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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 105129 (ALL)

RAHUL KUMAR v. State of U.P.

BAIL/38840/2024 · 2025-07-30

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:128856 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 38840 of 2024 Applicant :- Rahul Kumar Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ravi Sahu,Shiv Shankar Kaithal Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक रमाहहल कक ममार ककी ओर सवे मक०अ०स० 224/2024, अन्रररर धमारमा 74/ 126(2)/ 115(2)/ 352/ 308(5) बब.एन.एस., रमानमा ममंरलपकर, जजलमा कमानपकर दवेहमार मम जममानर पर मकक्त करनवे हवेरक प्रस्रकर ककयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा एवमं कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको सकनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन ककयमा। 3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रकर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवमं फजर्जी ढमंर सवे झझूठमा फमं समायमा रयमा हहै, उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै। आववेदक कवे दमारमा वमादब मककदममा/पबकड़िरमा कवे दमारमा कबनमा ककसब कण्डिगब कवे रलर ररबकवे सवे क्लबकनक कमा समंचमालन ककयमा जमा रहमा रमा जजससवे लकोरको ककी जजन्दरब कवे समार जखिलवमाण्डि ककयमा जमा रहमा रमा , जजसककी प्रमकखिरमा सवे सब०एम०ओ० कवे समामनवे मकदमा उठमायमा रमा। सब०एम०ओ० दमारमा जमामंच करनवे पर बमार सत्य पमायब रयब क्लबकनक भब सबल कर कदयमा रयमा। वमादब मककदममा इरनब दबमंर मकहलमा हहै कक सबल दजर कवे बमाद समंचमालन ककयमा जमा रहमा हहै , जजस पर मवेकण्डिकल टबम नवे जमामंच कर कमायरवमाहब ककी रयब रब। वमाकदनब इसब बमार सवे नमारमाज रब , उसकवे दमारमा प्रमारर्जी कवे समार अभद व्यवहमार ककयमा रयमा रमा और मकोबमाइल न. पर जमान सवे ममारनवे मम फसमानवे व जमाकर सझूचक रमाजलयमामं दब पमायब रब। जजसककी ररकमाकण्डिरर आववेदक कवे पमास रब मककदममा पमंजबकक र करमायमा रयमा हहै, कवे वल दबमाव बनमानवे ककी कनयर सवे करमायमा रयमा हहै , जजससवे वमाकदनब कवे कवरुद्ध ककोई दकोबमारमा आवमाज न उठमा सकवे । वमाकदनब मककदममा रबनमा कवे दमारमा रमानवे मम कदयवे रयवे प्रमाररनमा पत मम यह बमार स्वबकमार ककी हहै कक क्लबकनक रलर पमायवे जमानवे पर सबज ककी कमायरवमाहब ककी रयब हहै। आववेदक । अकभयकक्त वमाकदनब कवे समार बरमाबर छवेण्डिखिमानब कररमा रहमा , जबकक वमाकदनब पढब जलखिब मकहलमा हकोनवे कवे बमावजझूद भब कभब ककोई कशकमायर नहहीं ककी , जबकक उक्त मकहलमा एक अस्परमाल कमा समंचमालन कररब हहै इससवे मनरढन्र कहमानब प्ररबर हकोरब हहै। पकननः उनकमा करन हहै कक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानझून ककी प्रकक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भब आवश्यकरमा हकोरब वह ईममानदमारब सवे अदमालर कवे समक्ष खिकद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभब शरतों कको स्वबकमार करनवे कवे जलए भब रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोकपर करवेरब। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 06.09.2024 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ि कदयमा जमाय। 5. कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रकर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध समंजवेय एवमं रमंम्भबर प्रकक कर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़िमा जमायवे। 6. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोमं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलब पर उपलब्ध समारवमान रथ्यतों एवमं पररणस्रकरयतों कमा समग रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरतों ककी प्रकक कर और ककसब भब ठकोस कवरकोधमात्मक समामगब ककी अनकपणस्रकर एवमं उपलब्ध समामगब सवे छवेड़िछमाड़ि ककी समंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखिरवे हहए मवेरब रमाय मम आववेदक कको जममानर पर मकक्त करनवे कमा उपयकक्त आधमार हहै। 7. अरनः वमाद कवे रकर दकोष पर कबनमा ककोई कटप्परब ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम समंबमंजधर न्यमायमालय ककी सन्रककष्टि पर व्यकक्तरर बमंध -पत एवमं उसब धनरमाकश कवे दको प्रकरभझू प्रस्रकर करनवे पर कनम्नजलजखिर शरर्दोमं कवे समार जममानर पर छकोड़ि कदयमा जमाय। 1. आववेदक कवववेचनमा यमा परबक्षर कवे ददौरमान अकभयकोजन समाक्ष्यतों कवे समार छवेड़िछमाड़ि नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अकभयकोजन समाकक्षयतों व पबकड़िरमा/ कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशतों कमा पमालन करवेरब, वह परबक्षर कवे ददौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परबक्षर मम ईममानदमारब सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरमंतरमा कमा दकरूपयकोर नहब करवेरमा और ककसब भब अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यतों सवे पररकचर ककसब भब व्यकक्त यमा पकजलस अजधकमाररयतों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हब उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यतों कको उजमारर करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोमं मम सवे ककसब कवे उलमंघन कवे ममामलवे मम , परबक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानकसमार रद करनवे कको स्वरमंत हहै। Order Date :- 31.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad