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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 105653 (ALL)
INDRAPAL SINGH YADAV v. STATE OF U.P.
BAIL/44557/2024 · 2025-08-13
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 105653 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 44557 of 2024 Applicant :- Indrapal Singh Yadav Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Puneet Bhadauria Counsel for Opposite Party :- Anurag Shukla,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक इन्द्रपमाल सससिंह यमादव ककी ओर सवे ममु०अ०स० 313/2018, अन्रररर धमारमा 448/ 420/ 467/ 468/ 471 भमा.दसिं.ससिं., रमानमा ससववल लमाइन्स, सजलमा इटमावमा मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर वकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा एवसिं ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलली कमा पररशलीलन वकयमा।
3. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवसिं फजर्जी ढसिंर सवे झझूठमा फसिं समायमा रयमा हहै , उसनवे कसरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै। इस प्रकरर मम सह अवभयमुक्त रहलीश पमाल ककी जममानर , जममानर आववेदन पत ससिं. 17114 सन 2025 मम इस न्यमायमालय ककी इसली न्यमायपलीठ कवे आदवेश वद . 05.08.2025 दमारमा स्वलीकमार ककी जमा चमुककी हहै। आववेदक कमा कवे स भली उक्त सहअवभयमुक्त कवे सममान हहै, इससलए आववेदक भली सह अवभयमुक्त सवे सममानरमा कवे आधमार पर जममानर पमानवे कमा असधकमारली हहै। पमुननः उनकमा करन हहै वक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन वदयमा रयमा हहै वक वह कमानझून ककी प्रवक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भली आवश्यकरमा हकोरली वह ईममानदमारली सवे अदमालर कवे समक खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभली शरतों कको स्वलीकमार करनवे कवे सलए भली रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर असधरकोवपर करवेरली। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 05.09.2024 सवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै इससलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय।
5. ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा नवे आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध ससिंजवेय एवसिं रसिंम्भलीर प्रकक वर कमा हहै, इससलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे।
6. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकर्दोसिं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलली पर उपलब्ध समारवमान रथ्यतों एवसिं पररणस्रवरयतों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरतों ककी प्रकक वर और वकसली भली ठकोस ववरकोधमात्मक समामग्रली ककी अनमुपणस्रवर एवसिं उपलब्ध समामग्रली सवे छवेड़छमाड़ ककी ससिंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरली रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा
उपयमुक्त आधमार हहै।
7.
अरनः वमाद कवे रमुर दकोष पर वबनमा ककोई वटप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम ससिंबसिंसधर न्यमायमालय ककी सन्रमुवष्टि पर व्यवक्तरर बसिंध -पत एवसिं उसली धनरमावश कवे दको प्रवरभझू प्रस्रमुर करनवे पर वनम्नसलसखर शरर्दोसिं कवे समार जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय।
1. आववेदक ववववेचनमा यमा परलीकर कवे ददौरमान अवभयकोजन समाक्ष्यतों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अवभयकोजन समावकयतों व पलीवड़रमा/ वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशतों कमा पमालन करवेरली, वह परलीकर कवे ददौरमान वबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन सलए वनयर वरसर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परलीकर मम ईममानदमारली सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरसिंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहली करवेरमा और वकसली भली अपरमासधक रवरववसध मम सलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमासधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यतों सवे पररवचर वकसली भली व्यवक्त यमा पमुसलस असधकमाररयतों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हली उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, सजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यतों कको उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोसिं मम सवे वकसली कवे उलसिंघन कवे ममामलवे मम , परलीकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरसिंत हहै। Order Date :- 14.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad