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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 106209 (ALL)

MAHENDRA SINGH v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

ABAIL/10759/2024 · 2025-06-30

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:101421 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 10759 of 2024 Applicant :- Mahendra Singh Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Anshul Kumar Gupta,Indra Jit Singh,Sr. Advocate Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक महहद्र सससिंह ककी ओर सवे ममु०अ०स० 0311/2023, अन्रररर धमारमा 420, 406, 447, 467, 468, 471, 504, 506 भमा०दसिं०गव०, रमानमा कसिं करखवेडमा, सजलमा मवेरठ मह अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे गवदमान असधवक्तमा, पररवमाददी कवे गवदमान असधवक्तमा शदी ओ.पदी. सससिंह ककी ररफ सवे गवदमान असधवक्तमा शदी श्यमाम गकशशोर गत्रपमाठदी एवसिं गवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा कशो समुनमा ररमा पत्रमावलदी कमा पररशदीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरशोक्त धमारमाओसिं मह दवेषवश रसिंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आसलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसिंकमा हहै गक उसवे उपरशोक्त वगररर ममामलवे मह गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध कशोई गवश्वसनदीय समाक्ष्य नहहीं हहै। वररममान वमाद ससगवल प्रकक गर कमा वमाद हहै। वररममान वमाद मह आववेदक कशो आदवेश गदनमासिंक 20.12.2024 कवे दमारमा अगग्रिम गनयर गरसर रक असिंरररम जममानर प्रदमान ककी जमा चमुककी हहै, अरतः आववेदक कशो वररममान अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र स्वदीकमार गकयमा जमाए। उनकमा यह भदी करन हहै गक आववेदक कवे गवरूद्ध अभदी रक कशोई भदी बमाध्यकमारदी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयदी हहै एवसिं आववेदक ककी ओर सवे यह भदी आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मह सहयशोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भदी आवश्यकरमा हशोरदी वह ईममानदमारदी सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद कशो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभदी शरर्दोसिं कशो स्वदीकमार करनवे कवे सलए भदी रहैयमार हहै जशो न्यमायमालय उस पर असधरशोगपर करवेरदी। 4. गवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक अगभयमुक्त अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रसिंभदीर प्रकक गर कमा हहै ररमा पनूवर मह आववेदक कशो न्यमायमालय दमारमा आरशोपपत्र दमासखल गकयवे जमानवे रक असिंरररम जममानर प्रदमान ककी रयदी रदी। पमुनतः उनकमा यह करन गकयमा हहै गक वररममान वमाद मह गदनमासिंक 24.12.2024 कशो आरशोपपत्र दमासखल गकयमा जमा चमुकमा हहै ररमा आववेदक कवे गवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पमुसलस दमारमा आववेदक कवे गवरुद्ध आरशोपपत्र प्रवेगषर गकयमा रयमा हहै। इससलए आववेदक कशो अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा कशोई औगचत्य प्ररदीर नहहीं हशोरमा हहै। अरतः अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मह ममाननदीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कशो आरशोप ककी प्रकक गर और रसिंभदीररमा, अगभयमुक्त कमा पनूवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी ससिंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कशो अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध ससिंपनूरर समामग्रिदी कमा समावधमानदीपनूवरक मनूल्यमासिंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटदीक भनूगमकमा कशो भदी ध्यमान मह रखनमा चमागहए। 6. वररममान ममामलवे मह अगग्रिम जममानर ससिंबसिंधदी गवसध कवे स्रमागपर ससद्धमासिंरतों कशो ध्यमान मह रखरवे हहए और पक्षकमारतों कवे गवदमान असधवक्तमाओसिं कवे करनतों , आरशोपतों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभदी रथ्यतों एवसिं पररणस्रगरयतों कशो ध्यमान मह रखरवे हहए चनूसिंगक आववेदक कशो पनूवर मह आरशोपपत्र दमासखल हशोनवे रक असिंरररम जममानर प्रदमान ककी रयदी रदी , गकन्रमु वररममान वमाद मह गवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा दमारमा न्यमायमालय कशो अवरर करमायमा रयमा गक गदनमासिंक 24.12.2024 कशो आववेदक कवे गवरुद्ध ससिंबसिंसधर गवचमारर न्यमायमालय मह आरशोपपत्र प्रस्रमुर गकयमा जमा चमुकमा हहै, अरतः ममामलवे कवे रमुर-दशोष पर गबनमा कशोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वदीकमार गकए जमानवे यशोग्य नहहीं हहै , रद्नमुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वदीकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरशोक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दशोष पर गटप्परदी गकयवे बरहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै। 8. इस वमाद मह यगद कशोई असिंरररम आदवेश हशो, रशो वह स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए। 9. कमायमारलय कशो गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी प्रगरसलगप ससिंबसिंसधर गवचमारर न्यमायमालय कशो अगवलम्ब प्रवेगषर करह। Order Date :- 1.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad