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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 103794 (ALL)

Zunaid v. State of U.P. though it Principal Secretary and 3 Others

ABAIL/9891/2024 · 2025-05-26

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:91910 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 9891 of 2024 Applicant :- Zunaid Opposite Party :- State Of U.P. Though It Principal Secretary And 3 Others Counsel for Applicant :- Atul Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपससस्थित ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा। 2. वतरमद्वान अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत, मसु०अ०सवं० 82/2024, अवंतररत धिद्वारद्वा 354/ 504/ 323 व धिद्वारद्वा 7/8 पपॉक्सको एक्ट 2012, स्थिद्वानद्वा शद्वाहपसुर, धजलद्वा मसुजफ्फर नरर मम अवग्रिम जमद्वानत ककी मद्वावंर करतवे हहए इस पद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि पसतसुत वकयद्वा रयद्वा हहै वक वररफ्तद्वारली ककी ससस्थिवत मम आववेदक कको जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए। 3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आदवेश फलक जको वक x अनसुलग्नक कवे रूप मम पवतधलवप दद्वाधखिल ककी रयली धजसवे पतद्वावलली पर रखिद्वा जद्वाए। 4. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर वदयद्वा रयद्वा हहै वक आववेदक वनदर्दोष हहै तस्थिद्वा उसवे आशवंकद्वा हहै वक उसवे उपयसुरक मद्वामलवे मम वररफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै , उसनवे पलीवडितद्वा कवे सद्वास्थि ककोई छवेडिछद्वाडि वकसली पकद्वार ककी नहहीं ककी हहै और न हली पलीवडितद्वा सवे फकोन पर बद्वात ककी हहै और न हली पलीवडितद्वा सवे फकोन पर बद्वात ककी हहै व न हली जद्वान सवे मद्वारनवे ककी धिमककी दली हहै। उसकको स्थिद्वानद्वा हद्वाजद्वा दद्वारद्वा धिद्वारद्वा 41 क कवे नकोवटस पर स्थिद्वानवे सवे छकोडिद्वा रयद्वा स्थिद्वा। उसकवे धखिलद्वाफ न्यद्वायद्वालय मम आरकोप पत पवेवषत वकयद्वा जद्वा चसुकद्वा हहै और न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा सवंजद्वान लवेकर उसकको समन वकयद्वा रयद्वा हहै। उसकको रद्वावंव ककी पद्वाटर्टीबद्वाजली व रवंधजश कवे आधिद्वार पर झझूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै क्ययोंवक उसकवे पररवद्वार जनयों सवे वद्वादली पक्ष सवे रूपययों कवे लवेन दवेन पर वववद्वाद चल रहद्वा हहै। उनकद्वा यह भली तकर हहै वक आववेदक कद्वा ककोई आपरद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हहै तस्थिद्वा आववेदक कवे ववरुद्ध अब तक ककोई बलपझूवरक पवक्रियद्वा जद्वारली नहहीं ककी रई हहै। यह भली पसतसुत वकयद्वा रयद्वा वक आववेदक जद्वावंच तस्थिद्वा परलीक्षण कवे ददौरद्वान सहयकोर करनवे कद्वा वचन दवेतवे हहै तस्थिद्वा वह जद्वावंच एजमसली अस्थिवद्वा न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेवक्षत हकोनवे पर उपससस्थित हयोंरवे। 5. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदक कवे अवग्रिम जमद्वानत कद्वा ववरकोधि करतवे हहए न्यद्वायद्वालय कद्वा ध्यद्वान वदनद्वावंक 12.11.2024 कको इस न्यद्वायद्वालय ककी अन्य न्यद्वायपलीठ कवे दद्वारद्वा दली रयली अवग्रिम जमद्वानत ककी ओर आकक ष्ट वकयद्वा धजसमम ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा न्यद्वायद्वालय कको यह अवरत करद्वायद्वा रयद्वा वक आववेदक कको दली रयली अवग्रिम जमद्वानत कसु छ शतर्दोवं कवे सद्वास्थि पदद्वान ककी रयली स्थिली वक वकसली भली शतर कवे उलवंघन ककी ससस्थिवत मम , जद्वावंच अधधिकद्वारली/सरकद्वारली वककील / सवंबवंधधित अदद्वालत आववेदक कको दली रई अवग्रिम जमद्वानत कको रद्द करनवे कवे धलए उवचत आववेदन दद्वायर करनवे कवे धलए सवतवंत हहै। आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा न्यद्वायद्वालय कको यह अवरत करद्वायद्वा ककी उक मसुकदमवे सवे सवंबवंधधित सवंतर परलीक्षण शसुरू हको चसुकद्वा हहै और आववेदक सत परलीक्षण कवे ददौरद्वान वववभन्न वतधस्थिययों मम उपससस्थित हको रहद्वा हहै। उन्हयोंनवे आरवे यह भली कस्थिन वकयद्वा वक ववधधि व्यवसस्थिद्वा पवतभद्वा मनचन्दद्वा बनद्वाम हररयद्वानद्वा रद्वाज्य AIR 2023 SC 3307 मम मद्वाननलीय न्यद्वायद्वालय नवे यह अवभवनधिद्वारररत वकयद्वा हहै वक व्यवकरत सवतवंततद्वा महत्वपझूणर हहै, परन्तसु न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अवग्रिम जमद्वानत पदद्वान वकयवे जद्वातवे वक इस तथ्य कको भली दृवष्टरत रखिनद्वा चद्वावहयवे वक मद्वामलवे सवे सवंबवंधधित अपरद्वाधि ककी क्यद्वा रवंभलीरतद्वा हहै तस्थिद्वा उसकद्वा समद्वाज पर क्यद्वा पभद्वाव पडवेरद्वा। इस मद्वामलम मम ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा समसत तथ्ययों कद्वा समग्रि पररशलीलन कको दृवष्टरत रखितवे हहए उवचत आदवेश पद्वाररत वकयद्वा रयद्वा हहै, इस पश्नरत आदवेश मम हसतक्षवेप वकयवे जद्वानवे ककोई औवचत्य नहहीं हहै। उनकद्वा यह भली तकर हहै वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि रवंभलीर पकक वत कद्वा हहै तस्थिद्वा आववेदक कद्वा अवग्रिम जमद्वानत पद्वास्थिरनद्वा पत वनरसत वकयवे जद्वानवे यकोग्य हहै। 6. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा पसुननः न्यद्वायद्वालय कद्वा ध्यद्वान आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा वदए रयवे , वडिधजटल आदवेश फलक दवेतवे हहए कस्थिन वकयद्वा रयद्वा वक आववेदक सभली वतधस्थिययों मम अदद्वालत मम हद्वाधजर हको रहद्वा हहै। जबवक वडिधजटल आदवेश फलक जको वक X अनसुलग्नक कवे रूप मवे पतद्वावलली मम रखिद्वा रयद्वा हहै उसकवे अवलकोकन सवे यह कदद्वावप वववदत नहहीं हकोतद्वा वक आववेदक पत्यवेक वतधस्थिययों मम न्यद्वायद्वालय मम उपससस्थित हको रहद्वा हहै। इस पकद्वार आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा न्यद्वायद्वालय कको रलत तथ्य बतद्वाकर रसुमरद्वाह करनवे ककी ककोवशश ककी रयली। धजससवे उन पर 25,000/- रुपयवे कद्वा अस्थिरदण्डि आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा पर अधधिरकोवपत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा उक धिनरद्वावश 30 वदन कवे अवंदर हद्वाईककोटर ललीरल सववरसवेज मम जमद्वा वकयद्वा जद्वाए। यवद उनकवे दद्वारद्वा उक धिनरद्वावश समय कवे अवंदर नहहीं जमद्वा ककी जद्वातली हहै तको उनकवे ववरूद्ध वनयमद्वानसुसद्वार कद्वायरवद्वाहली ककी जद्वाएरली। 7. उभय पक्षयों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वारण कको ससुननवे और वतरमद्वान आववेदन मम वकए रए कस्थिनयों पर ववचद्वार करनवे कवे उपरद्वावंत , यह न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हहै वक आववेदक कको अवग्रिम जमद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयसुक एववं पयद्वारप्त आधिद्वार नहली हहै। 8. तदनसुसद्वार, आववेदक जसुनहैद कद्वा यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत वनरसत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। 9. इस वद्वाद मम पद्वाररत अवंतररम आदवेश वदनद्वावंक 12.11.2024 समद्वाप्त वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। 10. हद्वालद्वावंवक, आववेदक कवे धलए सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष वनयवमत जमद्वानत आववेदन पत पसतसुत करनवे कवे धलए सवतवंततद्वा हहै। Order Date :- 27.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad