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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 105446 (ALL)

VEERU KASHYAP v. State of U.P. AND 3 OTHERS

ABAIL/10747/2024 · 2025-07-08

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:109414 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 10747 of 2024 Applicant :- Veeru Kashyap Opposite Party :- State Of U.P. And 3 Others Counsel for Applicant :- Sudarshan Singh Counsel for Opposite Party :- G.A.,Pradeep Kumar Shukla Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित वतरममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अकग्रिम जममानत प्रमाररनमा पत्र आववेदक वचीरू कश्यप ककी ओर सवे पररवमाद ससं० 34/2023 अन्तररत धमारमा 376/452/506 भमा०दसं०कव० एवसं 4 पपॉक्ससो एक्ट, रमानमा फतवेहरसंज ईस्ट, जजलमा बरवेलची मम अकग्रिम जममानत पर मपुक्त करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयमा रयमा हहै 2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा एवसं कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कसो सपुनमा तरमा पत्रमावलची कमा पररशचीलन ककयमा। 3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे तकर प्रस्तपुत ककयमा कक आववेदक कनदर्दोष हहै , उसवे उपरसोक्त धमारमाओसं मम दवेषवश तसंर व परवेशमान करनवे ककी कनयत सवे आजलप ककयमा रयमा हहै, उसवे आशसंकमा हहै कक उसवे उपरसोक्त वकररत ममामलवे मम कररफ्तमार ककयमा जमा सकतमा हहै जबकक उसकवे कवरूद्ध कसोई कवश्वसनचीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भची करन हहै कक आववेदक कमा कसोई आपरमाजधक इकतहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे कवरूद्ध अभची तक कसोई भची बमाध्यकमारची प्रकक्रियमा नहहीं अपनमाई रयची हहै। पपुननः उनकमा करन हहै कक आववेदक कवचमारर और जपॉच कवे ददौरमान सहयसोर करनवे कमा वचन दवेतमा हहै कक वह जपॉच एजमसची यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेकक्षित समय पर उपणस्रत रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानसून ककी प्रकक्रियमा मम सहयसोर करनवे कवे जलए तहैयमार हहै और जब भची आवश्यकतमा हसोरची वह ईममानदमारची सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खपुद कसो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभची शतर्दोसं कसो स्वचीकमार करनवे कवे जलए भची तहैयमार हहै जसो न्यमायमालय उस पर अजधरसोकपत करवेरची। 4. कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा अकभयपुक्त कवे अकग्रिम जममानत कवे कवरसोध मम यह तकर प्रस्तपुत ककयमा रयमा कक आववेदक दमारमा कमाररत अपरमाध रसंभचीर प्रकक कत कमा हहै। ममामलवे कवे तथ्य एवसं पररणस्रकतययों कसो दृकष्टिरत रखतवे हहयवे अकभयपुक्त कसो अकग्रिम जममानत पर ररहमा ककयवे जमानवे कमा पयमारप अधमार नहहीं हहै। अतनः अकभयपुक्त कसो अकग्रिम जममानत पर न छसोडमा जमायवे। 5. यह कहमा जमा सकतमा हहै कक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननचीय उच्चतम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररत ककयमा रयमा हहै कक अकग्रिम जममानत यमाकचकमा पर न्यमाय-कनररयन करतवे समय न्यमायमालय कसो आरसोपयों ककी प्रकक कत और रसंभचीरतमा, आरसोपची ककी न्यमाकयक प्रकक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर कवचमार करनमा चमाकहए और यह कक न्यमायमालय कसो आरसोपची कवे कवरूद्ध उपलब्ध सभची समामग्रिची कमा समावधमानची सवे मसूल्यमासंकन करनमा चमाकहए और आरसोपची ककी वमास्तकवक भसूकमकमा पर भची कवचमार करनमा चमाकहए। 6. उभय पक्षि कवे तकर्दोसं एवसं वतरममान ममामलवे मम अकग्रिम जममानत ससंबसंधची कवजध कवे स्रमाकपत जसद्धमासंतयों कसो ध्यमान मम रखतवे हहए और पक्षिकमारयों कवे कवदमान अजधवक्तमाओसं कवे करनयों, आरसोपयों ककी प्रकक कत, आववेदक ककी भसूकमकमा और ममामलवे कवे सभची तथ्ययों एवसं पररणस्रकतययों कसो ध्यमान मम रखतवे हहए , ममामलवे कवे रपुर -दसोष पर कबनमा कसोई कवचमार व्यक्त ककए अकग्रिम जममानत ककी प्रमाररनमा स्वचीकमार ककए जमानवे यसोग्य हहै। तद्नपुसमार अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र स्वचीकमार ककयमा जमातमा हहै। 7. उपरसोक्त मपुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलत आववेदक ककी कररफ्तमारची ककी दशमा मम, उसवे ससंबसंजधत रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारची ककी ससंतपुकष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यकक्तरत बसंध पत्र एवसं उसची धनरमाकश कवे दसो प्रकतभसू प्रस्तपुत करनवे पर, सत्र परचीक्षिर कवे कनस्तमारर तक कनमन शतर्दो कवे अधचीन अकग्रिम जममानत पर ररहमा ककयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यकद आवश्यक हसोरमा तसो कवचमारर न्यमायमालय कवे समक्षि अपवेकक्षित समय पर उपणस्रत रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे तथ्ययों सवे पररकचत ककसची व्यकक्त यमा पपुजलस अजधकमाररययों कसो प्रत्यक्षि यमा परसोक्षि रूप सवे कसोई धमककी , वमादमा यमा प्रलसोभन नहहीं दवेरमा जजससवे कक वह ऐसवे तथ्य कसो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा ककसची पपुजलस अजधकमारची कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक कवचमारर कवे ददौरमान सहयसोर करवेरमा और जममानत ककी स्वतसंत्रतमा कमा दपुरूपयसोर नहहीं करवेरमा। उपरसोक्त शतर्दो कवे उलसंघन ककी णस्रकत मम कवववेचनमाजधकमारची /अकभयसोजन पक्षि कसो, आववेदक कसो प्रदत्त अकग्रिम जममानत कवे कनरस्तचीकरर हवेतपु उपयपुक्त आववेदन प्रस्तपुत करनवे ककी स्वतसंत्रतमा हसोरमा। 8. तद्नपुसमार यह अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र उपरसोक्त कटप्पकरययों कवे समार असंकतम रूप सवे कनस्तमाररत ककयमा जमातमा हहै। Order Date :- 9.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad