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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 104770 (ALL)
MUZAHID v. State of U.P.
BAIL/38061/2024 · 2025-04-30
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 104770 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:69568 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 38061 of 2024 Applicant :- Muzahid Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rajeev Kumar Saxena Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ममुजमाहहिद ककी ओर सवे ममु०अ०स० 195/2024, अन्रररर धमारमा 379/ 411/ 413/ 414/ 420 भमा.दद.सद. रमानमा हदहबियमापमुर, जजलमा औररैयमा मम जममानर पर ममुक्त करनवे हिवेरमु प्रस्रमुर हकयमा रयमा हिरै।
2. आववेदक कवे हवदमान अजधवक्तमा एवद हवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलली कमा पररशलीलन हकयमा।
3. आववेदक कवे हवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर हकयमा हक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवद फजर्जी ढदर सवे झझूठमा फद समायमा रयमा हिरै, उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहिहीं हकयमा हिरै। आववेदक नमामजद अहभयमुक्त नहिहीं हिरै और न हिली घटनमा कमा ककोई चश्मदलीद समाकली हिरै। आरकोहपर अपरमाध ककी प्रमारहमककी एवद हवववेचक दमारमा ककी रई सदकजलर समाक्ष्य कवे पररशलीलन सवे अहभयकोजन कहिमानली हवश्वमास प्रवेररर नहिहीं कर रहिली हिरै। आरकोहपर अपरमाध ककी प्रमारहमककी मम हकसली भली जनसमाकली कवे न हिकोनवे सवे अहभयकोजन कहिमानली पर हवश्वमास हकयमा जमानमा Highly Unsafe हिकोरमा। आववेदक कवे कब्जवे सवे आरकोहपर अपरमाध सवे सदबिदजधर हकसली भली ररहि ककी ककोई वस्रमु बिरमामद नहिहीं हिहई हिरै। बिणलक रमानमापमुजलस दमारमा आववेदक कवे कब्जवे सवे फजर्जी बिरमामदरली दशमाररवे हिहए उपरकोक्त अहभयकोर मम झझूठमा सदजलप्त कर हदयमा रयमा हिरै। आववेदक हनदर्दोष हिरै ररमा वहि इस प्रकरर मम हद० 24.03.2024 सवे कमारमारमार मम हनरुद्ध हिरै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ हदयमा जमाय।
5. हवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे हवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबिल हवरकोध कररवे हिहए रकर प्रस्रमुर हकयमा हक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भलीर प्रकक हर कमा हिरै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे।
6. आववेदक कवे हवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोद कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलली पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एवद पररणस्रहरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बिमाद , सबिझूरयों ककी प्रकक हर और हकसली भली ठकोस हवरकोधमात्मक समामग्रली ककी अनमुपणस्रहर एवद उपलब्ध समामग्रली सवे छवेड़छमाड़ ककी
सदभमावनमा न हिकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हिहए मवेरली रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हिरै।
7. अरतः वमाद कवे रमुर दकोष पर हबिनमा ककोई हटप्परली हकए हिहए आववेदक कको उपरकोक्त वहररर अपरमाध मम सदबिदजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुहष्टि पर व्यहक्तरर बिदध -पत एवद उसली धनरमाहश कवे दको प्रहरभझू प्रस्रमुर करनवे पर हनम्नजलजखर शरर्दोद कवे समार जममानर पर छकोड़ हदयमा जमाय।
1.
आववेदक हवववेचनमा यमा परलीकर कवे ददौरमान अहभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाड़ नहिहीं करवेरमा।
2. आववेदक अहभयकोजन समाहकययों व पलीहड़रमा/ हशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहिहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरली, वहि परलीकर कवे ददौरमान हबिनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए हनयर हरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हिकोरमा ररमा परलीकर मम ईममानदमारली सवे सहियकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहिमा हिकोनवे कवे बिमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दमुरूपयकोर नहिली करवेरमा और हकसली भली अपरमाजधक रहरहवजध मम जलप्त नहिहीं हिकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररहचर हकसली भली व्यहक्त यमा पमुजलस अजधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहिहीं दवेरमा न हिली उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हिम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सवे हवरर रहिनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोद मम सवे हकसली कवे उलदघन कवे ममामलवे मम , परलीकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर हनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरदत हिरै। Order Date :- 1.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad