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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 106769 (ALL)
NIRANJAN SINGH v. State of UP
NABAIL/10955/2024 · 2025-07-07
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 106769 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:107294 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 10955 of 2024 Applicant :- Niranjan Singh Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Sudarshan Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शश्री ससुदररन धससिंह ककी तरफ सवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शश्री ररद्वासिंक ररद्वार एवसिं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपससस्थित ववदद्वान अपर रद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलश्री कद्वा परररश्रीलन वकयद्वा।
2. वतररद्वान अवग्रिर जरद्वानत आववेदन पत, रसु०अ०ससिं० 535/2024, असिंतररत धिद्वारद्वा 316(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बश्री.एन.एस., स्थिद्वानद्वा भकोजश्रीपसुरद्वा, धजलद्वा बरवेलश्री रम अवग्रिर जरद्वानत ककी रद्वासिंर करतवे हहए इस पद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि पसतसुत वकयद्वा रयद्वा हहै वक वररफ्तद्वारश्री ककी ससस्थिवत रम आववेदक कको जरद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए।
3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर वदयद्वा रयद्वा हहै वक आववेदक वनदर्दोष हहै तस्थिद्वा उसवे आरसिंकद्वा हहै वक उसवे उपयसुरक रद्वारलवे रम वररफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै , जबवक उसकवे ववरुद ककोई ववश्वसनश्रीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै। आरवे यह भश्री पसतसुत वकयद्वा रयद्वा हहै वक आववेदक कवे ववरुद अब तक ककोई बलपपूवरक पवक्रियद्वा जद्वारश्री नहहीं ककी रई हहै। यह भश्री पसतसुत वकयद्वा रयद्वा वक आववेदक जद्वासिंच तस्थिद्वा परश्रीक्षण कवे ददौरद्वान सहयकोर करनवे कद्वा वचन दवेतद्वा हहै तस्थिद्वा वह जद्वासिंच एजमसश्री/पसुधलस/न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेवक्षत हकोनवे पर उपससस्थित हकोरद्वा। यह कहद्वा रयद्वा हहै वक यवद आववेदक कको अवग्रिर जरद्वानत दश्री जद्वातश्री हहै , तको वह जरद्वानत ककी सवतसिंततद्वा कद्वा दसुरुपयकोर नहहीं करवेरद्वा और जद्वासिंच रम सहयकोर करवेरद्वा और जरद्वानत ककी सभश्री रतर्दोसिं कद्वा पद्वालन करवेरद्वा।
4. ववदद्वान अपर रद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदक कवे अवग्रिर जरद्वानत कद्वा ववरकोधि वकयद्वा वकयद्वा तस्थिद्वा आरवे यह तकर पसतसुत वकयद्वा रयद्वा वक आववेदक कद्वा अवग्रिर जरद्वानत पद्वास्थिरनद्वा पत वनरसत वकयवे जद्वानवे यकोग्य हहै।
5. यह पद्वाससिंवरक तथ्य यह भश्री हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे रद्वारलवे रम रद्वाननश्रीय उच्चतर न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा यह
अवधिद्वाररत वकयद्वा रयद्वा हहै वक अवग्रिर जरद्वानत यद्वावचकद्वा पर न्यद्वाय -वनणरयन करतवे सरय न्यद्वायद्वालय कको आरकोपपों ककी पकक वत और रसिंभश्रीरतद्वा, आरकोपश्री ककी न्यद्वावयक पवक्रियद्वा सवे भद्वारनवे ककी ससिंभद्वावनद्वा पर ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए और यह वक न्यद्वायद्वालय कको आरकोपश्री कवे ववरूद उपलब्धि सभश्री सद्वारग्रिश्री कद्वा सद्वावधिद्वानश्री सवे रपूल्यद्वासिंकन करनद्वा चद्वावहए और आरकोपश्री ककी वद्वासतववक भपूवरकद्वा पर भश्री ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए।
6.
उभय पक्षपों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वारण कको ससुननवे और वतररद्वान आववेदन रम वकए रए कस्थिनपों पर ववचद्वार करनवे कवे उपरद्वासिंत, यह न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हहै वक आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अवग्रिर जरद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयसुक एवसिं पयद्वारप्त आधिद्वार नहहीं पसतसुत वकयद्वा रयद्वा हहै।
7. तदनसुसद्वार, आववेदक वनरसिंजन धससिंह कद्वा यह अवग्रिर जरद्वानत आववेदन पत असवश्रीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हहै।
8. इस वद्वाद रम यवद ककोई असिंतररर आदवेर हको तको, उसवे वनरसत सरझद्वा जद्वाय।
9. हद्वालद्वासिंवक, आववेदक कवे धलए ससिंबसिंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे सरक्ष वनयवरत जरद्वानत आववेदन पत पसतसुत करनवे कवे धलए सवतसिंततद्वा हहै , यवद जरद्वानत कवे धलए ऐसद्वा ककोई आववेदन ससिंबसिंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे सरक्ष पवेर वकयद्वा जद्वातद्वा हहै , तको यह उम्रश्रीद ककी जद्वातश्री हहै वक ससिंबसिंधधित न्यद्वायद्वालय, न्यद्वायद्वालय कवे ववववेक और जरद्वानत दवेनवे रम ववचद्वार कको वनयसिंवतत करनवे वद्वालवे वहैधिद्वावनक पद्वावधिद्वानपों कको बद्वाधधित वकयवे वबनद्वा , रद्वा० उच्चतर न्यद्वायद्वालय कवे दद्वारद्वा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021, decided on 07.10.2021) रम पवतपद्वावदत यद्वा वनधिद्वारररत जरद्वानत दवेनवे कवे धलए आवश्यक वदरद्वा-वनदररपों कको ध्यद्वान रम रखतवे हहए उस पर ववचद्वार करवेरश्री और फहै सलद्वा करवेरश्री।
10. उपयसुरक वटिप्पवणयपों/वनदररपों कवे सद्वास्थि, यह वतररद्वान आववेदन पत कको वनसतद्वाररत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। Order Date :- 8.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad