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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 109031 (ALL)
SHILENDRA v. STATE OF U.P.
NABAIL/11553/2024 · 2025-07-30
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 109031 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:128767 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 11553 of 2024 Applicant :- Shilendra Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Amit Kumar Gaur Counsel for Opposite Party :- Rajrshi Gupta,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक शशैलवेन्द्र ककी ओर सवे ममु०अ०स० 623/2024 अन्रररर धमारमा 318(4)/ 336(3)/ 338/ 340(1) बब.एन.एस., रमानमा समाउर, जजलमा गफिररोजमाबमाद मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हशै।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा एववं गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा करो समुनमा ररमा पत्रमावलब कमा पररशबलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हशै , उसवे उपररोक्त धमारमाओवं मम दवेषवश रवंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हशै , आववेदक एववं वमादब ममुकदममा कवे बबच जमबनब गववमाद चल रहमा रमा। जजस कमारर रवंवंजजशन वमादब ममुकदममा दमारमा उक्त ममुकदममा दमायर गकयमा रयमा। उसवे आशवंकमा हशै गक उसवे उपररोक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हशै, जबगक उसकवे गवरूद्ध करोई गवश्वसनबय समाक्ष्य नहहीं हशै। आववेदक दमारमा प्रमारगमककी मम दगशरर उपररोक्त धमारमाओवं कमा अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हशै। आववेदक ककी ओर सवे यह भब आश्वमासन गदयमा रयमा हशै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयरोर करनवे कवे जलए रशैयमार हशै और जब भब आवश्यकरमा हरोरब वह ईममानदमारब सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद करो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभब शरर्दोवं करो स्वबकमार करनवे कवे जलए भब रशैयमार हशै जरो न्यमायमालय उस पर अजधररोगपर करवेरब।
4.
गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक आववेदक करो इस न्यमायमालय ककी अन्य न्यमायपबठ दमारमा गदनमानाँक 29.11.2024 करो अन्रररम अगग्रिम जममानर कमु छ शरर्दोवं कवे समार प्रदमान ककी रयब रब, जजसकमा आववेदक दमारमा अनमुपमालन नहहीं गकयमा जमा रहमा हशै। गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा दमाजखल प्रगरशपर पत्र मम सम्बणन्धर गवचमारर न्यमायमालय ककी आख्यमा कवे अवलरोकन सवे गवगदर हरो रहमा हशै गक आववेदक सम्बणन्धर गवचमारर न्यमायमालय मम गनयर गरजरययों मम उपणस्रर नहहीं हरो रहमा हशै। " इस प्रकमार आववेदक दमारमा पनूवर मम गदयवे रयवे अन्रररम अगग्रिम जममानर एववं जममानर कवे समार लरमायब रयब शरर्दोवं कमा लरमारमार उलवंघन गकयमा जमा रहमा हशै। जजससवे यह पररलगक्षर हरो रहमा हशै गक जजससवे सत्र परबक्षर कवे
गनस्रमारर मम अनमावश्यक गवलम्ब हरो रहमा हशै। उन्हयोंनवे आरवे यह भब कहमा गक आववेदक कवे गवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पमुजलस दमारमा आववेदक कवे गवरुद्ध सवंबवंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम आररोपपत्र प्रवेगषर गकयमा रयमा हशै। अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रवंभबर प्रकक गर कमा हशै इसजलए आववेदक करो अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा करोई औगचत्य प्ररबर नहहीं हरोरमा हशै अरतः अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय। अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रवंभबर प्रकक गर कमा हशै इसजलए आववेदक करो अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा करोई औगचत्य प्ररबर नहहीं हरोरमा हशै अरतः अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय।
5. यह कहमा जमा सकरमा हशै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननबय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हशै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय करो आररोप ककी प्रकक गर और रवंभबररमा , अगभयमुक्त कमा पनूवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सवंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय करो अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सवंपनूरर समामग्रिब कमा समावधमानबपनूवरक मनूल्यमावंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटबक भनूगमकमा करो भब ध्यमान मम रखनमा चमागहए।
6.
वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सवंबवंधब गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमावंरयों करो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षकमारयों कवे गवदमान अजधवक्तमाओवं कवे करनयों , आररोपयों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभब रथ्ययों एववं पररणस्रगरययों करो ध्यमान मम रखरवे हहए एववं सम्पनूरर दस्रमाववेजयों कवे अवलरोकन सवे यह गवगदर हरोरमा हशै गक आववेदक दमारमा पनूवर मम गदयवे रयवे अवंरररम आदवेश कमा दमुपरयरोर गकयमा जमा रहमा हशै। अरतः ममामलवे कवे रमुर -दरोष पर गबनमा करोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वबकमार गकए जमानवे यरोग्य नहहीं हशै, रद्रमुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वबकमार गकयमा जमारमा हशै।
7. उपररोक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दरोष पर गटप्परब गकयवे बरशैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हशै।
8. इस वमाद मम यगद करोई अवंरररम आदवेश हरो, ररो वह स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए।
9. आववेदक गनयगमर जममानर प्रमाररनमापत्र दमाजखल करनवे हवेरमु स्वरवंत्र हशै। कमायमारलय करो गनदरगशर गकयमा जमारमा हशै गक इस आदवेश ककी एक प्रगरजलगप अगवलम्ब सवंबवंजधर गवचमारर न्यमायमालय कवे भवेजनमा समुगनणश्चर करम। Order Date :- 31.7.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad