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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 108217 (ALL)
MUNNAN @ NAWAB KHAN v. STATE OF U.P.
BAIL/44116/2024 · 2025-02-26
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 108217 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:27313 Court No. - 84 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 44116 of 2024 Applicant :- Munnan @ Nawab Khan Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Shyam Babu Vaish Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शश्री श्यद्वाम बद्वाबबू ववैश्य एववं रद्वाज्य ववधधि अधधिकद्वारश्री शश्री ओ .पश्री. धसवंह कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलश्री कद्वा अवलकोकन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 111 सनन 2024, अवंतररत धिद्वारद्वा 5A/8 रकोवधि वनवद्वारर अधधिवनयम, थद्वानद्वा रसुलद्वावठश्री, धजलद्वा बसुलवंदशहर मम जमद्वानत पर मसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हवै।
3. वदनद्वावंक 06.04.2024 कको उपरकोक प्रथम सबूचनद्वा ररपकोरर यह कहतवे हहए धलखद्वायश्री रयश्री वक एक चद्वारपवहयद्वा वद्वाहन सवे आयवे चद्वार व्यवकययों नवे एक सद्वावंड /वबजद्वार कवे ऊपर ककोई चश्रीज मद्वारश्री, धजससवे वह वरर रयद्वा, कसु छ समय बद्वाद वह मबूवछरत वमलद्वा। वशकद्वायतकतद्वार नवे यह सवंशय व्यक वकयद्वा वक अवभियसुकरर नवे वधि करनवे कवे इरद्वादवे सवे सद्वावंड कवे ऊपर कसु छ बवेहकोश करनवे वद्वालश्री दवद्वाई लरद्वायश्री थश्री।
4. वदनद्वावंक 05.06.2024 कको आववेदक सवहत सद्वात व्यवकययों कवे ववरुद्ध प्रथम सबूचनद्वा ररपकोरर सवंख्यद्वा-101/2024, थद्वानद्वा भिवन बहद्वादसुर नरर, जनपद बसुलवंदशहर मम यह कहतवे हहए धलखद्वायश्री रयश्री वक एक चद्वारपवहयद्वा वद्वाहन तथद्वा एक मकोररसद्वाइवकल पर सवद्वार दको व्यवकययों कको जब पसुधलस नवे चवेवकवं र कवे ददौरद्वान रकोकनद्वा चद्वाहद्वा , तको सभिश्री भिद्वारनवे लरवे। मकोररसद्वाइवकल कद्वा पश्रीछद्वा करनवे पर ववे कसु छ दबूर जद्वाकर वरर पडवे तथद्वा पसुधलस पद्वारर्टी पर फद्वायर कर वदयद्वा, वकन्तसु ववे पकडवे रयवे। पकडवे जद्वानवे पर अवभिरकद्वा मम वदयवे रयवे अपनवे बयद्वान मम उन्हयोंनवे आववेदक कको भिश्री अपनवे सद्वाथ सणममधलत हकोनद्वा तथद्वा मदौकवे सवे भिद्वार जद्वानद्वा बतद्वायद्वा। इस आधिद्वार पर आववेदक कको पकडद्वा रयद्वा तथद्वा उस प्रकरर मम अवभिरकद्वा मम वदयवे अपनवे बयद्वान मम आववेदक नवे वतरमद्वान प्रकरर मम अपनश्री सवंधलप्ततद्वा स्वश्रीकद्वार ककी।
5. प्रद्वाथरनद्वापत कवे सद्वाथ प्रस्तसुत शपथपत मम कसु ल 46 आपरद्वाधधिक प्रकररयों मम आववेदक ककी सवंधलप्ततद्वा दशद्वारयश्री रयश्री हवै।
6. रद्वाज्य सरकद्वार ककी तरफ सवे प्रवत शपथपत प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा, धजसकवे सद्वाथ ऐसद्वा ककोई भिश्री अवभिलवेख सवंलग्न नहहीं वकयद्वा रयद्वा हवै , धजससवे प्रश्नरत प्रकरर मम आववेदक ककी सवंधलप्ततद्वा पररलवकत हकोतश्री हको।
7.
उपरकोक पररणस्थवतययों कको दृवष्टिरत रखतवे हहए जबवक आववेदक मद्वात एक अन्य प्रकरर मम अवभिरकद्वा मम दश्री रयश्री अपनश्री स्वश्रीकद्वारकोवक कवे आधिद्वार पर इस प्रकरर मम आरकोपश्री बनद्वायद्वा रयद्वा हवै एववं वह वदनद्वावंक 10.09.2024 सवे कद्वारद्वारद्वार मम वनरुद्ध हवै। न्यद्वायद्वालय कद्वा मत हवै वक आववेदक जमद्वानत पर मसुक वकयवे जद्वानवे कद्वा अधधिकद्वारश्री हवै।
8. तद्नसुसद्वार आववेदक कद्वा जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत स्वश्रीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हवै।
9. आववेदक मसुन्नन उफर नवद्वाब खद्वान कको वनमनधलधखत शतरवं कवे अधिश्रीन सवंबवंधधित मधजस्रटवेर/न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष्टि कवे अनसुसद्वार एक व्यवकरत बवंधिपत और समद्वान रद्वावश ककी दको जमद्वानतम प्रस्तसुत करनवे पर उपरकोक मद्वामलवे मम जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए: - (i). आववेदक परश्रीकर न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा वनधिद्वारररत वतधथ पर उपणस्थत रहवेरद्वा। (ii). आववेदक अवभियकोजन सद्वाक्ष्य कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करवेरद्वा। (iii). आववेदक अवभियकोजन पक कवे रवद्वाहयों पर दबद्वाव नहहीं ण्डिद्वालवेरद्वा।
10. उपरकोक शतरवं मम सवे वकसश्री कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परश्रीकर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानसुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हवै। Order Date :- 27.2.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad