Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 109091 (ALL)

KULDEEP AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

ABAIL/11586/2024 · 2025-08-10

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:136053 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 11586 of 2024 Applicant :- Kuldeep And Another Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Kanhaiya Mishra,Sandeep Tripathi Counsel for Opposite Party :- Kailash Nath, Ravindra Kumar,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा ककी तरफ सवे आज पपूरक शपथपत्र कवे मद्वाध्यम सवे ससंबसंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे आदवेश फलक ककी प्रमद्वावणत प्रवतधलवप दद्वाधखिल ककी गययी हह, धजसवे पत्रद्वावलयी पर रखिद्वा जद्वाए। 2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीणर अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत्र आववेदकगण कक लदयीप एवसं शयीमतयी वप्रयद्वा ककी ओर सवे मक०अ०स० 76/2023, अन्तगरत धिद्वारद्वा 306 भद्वा.दसं.ससं., थद्वानद्वा रतनपकरयी, धजलद्वा मकजफ्फरनगर मम अवग्रिम जमद्वानत पर मकक करनवे हवेतक प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा हह। 3. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा, पररवद्वादयी कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एवसं ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा शयी रद्वाजमद्र धससंह कको सकनद्वा तथद्वा पत्रद्वावलयी कद्वा पररशयीलन वकयद्वा। 4. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तकत वकयद्वा वक आववेदकगण वनदर्दोष हह, उन्हम उपरकोक धिद्वारद्वाओसं मम दवेषवश तसंग व परवेशद्वान करनवे ककी वनयत सवे आधलप्त वकयद्वा गयद्वा हह , उन्हम आशसंकद्वा हह वक उन्हम उपरकोक ववणरत मद्वामलवे मम वगरफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हह , जबवक उसकवे ववरूद्ध ककोई ववश्वसनयीय सद्वाक्ष्य नहहीं हह। आववेदकगण दद्वारद्वा प्रद्वाथवमककी मम दवशरत उपरकोक धिद्वारद्वाओसं कद्वा अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा गयद्वा हह। आववेदकगण ममृतकद्वा कवे दवेवर एवसं दवेवरद्वानयी हह। आववेदकगण दद्वारद्वा वतरमद्वान वद्वाद कको कद्वाररत करनवे कद्वा न तको ककोई हवेतकक हह, न हयी ककोई सरकोकद्वार हह। आववेदकगण कको आदवेश वदनद्वासंक 04.09.2024 कको असंतगरत धिद्वारद्वा 319 दसं०प्र०ससं० मम तलब वकयद्वा गयद्वा थद्वा। आववेदकगण दद्वारद्वा ममृतक कको आत्महत्यद्वा कद्वाररत करनवे हवेतक उकसद्वायद्वा नहहीं गयद्वा हह, न हयी उनकवे दद्वारद्वा शद्वारयीररक अथवद्वा मद्वानधसक रूप सवे प्रतद्वावड़ित व परवेशद्वान वकयद्वा गयद्वा हह। आववेदकगण कको पपूवर मम आदवेश वदनद्वासंक 02.01.2025 कको सशतर अवग्रिम असंतररम जमद्वानत प्रदद्वान ककी गययी हह , धजसमम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अधधिरकोवपत शतर्दोसं कद्वा आववेदकगण दद्वारद्वा अनकपद्वालन वकयद्वा जद्वा रहद्वा हह। आववेदकगण ककी ओर सवे यह भयी आश्वद्वासन वदयद्वा गयद्वा हह वक ववे कद्वानपून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकोग करनवे कवे धलए तहयद्वार हह और जब भयी आवश्यकतद्वा हकोगयी ववे ईमद्वानदद्वारयी सवे न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष खिकद कको उपलब्धि करद्वाएसंगवे और उन सभयी शतर्दोसं कको स्वयीकद्वार करनवे कवे धलए भयी तहयद्वार हह जको न्यद्वायद्वालय उन पर अधधिरकोवपत करवेगयी। 5. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा यह तकर प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा वक आववेदकगण दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि गसंभयीर प्रकमृ वत कद्वा हह तथद्वा पपूवर मम प्रद्वाप्त अवग्रिम जमद्वानत मम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अधधिरकोवपत शतर्दोसं कद्वा आववेदकगण दद्वारद्वा पद्वालन नहहीं वकयद्वा जद्वा रहद्वा हह तथद्वा अनद्वावश्यक रूप सवे जद्वानबपूझकर अनद्वावश्यक स्थगन धलयद्वा जद्वा रहद्वा हह तथद्वा न्यद्वावयक प्रवक्रियद्वा मम सहयकोग नहहीं वकयद्वा जद्वा रहद्वा हह , इसधलए आववेदकगण कको अवग्रिम जमद्वानत पर मकक वकयवे जद्वानवे कद्वा ककोई औवचत्य प्रतयीत नहहीं हकोतद्वा हह। अततः आववेदकगण कद्वा अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र वनरस्त वकयद्वा जद्वाय। 6. यह कहद्वा जद्वा सकतद्वा हह वक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे मद्वामलवे मम मद्वाननयीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय नवे मद्वानद्वा हह वक अवग्रिम जमद्वानत पर वनणरय करतवे समय न्यद्वायद्वालय कको आरकोप ककी प्रकमृ वत और गसंभयीरतद्वा, अवभयकक कद्वा पपूवरवमृत, अवभयकक कवे न्यद्वाय सवे भद्वागनवे ककी ससंभद्वावनद्वा पर ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए तथद्वा न्यद्वायद्वालय कको अवभयकक कवे ववरुद्ध उपलब्धि ससंपपूणर सद्वामग्रियी कद्वा सद्वावधिद्वानयीपपूवरक मपूल्यद्वासंकन करनद्वा चद्वावहए तथद्वा अवभयकक ककी सटयीक भपूवमकद्वा कको भयी ध्यद्वान मम रखिनद्वा चद्वावहए। 7. वतरमद्वान मद्वामलवे मम अवग्रिम जमद्वानत ससंबसंधियी ववधधि कवे स्थद्वावपत धसद्धद्वासंततों कको ध्यद्वान मम रखितवे हहए और पक्षकद्वारतों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वाओसं कवे कथनतों , आरकोपतों ककी प्रकमृ वत , आववेदकगण ककी भपूवमकद्वा और मद्वामलवे कवे सभयी तथ्यतों एवसं पररणस्थवतयतों कको ध्यद्वान मम रखितवे हहए , आववेदकगण कको पपूवर मम सशतर असंतररम जमद्वानत न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा प्रदद्वान ककी गययी थयी , वकन्तक प्रपत्रतों कवे अवलकोकन सवे वववदत हकोतद्वा हह वक आववेदकगण दद्वारद्वा उक शतर्दोसं कद्वा अनकपद्वालन नहहीं वकयद्वा जद्वा रहद्वा हह तथद्वा अनद्वावश्यक स्थगन लवेकर न्यद्वावयक प्रवक्रियद्वा मम सहयकोग प्रदद्वान न करकवे पपूवर मम प्रद्वाप्त असंतररम जमद्वानत कद्वा दकरुपयकोग कर रहद्वा हह एवसं ससंबसंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा पद्वाररत आदवेश वदनद्वासंवकत 04.09.2024 मम गवद्वाहतों एवसं सद्वाक्ष्यतों कवे आधिद्वार पर आववेदकगण कको असंतगरत धिद्वारद्वा 319 दसं०प्र०ससं० मम तलब वकयद्वा गयद्वा हह , धजसमम ककोई क्षवेत्रद्वाधधिकद्वार ससंबसंधियी ववधधिक त्रकवट पररलवक्षत नहहीं हकोतयी हह, अततः मद्वामलवे कवे गकण-दकोष पर वबनद्वा ककोई ववचद्वार व्यक वकए यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र स्वयीकद्वार वकए जद्वानवे यकोग्य नहहीं हह , तद्नकसद्वार आववेदकगण कद्वा अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र अस्वयीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हह। 8. उपरकोकद्वानकसद्वार वद्वाद कवे गकण-दकोष पर वटप्पणयी वकयवे बगहर यह अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत्र वनरस्त वकयद्वा जद्वातद्वा हह। 9. इस वद्वाद मम यवद ककोई असंतररम आदवेश हको, तको वह स्वततः समद्वाप्त समझद्वा जद्वाए। 10. कद्वायद्वारलय कको वनदरवशत वकयद्वा जद्वातद्वा हह वक इस आदवेश ककी एक प्रवतधलवप अववलम्ब ससंबसंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे भवेजनद्वा सकवनणश्चत करम। Order Date :- 11.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad