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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 42346 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक नावेद उफर् िबल्लोरी की ओर से मु०अ०स० 295/2024, अन्तगर्त धारा 109/ 324(4)/ 3(5) बी०एन०एस० थाना-नौचन्दी, िजला मेरठ में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री संदीप कु मार को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा पूरकशपथ पत्र दािखल िकया गया, उसे पत्रावली पर रखा जाए।
4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में झूठा फसाया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है, आवेदक को गलत व फजीर् तरीके से फसाया गया है। आवेदक का उक्त प्रस्तुत घटना से कोई सम्बन्ध नहीं है। प्रथम सूचना िरपोटर् एक िदन िवलम्ब से है। किथत घटना से सम्बिन्धत पत्रावली पर अिभयुक्त के िवरूद्ध कोई ऐसा साक्ष्य उपलब्ध नहीं है िजससे आवेदक का किथत घटना में सिम्मिलत होना पाया गया हो। आवेदक ने िकसी के साथ िमलकर िकसी पुिलस वाले पर गाड़ी से कोई जानलेवा हमला नहीं िकया है। गाडी अिनयिन्त्रत होकर सडक िकनारे टक्करा गयी उक्त समय फै न्टम वाले वहां से गुजर रहे थे उनसे कहा सुनी है जाने के कारण ये मुकदमा झूठा आरोप लगाकर पंजीकृ त कराया गया है। आवेदक का तथाकिथत घटना कािरत करने का कोई हेतुक नही है। घटना उपरोक्त का कोई स्वतन्त्र गवाह नहीं दशार्ये गये है जो भी गवाह दशार्ये गये है यह सब वादी मुकदमा के िहतबद्ध व्यिक्त है। घटना का कोई चश्मदीद साक्षी नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा Versus Counsel for Applicant(s) : Mohammad Haadi Zaidi, Sushil Kumar Dubey, Vivek Singh, Zia Naz Zaidi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Naved @ Billori .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी।आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 15.10.2024 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5.
पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िकः- आवेदक पर अन्य सह- अिभयुक्तगण के साथ िमलकर वादी मुकदना उ०िन० प्रिशक्षु गौरव कु मार व उसके साथ मौके पर उपिस्थत सहकमीर् रिवन यादव के ऊपर जान से मारने की िनयत से गाडी चढ़़़़ाते हुए पास खड़ी फै न्टम बाईक में टक्कर मारकर नुकसान कािरत करने का आक्षेप है। िदनांक 14.10.2024 को थाना नौचन्दी की पुिलस द्वारा कन्ट्रोल रूम से प्रसािरत की गयी सूचना आधार पर अिभयुक्त को थार गाड़ी नं० यू०पी० 16 ई०बी० 0003 की चालक सीट पर गेट खोलकर िगरफ्तार िकया जाना तथा सह-अिभयुक्त नदीम पुत्र मंजूर का मौके से फरार होना दशार्या गया है। प्रश्नगत प्रकरण की घटना के मजरुब का० रिवन यादव द्वारा िववेचक को िदये गये बयान में घटना की िदनांक को उसके व सहकमीर् उ०िन० प्रिशक्षु गौरव कु मार के साथ राित्र में संिदग्ध व्यिक्त/वाहनों की चैिकग करते समय एक गाड़ी थार नं० यू०पी० 16 ई०बी० 0003 में बैठे व्यिक्तयों द्वारा उनको जान से मारने की नीयत से उनके ऊपर गाडी चढ़़़़ाने पर साईड़ लगने के कारण उसके दूर जाकर िगरकर चोिटल होने तथा पास खड़ी फै न्टम बाईक में टक्कर लगने से उक्त फै न्टम बाईक के क्षितग्रस्त होने का कथन िकया गया है। अिभलेख पर उपलब्ध चुटैल रिवन यादव की िचिकत्सीय परीक्षण आख्या में चुटैल को कु ल दो चोंटे िजसमें चोट सं०- 02 को िचिकत्सक द्वारा जैरे िनगरानी रखते हुए एक्स-रे की सलाह दी गयी है। आवेदक को ही मौके से गाड़ी की ड्राईिवग सीट से ही िगरफ्तार िकया जाना। इस स्तर पर यह तकर् तकर् संगत प्रतीत नहीं होता है क्योंिक ड्राईिवग लाईसेंस न होने के बावजूद भी उसके द्वारा गाड़ी चलाना ही अपने आप में एक गम्भीर अपराध है। आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में इस प्रकार मामले के समस्त तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को देखते हुए आवेदक को जमानत पर छोड़ने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है।
7. तदनुसार वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकये हुए आवेदक का जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। September 24, 2025 S.Mishra BAIL No. 42346 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad