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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 106119 (ALL)

ABHISHEK v. State of UP AND ANOTHER

ABAIL/10728/2024 · 2025-07-10

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:111455 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 10728 of 2024 Applicant :- Abhishek Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Virendra Kumar Maurya Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक अगभिषवेक ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 206/2022, अन्रररर धमारमा 420, 406, 452, 323, 504, 506 भिमा.दसं.ससं., रमानमा बहमादमुररढ, जजलमा हमापमुड़ मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार ययोजजर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमाररी ककी णसरगर मम आववेदक कयो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कयो समुनमा ररमा पतमावलरी कमा पररशरीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरयोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरयोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कयोई गवश्वसनरीय समाक्ष्य नहहीं हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभिरी कयोई भिरी बमाध्यकमाररी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयरी हहै। आववेदक दमारमा ऐसमा कयोई भिरी अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै , जहैसमागक प्रमारगमककी मम दगशरर गकयमा रयमा हहै। प्ररम ससूचनमा ररपयोरर अगर-गवलणमबर हहै ररमा उक गवलमब कमा कयोई सममुगचर सपषरीकरर नहहीं गदयमा रयमा हहै। प्रश्नरर घरनमा कमा कयोई सवरसंत समाकरी नहहीं हहै, जयो भिरी समाकरी दगशरर गकयवे रयवे हह ववे सभिरी वमादरी ममुकदममा कवे गहरबद्ध समाकरी हह। उक वमाद सवे ससंबसंजधर गकसरी भिरी ससंगदग्ध वसरमु ककी बरमामदररी आववेदक कवे पमास सवे बरमामद नहहीं हहई हहै। आववेदक कवे ममृरक गपरमा रगवन्द्र कमु ममार व ममुकदममा वमादरी कमा आपस मम कमु छ लवेन दवेन रमा जजसकयो उसकवे गपरमा कवे दमारमा अपनवे जरीवन कमाल मम हरी दवे गदयमा रमा। रसंजजशन आववेदक कवे गपरमा कमा दवेहमान्र हयो जमानवे कवे कमारर ममात दबमाव बनमानवे ककी नरीयर सवे आववेदक व उसककी ममारमा कवे गवरुद्ध उक ममुकदममा दजर करमायमा रयमा हहै। आववेदक सवे वमागदनरी कमा कयोई लवेन-दवेन नहहीं हहआ न हरी आववेदक कवे गवरुद्ध एफआईआर मम असंगकर गकयमा हहै गक आववेदक सवे गकसरी प्रकमार कमा लवेन-दवेन हहै, जयो भिरी लवेन-दवेन रमा वह आववेदक कवे ममृरक गपरमा सवे रमा, जयो उसकवे गपरमा दमारमा अपनवे जरीवन कमाल मम सममाप्त कर गदयमा रमा। ससंबसंजधर पमुजलस दमारमा 41 दसं०प्र०ससं० कमा नयोगरस गनररर करमायमा रमा ररमा आववेदक नवे गवववेचनमा मम पसूरर सहययोर प्रदमान गकयमा रमा , रत्पश्चमार आरयोपपत प्रसरमुर गकयमा जमा चमुकमा हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहययोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसरी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगकर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानसून ककी प्रगक्रियमा मम सहययोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भिरी आवश्यकरमा हयोररी वह ईममानदमाररी सवे न्यमायमालय कवे समक खमुद कयो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभिरी शरर्दोसं कयो सवरीकमार करनवे कवे जलए भिरी रहैयमार हहै, जयो न्यमायमालय उस पर अजधरयोगपर करवेररी। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभियमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरयोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक इस ममामलवे मम अगभियमुक ककी भिसूगमकमा पररलगकर हयो रहरी हहै ररमा इस घरनमा मम इनककी भिसूगमकमा ससंभिमाव्य हहै। इसजलए अगभियमुक कयो अगग्रिम जममानर पर ममुक न गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननरीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कयो आरयोपपों ककी प्रकमृ गर और रसंभिरीररमा, आरयोपरी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भिमारनवे ककी ससंभिमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कयो आरयोपरी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभिरी समामग्रिरी कमा समावधमानरी सवे मसूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरयोपरी ककी वमासरगवक भिसूगमकमा पर भिरी गवचमार करनमा चमागहए। 6. उभिय पक कवे रकर्दो एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधरी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरपों कयो ध्यमान मम रखरवे हहए और पककमारपों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनपों , आरयोपपों ककी प्रकमृ गर, आववेदक ककी भिसूगमकमा और ममामलवे कवे सभिरी रथ्यपों एवसं गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनयर गरजरयपों पर आववेदक कवे गनयगमर रूप सवे उपणसरर हयोनवे , पररणसरगरयपों कयो ध्यमान मम रखरवे हहए, ममामलवे कवे रमुर-दयोष पर गबनमा कयोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवरीकमार गकए जमानवे ययोग्य हहै। 7. रद्नमुसमार, यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवरीकमार गकयमा जमारमा हहै। 8. उपरयोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमाररी ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंजधर गवचमारर न्यमायमालय ककी ससंरमुगष पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसरी धनरमागश कवे दयो प्रगरभिसू प्रसरमुर करनवे पर , सत पररीकर कवे गनसरमारर हयोनवे रक गनमन शरर्दो कवे अधरीन अगग्रिम जममानर पर ममुक गकयमा जमाएरमा :- i) आववेदक अगभिययोजन पक कवे समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। ii) आववेदक अगभिययोजन पक कवे रवमाहपों कयो धमकमाएरमा यमा परवेशमान नहहीं करवेरमा। iii) आववेदक गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनधमारररर प्रत्यवेक गरजर एवसं समय पर उपणसरर हयोरमा ररमा अनमावश्यक सररन नहहीं लवेरमा। iv) आववेदक उस अपरमाध कवे सममान कयोई अपरमाध नहहीं करवेरमा, जजसकमा आरयोप आववेदक पर लरमायमा रयमा हहै यमा जजसकवे गकए जमानवे कमा ससंदवेह हहै। v) आववेदक ममामलवे कवे रथ्यपों सवे पररगचर गकसरी व्यगक कयो प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे कयोई प्रलयोभिन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करवेरमा जजससवे वह व्यगक न्यमायमालय यमा गकसरी पमुजलस अजधकमाररी कवे समक रथ्यपों कमा खमुलमासमा करनवे सवे गवममुख हयो जमाए यमा समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़छमाड़ करवे। 9. उपरयोक उलवेजखर शरर्दोसं मम सवे गकसरी भिरी शरर कवे उलघसंन ककी णसरगर मम ससंबजधर गवचमारर न्यमायमालय आववेदक कयो प्रदत्त जममानर गनरसर करनवे हवेरमु सवरसंत हहै। Order Date :- 11.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad