SURAJ BAJPAI ALIAS BHOLA v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS
BAIL/34883/2025 · 2025-10-09
Gautam Chowdhary
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 103888 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 34883 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 186/2024 , अन्तगर्त धारा 363, 366, 376 भा०दं०िव० एवं धारा 3/4 पाक्सो एक्ट, थाना हनुमन्त िवहार, िजला कानपुर नगर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. पिरवादी की ओर से िवद्वान अिधवक्ता श्री रिव शंकर यादव द्वारा वकालतनामा दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक किथत पीिड़ता सहमत पक्षकार है व किथत पीिड़ता द्वारा अपने धारा 161/164 द०प्र०सं० के बयान में स्वेच्छा से आवेदक के साथ जाने तथा िववाह करने कथन भी िकया गया हैत था वतर्मान किथत पीिड़ता आवेदक के घर/ससुराल में िनवास कर रही है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 30.10.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तथ्यों पर सहमित प्रकट की गयी तथा उन्हें आवेदक को जमानत पर मुक्त िकये जाने पर कोई आपित्त नहीं है।
6. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य एवं पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी Versus Counsel for Applicant(s) : Arun Kumar Tiwari, Raghvendra Kumar Pal Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Suraj Bajpai Alias Bhola .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7.
अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। October 10, 2025 CP.sahani BAIL No. 34883 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad