Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 109384 (ALL)

MAHENDRA KUMAR KATIYAR v. STATE OF U.P.

NABAIL/11793/2024 · 2025-08-05

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:133370 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 11793 of 2024 Applicant :- Mahendra Kumar Katiyar Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rajan Upadhyay,Sr. Advocate Counsel for Opposite Party :- Anurag Singh,G.A.,Saurabh Chaturvedi,Shivaji Singh Connected with Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 11713 of 2024 Applicant :- Jyotishna Katiyar Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rajan Upadhyay,Sr. Advocate Counsel for Opposite Party :- Anurag Singh, Shivaji Singh,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आवेदकगण की ओर से विवद्वान वरिरष्ठ अधि+वक्ता श्री रमेश उपाध्याय , व उनके सहयोगी अधि+वक्ता श्री राजन उपाध्याय, परिरवादी की ओर से विवद्वान वरिरष्ठ अधि+वक्ता श्री आई.के . चतुव=दी व उनके सहयोगी अधि+वक्ता श्री शिशवाजी सिंसह एवं नगर पंचायत की ओर से श्री अनुराग सिंसह तथा राज्य की तरफ से विवद्वान अपर महाधि+वक्ता श्री मनीष गोयल, शासकीय अधि+वक्ता श्री पतंजलिल विमश्रा, अपर शासकीय अधि+वक्ता श्री चंदन सिंसह, राजेंद्र सिंसह, कृ ष्णकान्त गुप्ता, जय विकशन चौरसिसया एवं ताविहरा शबनम को सुना तथा पत्रावली का गहन परिरशीलन विकया। 2. वतSमान दाण्डिUVक प्रकीणS अविXम जमानत प्राथSना पत्र , आवेदकगण Mahendra Kumar Katiyar एवं Jyotishna Katiyar की ओर से मु०अ०सं० 373/2024, अन्तगSत +ारा 419, 420, 467, 468, 471, 120-बी. भारतीय दंV संविहता, थाना अकबरपुर, सिजला कानपुर देहात में अविXम जमानत की मॉग करते हुए इस प्राथSना के साथ योसिजत विकया गया है विक विगरफ्तारी की ण्डिlथधित में आवेदकगण को जमानत पर रिरहा विकया जा सके । 3. संक्षेप में अशिभयोजन कथानक इस प्रकार है विक वादी मुकदमा प्रदीप कु मार पाUVेय, अधि+शाषी अधि+कारी, नगर पंचायत अकबरपुर की ओर से एक तहरीर थाना अकबरपुर, सिजला कानपुर देहात में इस आशय की दी गयी है विक सिजलाधि+कारी महोदय, कानपुर देहात के पत्र सं० 1122/एलबीसी-का०दे०/2024, विदनांक 08 अगlत, 2024 के द्वारा अवगत कराया है विक श्री हरिरशंकर पुत्र बाबूलाल , विनवासी शंकर दयाल नगर, अकबरपुर, जनपद कानपुर देहात द्वारा प्रlतुत शिशकायती प्राथSना- पत्र विदनांक 01-7-2024, जो नगर पंचायत अकबरपुर की सरकारी भूविम को भू- माविफयाओं द्वारा क्रय विवक्रय करने एवं तालाब की भूविम पर अशिभलेखो में हेरा फे री करके कब्जा करने का विवषयक है, सिजसमें मुख्य रूप से शिशकायत की गयी है विक नगर पंचायत अकबरपुर में रूरा रोV के विनकट सरकारी भूविम आराजी नम्बर 127 विम० रकबा 0.492 हे0, 129 विम० रकबा 0.215 हे0, 123 रकबा 0.082 हे0, 129 रकबा 0.174 हे0 व 148 विम० क्षेत्रफल 0.164 हे० पंजीकृ त कागजात हैं। लेविकन ज्योधितषना कविटयार और उनके पधित महेंद्र कविटयार ने अपने प्रभाव का इlतेमाल करते हुए विबना खाता नंबर और आराजी नंबर विदखाए सरकारी जमीन बेच दी है। तालाब के अलावा भूविम आराजी नम्बर-41 रकबा-1.527 हे0 के आंशिशक भाग पर अपने प्रभाव का इlतेमाल करते हुये कागजों में हेरा -फे री कराकर बैनामा व दान पत्र के द्वारा तालाबी भूविम पर कब्जा विकये हुये हैं। उपरोक्त शिशकायती प्राथSना पत्र की जाँच उपसिजलाधि+कारी, अकबरपुर जनपद कानपुर देहात से करायी गयी सिजसकी जाँच आख्या पत्र संख्या-369 विदनांक 22-7-2024 एवं पत्र संख्या-384 विदनांक 03- 08-2024 को प्रेविषत, में उल्लेख विकया गया है विक राजlव अशिभलेखों में Xाम अकबरपुर गाटा संख्या-127 विम० रकबा 0.492 हे0 ऊसर की श्रेणी में, 129 विम० रकबा 0.215 हे० उत्तर की श्रेणी में, 123 रकबा 0.0820 कोठी की श्रेणी में, गाटा संख्या-129 विम० रकबा 0.174 कोठी की श्रेणी में व 148 विम० रकबा 0.1640 कोठी की श्रेणी में दजS है। आवेदक द्वारा उपलब्+ कराये गये 20 विवक्रय क्रय विवलेखों का अवलोकन विकया गया सिजससे lपष्ट महेन्द्र कविटयार द्वारा विबना गाटा संख्या अंविकत विकये 19 विवक्रय विवलेख विनष्पाविदत विकये गये हैं तथा 1 श्रीमती ज्योधितषना कविटयार द्वारा विबना गाटा संख्या क्रय विकया गया है। गाटा संख्या 127 विम० तथा 129 विम० विमलजुमला नम्बर है सिजसमें राज्य सरकार व नगर पंचायत सह-खातेदार हैं सिजसका विवभाजन नहीं विकया गया है तथा मौके पर आबादी है। श्री महेन्द्र कविटयार की पत्नी नगर पंचायत की अध्यक्ष भी रही हैं। सिजससे यह आशंका बलवती होती है विक सरकारी भूविम का बैनामा विबना गाटा नम्बर अंविकत विकया गया हो। विबना गाटा नम्बर के बैनामा विकया जाना अपरा+ की श्रेणी में आता है। प्रश्नगत भूविम के महेन्द्र कविटयार न तो मूल काश्तकार हैं और न ही आबादी/अकृ षक घोविषत की गयी भूविम है। इनके द्वारा विबना भूविम संख्या उल्लेलिखत विकये विवक्रय विकये जाने का कारण सरकारी भूविम खुदS -बुदS विकये जाने का उद्देश्य प्रमाशिणत होता है। विवक्रे ता/क्रे ता द्वारा विबना गाटा संख्या अविकत विकये भूविम का विवक्रय-क्रय करना सरकारी भूविम को खुद-बुदS करने की आख्या प्रlतुत की गयी है। जाँच में यह भी उल्लेख विकया गया है विक महेन्द्र कविटयार व ज्योधितषना कविटयार 2 of 8 द्वारा उपरोक्त आराजी नम्बर के अधितरिरक्त गाटा संख्या 130, 131, 132, 133, 134, 135 में अनुसूधिचत जाधित के व्यविक्तयों से विबना अनुमधित के भूविम क्रय की गयी है जबविक क्रे ता अनुसूधिचत जाधित का नहीं है। महेन्द्र कविटयार व ज्योधितषना कविटयार के पक्ष में बैनामा लिलखने के पूवS कलेक्टर की कोई अनुमधित नहीं ली गयी है , सिजससे यह भूविम बैनामा की धितशिथ पर राजसात हो चुकी है। जबविक इन्हें बेचने का कोई अधि+कार नहीं है। उक्त भूविम विमलीभगत से महेन्द कविटयार व ज्योधितषना कविटयार द्वारा क्रय - विवक्रय विकया गया है। इस प्रकार उपरोक्त प्रकरण राज्य सरकार व नगर पंचायत की जमीनों का विवक्रय/क्रय विकया जाना प्रकाश में आया है। सिजलाधि+कारी कानपुर देहात के पत्र सं०-1122/एलबीसी-का० दे०/2024 विद० 08/08/2024 के माध्यम से प्रकरण को अत्यन्त गम्भीर मानते हुये सम्बण्डिन्+त के विवरुद्ध प्रथम सूचना रिरपोटS दजS कराये जाने हेतु विनद=शिशत विकया गया है। 4.(क) आवेदकगण के विवद्वान अधि+वक्ता द्वारा तकS प्रlतुत विकया गया विक कशिथत घटना की धितशिथ विद० -22.09.2004 की बतायी गयी है, जबविक प्रथम सूचना रिरपोटS विदनांक-14.08.2024 को 20 वषS के उपरांत दजS करायी गयी है , विवलम्ब का समुधिचत lपष्टीकरण नहीं विदया गया है। इस मामले में प्रासंविगक तथ्य यह है विक आवेदकगण द्वारा सरकारी भूविम/आरासिजयों के विकसी भी रकबे का क्रय-विवक्रय नहीं विकया है और न ही वह काविबज है। आगे यह भी तकS प्रlतुत विकया गया विक विवक्रे तागण द्वारा आवेदकगण को आराजी सं०-130, 131, 132, 133, 134, 135 ण्डिlथत Xाम अकबरपुर शहरी क्षेत्र, तहसील अकबरपुर, की आबादी का रकबा बताकर और सिजलाधि+कारी से पूवाSनुमधित की आवश्यकता न होने का भरोसा विदलाकर शिभन्न-शिभन्न धितशिथयों में आंशिशक रकबा विवक्रय विकया है। आवेदकगण द्वारा क्रे तागण की बातों पर भरोसा कर बाजारी दर पर प्रधितफल अदा कर lटाम्प शुल्क अदा कर बैनामें कराये हैं। बैनामों की छाया प्रधित साथ में संलग्न की गयी है। विवक्रे तागण द्वारा आवेदकगण को उक्त भूविम विवक्रय विकये जाने के बाद राज्य सरकार की ओर से संबंधि+त सिजतेन्द्र सिंसह द्वारा उपसिजलाधि+कारी अकबरपुर में मुकदमा दजS कराया था , सिजसमें पारिरत आदेश के विवरूद्ध विनगरानी आयुक्त कानपुर मUVल कानपुर न्यायालय में दालिखल की गयी , जो विदनांक-24.08.2016 को अपर आयुक्त कानपुर मUVल कानपुर द्वारा विनण•त की जा चुकी है, सभी आरासिजयों पर आज तक विवक्रे तागण का नाम सरकारी अशिभलेख में दजS है। सुसंगत तथ्य यह भी है विक आवेदकगण के द्वारा क्रय की गयी समपलित्तयाँ आराजी सं०-131 लगायत 135 आपस में विमली हुई है, सिजसको वह छोटे-छोटे प्लाट काटकर नक्शा तैयार कराकर अलग-अलग व्यविक्तयों को विवक्रय पत्र में पहचान के लिलये तैयार नक्शे के अनुसार रूरा रोV के विकनारों की चौहद्दी लिलखकर बैनामा विकया गया। क्रे तागण खरीदे गये प्लाटों पर मकान बनाकर विनवास कर रहे हैं और एसेसमेन्ट कर, गृहकर का भी भुगतान विकया जा रहा है। आवेदकगण द्वारा दlतावेजों में कू टरचना नहीं की गई है। पूवS में भी तालाब के रकबे पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया था 3 of 8 सिजसकी जाँच रिरपोटS संलग्न की गयी है, सिजसके अनुसार कशिथत तालाबी रकबा मौके पर खाली है, उस पर कोई अवै+ कब्जा नहीं है। (ख) प्रासंविगक तथ्य यह भी है विक आवेदकगण द्वारा क्रय की गई सभी भूविम आवासीय उद्देश्य के लिलए खरीदी गई थी, सिजसके लिलए आवेदकगण द्वारा भूखंVों को आवासीय मानते हुए उधिचत lटाम्प शुल्क का भुगतान विकया गया, सिजस पर सिजला मसिजlट्रेट के आदेश के तहत, उप-मंVल मसिजlट्रेट ने एक पूणS जांच की और विदनांक 20.05.2016 को अपनी जांच रिरपोटS प्रlतुत की, सिजसमें उल्लेख विकया गया विक नगर पंचायत की कोई भी भूविम आवेदकगण द्वारा विवक्रय नहीं की गई और जो भूविम आवेदकगण के कब्जे में थी, वही उसके द्वारा पंजीकृ त विवक्रय विवलेख द्वारा क्रय की गयी थी। इससे दर्शिशत हो रहा है विक आवेदकगण के लिखलाफ आरोविपत आक्षेप विमथ्या व आ+ारहीन थे। तद्क्रम में एक अन्य शिशकायतकताS सिजतेंद्र सिंसह ने सिजला मसिजlट्रेट के समक्ष एक अन्य शिशकायत भी प्रlतुत की, सिजसमें उप-मंVल मसिजlट्रेट ने विदनांक 08.11.2016 को अपनी जाँच रिरपोटS प्रlतुत की थी , सिजसमें कहा गया विक आवेदकगण द्वारा संबंधि+त भूखंV पर कोई अधितक्रमण नहीं विकया गया है। उपरोक्त तथ्यों से परिरलधिक्षत हो रहा है विक आवेदकगण के ऊपर आक्षेविपत आरोप विनरा+ार और गलत हैं । (ग) आगे यह भी प्रlतुत विकया गया विक एक अन्य शिशकायतकताS हरिर शंकर ने सिजतेंद्र सिंसह के साथ विमलकर शिशकायत भी की, सिजसे lथानीय संसद सदlय द्वारा मुख्यमंत्री के पास भेज विदया गया, सिजस पर अधितरिरक्त सिजला मसिजlट्रेट द्वारा जांच की गई थी, सिजन्होंने विदनांक 29.10.2020 को जांच रिरपोटS प्रlतुत की, सिजसमें कहा गया विक आवेदकगण के कब्जे वाले भूखंVों को उसने पंजीकृ त विवक्रय विवलेख के माध्यम से खरीदी थी और अधितक्रमण का आरोप झूठा और गलत पाया गया। यह भी कहा गया विक चूंविक विवचारा+ीन मामला पहले ही सब धिVविवजनल मसिजlट्रेट द्वारा तय विकया जा चुका था, सिजसके लिखलाफ कविमश्नर के न्यायालय में दो पुनरीक्षण दायर विकए गए थे, सिजन्हें खारिरज कर विदया गया था, इस प्रकार प्रशासविनक अधि+कारिरयों के लिलए इसमें हlतक्षेप करने की कोई गुंजाइश नहीं थी तथा एक अन्य शिशकायतकताS हरिर शंकर द्वारा की गई एक अन्य शिशकायत के संबं+ में, सिजला मसिजlट्रेट द्वारा चकबंदी अधि+कारी, तहसीलदार और उप-मंVल मसिजlट्रेट की तीन सदlयीय सविमधित द्वारा जाँच कराई गई, सिजसने अपनी जाँच रिरपोटS प्रlतुत की, विक इस मामले में पूवS में भी विवशिभन्न जाँचें की जा चुकी हैं और यह lपष्ट है विक आवेदकगण ने विकसी भी भूविम पर अधितक्रमण नहीं विकया है और शिशकायतें गलत हैं। वतSमान वाद में विववेचना प्रचलिलत है तथा आरोपपत्र आज तक संबंधि+त विवचारण न्यायालय में दालिखल नहीं विकया गया है और न ही अंधितम रिरपोटS प्रlतुत की गई है। प्रश्नगत वाद सिसविवल प्रकृ धित का है। (आवेदकगण द्वारा अपने पूवS के आपराधि+क इधितहास का वणSन शपथपत्र के प्रlतर सं०-31 में विकया गया है।) 4 of 8 5(क). परिरवादी के विवद्वान अधि+वक्तागण एवं राज्य की तरफ से उपण्डिlथत विवद्वान शासकीय अधि+वक्ता एवं अपर शासकीय अधि+वक्तागण द्वारा यह तकS प्रlतुत विकया गया विक आवेदकगण द्वारा कारिरत अपरा+ गंभीर प्रकृ धित का है। आवेदकगण द्वारा सरकारी भूविम का बैनामा विबना गाटा/आराजी संख्या, विबना भौधितक ण्डिlथधित दशाSये विकया गया और तालाब की व नगर पंचायत की भूविम की हेराफे री करके कब्जा विकया गया तथा अनुसूधिचत जाधित के व्यविक्त की भूविम को विबना संबंधि+त सिजलाधि+कारी की अनुमधित लिलए क्रय विकया, जो विवधि+-विवरुद्ध है, और उसे व्यावसाधियक रूप से प्रयोग में लाकर विवक्रय गया है। प्रश्नगत मामले में वषS 2004 से 2010 तक बैनामा हुआ है। तत्समय अशिभयुक्ता ज्योत्सना कविटयार नगर पंचायत, अकबरपुर की अध्यक्ष थीं। बैनामों में गाटा नम्बर , आराजी नम्बर का उल्लेख नहीं विकया गया है, मात्र क्षेत्रफल का उल्लेख विकया गया है। प्रश्नगत मामले में संबंधि+त एस०Vी०एम० के द्वारा भी विदनांक 12.09.2024 को अपनी रिरपोटS विबन्दुवार दी गयी है, जो विक के स Vायरी का भी विहlसा है, सिजसमें प्रथमदृष्टया +ोखा+ड़ी का मामला पाया गया है। (ख) चूंविक ज्योत्सना कविटयार उस वक्त नगर पंचायत की अध्यक्ष थीं तथा उसने अपने पद व शविक्त का दुरुपयोग करते हुए विबना गाटा संख्या बताए 20 विवक्रय-पत्र विनष्पाविदत करवा विदया। आवेदक ने 19 विवक्रय-पत्र विनष्पाविदत विकए हैं तथा उसकी पत्नी (सह- अशिभयुक्ता) श्रीमती ज्योधितष्ना कविटयार ने कु छ संपलित्त क्रय की है तथा उक्त विवक्रय- पत्र में भी गाटा संख्या का खुलासा नहीं विकया गया है। (ग) विवद्वान अपर शासकीय अधि+वक्तागण द्वारा यह भी तकS प्रlतुत विकया गया विक अशिभयुक्तगण द्वारा उपरोक्त आरासिजयों का बैनामा विबना नंबर व चौहद्दी के विकया गया , सिजसकी परिरपुविष्ट अधि+शासी अधि+कारी, नगर पंचायत, कानपुर देहात द्वारा प्रभारी विनरीक्षक कोतवाली, कोतवाली अकबरपुर को प्रेविषत आख्या/साक्ष्य विदनांविकत 14.08.2024 के परिरशीलन से भी हो रही है, इससे परिरलधिक्षत हो रहा है विक अशिभयुक्तगण द्वारा सुविनयोसिजत तरीके से उपरोक्त अपरा+ कारिरत विकया गया है , सिजसकी प्रकृ धित गम्भीर है, इसलिलए आवेदकगण को अविXम जमानत पर मुक्त विकये जाने का कोई औधिचत्य नहीं है। अतः आवेदकगण का अविXम जमानत प्राथSनापत्र विनरlत कर विदया जाय। (घ) विवद्वान अपर शासकीय अधि+वक्तागण का पुनः कथन है विक वतSमान वाद में विववेचक द्वारा आरोप-पत्र विदनांविकत 06.03.2025 को संबंधि+त क्षेत्राधि+कारी के कायाSलय में विदनांक 15.07.2025 को पयSवेक्षण हेतु प्रेविषत की जा चुकी है विकन्तु यह तथ्य lवीकार विकया गया विक अभी तक संबंधि+त न्यायालय में आरोपत्र दालिखल नहीं है। आवेदकगण द्वारा कारिरत अपरा+ गम्भीर प्रकृ धित का है, इसलिलए आवेदकगण को अविXम जमानत पर मुक्त विकये जाने का कोई औधिचत्य प्रतीत नहीं होता है। अतः आवेदकगण का अविXम जमानत आवेदन पत्र विनरlत विकया जाय। 5 of 8 6. उभयपक्ष के तकš एवं वतSमान मामले में अशिभयुक्तगण /आवेदकगण के विवरुद्ध आक्षेविपत गम्भीर आरोपों की परिरपुविष्ट अधि+शासी अधि+कारी, नगर पंचायत, कानपुर देहात प्रेविषत आख्या विदनांविकत 14.08.2024 के अनुसार हो रही है, जो विनम्नवत् हैः- 6 of 8 7. यह कहा जा सकता है विक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है विक अविXम जमानत पर विनणSय करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ धित और गंभीरता, अशिभयुक्त का पूवSवृत्त, अशिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर विवचार करना चाविहए तथा न्यायालय को अशिभयुक्त के विवरुद्ध उपलब्+ संपूणS सामXी का साव+ानीपूवSक मूल्यांकन करना चाविहए तथा अशिभयुक्त की सटीक भूविमका को भी ध्यान में रखना चाविहए। 8. वतSमान मामले में अविXम जमानत संबं+ी विवधि+ के lथाविपत सिसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के विवद्वान अधि+वक्ताओं के कथनों , आरोपों की प्रकृ धित, आवेदकगण की भूविमका और मामले के सभी तथ्यों एवं परिरण्डिlथधितयों को ध्यान में रखते हुए, चूंविक यह उल्लेख करना प्रासंविगक है विक विवक्रय -पत्र में गाटा संख्या का खुलासा न करना और विवक्रय-पत्र में के वल भू-संपलित्त का क्षेत्रफल बताना अपने आप में विवधि+-अनुकू ल नहीं है। आवेदकगण ने अनुसूधिचत जाधित के सदlयों की गाटा संख्या 130, 131, 132, 133, 134 और 135 की भूविम, सिजलाधि+कारी की पूवS अनुमधित के विबना खरीदी है और राज्य सरकार एवं नगर पंचायत की भूविम पर भी कब्जा-विवक्रय विकया है, सिजसके संबं+ में उप-मंVल मसिजlट्रेट, अकबरपुर, सिजला कानपुर देहात द्वारा एक विवlतृत जांचोपरांत उप-मंVल मसिजlट्रेट, अकबरपुर ने अपनी आख्या प्रlतुत की 7 of 8 और आख्या के अनुसार सह-विहlसेदारों की सहमधित के विबना विवक्रय -विवलेख विनष्पाविदत विकया गया, सिजसमें आवेदकगण की भूविमका lपष्ट रूप से परिरलधिक्षत हो रही है। अतः मामले के गुण-दोष पर विबना कोई विवचार व्यक्त विकए यह अविXम जमानत आवेदन पत्र lवीकार विकए जाने योग्य नहीं है, तद्नुसार आवेदकगण का अविXम जमानत आवेदन पत्र अlवीकार विकया जाता है। 9. उपरोक्तानुसार वाद के गुण-दोष पर विटप्पणी विकये बगैर यह अविXम जमानत प्राथSनापत्र विनरlत विकया जाता है। 10. कायाSलय को विनद=शिशत विकया जाता है विक इस आदेश की एक प्रधितलिलविप अविवलम्ब संबंधि+त विवचारण न्यायालय के भेजना सुविनधि¤त करें। Order Date :- 6.8.2025 Pawan Kumar 8 of 8 Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad