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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 106707 (ALL)
DINESH KUMAR v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
BAILC/505/2024 · 2025-08-03
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 106707 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:131240 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL CANCELLATION APPLICATION No. - 505 of 2024 Applicant :- Dinesh Kumar Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Dileep Kumar Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
2. कद्वायद्वार्यालय आख्यद्वा वदनद्वावंवकत 24.05.2025 कवे अनसुसद्वार ववपकली सवं० 2 कको उसकवे बवेटवे रकोवहित कसु मद्वार कवे दद्वारद्वा नकोवटस कद्वा तद्वामलीलद्वा करद्वायद्वा जद्वा चसुकद्वा हिह, वकन्तसु ववपकली ककी तरफ सवे ककोई उपससथत नहिहीं हिह।
3. वतर्यामद्वान दद्वासणण्डिक प्रककीरर्या जमद्वानत वनरसतलीकरर प्रद्वाथर्यानद्वा पत आववेदक वदनवेश कसु मद्वार ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 436 सनन् 2017, अवंतरर्यात धिद्वारद्वा 420, 406, 506 भद्वा०दवं०वव०, थद्वानद्वा चवंददौसली, धजलद्वा सम्भल, मम ववपकली सवंख्यद्वा-2 (रद्वाम वकशकोर वमद्वार्या) कको दद्वासणण्डिक प्रककीरर्या जमद्वानत प्रद्वाथर्यानद्वापत सवंख्यद्वा 6207/2018, आदवेश वदनद्वावंवकत 20.02.2018 कको पद्वाररत जमद्वानत आदवेश कको वनरसत करनवे हिवेतसु प्रसतसुत वकयद्वा रयद्वा हिह।
4. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर्या प्रसतसुत वकयद्वा वक यहिद्वावं ससुसरवंत तथ्य यहि भली हिह वक प्रश्नरत प्रकरर मम अवभयसुक /ववपकली सवं० 02 कको न्यद्वायद्वालय कवे आदवेश वदनद्वावंवकत 20.02.2018 कको प्रसतर सवं० 5 ककी शतर्या सवं० 4 "The applicant will par Rs.16lakhs (Rs.Sixteen lakhs) to the complainant as stated in para 26 of the affidavit accompanying this bail application, within a period of three months from the
date of his release." कवे आधिद्वार पर जमद्वानत पर मसुक वकयद्वा रयद्वा थद्वा , धजसकद्वा अनसुपद्वालन ववपकली सवं० 2 दद्वारद्वा आज तक नहिहीं वकयद्वा रयद्वा हिह तथद्वा उक कवे सवंबवंधि मम जको रु० सद्वात लद्वाख कद्वा चवेक वदयद्वा रयद्वा थद्वा , वहि भली बद्वाउवंस हिको रयद्वा हिह। अवग्रिम उनकवे दद्वारद्वा यहि भली कथन वकयद्वा रयद्वा वक सशतर्या जमद्वानत प्रद्वाप्त करनवे कवे बद्वावजजूद ववपकली सवं० दद्वारद्वा उक शतर्या कद्वा अनसुपद्वालन नहिहीं वकयद्वा रयद्वा तथद्वा वरर्या 2018 कवे बद्वाद सवे रद्वायब हिह एववं सवंबवंधधित ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय कवे समक वनयत वतधथययों पर उपससथत नहिहीं हिको रहिद्वा हिह। आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा न्यद्वायद्वालय कद्वा ध्यद्वान मद्वाननलीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा आदवेश वदनद्वावंवकत 28.07.2025, Criminal Appeal No.3219 of 2025 (GAJANAN DATTATRAY GORE VS. THE STATE OF MAHARASHTRA & ANR.) 2025 INSC 913 मम पद्वाररत नजलीरयों ककी तरफ न्यद्वायद्वालय कद्वा ध्यद्वान आकक ष्ट करद्वायद्वा। पसुननः उनकद्वा यहि तकर्या हिह वक ववपकली सवं० 02 दद्वारद्वा न्यद्वावयक प्रवक्रियद्वा मम सहियकोर नहिहीं वकयद्वा जद्वा रहिद्वा हिह। इसधलए ववपकली सवं० 02 कको प्रदत जमद्वानत वनरसत वकयवे जद्वानवे यकोग्य हिह।
5.
ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदक कवे उक कथनयों पर ककोई आपधत नहिहीं ककी रयली।
6. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुननवे और वतर्यामद्वान आववेदन मम वकए रए कथनयों पर ववचद्वार करनवे कवे उपरद्वावंत, यहि न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हिह वक जमद्वानत कवे सवंबवंधि मम सथद्वावपत कद्वानजून कवे धसदद्वावंत, पकयों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वाओवं ककी दललीलम, आरकोप ककी प्रकक वत, ववपकली सवं० 02 ककी भजूवमकद्वा और मद्वामलवे कवे सभली तथ्ययों और पररससथवतययों कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलली पर उपलब्धि सद्वाक्ष्य कवे पररशलीलनकोपरद्वावंत वतर्यामद्वान दद्वासणण्डिक प्रककीरर्या जमद्वानत वनरसतलीकरर आववेदन पत सवलीकद्वार वकयवे जद्वानवे यकोग्य हिह।
7. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम मद्वामलवे कवे तथ्ययों एववं
ससथवतययों कको दवेखतवे हिहए वतर्यामद्वान दद्वासणण्डिक प्रककीरर्या जमद्वानत वनरसतलीकरर आववेदन पत सवलीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हिह तथद्वा पजूवर्या मम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा दद्वासणण्डिक प्रककीरर्या जमद्वानत प्रद्वाथर्यानद्वा पत सवं० 6207 सनन् 2018 मम पद्वाररत आदवेश वद० 20.02.2018, धजसकवे दद्वारद्वा ववपकली सवं० 02. (रद्वाम वकशकोर वमद्वार्या) ककी जमद्वानत सवलीकद्वार ककी रयली हिह, कको वनरसत वकयद्वा जद्वातद्वा हिह।
8. सवंबवंधधित मसुख्य न्यद्वावयक मधजसटटवेट कको वनदरवशत वकयद्वा जद्वातद्वा हिह वक ववपकली सवं०. 02 (रद्वाम वकशकोर वमद्वार्या) कको वनयमद्वानसुसद्वार न्यद्वावयक अवभरकद्वा मम लवेकर उन्हिम इस आदवेश कद्वा अनसुपद्वालन ससुवनसश्चत करनवे हिवेतसु कद्वारद्वारद्वार मम वनरूद वकयद्वा जद्वायवे तथद्वा प्रवतभजूओवं कको वनयमद्वानसुसद्वार उन्मकोवचत कर वदयद्वा जद्वाए।
9. कद्वायद्वार्यालय कको वनदरवशत वकयद्वा जद्वातद्वा हिह वक इस आदवेश ककी एक प्रवतधलवप सवंबवंधधित मसुख्य न्यद्वावयक मधजसटटवेट कको अनसुपद्वालन हिवेतसु तसुरवंत भवेजनद्वा ससुवनसश्चत वकयद्वा जद्वाय। Order Date :- 4.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad