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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 105977 (ALL)

GYAN PRAKASH SRIVASTAVA ALIAS BALU v. State of U.P.

ABAIL/10658/2024 · 2025-08-07

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:134696 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 10658 of 2024 Applicant :- Gyan Prakash Srivastava Alias Balu Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ambreen Masroor,Sadrul Islam Jafri,Sr. Advocate Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा ककी तरफ सवे पपूवर कवे आदवेश वदनद्वानांक 01.07.2025 कवे अननुपद्वालन मम आज पपूरक शपथपत्र दद्वाधखिल वकयद्वा गयद्वा , धजसवे पत्रद्वावलली पर रखिद्वा जद्वाय। 2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत्र , आववेदक Gyan Prakash Srivastava Alias Balu ककी ओर सवे मनु०अ०सनां० 357/2014, अन्तगरत धिद्वारद्वा 420, 406, 471, 504, 506 भद्वा.दनां.सनां., थद्वानद्वा जजॉजरटद्वाऊन, धजलद्वा प्रयद्वागरद्वाज मम अवग्रिम जमद्वानत ककी मजॉग करतवे हहए इस प्रद्वाथरनद्वा कवे सद्वाथ ययोधजत वकयद्वा गयद्वा हहै वक वगरफ्तद्वारली ककी णसथवत मम आववेदक कयो जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वा सकवे । 3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एवनां ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कयो सनुनद्वा तथद्वा पत्रद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा। 4. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रसतनुत वकयद्वा वक आववेदक वनदर्दोष हहै , उसवे उपरयोक धिद्वारद्वाओनां मम दवेषवश तनांग व परवेशद्वान करनवे ककी वनयत सवे आधलप वकयद्वा गयद्वा हहै, उसवे आशनांकद्वा हहै वक उसवे उपरयोक ववररत मद्वामलवे मम वगरफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै जबवक उसकवे ववरूद्ध कयोई ववश्वसनलीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै और आववेदक कवे ववरूद्ध अभली कयोई भली बद्वाध्यकद्वारली प्रवक्रियद्वा नहहीं अपनद्वाई गयली हहै। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा कयोई भली कक त्य कद्वाररत नहहीं वकयद्वा गयद्वा हहै , जहैसद्वावक प्रद्वाथवमककी मम दवशरत वकयद्वा गयद्वा हहै। आववेदक दद्वारद्वा वकसली प्रकद्वार ककी धियोखिद्वाधिडली पररवद्वादली सवे नहहीं ककी गयली हहै। वतरमद्वान वद्वाद दलीवद्वानली प्रकक वत कद्वा हहै , वकन्तनु जद्वानबपूझकर इसवे आपरद्वाधधिक प्रकद्वार वदयद्वा गयद्वा हहै। पपूवर मम आदवेश वदनद्वानांक 05.11.2024 दद्वारद्वा आववेदक कयो सशतर अनांतररम अवग्रिम जमद्वानत प्रदद्वान ककी जद्वा चनुककी हहै, धजसकवे प्रसतर सनां० 6 मम अधधिरयोवपत शतर्दोनां कद्वा आववेदक दद्वारद्वा पपूरर रूप सवे पद्वालन वकयद्वा जद्वा रहद्वा हहै। वतरमद्वान वद्वाद मम ववववेचनद्वा कवे पश्चद्वात आरयोपपत्र सनांबनांधधित न्यद्वायद्वालय मम दद्वाधखिल वकयद्वा जद्वा चनुकद्वा हहै तथद्वा ववचद्वारर प्रद्वारम्भ हयो चनुकद्वा हहै। आववेदक कद्वा कयोई पपूवर आपरद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हहै। पनुननः उनकद्वा कथन हहै वक आववेदक ववचद्वारर और जजॉच कवे ददौरद्वान सहययोग करनवे कद्वा वचन दवेतद्वा हहै वक वह जजॉच एजमसली यद्वा न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेवक्षित समय पर उपणसथत रहवेगद्वा एवनां आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा गयद्वा हहै वक वह कद्वानपून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहययोग करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भली आवश्यकतद्वा हयोगली वह ईमद्वानदद्वारली सवे न्यद्वायद्वालय कवे समक्षि खिनुद कयो उपलब्धि करद्वाएगद्वा और उन सभली शतर्दोनां कयो सवलीकद्वार करनवे कवे धलए भली तहैयद्वार हहै, जयो न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरयोवपत करवेगली। 5. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अवभयनुक कवे अवग्रिम जमद्वानत कवे ववरयोधि मम यह तकर प्रसतनुत वकयद्वा गयद्वा वक इस मद्वामलवे मम अवभयनुक ककी भपूवमकद्वा पररलवक्षित हयो रहली हहै तथद्वा इस घटनद्वा मम इनककी भपूवमकद्वा सनांभद्वाव्य हहै। इसधलए अवभयनुक कयो अवग्रिम जमद्वानत पर मनुक न वकयद्वा जद्वाय। 6. यह कहद्वा जद्वा सकतद्वा हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे मद्वामलवे मम मद्वाननलीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा यह अवधिद्वाररत वकयद्वा गयद्वा हहै वक अवग्रिम जमद्वानत यद्वावचकद्वा पर न्यद्वाय-वनररयन करतवे समय न्यद्वायद्वालय कयो आरयोपपों ककी प्रकक वत और गनांभलीरतद्वा, आरयोपली ककी न्यद्वावयक प्रवक्रियद्वा सवे भद्वागनवे ककी सनांभद्वावनद्वा पर ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए और यह वक न्यद्वायद्वालय कयो आरयोपली कवे ववरूद्ध उपलब्धि सभली सद्वामग्रिली कद्वा सद्वावधिद्वानली सवे मपूल्यद्वानांकन करनद्वा चद्वावहए और आरयोपली ककी वद्वासतववक भपूवमकद्वा पर भली ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए। 7. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकर्दोनां एवनां वतरमद्वान मद्वामलवे मम अवग्रिम जमद्वानत सनांबनांधिली ववधधि कवे सथद्वावपत धसद्धद्वानांतपों कयो ध्यद्वान मम रखितवे हहए और पक्षिकद्वारपों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वाओनां कवे कथनपों, आरयोपपों ककी प्रकक वत, आववेदक ककी भपूवमकद्वा और मद्वामलवे कवे सभली तथ्यपों एवनां ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा वनयत वतधथयपों पर आववेदक कवे वनयवमत रूप सवे उपणसथत हयोनवे, पररणसथवतयपों कयो ध्यद्वान मम रखितवे हहए, मद्वामलवे कवे गनुर-दयोष पर वबनद्वा कयोई ववचद्वार व्यक वकए अवग्रिम जमद्वानत ककी प्रद्वाथरनद्वा सवलीकद्वार वकए जद्वानवे ययोग्य हहै। 8. तद्ननुसद्वार, यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र सवलीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। 9. उपरयोक मनुकदमद्वा अपरद्वाधि सनांख्यद्वा मम सणम्मधलत आववेदक ककी वगरफ्तद्वारली ककी दशद्वा मम, उसवे सनांबनांधधित ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय ककी सनांतनुवष्टि पर रू० 50,000/- कद्वा व्यवकगत बनांधि पत्र एवनां उसली धिनरद्वावश कवे दयो प्रवतभपू प्रसतनुत करनवे पर , सत्र परलीक्षिर कवे वनसतद्वारर हयोनवे तक वनम्न शतर्दो कवे अधिलीन अवग्रिम जमद्वानत पर मनुक वकयद्वा जद्वाएगद्वा :- i) आववेदक अवभययोजन पक्षि कवे सद्वाक्ष्यपों कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करवेगद्वा। ii) आववेदक अवभययोजन पक्षि कवे गवद्वाहपों कयो धिमकद्वाएगद्वा यद्वा परवेशद्वान नहहीं करवेगद्वा। iii) आववेदक ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा वनधिद्वारररत प्रत्यवेक वतधथ एवनां समय पर उपणसथत हयोगद्वा तथद्वा अनद्वावश्यक सथगन नहहीं लवेगद्वा। iv) आववेदक उस अपरद्वाधि कवे समद्वान कयोई अपरद्वाधि नहहीं करवेगद्वा, धजसकद्वा आरयोप आववेदक पर लगद्वायद्वा गयद्वा हहै यद्वा धजसकवे वकए जद्वानवे कद्वा सनांदवेह हहै। v) आववेदक मद्वामलवे कवे तथ्यपों सवे पररवचत वकसली व्यवक कयो प्रत्यक्षि यद्वा अप्रत्यक्षि रूप सवे कयोई प्रलयोभन, धिमककी यद्वा वद्वादद्वा नहहीं करवेगद्वा धजससवे वह व्यवक न्यद्वायद्वालय यद्वा वकसली पनुधलस अधधिकद्वारली कवे समक्षि तथ्यपों कद्वा खिनुलद्वासद्वा करनवे सवे ववमनुखि हयो जद्वाए यद्वा सद्वाक्ष्यपों कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड करवे। 10. उपरयोक उलवेधखित शतर्दोनां मम सवे वकसली भली शतर कवे उलघनांन ककी णसथवत मम सनांबधधित ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय आववेदक कयो प्रदत्त जमद्वानत वनरसत करनवे हवेतनु सवतनांत्र हहै। सनांबनांधधित ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय कयो यह भली वनदरवशत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै वक मद्वामलवे सवे सनांबनांधधित सत्र परलीक्षिर कद्वा वनसतद्वारर शलीघ्रतद्वा कवे आधिद्वार पर यथद्वाशलीघ्र करनद्वा सनुवनणश्चत वकयद्वा जद्वाए। Order Date :- 8.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad