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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 106300 (ALL)

SUHAIB ALI ALIAS MOHD SUHAIB v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/10822/2024 · 2025-08-05

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:133289 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 10822 of 2024 Applicant :- Suhaib Ali Alias Mohd Suhaib Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Anadi Krishna Narayana Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक Suhaib Ali Alias Mohd Suhaib ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 518/2024, अन्रररर धमारमा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बब.एन.एस., रमानमा दवेवबसंद, जजलमा सहमारनपमुर मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार ययोजजर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारब ककी णसरगर मम आववेदक कयो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कयो समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरयोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरयोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कयोई गवश्वसनबय समाक्ष्य नहहीं हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभब कयोई भब बमाध्यकमारब प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयब हहै। आववेदक दमारमा ऐसमा कयोई भब कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै , जहैसमागक प्रमारगमककी मम दगशरर गकयमा रयमा हहै। आववेदक दमारमा गकसब प्रकमार कवे दसरमाववेज ककी कक टरचनमा नहहीं ककी रयब हहै, न हब कयोई धयोखमाधडब कमाररर ककी रयब हहै। अगग्रिम उनकवे दमारमा यह भब करन गकयमा रयमा हहै गक पकवर कवे आदवेश गदनमासंक 07.11.2024 कयो असंरररम जममानर प्रदमान ककी जमा चमुककी हहै। वररममान वमाद मम गवववेचनमा प्रचजलर हहै ररमा आरयोपपत ससंबसंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम दमाजखल नहहीं गकयमा रयमा हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहययोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसब यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानकन ककी प्रगक्रियमा मम सहययोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भब आवश्यकरमा हयोरब वह ईममानदमारब सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कयो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभब शरर्दोसं कयो सवबकमार करनवे कवे जलए भब रहैयमार हहै, जयो न्यमायमालय उस पर अजधरयोगपर करवेरब। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरयोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक इस ममामलवे मम अगभयमुक ककी भकगमकमा पररलगक्षिर हयो रहब हहै ररमा इस घटनमा मम इनककी भकगमकमा ससंभमाव्य हहै। इसजलए अगभयमुक कयो अगग्रिम जममानर पर ममुक न गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननबय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कयो आरयोपपों ककी प्रकक गर और रसंभबररमा, आरयोपब ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कयो आरयोपब कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभब समामग्रिब कमा समावधमानब सवे मकल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरयोपब ककी वमासरगवक भकगमकमा पर भब गवचमार करनमा चमागहए। 6. उभय पक्षि कवे रकर्दो एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधब गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरपों कयो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारपों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनपों , आरयोपपों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भकगमकमा और ममामलवे कवे सभब रथ्यपों एवसं पररणसरगरयपों कयो ध्यमान मम रखरवे हहए, ममामलवे कवे रमुर-दयोष पर गबनमा कयोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवबकमार गकए जमानवे ययोग्य हहै। 7. रद्नमुसमार, यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवबकमार गकयमा जमारमा हहै। 8. उपरयोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमारब ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारब ककी ससंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसब धनरमागश कवे दयो प्रगरभक प्रसरमुर करनवे पर , पमुजलस आख्यमा दमाजखल गकए जमानवे रक गनमन शरर्दो कवे अधबन अगग्रिम जममानर पर ममुक गकयमा जमाएरमा :- i) आववेदक अगभययोजन पक्षि कवे समाक्ष्यपों कवे समार छवेडछमाड नहहीं करवेरमा। ii) आववेदक अगभययोजन पक्षि कवे रवमाहपों कयो धमकमाएरमा यमा परवेशमान नहहीं करवेरमा। iii) आववेदक, यगद आवश्यक हयोरमा रयो पमुजलस अजधकमारब कवे समक्षि जमॉच हवेरमु अपवेगक्षिर प्रत्यवेक गरजर एवसं गनयर समय पर उपणसरर रहवेरमा ररमा अनमावश्यक सररन नहहीं लवेरमा। iv) आववेदक उस अपरमाध कवे सममान कयोई अपरमाध नहहीं करवेरमा, जजसकमा आरयोप आववेदक पर लरमायमा रयमा हहै यमा जजसकवे गकए जमानवे कमा ससंदवेह हहै। v) आववेदक ममामलवे कवे रथ्यपों सवे पररगचर गकसब व्यगक कयो प्रत्यक्षि यमा अप्रत्यक्षि रूप सवे कयोई प्रलयोभन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करवेरमा जजससवे वह व्यगक न्यमायमालय यमा गकसब पमुजलस अजधकमारब कवे समक्षि रथ्यपों कमा खमुलमासमा करनवे सवे गवममुख हयो जमाए यमा समाक्ष्यपों कवे समार छवेडछमाड करवे। 9. उपरयोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम अगभययोजन पक्षि कयो , आववेदक कयो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरबकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसंतरमा हयोरब। Order Date :- 6.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad