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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 106067 (ALL)

AMITABH KUMAR SRIVASTAVA @ ABHITABH SRIVASTAVA v. STATE OF U.P.

BAIL/47130/2024 · 2025-07-30

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:128297 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 47130 of 2024 Applicant :- Amitabh Kumar Srivastava @ Abhitabh Srivastava Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Syed Fahim Ahmed Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 226/2020, अन्रररर धमारमा 409, 420, 120 बबी भमा०दसं०वव०, रमानमा कक ट, जजलमा वमारमारसबी मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर वकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा एवसं ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पत्रमावलबी कमा पररशबीलन वकयमा। 3. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर वकयमा वक प्रश्नरर ममाललवे मम समार अवभयमुक्तरर कको नमावमर वकयमा रयमा, जजसमम रबीन सअवभयमुक्तरर ककी जममानर न्यमायमालय दमारमा स्वबीकमार ककी जमा चमुककी हहै। यहमासं प्रमाससंवरक रथ्य यह भबी हहै वक प्रश्नरर ममामलवे कवे अवरररक्त आववेदक कको अन्य ममामलवे मम आववेदक सवहर कई व्यवक्तययों कवे ववरूद्ध एक प्ररम ससूचनमा ररपकोटर कवे आधमार पर पसंजबीकक र वकयमा रयमा हहै, जजसमम कहमा रयमा हहै वक ससूचनमाकरमार नवे आकररक ररटनर कवे प्रलकोभन मम शमाइन जसटबी इसंफमास्टटक्चर प्रमाइववेट जलवमटवेण्डि कसं पनबी मम कमु छ वनववेश वकए रवे, लवेवकन ससूचक कको ककोई ररटनर नहहीं वदयमा रयमा। आववेदक कको कसं पनबी कमा वनदवेशक बरमायमा रयमा हहै। यह भबी कहमा रयमा हहै वक इसबी ररह कवे वववमादयों सवे उत्पन्न रमाज्य भर मम सहैकडयों अन्य प्रमारवमककी दजर ककी रई हक। आववेदक कमा नमाम कमु छ प्रमारवमवकययों मम दजर हहै। यहमासं प्रमाससंवरर रथ्य यह भबी हहै वक वकसबी ववचमारमाधबीन व्यवक्त कको वहरमासर मम रखनवे कमा उदवेश्य ममुकदमवे कमा समामनमा करनवे कवे जलए उसककी उपलब्धरमा समुवनणश्चर करनमा हहै , जबवक आववेदक कको वहरमासर मम जलए जमानवे कवे समाढवे रबीन समाल सवे अजधक समय बबीर जमानवे कवे बमावजसूद , आज रक सत्र परबीक्षर कमा वनस्रमारर नहहीं हको पमायमा हहै , जजससवे आववेदक कको वहरमासर मम रखनवे कमा उदवेश्य पसूरमा नहहीं हको रहमा हहै एवसं इसबी प्रकमार कवे ममामलयों मम कई अन्य सह -अवभयमुक्तयों कको पहलवे हबी जममानर दबी जमा चमुककी हहै और आववेदक कको इसबी ररह कवे कई ममामलयों मम पहलवे हबी जममानर वमल चमुककी हहै। पमुननः उनकमा करन हहै वक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन वदयमा रयमा हहै वक वह कमानसून ककी प्रवक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भबी आवश्यकरमा हकोरबी वह ईममानदमारबी सवे अदमालर कवे समक्ष खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभबी शररसं कको स्वबीकमार करनवे कवे जलए भबी रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोवपर करवेरबी। आववेदक वनदरर हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 17.10.2020 सवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड वदयमा जमाय। 4. ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे अवभयमुक्त कवे जममानर कमा प्रबल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर वकयमा वक अवभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध ससंसंजवेय एवसं रसंभबीर प्रकक वर कमा हहै , इसजलए अवभयमुक्त कको जममानर पर न छकोडमा जमाय। 5. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकरसं कवे पररप्रवेक्ष्य एवसं पत्रमावलबी पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एवसं पररणस्रवरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबसूरयों ककी प्रकक वर और वकसबी भबी ठकोस ववरकोधमात्मक समामग्रबी ककी अनमुपणस्रवर एवसं उपलब्ध समामग्रबी सवे छवेडछमाड ककी ससंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरबी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 6. अरनः वमाद कवे रमुर -दकोर पर वबनमा ककोई वटप्परबी वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम ससंबसंजधर न्यमायमालय ककी ससंरमुवष्टि पर व्यवक्तरर बसंध-पत्र एवसं अजधक धनरमावश कवे दको स्रमानबीय प्रवरभसू प्रस्रमुर करनवे पर वनम्नजलजखर शररसं कवे समार जममानर पर छकोड वदयमा जमाय। 1. आववेदक ववववेचनमा यमा परबीक्षर कवे ददौरमान अवभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेडछमाड नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अवभयकोजन समावक्षययों व पबीवडरमा/ वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरमा , वह परबीक्षर कवे ददौरमान वबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए वनयर वरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परबीक्षर मम ईममानदमारबी सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरसंत्ररमा कमा दमुरूपयकोर नहबी करवेरमा और वकसबी भबी अपरमाजधक रवरववजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररवचर वकसबी भबी व्यवक्त यमा पमुजलस अजधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हबी उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा , जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पण्डिवेडे़। 7. उपरकोक्त शररसं मम सवे वकसबी कवे उलसंघन कवे ममामलवे मम , परबीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानमुसमार रद करनवे कको स्वरसंत्र हहै। Order Date :- 31.7.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad