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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 108022 (ALL)

RISHAB MITTAL v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/11451/2024 · 2025-07-15

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:117036 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 11451 of 2024 Applicant :- Rishab Mittal Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Manish Kumar Singh,Ram Bahadur,Rishiraj Chauhan Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित वतरममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अकग्रिम जममानत प्रमाररनमा पत्र आववेदक ररशभ कमत्तल ककी ओर सवे मपु०अ०स० 551/2024 अन्तररत धमारमा 140(2)/ 309(6) बची.एन.एस, रमानमा सदर, जजलमा आररमा मम अकग्रिम जममानत पर मपुक्त करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा ककी तरफ सवे कवदमान अजधवक्तमा एववं कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको सपुनमा तरमा पत्रमावलची कमा पररशचीलन ककयमा। 3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे तकर प्रस्तपुत ककयमा कक आववेदक कनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक्त धमारमाओवं मम दवेषवश तवंर व परवेशमान करनवे ककी कनयत सवे आजलप्त ककयमा रयमा हहै , उसवे आशवंकमा हहै कक उसवे उपरकोक्त वकररत ममामलवे मम कररफ्तमार ककयमा जमा सकतमा हहै , जबकक उसकवे कवरूद्ध ककोई कवश्वसनचीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भची करन हहै कक आववेदक कवे कवरुद्ध अभची तक ककोई भची बमाध्यकमारची प्रकक्रियमा नहहीं अपनमाई रयची हहै एववं आववेदक ककी ओर सवे यह भची आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानसून ककी प्रकक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए तहैयमार हहै और जब भची आवश्यकतमा हकोरची वह ईममानदमारची सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खपुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभची शततों कको स्वचीकमार करनवे कवे जलए भची तहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोकपत करवेरची। 4. कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह तकर प्रस्तपुत ककयमा रयमा कक अकभयपुक्त दमारमा कमाररत अपरमाध रवंभचीर प्रकक कत कमा हहै तरमा आववेदक कवे कवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पपुजलस दमारमा आववेदक कवे कवरुद्ध सवंबवंजधत कवचमारर न्यमायमालय मम आरकोपपत्र प्रवेकषत ककयमा रयमा हहै। इसजलए आववेदक कको अकग्रिम जममानत पर मपुक्त ककयवे जमानवे कमा ककोई औकचत्य प्रतचीत नहहीं हकोतमा हहै। अततः अकभयपुक्त कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र कनरस्त ककयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकतमा हहै कक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननचीय उच्चतम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै कक अकग्रिम जममानत पर कनररय करतवे समय न्यमायमालय कको आरकोप ककी प्रकक कत और रवंभचीरतमा , अकभयपुक्त कमा पसूवरवकत्त, अकभयपुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सवंभमावनमा पर कवचमार करनमा चमाकहए तरमा न्यमायमालय कको अकभयपुक्त कवे कवरुद्ध उपलब्ध सवंपसूरर समामग्रिची कमा समावधमानचीपसूवरक मसूल्यमावंकन करनमा चमाकहए तरमा अकभयपुक्त ककी सटचीक भसूकमकमा कको भची ध्यमान मम रखनमा चमाकहए। 6. वतरममान ममामलवे मम अकग्रिम जममानत सवंबवंधची कवजध कवे स्रमाकपत जसद्धमावंततों कको ध्यमान मम रखतवे हहए और पक्षिकमारतों कवे कवदमान अजधवक्तमाओवं कवे करनतों , आरकोपतों ककी प्रकक कत , आववेदक ककी भसूकमकमा और ममामलवे कवे सभची तथ्यतों एववं पररणस्रकतयतों कको ध्यमान मम रखतवे हहए चसूवंकक सवंबवंजधत कवचमारर न्यमायमालय मम आववेदक कवे कवरुद्ध समाक्ष्य पमायवे जमानवे कवे उपरमान्त आरकोप पत्र प्रवेकषत ककयमा जमा चपुकमा हहै , अततः ममामलवे कवे रपुर -दकोष पर कबनमा ककोई कवचमार व्यक्त ककए यह अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र स्वचीकमार ककए जमानवे यकोग्य नहहीं हहै, तदपुसमार आववेदक कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र अस्वचीकमार ककयमा जमातमा हहै। 7. उपरकोक्तमानपुसमार वमाद कवे रपुर-दकोष पर कटप्परची ककयवे बरहैर यह अकग्रिम जममानत प्रमाररनमापत्र कनरस्त ककयमा जमातमा हहै। 8. इस वमाद मम यकद ककोई अवंतररम आदवेश हको, तको वह स्वततः सममाप्त समझमा जमाए। 9. कमायमारलय कको कनदरकशत ककयमा जमातमा हहै कक इस आदवेश ककी प्रकतजलकप सवंबवंजधत कवचमारर न्यमायमालय कको अकवलम्ब प्रवेकषत करम। Order Date :- 16.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad