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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33775 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR.
GAUTAM CHOWDHARY, J. 1.वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदकगण जावेद व युनुस की ओर से मु०अ०सं० 473/2025, अन्तगर्त धारा 352, 351, 333, 109, 115(2), 3(5) भारतीय न्याय संिहता, थाना बड़ौत, िजला बागपत में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2.आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3.आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदकगण को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है। इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक ्ऺथम सूचना िरपोटर् िवलंिबत है, इसका कोई समुिचत स्प्िीकरण नहीं िदया गया है तथा ्ऺथम सूचना िरपोटर् में सूचनाकतार् के पित के िसर पर लोहे के रॉड से मारने की मुख्यभूिमका सहअिभयु्व आिबद की विणत की गयी है, आवेदक की के वल सामान्य भूिमका विणत िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक चुटैल ्षारा अपने बयान में आवेदक की िविश्ि भूिमका का कथन नहीं िकया गया है और न ही किथत घटना का कोई स्वतं्ऴ सा्षी नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदकगण की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वे ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदकगण िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 30.07.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदकगण को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4.िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्वगण के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्वगण ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्वगण को जमानत पर न छोड़ा जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Sunil Kumar Dubey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Javed And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) 5.उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदकगण को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 6.अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदकगण को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ
एवं उसी धनरािश के दो-दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदकगण िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। 1. आवेदकगण अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेंगे/धमकायेंगे नहीं।
2. आवेदकगण न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होंगे तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेंगे।
3. आवेदकगण जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेंगे और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होंगे न कोई अपरािधक कृ त्य करेंगे।
4. आवेदकगण ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देंगे न ही उनसे कोई वायदा करेंगे, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 7. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदकगण की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 6, 2025 CP.sahani BAIL No. 33775 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad