जमानवे यनोग्य नहहीं हहै, तदपुसमार आववेदक कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र अस्वचीकमार ककयमा जमातमा हहै। 7. उपरनोक्तमानपुसमार वमाद कवे रपुर-दनोर पर कटप्परची ककयवे बरहैर यह अकग्रिम जममानत प्रमाररनमापत्र कनरस्त ककयमा जमातमा हहै। 8. इस वमाद मम यकद कनोई अदंतररम आदवेश हनो, तनो वह स्वततः सममाप्त समझमा जमाए। 9. कमायमारलिय कनो कनदरकशत ककयमा जमातमा हहै कक इस आदवेश ककी प्रकतललिकप सदंबदंलधत कवचमारर न्यमायमालिय कनो अकवलिम्ब प्रवेकरत करम। Order Date :- 16.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad