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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33823 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 442/2025, अन्तगर्त धारा 376, 506 भा०दं०िव०, थाना चौरी चौरा, िजला गोरखपुर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3.
आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् अितिवलंिबत है, इसका कोई समुिचत स्प्िीकरण नहीं िदया गया है। इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक किथत पीिड़ता ्षारा अपने धारा 161 दं०्ऺ०सं० के बयान में यह कथन िकया गया िक "्ऺ० क्या आप लड़के को पहले से जानती है, उ० हां मेरी सगी बुआ का घर उसी गांव में है मैं वहीं जाती थी और इसी दौरान मेरी िकशन से दोस्ती एवं ्ऺेम संबंध हुआ। ्ऺ० आप िकशन से फोन पर बात करती थी। उ० हां मैं िकशन से बात करती थी।" एवं धारा 164 दं०्ऺ०सं० के बयान में यह कथन िकया गया िक "िकशन और मेरे बची शारीिरक संबंध हम दोनों की मजर् से बने परन्तु मेरे मना करने के बावजूद उसने मेरी िबना कपड़ों की फोटो व िविडयो बना िलया।" इससे पिरलि्षत हो रहा है िक किथत पीिड़ता सहमत प्षकार है एवं उ्व अिभकिथत अ्शील फोटो व िविडयों की बरामदगी नहीं हुई है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिड़ता ्षारा अपना आतंिरक िचिकत्सीय परी्षण कराने से भी इंकार िकया गया है। इससे पिरलि्षत हो रहा है िक आवेदक को इस मालमें में दुराशय के तहत नािमत िकया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के Versus Counsel for Applicant(s) : Ashutosh Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Krishna Alias Kishan Chauhan .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 26.08.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4.
िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय।
5. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य एवं प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. BAIL No. 33823 of 2025 2
7. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 7, 2025 CP.sahani BAIL No. 33823 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad