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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 107469 (ALL)
RIYASAT ALI @ RASA v. STATE OF U.P.
ABAIL/11138/2024 · 2025-07-21
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 107469 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:119859 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 11138 of 2024 Applicant :- Riyasat Ali @ Rasa Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Mohammad Faisal Khan Counsel for Opposite Party :- G.A.,Mehul Khare,Pragya Pandey,Shyam Shanker Pandey Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक Riyasat Ali @ Rasa ककी ओर सवे ममु०अ०स० 117/2024, अन्रररर धमारमा 498-ए, 304-बब, 323, 506, 34 भमा०ददं०गव० एवदं धमारमा 3/4 ण्डिब.पब. एक्ट, रमानमा मणण्डिब, जजलमा सहमारनपमुर मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा, पररवमादब कवे गवदमान अजधवक्तमा एवदं गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पत्रमावलब कमा पररशबलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक्त धमारमाओदं मम दवेषवश रदंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै, उसवे आशदंकमा हहै गक उसवे उपरकोक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनबय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दमारमा ऐसमा ककोई भब कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै , जहैसमागक प्रमारगमककी मम उलवेजखिर हहै। आववेदक मकरकमा कमा ससमुर हहै। आववेदक दमारमा मकरकमा सवे कभब भब दहवेज ककी ममामाँर नहहीं ककी रयब , न हब उसवे दहवेज हवेरमु शमारबररक अरवमा ममानजसक रूप सवे प्ररमागड़िर अरवमा परवेशमान नहहीं गकयमा रयमा हहै। आववेदक कको पपूवर मम आदवेश गदनमादंक 02.12.2024 कको अदंरररम जममानर प्रदमान ककी जमा चमुककी हहै। उनकमा यह भब करन हहै गक आववेदक कवे गवरूद्ध अभब रक ककोई भब बमाध्यकमारब प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयब हहै एवदं आववेदक ककी ओर सवे यह भब आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानपून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भब आवश्यकरमा हकोरब वह ईममानदमारब सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खिमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभब शरर्दोदं कको स्वबकमार करनवे कवे जलए भब रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेरब।
4.
पररवमादब कवे गवदमान अजधवक्तमा एवदं गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रदंभबर प्रकक गर कमा हहै ररमा आववेदक कवे गवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पमुजलस दमारमा आववेदक कवे गवरुद्ध सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम आरकोपपत्र प्रवेगषर गकयमा रयमा हहै। उनकवे दमारमा यह भब करन गकयमा रयमा गक आववेदक गनयगमर रूप सवे जमामाँच अजधकमारब/गवचमारर न्यमायमालय मम उपणस्रर नहहीं हको रहमा हहै ररमा सहयकोर नहहीं कर रहमा हहै। इसजलए आववेदक कको अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे
जमानवे कमा ककोई औगचत्य प्ररबर नहहीं हकोरमा हहै। अरतः अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय।
5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननबय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोप ककी प्रकक गर और रदंभबररमा, अगभयमुक्त कमा पपूवरवकत , अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सदंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कको अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सदंपपूरर समामग्रिब कमा समावधमानबपपूवरक मपूल्यमादंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटबक भपूगमकमा कको भब ध्यमान मम रखिनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सदंबदंधब गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमादंरतों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षकमारतों कवे गवदमान अजधवक्तमाओदं कवे करनतों, आरकोपतों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भपूगमकमा और ममामलवे कवे सभब रथ्यतों एवदं पररणस्रगरयतों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए चपूदंगक सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम आववेदक कवे गवरुद्ध समाक्ष्य पमायवे जमानवे कवे उपरमान्र आरकोपपत्र प्रवेगषर गकयमा जमा चमुकमा हहै, अरतः ममामलवे कवे रमुर-दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वबकमार गकए जमानवे यकोग्य नहहीं हहै , रद्नमुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वबकमार गकयमा जमारमा हहै।
7. उपरकोक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दकोष पर गटप्परब गकयवे बरहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै।
8. इस वमाद मम यगद ककोई अदंरररम आदवेश हको, रको वह स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए।
9. कमायमारलय कको गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी प्रगरजलगप सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय कको अगवलम्ब प्रवेगषर करम। Order Date :- 22.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad