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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 102588 (ALL)

SANTOSH KUMAR ALIAS PINTU SHARMA v. STATE OF U.P.

BAIL/33828/2025 · 2025-10-06

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33828 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 115/2025, अन्तगर्त धारा 333, 64, 115(2) बी.एन.एस., थाना मक्खनपुर, िजला िफरोजाबाद में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जयिकशन चौरिसया को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺश्नगत ्ऺकरण में आवेदक पर किथत घटना राि्ऴ में करने का आरोप आ्षेिपत िकया गया है, िकतु इस मालमें में ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक आवेदक ्षारा किथत पीिड़ता के साथ कोई अनैितक कायर् नही िकया गया है। किथत पीिड़ता 57 वषर्य मिहला है। किथत पीिड़ता के धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के बयान में परस्पर िवरोधाभाष है। किथत घटना का कोई स्वतं्ऴ जनसा्षी नहीं है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिड़ता के िचिकत्सीय परी्षण के अनुसार उसके शरीर पर कोई चोट आना अंिकत नहीं है। इससे पिरलि्षत हो रहा है िक किथत पीिड़ता के िचिकत्सीय परी्षण आख्या के अनुसार अिभयोजन कथानक की पिरपुि्ि नहीं हो रही है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 23.05.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Garvit Ramchandran, Manoj Kumar Singh, Ram Chandra Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Santosh Kumar Alias Pintu Sharma .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) 4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक पीिड़ता िवधवा मिहला है। अिभयु्व ्षारा राि्ऴ में घटना के तत्समय अिभयोगी के िनमार्णधीन मकान में सो रही उसकी िवधवा बहन/पीिड़ता के साथ उसकी इच्छा के िवरू्ध बलात्संग िकया गया तथा उसके साथ मारपीट की गयी। पीिड़ता ्षारा इस घटना के संबंध में तत्काल अगले ही सुबह वतर्मान ्ऺथम सूचना िरपोटर् पंजीकृ त कराया गया है। आगे यह भी कहा गया िक पीिड़ता ्षारा अपने धारा 161 दं०्ऺ०सं० एवं धारा 164 दं०्ऺ०सं० के बयान में घटना की पिरपुि्ि की गयी है। आगे यह भी कहा गया िक इससे इस घटना में अिभयु्व की भूिमका स्प्ि रूप से पिरलि्षत हो रही है। अिभयु्व ्षारा अिभयु्व ्षारा आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता ्षारा अपने धारा 161 दं०्ऺ०सं० एवं धारा 164 दं०्ऺ०सं० के बयान में उ्व घटना की स्प्ि रूप से पिरपुि्ि की गयी है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है। 6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 7, 2025 CP.sahani BAIL No. 33828 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad