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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 108340 (ALL)

RAVINDRA KUMAR VERMA ALIAS R.K. VERMA v. STATE OF U.P.

BAIL/43134/2024 · 2025-05-13

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:79848 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 43134 of 2024 Applicant :- Ravindra Kumar Verma Alias R.K. Verma Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Pankaj Kumar Dwivedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक रववन्द्र कक ममार वममार पकत रमामप्रसमाद ककी ओर सवे मक०अ०स० 465/2022, अन्रररर धमारमा 406/ 419/ 420/ 467/ 468/ 504/ 506 भमा.दद.सद., रमानमा ससररमा, सजलमा वमारमारससी मम जममानर पर मकक्त करनवे हवेरक प्रस्रकर वकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा एवद ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा कको सकनमा ररमा पतमावलसी कमा पररशसीलन वकयमा। 3. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रकर वकयमा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवद फजर्जी ढदर सवे झझूठमा फद समायमा रयमा हहै, उसनवे कसरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै। आववेदक अपनवे पररवमार कमा एकममात कममानवे वमालमा व्यवक्त हहै। पररवमार ककी दवेखभमाल आववेदक कवे हसी कद धध पर हहै। आववेदक कवे पमास पयमारप्त चल अचल सदपसत्ति हहै जममानर कवे बमाद कहहीं पलमायन करनवे ककी ककोई सदभमावनमा नहहीं हहै। आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन वदयमा रयमा हहै वक वह कमानझून ककी प्रवक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भसी आवश्यकरमा हकोरसी वह ईममानदमारसी सवे ववचमारर न्यमायमालय कवे समक्ष खकद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभसी शरध कको स्वसीकमार करनवे कवे सलए भसी रहैयमार हहै जको उस पर असधरकोवपर ककी जमाएरसी। आववेदक लरभर 5 समाल ककी सजमा कमारमारमार मम व्यरसीर कर चककमा हहै। आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा नवे अपनवे रकर कवे समररन Indrani Pratim Mukerjea Vs. Central Bureau of Investigation and another passed in Special Leave to Appeal (Crl.) No. 1627 of 2022 to submit that prolonged incarceration of a person as an under trial is against his fundamental rights under Article 21 of the Constitution of India. मम ममाननसीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा प्रवरपमावदर ववसध-व्यवस्रमा ककी ओर न्यमायमालय कमा ध्यमान आकक ष वकयमा। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 26.12.2022 सवे कमारमारमार मम वनरुद हहै इससलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय। 4. ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा नवे आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रकर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भसीर प्रकक वर कमा हहै, इससलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे। 5. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकध कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलसी पर उपलब्ध समारवमान रथ्यध एवद पररणस्रवरयध कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरध ककी प्रकक वर और वकससी भसी ठकोस ववरकोधमात्मक समामग्रसी ककी अनकपणस्रवर एवद उपलब्ध समामग्रसी सवे छवेड़छमाड़ ककी सदभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरसी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर मकक्त करनवे कमा उपयकक्त आधमार हहै। 6. अरतः बमाद कवे रकर दकोष पर वबनमा ककोई वटिप्परसी वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम सदबदसधर न्यमायमालय ककी सन्रकवष पर व्यवक्तरर बदध -पत एवद उससी धनरमावश कवे दको प्रवरभझू प्रस्रकर करनवे पर वनम्नसलसखर शरध कवे समार जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय। 1. आववेदक ववववेचनमा यमा परसीक्षर कवे ददौरमान अवभयकोजन समाक्ष्यध कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अवभयकोजन समावक्षयध व पसीवण्डिरमा / वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशध कमा पमालन करवेरसी , वह परसीक्षर कवे ददौरमान वबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन सलए वनयर वरसर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परसीक्षर मम ईममानदमारसी सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दकरूपयकोर नहहीं करवेरमा और वकससी भसी अपरमासधक रवरववसध मम सलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमासधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यध सवे पररवचर वकससी भसी व्यवक्त यमा पकसलस असधकमाररयध कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हसी उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा , सजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यध कको उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पड़वे। उपरकोक्त शरध मम सवे वकससी कवे उलदघन कवे ममामलवे मम , परसीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानकसमार रद्द करनवे कको स्वरदत हहै। Order Date :- 14.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad