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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 102723 (ALL)

SUNEEL SONKAR v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/33816/2025 · 2025-10-06

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33816 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 435/2024 , अन्तगर्त धारा 363, 366, 323, 506, 376 भा०दं०िव० एवं धारा 3/4 पाक्सो एक्ट, थाना िशवपुर, िजला वाराणसी में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्षारा अवगत कराया गया िक उन्हें ्ऺाप्त अनुदेश के अनुसार िवप्षी सं० 2 को नोिटस, िदनांक 01.07.2025 िनष्पािदत/तामील कराया जा चुका है। 4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह है िक ्ऺथम सूचना िरपोटर् िवलंिबत है, इसका कोई समुिचत स्प्िीकरण नहीं िदया गया है। किथत पीिड़ता ्षारा अपने धारा 161 दं०्ऺ०सं० के बयान में कथन िकया गया िक "िदनांक 05.06.2024 को रात में लगभग 08.00 बजे अपने घर से िनकलकर पैदल चलकर महावीर मिन्दर (भोजूवीर) पर बैठी रही रात भर सुबह लगभग 09.00 बजे सुनील सोनकर मंिदर र आया िफर मैं उसके साथ पहिड़या मंडी वाराणसी होते हुए िकसी अन्जान जगह पर मुझे ले गया। वहां पर सुनील सोनकर एक कमरा िलया िजसमें हम दोनों पित-पत्नी के िरस्ते से रह रही थे" तथा उसके ्षारा धारा 164 दं०्ऺ०सं० का बयान अपने पिरजनों के दबाव में आवेदक के िवरू्ध िदया गय है। इससे पिरलि्षत हो रहा है िक किथत पीिड़ता सहमत प्षकार है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिड़ता के आंतिरक िचिकत्सीय परी्षण के अनुसार अिभयोजन कथानक का समथर्न नहीं हो रहा है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और Versus Counsel for Applicant(s) : Rajiv Chowdhury Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Suneel Sonkar .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 29.09.2024 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य एवं प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 7. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 7, 2025 CP.sahani BAIL No. 33816 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad