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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 103765 (ALL)

SMT HARSHA RANI v. State of U.P.

ABAIL/9946/2024 · 2025-08-12

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:138476 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 9946 of 2024 Applicant :- Smt Harsha Rani Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rohan Gupta Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेगदकमा Smt Harsha Rani ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 340/2024, अन्रररर धमारमा 420, 467, 468, 471, 120-B भमा.दसं.ससं., रमानमा कगव नरर, जजलमा रमाजजयमाबमाद मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमाररी ककी णसरगर मम आववेगदकमा कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेगदकमा कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कको समुनमा ररमा पतमावलरी कमा पररशरीलन गकयमा। 3. आववेगदकमा कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै, उसवे उपरकोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनरीय समाक्ष्य नहहीं हहै और आववेगदकमा कवे गवरूद्ध अभरी रक ककोई भरी बमाध्यकमाररी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयरी हहै। आववेगदकमा दमारमा ऐसमा ककोई भरी कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै, जहैसमागक प्रमारगमककी मम दगशरर गकयमा रयमा हहै। आववेगदकमा दमारमा वररममान वमाद सवे ससंबसंजधर गकसरी भरी प्रकमार कवे दसरमाववेज ककी कक टरचनमा नहहीं ककी रयरी हहै , न हरी ककोई धकोखमाधडरी कमाररर ककी रयरी हहै। गवववेचनमा प्रचजलर हहै ररमा आरकोपपत ससंबसंजधर गवचमारर न्यमायमालय कवे समक्ष दमाजखल नहहीं गकयमा रयमा हहै। आववेगदकमा कको पकवर मम न्यमायमालय कवे आदवेश गदनमासंक 26.11.2024 कको सशरर असंरररम अगग्रिम जममानर प्रदमान ककी जमा चमुककी हहै ररमा शरर्दोसं कमा गनयमरतः आववेगदकमा दमारमा अनमुपमालन गकयमा जमा रहमा हहै। पमुनतः उनकमा करन हहै गक आववेगदकमा गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेररी हहै गक वह जमॉच एजमसरी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षर समय पर उपणसरर रहवेररी एवसं आववेगदकमा ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानकन ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भरी आवश्यकरमा हकोररी वह ईममानदमाररी सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद कको उपलब्ध करमाएररी और उन सभरी शरर्दोसं कको सवरीकमार करनवे कवे जलए भरी रहैयमार हहै, जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेररी। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयमुकमा कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक इस ममामलवे मम अगभयमुकमा ककी भकगमकमा प्ररम दृष्टयमा पररलगक्षर हको रहरी हहै ररमा इस घटनमा मम इनककी भकगमकमा ससंभमाव्य हहै , इसजलए अगभयमुकमा कको अगग्रिम जममानर पर ममुक न गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननरीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपपों ककी प्रकक गर और रसंभरीररमा, आरकोपरी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपरी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभरी समामग्रिरी कमा समावधमानरी सवे मकल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरकोपरी ककी वमासरगवक भकगमकमा पर भरी गवचमार करनमा चमागहए। 6. उभय पक्ष कवे रकर्दो एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधरी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरपों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षकमारपों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनपों , आरकोपपों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भकगमकमा और ममामलवे कवे सभरी रथ्यपों एवसं पररणसरगरयपों कको ध्यमान मम रखरवे हहए, ममामलवे कवे रमुर-दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवरीकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै। 7. रद्नमुसमार, यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवरीकमार गकयमा जमारमा हहै। 8. उपरकोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेगदकमा ककी गररफ्रमाररी ककी दशमा मम, उसवे ससंबसंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमाररी ककी ससंरमुगष्ट पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसरी धनरमागश कवे दको प्रगरभक प्रसरमुर करनवे पर , पमुजलस आख्यमा दमाजखल गकए जमानवे रक गनमन शरर्दो कवे अधरीन अगग्रिम जममानर पर ममुक गकयमा जमाएरमा :- i) आववेगदकमा अगभयकोजन पक्ष कवे समाक्ष्यपों कवे समार छवेडछमाड नहहीं करवेररी। ii) आववेगदकमा अगभयकोजन पक्ष कवे रवमाहपों कको धमकमाएरमा यमा परवेशमान नहहीं करवेररी। iii) आववेदक, यगद आवश्यक हकोरमा रको पमुजलस अजधकमाररी कवे समक्ष जमॉच हवेरमु अपवेगक्षर प्रत्यवेक गरजर एवसं गनयर समय पर उपणसरर रहवेररी ररमा अनमावश्यक सररन नहहीं लवेररी। iv) आववेगदकमा उस अपरमाध कवे सममान ककोई अपरमाध नहहीं करवेररी, जजसकमा आरकोप आववेगदकमा पर लरमायमा रयमा हहै यमा जजसकवे गकए जमानवे कमा ससंदवेह हहै। v) आववेगदकमा ममामलवे कवे रथ्यपों सवे पररगचर गकसरी व्यगक कको प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ककोई प्रलकोभन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करवेररी जजससवे वह व्यगक न्यमायमालय यमा गकसरी पमुजलस अजधकमाररी कवे समक्ष रथ्यपों कमा खमुलमासमा करनवे सवे गवममुख हको जमाए यमा समाक्ष्यपों कवे समार छवेडछमाड करवे। 9. उपरकोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम अगभयकोजन पक्ष कको, आववेगदकमा कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसररीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसंतरमा हकोररी। Order Date :- 13.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad