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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 106308 (ALL)

SMT NEETA SINGH AND 2 OTHERS v. State of U.P. AND ANOTHER

ABAIL/10808/2024 · 2025-08-10

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:136175 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 10808 of 2024 Applicant :- Smt Neeta Singh And 2 Others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Anupam Shyam Dwivedi,Sudhir Dixit,Utkarsh Dixit Counsel for Opposite Party :- Anurag Vajpeyi,G.A.,Praveen Kumar Singh Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदकगर शश्रीमरश्री नश्रीरमा सससिंह, रमाजश्रीव सससिंह एवसिं रन्मय सससिंह ककी ओर सवे ममु०अ०ससिं० 70/2023, अन्रगरर धमारमा 504, 506, 406, 409, 420 भमा.दसिं.ससिं., रमानमा गशिवपमुर, सजलमा वमारमारसश्री मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा गयमा हहै। 2. आववेदकगर कवे गवदमान असधवक्तमा, पररवमादश्री कवे गवदमान असधवक्तमा एवसिं गवदमान अपर शिमासककीय असधवक्तमा शश्री रमाजमद्र सससिंह कको समुनमा ररमा पत्रमावलश्री कमा पररशिश्रीलन गकयमा। 3. आववेदकगर कवे गवदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदकगर गनदर्दोष हह, उन्हम उपरकोक्त धमारमाओसिं मम दवेषवशि रसिंग व परवेशिमान करनवे ककी गनयर सवे आसलप्त गकयमा गयमा हहै , उन्हम आशिसिंकमा हहै गक उन्हम उपरकोक्त वगररर ममामलवे मम गगरफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनश्रीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदकगर दमारमा प्रमारगमककी मम दगशिरर उपरकोक्त धमारमाओसिं कमा अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा गयमा हहै। आववेदकगर दमारमा वररममान वमाद कको कमाररर करनवे कमा न रको ककोई हवेरमुक हहै, न हश्री ककोई सरकोकमार हहै। प्रमारगमककी गवलणमबर हहै ररमा उक्त गवलमब कमा ककोई सममुगचिर स्पषश्रीकरर नहहीं गदयमा गयमा हहै। आववेदकगर कको पपूवर मम आदवेशि गदनमासिंक 16.12.2024 कको सशिरर अगग्रिम असिंरररम जममानर प्रदमान ककी गयश्री हहै, सजसमम न्यमायमालय दमारमा असधरकोगपर शिरर्दोसिं कमा आववेदकगर दमारमा अनमुपमालन गकयमा जमा रहमा हहै। आववेदकगर ककी ओर सवे यह भश्री आश्वमासन गदयमा गयमा हहै गक ववे कमानपून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोग करनवे कवे सलए रहैयमार हह और जब भश्री आवश्यकरमा हकोगश्री ववे ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद कको उपलब्ध करमाएसिंगवे और उन सभश्री शिरर्दोसिं कको स्वश्रीकमार करनवे कवे सलए भश्री रहैयमार हह जको न्यमायमालय उन पर असधरकोगपर करवेगश्री। 4. पररवमादश्री कवे गवदमान असधवक्तमा एवसिं गवदमान अपर शिमासककीय असधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा गयमा गक आववेदकगर दमारमा कमाररर अपरमाध गसिंभश्रीर प्रकक गर कमा हहै ररमा पपूवर मम प्रमाप्त अगग्रिम जममानर मम न्यमायमालय दमारमा असधरकोगपर शिरर्दोसिं कमा आववेदकगर दमारमा पमालन नहहीं गकयमा जमा रहमा हहै ररमा अनमावश्यक रूप सवे जमानबपूझकर अनमावश्यक स्रगन सलयमा जमा रहमा हहै ररमा न्यमागयक प्रगक्रियमा मम सहयकोग नहहीं गकयमा जमा रहमा हहै , इससलए आववेदकगर कको अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककोई औगचित्य प्ररश्रीर नहहीं हकोरमा हहै। अरतः आववेदकगर कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चिरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोप ककी प्रकक गर और गसिंभश्रीररमा, अगभयमुक्त कमा पपूवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमागनवे ककी ससिंभमावनमा पर गवचिमार करनमा चिमागहए ररमा न्यमायमालय कको अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध ससिंपपूरर समामग्रिश्री कमा समावधमानश्रीपपूवरक मपूल्यमासिंकन करनमा चिमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटश्रीक भपूगमकमा कको भश्री ध्यमान मम रखनमा चिमागहए। 6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससिंबसिंधश्री गवसध कवे स्रमागपर ससद्धमासिंरतों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षकमारतों कवे गवदमान असधवक्तमाओसिं कवे करनतों , आरकोपतों ककी प्रकक गर , आववेदकगर ककी भपूगमकमा और ममामलवे कवे सभश्री रथ्यतों एवसिं पररणस्रगरयतों कको ध्यमान मम रखरवे हहए , आववेदकगर कको पपूवर मम सशिरर असिंरररम जममानर न्यमायमालय दमारमा प्रदमान ककी गयश्री रश्री , गकन्रमु प्रपत्रतों कवे अवलकोकन सवे गवगदर हकोरमा हहै गक आववेदकगर दमारमा उक्त शिरर्दोसिं कमा अनमुपमालन नहहीं गकयमा जमा रहमा हहै ररमा अनमावश्यक स्रगन लवेकर न्यमागयक प्रगक्रियमा मम सहयकोग प्रदमान न करकवे पपूवर मम प्रमाप्त असिंरररम जममानर कमा दमुरुपयकोग कर रहमा हहै , अरतः ममामलवे कवे गमुर-दकोष पर गबनमा ककोई गवचिमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वश्रीकमार गकए जमानवे यकोग्य नहहीं हहै , रद्नमुसमार आववेदकगर कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वश्रीकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरकोक्तमानमुसमार वमाद कवे गमुर-दकोष पर गटप्परश्री गकयवे बगहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै। 8. इस वमाद मम यगद ककोई असिंरररम आदवेशि हको, रको वह स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए। 9. कमायमारलय कको गनदरगशिर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेशि ककी एक प्रगरसलगप अगवलमब ससिंबसिंसधर गवचिमारर न्यमायमालय कवे भवेजनमा समुगनणश्चिर करम। Order Date :- 11.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad