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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 105841 (ALL)

HANIF v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/40414/2024 · 2025-02-23

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:26236 Court No. - 84 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 40414 of 2024 Applicant :- Hanif Opposite Party :- State Of U.P. And 3 Others Counsel for Applicant :- Santosh Kumar Gupta Counsel for Opposite Party :- Rajneesh Kumar Upadhyay,G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शश्री ससंततोष कक मद्वार गकपद्वा एवसं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा शश्री मनश्रीष कवे सरवद्वानश्री कतो सकनद्वा तथद्वा पतद्वावलश्री कद्वा पररशश्रीलन वकयद्वा। 2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक ककी ओर सवे मक०अ०ससं० 646 सनन 2024, असंतगरत धिद्वारद्वा 96 भद्वारतश्रीय न्यद्वाय ससंवहितद्वा (बश्री.एन.एस.) एवसं धिद्वारद्वा 5M/6 पपॉक्सतो अधधिवनयम, थद्वानद्वा बद्वागपत, धजलद्वा बद्वागपत मम जमद्वानत पर मकक करनवे हिवेतक प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा हिहै। 3. उपरतोक प्रकरर वदनद्वासंक 31.07.2024 कतो समय 21.20 बजवे धलखद्वाई गयश्री प्रथम ससूचनद्वा ररपतोरर कवे आधिद्वार पर पसंजश्रीकक त हिहई, धजसमम कहिद्वा गयद्वा हिहै वक समय करश्रीब 01.20 बजवे जब वशकद्वायतकतद्वार कद्वा छहि वषर्षीय बवेरद्वा गलश्री मम कबद्वाड़ ण्डिद्वालनवे गयद्वा थद्वा , तब आववेदक नवे उसकतो एक गतोदद्वाम मम लवे जद्वाकर उसकवे सद्वाथ दकष्कमर वकयद्वा। 4. धिद्वारद्वा 180 भद्वारतश्रीय नद्वागररक सकरकद्वा ससंवहितद्वा कवे असंतगरत असंवकत अपनवे बयद्वान मम पश्रीवड़त नवे आववेदक दद्वारद्वा उसवे गतोदद्वाम मम लवे जद्वाकर गलत कद्वाम करनवे कद्वा कथन वकयद्वा। पश्रीवड़त कवे वचवकत्सश्रीय परश्रीकर मम दतोननों घकरननों मम ददर असंवकत वकयद्वा गयद्वा हिहै। पश्रीवड़त कवे रक कवे नमसूनवे तथद्वा गकदद्वा ककी पटश्री (Swab) कद्वा नमसूनद्वा परश्रीकर कवे धलए भवेजद्वा गयद्वा थद्वा। 5. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा प्रद्वाथरनद्वापत कवे सद्वाथ प्रस्तकत शपथपत कवे मद्वाध्यम सवे कथन वकयद्वा गयद्वा हिहै वक आववेदक वनदर्दोष हिहै, उसकद्वा कतोई आपरद्वाधधिक इवतहिद्वास नहिहीं हिहै। 6. रद्वाज्य सरकद्वार ककी तरफ सवे प्रवत शपथपत प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा हिहै, वकन्तक प्रद्वाथरनद्वापत कवे सद्वाथ ससंलग्न अवभलवेखनों सवे यहि प्रतश्रीत हितोतद्वा हिहै वक ववववेचक नवे आरतोपपत ससंख्यद्वा-536/2024, वदनद्वासंक 22.08.2024 कतो प्रस्तकत कर वदयद्वा हिहै, जबवक पहैथतोलपॉजश्री ररपतोरर तथद्वा ण्डिश्री.एन.ए. ररपतोरर अप्रद्वाप थश्री। 7. रद्वाज्य सरकद्वार ककी तरफ सवे प्रवत शपथपत प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा हिहै , वकन्तक पहैथतोलपॉजश्री ररपतोरर तथद्वा ण्डिश्री.एन.ए. जद्वाजाँच ककी प्रवतयद्वाजाँ प्रवत शपथपत कवे सद्वाथ ससंलग्न नहिहीं हिह। 8. उपरतोक पररणस्थवतयनों कतो दृवष्टिगत रखतवे हिहए जबवक वचवकत्सश्रीय परश्रीकर मम ऐसश्री कतोई चतोर प्रकद्वाश मम नहिहीं आयश्री, जतो प्रथम ससूचनद्वा ररपतोरर कवे आरतोपनों कद्वा समथरन करवे, वचवकत्सश्रीय जद्वाजाँच ररपतोरर तथद्वा ण्डिश्री .एन.ए. जद्वाजाँच ररपतोरर उपलब्धि नहिहीं हिहै, आरतोपपत प्रस्तकत वकयद्वा जद्वा चककद्वा हिहै तथद्वा आववेदक कद्वा कतोई आपरद्वाधधिक इवतहिद्वास नहिहीं हिहै एवसं वहि वदनद्वासंक 01.08.2024 सवे कद्वारद्वागद्वार मम वनरुद्ध हिहै। न्यद्वायद्वालय कद्वा मत हिहै वक आववेदक जमद्वानत पर मकक वकयवे जद्वानवे कद्वा अधधिकद्वारश्री हिहै। 9. तद्नकसद्वार आववेदक कद्वा जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत स्वश्रीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हिहै। 10. आववेदक हिनश्रीफ कतो वनम्नधलधखत शतर्दोसं कवे अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्रटवेर /न्यद्वायद्वालय ककी ससंतकवष्टि कवे अनकसद्वार एक व्यवकगत बसंधिपत और समद्वान रद्वावश ककी दतो जमद्वानतम प्रस्तकत करनवे पर उपरतोक मद्वामलवे मम जमद्वानत पर ररहिद्वा वकयद्वा जद्वाए: - (i). आववेदक परश्रीकर न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा वनधिद्वारररत वतधथ पर उपणस्थत रहिवेगद्वा। (ii). आववेदक अवभयतोजन सद्वाक्ष्य कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहिहीं करवेगद्वा। (iii). आववेदक अवभयतोजन पक कवे गवद्वाहिनों पर दबद्वाव नहिहीं ण्डिद्वालवेगद्वा। 11. उपरतोक शतर्दोसं मम सवे वकसश्री कवे उलसंघन कवे मद्वामलवे मम , परश्रीकर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानकसद्वार रद्द करनवे कतो स्वतसंत हिहै। Order Date :- 24.2.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad