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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 102691 (ALL)
MAIRAJ ALI v. State of UP AND ANOTHER
ABAIL/9775/2024 · 2025-07-08
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 102691 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:109300 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 9775 of 2024 Applicant :- Mairaj Ali Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Shyam Surat Shukla Counsel for Opposite Party :- Alok Kumar Singh,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा दवारिवा आज प्रवति शपथपत्र प्रस्तितुति वकयवा गयवा, धजसके पत्रवावलदी परि रिखवा जवाए।
2. वतिरमवान दवाणणण्डिक प्रककीरर अवग्रिम जमवानति प्रवाथरनवा पत्र, आवकेदक Mairaj Ali ककी ओरि सके मतु०अ०ससं० 192/2024, अन्तिगरति धिवारिवा 420, 406, 467, 468, 471, 504, 506 भवा.दसं.ससं., थवानवा भभोजपतुरि, धजलवा गवाजदीपतुरि मम अवग्रिम जमवानति ककी ममॉग करितिके हहए इस प्रवाथरनवा कके सवाथ यभोधजति वकयवा गयवा हहै वक वगरिफ्तिवारिदी ककी णस्थवति मम आवकेदक कभो जमवानति परि ररिहवा वकयवा जवा सकके ।
3. आवकेदक कके ववदवान अधधिवकवा, पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा एवसं ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा कभो सतुनवा तिथवा पत्रवावलदी कवा पररिशदीलन वकयवा।
4. आवकेदक कके ववदवान अधधिवकवा नके तिकर प्रस्तितुति वकयवा वक आवकेदक वनदर्दोष हहै , उसके उपरिभोक धिवारिवाओसं मम दकेषवश तिसंग व परिकेशवान करिनके ककी वनयति सके आधलप्त वकयवा गयवा हहै , उसके आशसंकवा हहै वक उसके उपरिभोक ववररति मवामलके मम वगरिफ्तिवारि वकयवा जवा सकतिवा हहै जबवक उसकके ववरूद्ध कभोई ववश्वसनदीय सवाक्ष्य नहहीं हहै औरि आवकेदक कके ववरूद्ध अभदी कभोई भदी बवाध्यकवारिदी प्रवक्रियवा नहहीं अपनवाई गयदी हहै। आवकेदक दवारिवा ऐसवा कभोई भदी अपरिवाधि कवाररिति नहहीं वकयवा गयवा हहै , जहैसवावक प्रवाथवमककी मम दशवारयवा गयवा हहै। प्रथम ससूचनवा ररिपभोरर अवति ववलणमबति हहै तिथवा उक ववलमब कवा कभोई स्पषदीकरिर नहहीं वदयवा गयवा हहै। घरनवा कवा कभोई स्वतिसंत्र सवाकदी नहहीं हहै। आवकेदक कभो पसूवर मम आदकेश वदनवासंक 09.12.2024 कके दवारिवा असंतिररिम जमवानति प्रदवान ककी जवा चतुककी हहै तिथवा आवकेदक पतुधलस जवाजाँच मम पसूररतितः सहयभोग करि रिहवा हहै। वववकेचनवा अद्यतिन प्रचधलति हहै तिथवा आरिभोपपत्र दवाधखल नहहीं वकयवा गयवा हहै। पतुनतः उनकवा कथन हहै वक आवकेदक ववचवारिर औरि जमॉच कके ददौरिवान सहयभोग करिनके कवा वचन दकेतिवा हहै वक वह जमॉच एजमसदी यवा न्यवायवालय दवारिवा अपकेवकति समय परि
उपणस्थति रिहकेगवा एवसं आवकेदक ककी ओरि सके यह आश्ववासन वदयवा गयवा हहै वक वह कवानसून ककी प्रवक्रियवा मम सहयभोग करिनके कके धलए तिहैयवारि हहै औरि जब भदी आवश्यकतिवा हभोगदी वह ईमवानदवारिदी सके न्यवायवालय कके समक खतुद कभो उपलब्धि करिवाएगवा औरि उन सभदी शतिर्दोसं कभो स्वदीकवारि करिनके कके धलए भदी तिहैयवारि हहै, जभो न्यवायवालय उस परि अधधिरिभोवपति करिकेगदी।
5.
पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा एवसं ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा दवारिवा अवभयतुक कके अवग्रिम जमवानति कके ववरिभोधि मम यह तिकर प्रस्तितुति वकयवा गयवा वक इस मवामलके मम अवभयतुक ककी भसूवमकवा पररिलवकति हभो रिहदी हहै तिथवा इस घरनवा मम इनककी भसूवमकवा ससंभवाव्य हहै। इसधलए अवभयतुक कभो अवग्रिम जमवानति परि मतुक न वकयवा जवाय।
6. यह कहवा जवा सकतिवा हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कके मवामलके मम मवाननदीय उच्चतिम न्यवायवालय दवारिवा यह अवधिवाररिति वकयवा गयवा हहै वक अवग्रिम जमवानति यवावचकवा परि न्यवाय -वनररयन करितिके समय न्यवायवालय कभो आरिभोपपों ककी प्रकक वति औरि गसंभदीरितिवा, आरिभोपदी ककी न्यवावयक प्रवक्रियवा सके भवागनके ककी ससंभवावनवा परि ववचवारि करिनवा चवावहए औरि यह वक न्यवायवालय कभो आरिभोपदी कके ववरूद्ध उपलब्धि सभदी सवामग्रिदी कवा सवावधिवानदी सके मसूल्यवासंकन करिनवा चवावहए औरि आरिभोपदी ककी ववास्तिववक भसूवमकवा परि भदी ववचवारि करिनवा चवावहए।
7. उभय पक कके तिकर्दो एवसं वतिरमवान मवामलके मम अवग्रिम जमवानति ससंबसंधिदी ववधधि कके स्थवावपति धसद्धवासंतिपों कभो ध्यवान मम रिखतिके हहए औरि पककवारिपों कके ववदवान अधधिवकवाओसं कके कथनपों , आरिभोपपों ककी प्रकक वति, आवकेदक ककी भसूवमकवा औरि मवामलके कके सभदी तिथ्यपों एवसं पररिणस्थवतियपों कभो ध्यवान मम रिखतिके हहए, मवामलके कके गतुर-दभोष परि वबनवा कभोई ववचवारि व्यक वकए अवग्रिम जमवानति ककी प्रवाथरनवा स्वदीकवारि वकए जवानके यभोग्य हहै।
8. तिद्नतुसवारि, यह अवग्रिम जमवानति आवकेदन पत्र स्वदीकवारि वकयवा जवातिवा हहै।
9. उपरिभोक मतुकदमवा अपरिवाधि ससंख्यवा मम सणममधलति आवकेदक ककी वगरिफ्तिवारिदी ककी दशवा मम , उसके ससंबसंधधिति थवानके कके भवारिसवाधिक अधधिकवारिदी ककी ससंतितुवष परि रू० 50,000/- कवा व्यवकगति बसंधि पत्र एवसं उसदी धिनरिवावश कके दभो प्रवतिभसू प्रस्तितुति करिनके परि , पतुधलस आख्यवा दवाधखल वकए जवानके तिक वनमन शतिर्दो कके अधिदीन अवग्रिम जमवानति परि मतुक वकयवा जवाएगवा :-
i) आवकेदक अवभयभोजन पक कके सवाक्ष्यपों कके सवाथ छकेड़छवाड़ नहहीं करिकेगवा। ii) आवकेदक अवभयभोजन पक कके गववाहपों कभो धिमकवाएगवा यवा परिकेशवान नहहीं करिकेगवा। iii) आवकेदक, यवद आवश्यक हभोगवा तिभो पतुधलस अधधिकवारिदी कके समक जमॉच हकेतितु अपकेवकति प्रत्यकेक वतिधथ एवसं वनयति समय परि उपणस्थति रिहकेगवा तिथवा अनवावश्यक स्थगन नहहीं लकेगवा। iv) आवकेदक उस अपरिवाधि कके समवान कभोई अपरिवाधि नहहीं करिकेगवा, धजसकवा आरिभोप आवकेदक परि लगवायवा गयवा हहै यवा धजसकके वकए जवानके कवा ससंदकेह हहै। v) आवकेदक मवामलके कके तिथ्यपों सके पररिवचति वकसदी व्यवक कभो प्रत्यक यवा अप्रत्यक रूप सके कभोई प्रलभोभन, धिमककी यवा ववादवा नहहीं करिकेगवा धजससके वह व्यवक न्यवायवालय यवा वकसदी पतुधलस अधधिकवारिदी कके समक तिथ्यपों कवा खतुलवासवा करिनके सके ववमतुख हभो जवाए यवा सवाक्ष्यपों कके सवाथ छकेड़छवाड़ करिके।
10.
उपरिभोक शतिर्दो कके उलसंघन ककी णस्थवति मम अवभयभोजन पक कभो , आवकेदक कभो प्रदत्त अवग्रिम जमवानति कके वनरिस्तिदीकरिर हकेतितु उपयतुक आवकेदन प्रस्तितुति करिनके ककी स्वतिसंत्रतिवा हभोगदी। Order Date :- 9.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad