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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 34882 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 279/2025 , अन्तगर्त धारा 137(2), 87, 64(1) & 62 भारतीय न्याय संिहता, थाना सादाबाद, िजला हाथरस में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। इस मामलें में किथत पीिड़ता के बरामदगी के उपरांत प्रश्नगत प्रथम सूचना िरपोटर् पंजीकृ त करायी गयी है तथा किथत पीिड़ता द्वारा अपने धारा 180 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के बयान किथत अपराध िकये जाने का अिभकथन िकया गया, िकतु किथत पीिड़ता द्वारा अपने धारा 183 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के बयान में आवेदक के द्वारा उसके साथ गलत कायर् करने का कथन नहीं िकया गया, अिपतु के वल कोिशश करने का अिभकथन िकया गया है। इससे किथत पीिड़ता के धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के बयान में परस्पर िवरोधाभाष पिरलिक्षत हो रहा है तथा यह भी दृश्य हो रहा है िक वह सहमत पक्षकार है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिड़ता द्वारा अपना आंतिरक िचिकत्सीय परीक्षण कराने से इंकार िकया गया है। इससे अिभयोजन कथानक और संिदग्ध हो जाता है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 20.07.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Garun Pal Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Kanha @ Jitendra .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय।
5.
उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य एवं पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। October 10, 2025 CP.sahani BAIL No. 34882 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad