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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 102891 (ALL)

SATISH v. STATE OF U.P.

BAIL/33824/2025 · 2025-10-06

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33824 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 26/2025, अन्तगर्त धारा 64(2)(एफ), 351(3) भारतीय न्याय संिहता, थाना िचकासी, िजला हमीरपुर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक ्ऺथम सूचना िरपोटर् आठ िदवस िवलंिबत है, इसका कोई समुिचत स्प्िीकरण नहीं िदया गया है। आवेदक का एक भाई और चार बहनें हैं, सभी िववािहत हैं। उसके भाई की लगभग 12 वषर् की एक पु्ऴी और लगभग 10 वषर् का एक गुमशुदा पु्ऴ है। होली के त्यौहार के दौरान, किथत घटना के िदन और समय पर, आवेदक के पिरवार के सभी सदस्य और उसकी माँ घर पर मौजूद थे, िकतु किथत घटना के तत्समय कोई शोर-शराबा नहीं िकया गया है, अिपतु के वल रंिजशन इस मामलें में िमथ्या तथ्यों के आधार पर नािमत िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक इस मामले में, आवेदक के चाचा धमर् िसह, जो ्ऺथम सूचनाकतार् के ससुर हैं, का लंबे समय से कोई संतान नहीं थी, िजसके कारण आवेदक उनके साथ रह रहा था। कु छ समय उपरांत अरुण और भानु ्ऺताप नाम के दो पु्ऴ हुए, िजसके बाद आवेदक अपने माता-िपता के साथ रहने लगा। अपने िपता की मृत्यु के बाद, आवेदक अपनी चार बहनों, भाई और माँ की देखभाल करने लगा। अनुिचत पिरिस्थितयों के कारण, िपता की मृत्यु के बाद आवेदक का िववाह नहीं हो सका और कृ िष भूिम में उसके भाई के साथ आवेदक का नाम भी पिरवितत हो गया। ्ऺाथर् के चाचा धमर् िसह ्ऺाथर् का िहस्सा हड़पना चाहते हैं, वे Versus Counsel for Applicant(s) : Vijay Bahadur Shivhare Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Satish .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) कृ िष भूिम के हस्तांतरण के िलए ्ऺाथर् को तहसील में भी ले गए, जब ्ऺाथर् को अपने चाचा की मंशा का पता चला तो वे िकसी तरह उसके घर आ गए, जब वे सफल नहीं हो सके तो उन्होंने ्ऺाथर् के िवरु्ध झूठी ्ऺथम सूचना िरपोटर् दजर् करा दी। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 27.03.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य एवं प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक 4. BAIL No. 33824 of 2025 2 कृ त्य करेगा। आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 7. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 7, 2025 CP.sahani BAIL No. 33824 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad