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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 104191 (ALL)

ROOMANA ASIF v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

ABAIL/11038/2024 · 2025-07-10

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:111099 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 11038 of 2024 Applicant :- Roomana Asif Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Sandeep Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका ककी तरफ सवे आज प्रत्ययत्तर शपथपत्र कवे मकाध्यम सवे ससंबसंधधित दवचकारण न्यकायकालय कवे आदिवेश फलक ककी प्रमकादणत प्रदतधलदप दिकाधखिल ककी गययी हह, धजसवे पत्रकावलयी पर रखिका जकाए। 2. वतरमकान दिकाणणण्डिक प्रककीणर अदग्रिम जमकानत प्रकाथरनका पत्र आववेददिकका Roomana Asif ककी ओर सवे मय०अ०स० 264/2021, अन्तगरत धिकारका 420, 406 भका.दिसं.ससं., थकानका अमररोहका दिवेहकात, धजलका जवे.पयी. नगर (अमररोहका) मम अदग्रिम जमकानत पर मयक करनवे हवेतय प्रस्तयत दकयका गयका हह। 3. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका एवसं दवदकान अपर शकासककीय अधधिवकका शयी चसंदिन धससंह करो सयनका तथका पत्रकावलयी कका पररशयीलन दकयका। 4. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका नवे तकर प्रस्तयत दकयका दक आववेददिकका दनदिर्दोष हह, उसवे उपररोक धिकारकाओसं मम दवेषवश तसंग व परवेशकान करनवे ककी दनयत सवे आधलप दकयका गयका हह, उसवे आशसंकका हह दक उसवे उपररोक वदणरत मकामलवे मम दगरफ्तकार दकयका जका सकतका हह, जबदक उसकवे दवरूद्ध करोई दवश्वसनयीय सकाक्ष्य नहहीं हह। आववेददिकका दकारका प्रकाथदमककी मम दिदशरत उपररोक धिकारकाओसं कका अपरकाधि ककाररत नहहीं दकयका गयका हह। आववेददिकका दकारका वतरमकान वकादि करो ककाररत करनवे कका न तरो करोई हवेतयक हह , न हयी करोई सररोककार हह। आववेददिकका प्रथम ससूचनका ररपरोरर मम नकादमत नहहीं हह। दिदौरकान दवववेचनका आववेददिकका कका नकाम प्रककाश मम आयका। आववेददिकका प्रश्नगत बबक मम कह दशयर हह तथका उसकवे दकारका करोई अनयदचत लवेन -दिवेन नहहीं दकयका गयका हह। दवववेचक दकारका वतरमकान वकादि मम आररोपपत्र दिकाधखिल दकयका जका चयकका हह। आववेददिकका करो पसूवर मम आदिवेश ददिनकासंक 22.11.2024 करो असंतररम जमकानत प्रदिकान ककी गययी हह, धजसमम न्यकायकालय दकारका अधधिररोदपत शतर्दोसं कका आववेददिकका दकारका अनयपकालन दकयका जका रहका हह। आववेददिकका ककी ओर सवे यह भयी आश्वकासन ददियका गयका हह दक वह ककानसून ककी प्रदक्रियका मम सहयरोग करनवे कवे धलए तहयकार हह और जब भयी आवश्यकतका हरोगयी वह ईमकानदिकारयी सवे न्यकायकालय कवे समक्ष खियदि करो उपलब्धि करकाएगयी और उन सभयी शतर्दोसं करो स्वयीककार करनवे कवे धलए भयी तहयकार हह जरो न्यकायकालय उस पर अधधिररोदपत करवेगयी। 5. दवदकान अपर शकासककीय अधधिवकका दकारका यह तकर प्रस्तयत दकयका गयका दक आववेददिकका दकारका ककाररत अपरकाधि गसंभयीर प्रकक दत कका हह तथका पसूवर मम प्रकाप अदग्रिम जमकानत मम न्यकायकालय दकारका अधधिररोदपत शतर्दोसं कका आववेददिकका दकारका पकालन नहहीं दकयका जका रहका हह तथका अनकावश्यक रूप सवे स्वयसं उपणस्थत न हरोकर हकाधजरयी मकाफकी कका आववेदिनपत्र ददियका जकातका रहका हह, दवचकारण न्यकायकालय कवे आदिवेश फलक कवे अवलरोकन सवे दवददित हरोतका हह दक आववेददिकका दकारका जकानबसूझकर अनकावश्यक स्थगन धलयका जका रहका हह तथका न्यकादयक प्रदक्रियका मम सहयरोग नहहीं दकयका जका रहका हह, इसधलए आववेददिकका करो अदग्रिम जमकानत पर मयक दकयवे जकानवे कका करोई औदचत्य प्रतयीत नहहीं हरोतका हह। अततः आववेददिकका कका अदग्रिम जमकानत आववेदिन पत्र दनरस्त दकयका जकाय। 6. यह कहका जका सकतका हह दक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे मकामलवे मम मकाननयीय उच्चतम न्यकायकालय नवे मकानका हह दक अदग्रिम जमकानत पर दनणरय करतवे समय न्यकायकालय करो आररोप ककी प्रकक दत और गसंभयीरतका, अदभययक कका पसूवरवकत्त, अदभययक कवे न्यकाय सवे भकागनवे ककी ससंभकावनका पर दवचकार करनका चकादहए तथका न्यकायकालय करो अदभययक कवे दवरुद्ध उपलब्धि ससंपसूणर सकामग्रियी कका सकावधिकानयीपसूवरक मसूल्यकासंकन करनका चकादहए तथका अदभययक ककी सरयीक भसूदमकका करो भयी ध्यकान मम रखिनका चकादहए। 7. वतरमकान मकामलवे मम अदग्रिम जमकानत ससंबसंधियी दवधधि कवे स्थकादपत धसद्धकासंततों करो ध्यकान मम रखितवे हहए और पक्षककारतों कवे दवदकान अधधिवककाओसं कवे कथनतों , आररोपतों ककी प्रकक दत, आववेददिकका ककी भसूदमकका और मकामलवे कवे सभयी तथ्यतों एवसं पररणस्थदतयतों करो ध्यकान मम रखितवे हहए, आववेददिकका करो पसूवर मम सशतर असंतररम जमकानत न्यकायकालय दकारका प्रदिकान ककी गययी थयी, दकन्तय आववेददिकका दकारका उक शतर्दोसं कका अनयपकालन नहहीं दकयका जका रहका हह तथका अनकावश्यक स्थगन लवेकर न्यकादयक प्रदक्रियका मम सहयरोग प्रदिकान न करकवे पसूवर मम प्रकाप असंतररम जमकानत कका दियरुपयरोग कर रहका हह , अततः मकामलवे कवे गयण -दिरोष पर दबनका करोई दवचकार व्यक दकए यह अदग्रिम जमकानत आववेदिन पत्र स्वयीककार दकए जकानवे यरोग्य नहहीं हह, तद्नयसकार आववेददिकका कका अदग्रिम जमकानत आववेदिन पत्र अस्वयीककार दकयका जकातका हह। 8. उपररोककानयसकार वकादि कवे गयण-दिरोष पर दरप्पणयी दकयवे बगहर यह अदग्रिम जमकानत प्रकाथरनकापत्र दनरस्त दकयका जकातका हह। 9. इस वकादि मम यददि करोई असंतररम आदिवेश हरो, तरो वह स्वततः समकाप समझका जकाए। 10. ककायकारलय करो दनदिरदशत दकयका जकातका हह दक इस आदिवेश ककी एक प्रदतधलदप अदवलम्ब ससंबसंधधित दवचकारण न्यकायकालय कवे भवेजनका सयदनणश्चत करम। Order Date :- 11.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad