Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 102404 (ALL)
ASHISH v. State of UP
BAIL/36691/2024 · 2025-08-22
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 102404 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 102404 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:145933 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 36691 of 2024 Applicant :- Ashish Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Abhinav Dwivedi,Virendra Kumar Maurya Counsel for Opposite Party :- Ajay Kumar Kushwaha,G.A.,Ram Bahadur Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा, पररिवद्वाददी कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शदी अजय कक मद्वारि ककी तरिफ सवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शदी सद्वाद खद्वान एववं ववदद्वान अपरि शद्वासककीय अधधिवकद्वा शदी जय वकशन चचौरिधसयद्वा कको सकनद्वा तथद्वा पतद्वावलदी कद्वा पररिशदीलन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक आशदीष ककी ओरि सवे मक०अ०सवं० 329/2024, अन्तररत धिद्वारिद्वा 307, 452, 34 भद्वा०दवं०वव०, थद्वानद्वा शद्वालदीमद्वारि रद्वाण्डिरन, धजलद्वा रद्वाधजयद्वाबद्वाद मम जमद्वानत परि मकक करिनवे हवेतक प्रस्तकत वकयद्वा रयद्वा हहै।
3. सवंकवेप मम अवभयकोजन कथद्वानक इस प्रकद्वारि हहै वक वद्वावदनदी मककदमद्वा दद्वारिद्वा इस आशय ककी प्रद्वाथवमककी दजर करिद्वायदी रयदी वक हमद्वारिदी ककोल्ण्डि वण्डिडवंक एववं पद्वानदी ककी हकोलसवेल ककी दककद्वान हहै, धजसकको वद्वावदनदी कवे पवत धिनपत कक शवद्वाहद्वा चलद्वातवे हह। वद्वावदनदी कवे पवत नवे दककद्वान परि कद्वाम करिनवे कवे धलए एक लड़कवे (आयरन) कको वदनद्वावंक 23-06-2024 कको रिखद्वा थद्वा , धजसवे हमद्वारिेवे पकरिद्वानवे नचौकरि धखलद्वाड़दी कवे वद्वापस कद्वाम परि आनवे कवे पश्चद्वात आयरन कको यह कहद्वा रयद्वा वक हम तकझवे दस हजद्वारि रूपयवे ककी जरह आठ हजद्वारि रूपयवे महदीनवे परि रिख सकतवे हह। इस बद्वात परि आयरन नवे कद्वाम करिनवे सवे मनद्वा करि वदयद्वा थद्वा औरि दककद्वान सवे चलद्वा रयद्वा थद्वा लवेवकन कक छ समय बद्वाद वह कल एक अन्य अपनवे सद्वाथदी कवे सद्वाथ हमद्वारिदी दककद्वान कवे
आसपद्वास हदी घघूमतद्वा रिहतद्वा थद्वा। वदनद्वावंक 26-06-2024 कको वद्वावदनदी कवे पवत समय करिदीब 12 बजवे वदन मम अपनदी दककद्वान परि मचौजघूद थवे, तभदी आयरन व उसकद्वा एक सद्वाथदी हमद्वारिदी दककद्वान परि आयद्वा औरि वद्वावदनदी कवे पवत कको जद्वान सवे मद्वारिनवे ककी नदीयत सवे चद्वाकक ओवं सवे रलवे व शरिदीरि परि वद्वारि करि मरिद्वा समझकरि दककद्वान कवे अवंदरि हदी छकोण्डिकरि भद्वार रए। कक छ दवेरि बद्वाद दककद्वान परि कद्वाम करिनवे वद्वालवे धखलद्वाड़दी नवे वद्वावदनदी कको घरि जद्वाकरि घटनद्वा ककी जद्वानकद्वारिदी ददी , तब वद्वावदनदी नवे दककद्वान परि आकरि दवेखद्वा तको उसकवे पवत नदीचवे जमदीन परि रवंभदीरि रूप सवे घद्वायल पड़वे वमलवे , घद्वायल कको इलद्वाज हवेतक अस्पतद्वाल मम भतर्ती करिद्वायद्वा रयद्वा। वद्वावदनदी नवे अपनवे पवत सवे हमलद्वावरिर कवे बद्वारिवे मम पघूछद्वा तको बतद्वायद्वा वक धजस लड़कवे कको कद्वाम परि रिखद्वा थद्वा (आयरन) एववं उसकवे दकोस्त आशदीष (वतरमद्वान अवभयकक) दद्वारिद्वा हमलद्वा वकयद्वा रयद्वा हहै।
4.
आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तकत वकयद्वा वक आववेदक कको इस प्रकरिर मम रलत एववं फजर्ती ढवंर सवे झघूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरिद्वाधि कद्वाररित नहहीं वकयद्वा हहै। आववेदक कद्वा वतरमद्वान घटनद्वा सवे ककोई वद्वास्तद्वा-सरिकोकद्वारि नहहीं हहै। आववेदक प्रद्वाथवमककी मम नद्वावमत नहहीं हहै , दचौरिद्वान ववववेचनद्वा सह-अवभयकक कवे बयद्वान कवे आधिद्वारि परि वतरमद्वान वद्वाद मम नद्वावमत वकयद्वा रयद्वा हहै। आववेदक कवे पद्वास सवे वतरमद्वान घटनद्वा सवे वकसदी प्रकद्वारि ककी सवंवदग्धि वस्तक ककी बरिद्वामदरदी दवशरत नहहीं ककी रयदी हहै, जको भदी बरिद्वामदरदी दवशरत ककी रयदी हहै, वह बनद्वावटदी एववं फजर्ती हहै। आववेदक दद्वारिद्वा उक घटनद्वा कद्वाररित वकयवे जद्वानवे कद्वा ककोई स्वतवंत सद्वाकदी नहहीं हहै। आववेदक वनदर्दोष हहै तथद्वा वह इस प्रकरिर मम वद० 30.06.2024 सवे कद्वारिद्वारद्वारि मम वनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत परि छकोड़ वदयद्वा जद्वाय।
5. पररिवद्वाददी कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं ववदद्वान अपरि शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल ववरिकोधि करितवे हहए तकर प्रस्तकत वकयद्वा वक आववेदक (आशदीष) एववं अन्य सह-अवभयकक (आयरन) कवे सद्वाथ वमलकरि वद्वावदनदी कवे पवत कको जद्वान सवे मद्वारिनवे ककी वनयत सवे सह -अवभयकक (आयरन) नवे पवेचकस सवे तथद्वा आववेदक (आशदीष) नवे पवेपरि कटरि चद्वाकघू सवे उनककी (चकटहैल) रदरन परि जद्वानलवेवद्वा हमलद्वा करि उपहवत कद्वाररित ककी। चकटहैल कद्वा इलद्वाज करिनवे वद्वालवे वचवकत्सक नवे भदी
अपनवे कथन वकयद्वा वक चकटहैल मरिरद्वासन्न णस्थवत मम उसकवे पद्वास लद्वायद्वा रयद्वा थद्वा। घद्वायल ककी रदरन मम कक ल 08 रहरिवे धिद्वाव चद्वाकघू व अन्य धिद्वारिदद्वारि औजद्वारि कवे पद्वायवे रयवे थवे, जको जद्वान सवे मद्वारिनवे ककी नदीयत सवे आववेदक एववं अन्य सह -अवभयकक दद्वारिद्वा पहहहुँचद्वायवे रयवे, जको अवभलवेख परि अनकलग्नक सवं० 4 कवे रूप मम सवंलग्न हहै। आववेदक दद्वारिद्वा सह-अवभयकक कवे सद्वाथ वमलकरि कद्वाररित ककी रयदी घटनद्वा रम्भदीरि प्रवकक त कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत परि न छकोड़द्वा जद्वाए।
6. ववदद्वान अपरि शद्वासककीय अधधिवकद्वा कवे तकर्दोवं कवे पररिप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलदी परि उपलब्धि सद्वाक्ष्यर कवे आधिद्वारि परि प्रथमदृष्टयद्वा आववेदक एववं अन्य सह -अवभयकक दद्वारिद्वा चकटहैल कको कद्वाररित ककी रयदी चकोटम रम्भदीरि व जद्वानलवेवद्वा हह , धजसकद्वा समथरन वचवकत्सक दद्वारिद्वा वकयद्वा रयद्वा हहै तथद्वा चकटहैल नवे अपनवे बयद्वान मम भदी आववेदक एववं सह-अवभयकक आयरन कवे बद्वारिवे मम स्पष्ट रूप सवे कथन वकयद्वा हहै , धजससवे आववेदक कवे ववरुद्ध आकवेवपत अपरिद्वाधि बनतद्वा पररिलवकत हको रिहद्वा हहै , आववेदक कको जमद्वानत परि मकक वकए जद्वानवे कद्वा ककोई औवचत्य नहहीं हहै तथद्वा यह जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत वनरिस्त वकयवे जद्वानवे यकोग्य हहै।
7.
उपरिकोकद्वानकसद्वारि वद्वाद कवे रकर -दकोष कको प्रभद्वाववत वकयवे बरहैरि यह जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत वनरिस्त वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। Order Date :- 23.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad