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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 105354 (ALL)

AJAY SHARMA ALIAS KD SHARMA v. State of U.P.

BAIL/39236/2024 · 2025-07-31

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:129612 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 39236 of 2024 Applicant :- Ajay Sharma Alias Kd Sharma Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Anurag Sharma,Hemant Kumar,Yogendra Pal Singh Counsel for Opposite Party :- Amit Rana,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित। 2. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको सपुनद्वा तथद्वा पतद्वावलची कद्वा पररशचीलन ककयद्वा। 3. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक अजय शमद्वार उफर कवे .ण्डिची. शमद्वार ककी ओर सवे मपु०अ०सवं० 306/2024, अवंतररत धिद्वारद्वा 126(2), 309(6), 308(7), 115(2), 352, 351(2), 318(4), 317(2), 3(5) बची.एन.एस., थद्वानद्वा मवेकण्डिकल, धजलद्वा मवेरठ मम जमद्वानत पर मपुक करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयद्वा रयद्वा हहै। 4. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झसूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं ककयद्वा हहै। 5. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झसूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं ककयद्वा हहै। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भची कक त्य कद्वाररत नहहीं ककयद्वा रयद्वा हहै, जहैसद्वाकक प्रद्वाथकमककी मम दकशरत ककयद्वा रयद्वा हहै। प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर कवलणमबत हहै तथद्वा उक कवलमब कद्वा ककोई समपुकचत स्पषचीकरर नहहीं कदयद्वा रयद्वा हहै। आववेदक कवे पद्वास सवे वतरमद्वान घरनद्वा सवे सवंबवंधधित ककसची भची सवंकदग्धि वस्तपु ककी बरद्वामदरची नहहीं पद्वायची रयची हहै। वतरमद्वान घरनद्वा मम बरद्वामदरची ककी ककोई कशनद्वाख्त पपुधलस दद्वारद्वा नहहीं करद्वायची रयची हहै। घरनद्वा कद्वा ककोई स्वतवंत सद्वाक्षिची नहहीं हहै। यहद्वावं प्रद्वासवंकरक तथ्य हहै कक वतरमद्वान वद्वाद मम धजन सह-अकभयपुकरर दवेव करन, शचीमतची ज्यकोकत एववं नचीरज कपु मद्वार , धजनकवे पद्वास सवे वतरमद्वान वद्वाद सवे सवंबवंधधित सवंकदग्धि वस्तपुओवं ककी बरद्वामदरची दशद्वारयची रयची हहै , उनककी जमद्वानत , क्रमशशः जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवं० 41743/2024, 43192/2024 एववं 35776/2024 मम कभन न्यद्वायपचीठ दद्वारद्वा कवकभन कतधथययों कको स्वचीकक त ककी जद्वा चपुककी हहै। अतशः जमद्वानत प्रद्वाप्त सह-अकभयपुकरर सवे कमतर भसूकमकद्वा हकोनवे कवे आधिद्वार पर आववेदक भची जमद्वानत पद्वानवे कद्वा अधधिकद्वारची हहै। आववेदक दद्वारद्वा अपनवे पसूवर कवे आपरद्वाधधिक इकतहद्वासयों, धजसवे शपथपत कवे प्रस्तर सवं० 25 मम स्पष ककयद्वा रयद्वा हहै। पपुनशः उनकद्वा यह भची कथन हहै कक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन कदयद्वा रयद्वा हहै कक वह कद्वानसून ककी प्रकक्रयद्वा मम सहयकोर करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भची आवश्यकतद्वा हकोरची वह ईमद्वानदद्वारची सवे अदद्वालत कवे समक्षि खपुद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभची शतरवं कको स्वचीकद्वार करनवे कवे धलए भची तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोकपत करवेरची। आववेदक कनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम कद० 23.08.2024 सवे कद्वारद्वारद्वार मम कनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड कदयद्वा जद्वाय। 6. कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल कवरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं रवंभचीर प्रकक कत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोडद्वा जद्वाय। 7. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलची पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्ययों एववं पररणस्थकतययों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबसूतयों ककी प्रकक कत और ककसची भची ठकोस कवरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रची ककी अनपुपणस्थकत एववं उपलब्धि सद्वामग्रची सवे छवेडछद्वाड ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरची रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मपुक करनवे कद्वा उपयपुक आधिद्वार हहै। 8. अतशः वद्वाद कवे रपुर-दकोष पर कबनद्वा ककोई करप्परची ककए हहए आववेदक कको उपरकोक वकररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतपुकष पर व्यककरत बवंधि -पत एववं अधधिक धिनरद्वाकश कवे ककोई भची दको प्रकतभसू प्रस्तपुत करनवे पर कनमनधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड कदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक कवववेचनद्वा यद्वा परचीक्षिर कवे ददौरद्वान अकभयकोजन सद्वाक्ष्ययों कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अकभयकोजन सद्वाकक्षिययों व पचीकडतद्वा / कशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिमकद्वायवेरद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशयों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा , वह परचीक्षिर कवे ददौरद्वान कबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए कनयत कतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोरद्वा तथद्वा परचीक्षिर मम ईमद्वानदद्वारची सवे सहयकोर करवेरद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दपुरूपयकोर नहची करवेरद्वा और ककसची भची अपरद्वाधधिक रकतकवधधि मम धलप्त नहहीं हकोरद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्षि यद्वा अप्रत्यक्षि रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्ययों सवे पररकचत ककसची भची व्यकक यद्वा पपुधलस अधधिकद्वाररययों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेरद्वा न हची उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा, धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्ययों कको उजद्वारर करनवे सवे कवरत रहनद्वा पण्डिवेडे़। 9. उपरकोक शतरवं मम सवे ककसची कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परचीक्षिर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत कनयमद्वानपुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 1.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad