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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 104552 (ALL)
NEERAJ KUMAR @ VISHNU SHANKAR OJHA v. State of U.P. AND ANOTHER
ABAIL/10095/2024 · 2025-08-11
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 104552 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:136783 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 10095 of 2024 Applicant :- Neeraj Kumar @ Vishnu Shankar Ojha Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Abhishek Mishra,Amit Goel,Anand Mohan Pandey,Anand Shankar Dubey,Deepak Pandey,Dharmendra Kumar,Subhash Chand Kanaujia,Vivek Tripathi Counsel for Opposite Party :- Amit Rana,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ननीरज कक ममार उरर गवष्रक शशंकर ओझमा ककी ओर सवे मक०अ०सशं० 45 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 420/ 406/ 467/ 468/ 471/ 120 बनी भमा.दशं.सशं. रमानमा मवेगण्डिकल ककॉलवेज, जजलमा मवेरठ मम अगग्रिम जममानर ककी ममामाँर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारनी ककी णसरगर मम आववेदक कक जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा (धमरन्द्र कक ममार) एवशं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कक सकनमा ररमा पतमावलनी कमा पररशनीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरकर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकक धमारमाओशं मम दवेषवश रशंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशशंकमा हहै गक उसवे उपरकक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककई गवश्वसननीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक गकसनी दकष्प्रवेरर कवे षण्डियशंत मम गकसनी व्यगक कवे समार सणममजलर नहहीं हहआ हहै। उनकमा यह भनी करन हहै गक आववेदक कमा ककई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभनी रक ककई भनी बमाध्यकमारनी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयनी हहै। पकननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जकॉच कवे ददौरमान सहयकर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जकॉच एजमसनी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवशं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भनी आवश्यकरमा हकरनी वह ईममानदमारनी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खकद कक उपलब्ध करमाएरमा और उन सभनी शरर्दोशं कक सवनीकमार करनवे कवे जलए भनी रहैयमार हहै जक न्यमायमालय उस पर अजधरकगपर करवेरनी।
4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयकक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकध मम यह रकर प्रसरकर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रशंभनीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य
एवशं पररणसरगरययों कक दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयकक कक अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयकक कक अगग्रिम जममानर पर न छकडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममानननीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कक आरकपयों ककी प्रकक गर और रशंभनीररमा, आरकपनी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी सशंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कक आरकपनी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभनी समामग्रिनी कमा समावधमाननी सवे मनूल्यमाशंकन करनमा चमागहए और आरकपनी ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भनी गवचमार करनमा चमागहए।
6. उभय पक्षि कवे रकयों एवशं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सशंबशंधनी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमाशंरयों कक ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अजधवकमाओशं कवे करनयों , आरकपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभनी रथ्ययों एवशं पररणसरगरययों कक ध्यमान मम रखरवे हहए, ममामलवे कवे रकर-दकष पर गबनमा ककई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवनीकमार गकए जमानवे यकग्य हहै।
7. रद्नकसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवनीकमार गकयवे जमानवे यकग्य हहै।
8. उपरकक मककदममा अपरमाध सशंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमारनी ककी दशमा मम , उसवे सशंबशंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारनी ककी सशंरकगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बशंध पत एवशं उसनी धनरमागश कवे दक प्रगरभनू प्रसरकर करनवे पर , पकजलस दमारमा आरकप पत दमाजखल हकनवे रक गनमन शरर्दोशं कवे अधनीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हकरमा रक पकजलस अजधकमारनी दमारमा जकॉच हवेरक अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसनी व्यगक यमा पकजलस अजधकमाररययों कक प्रत्यक्षि यमा परकक्षि रूप सवे ककई धमककी , वमादमा यमा प्रलकभन नहहीं दवेरमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कक न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसनी पकजलस अजधकमारनी कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा कवे ददौरमान सहयकर करमरवे और जममानर ककी सवरशंतरमा कमा दकरूपयकर नहहीं करवेरमा। उपरकक शरर्दोशं कवे उलशंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमारनी /अगभयकजन पक्षि कक, आववेदक कक
प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरनीकरर हवेरक उपयकक आववेदन प्रसरकर करनवे ककी सवरशंतरमा हकरमा।
9.
रद्नकसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरकक गटप्पगरययों कवे समार अशंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 12.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad