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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 8028 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् अि्षम जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 23/2025 अन्तगर्त धारा 376डी, 323, 504, 506 भारतीय दण्ड संिहता व धारा 4/5/6 अनैितक देह ्िापार अिधिनयम, थाना थानाभवन, िजला शामली में अि्षम जमानत की मॉग करते हुए इस ्ऺाथर्ना के साथ योिजत िकया गया है िक िगरफ्तारी की िस्थित में आवेदक को जमानत पर िरहा िकया जा सके ।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक िनदरॏष है, उसे उपरो्व धाराओं में ्षेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरो्व विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है जबिक उसके िवरू्ध कोई िव्षसनीय साष्य नहीं है। इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक िववेचना के दौरान आवेदक का नाम इस मामलें से पृथक कर िदया गया था, िकतु संबिधत उच्च अिधकारी के आदेश पर अि्षम िववेचना शुरू कर दी गयी है और आवेदक के िवरू्ध िववेचना ्ऺचिलत है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक िवचारण और जॉच के दौरान सहयोग करने का वचन देता है िक वह जॉच एजेंसी या न्यायालय ्षारा अपेि्षत समय पर उपिस्थत रहेगा एवं आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है, जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी।
4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्षारा अिभयु्व के अि्षम जमानत के िवरोध में यह Versus Counsel for Applicant(s) : Manju Lata Verma, Ram Sumer Chaudhary Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Gayyur Ahmad .....Applicant(s) State Of U.P. And 2 Others .....Opposite Party(s)
तकर् ्ऺस्तुत िकया गया िक इस मामले में अिभयु्व की भूिमका पिरलि्षत हो रही है तथा इस घटना में इनकी भूिमका संभा्ि है। इसिलए अिभयु्व को अि्षम जमानत पर मु्व न िकया जाय।
5.
यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा यह अवधािरत िकया गया है िक अि्षम जमानत यािचका पर न्याय-िनणर्यन करते समय न्यायालय को आरोपों की ्ऺकृ ित और गंभीरता, आरोपी की न्याियक ्ऺि्वया से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए और यह िक न्यायालय को आरोपी के िवरू्ध उपलब्ध सभी साम्षी का सावधानी से मूल्यांकन करना चािहए और आरोपी की वास्तिवक भूिमका पर भी िवचार करना चािहए।
6. उभय प्ष के तकरॏ एवं वतर्मान मामले में अि्षम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए और प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए अि्षम जमानत की ्ऺाथर्ना स्वीकार िकए जाने योग्य है।
7. तद्नुसार, यह अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकया जाता है।
8.
उपरो्व मुकदमा अपराध संख्या में सिम्मिलत आवेदक की िगरफ्तारी की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी की संतुि्ि पर रू० 50,000/- का ्िि्वगत बंध प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर, पुिलस आख्या दािखल िकए जाने तक िनम्न शतरॏ के अधीन अि्षम जमानत पर मु्व िकया जाएगा :- i) आवेदक अिभयोजन प्ष के साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii) आवेदक अिभयोजन प्ष के गवाहों को धमकाएगा या परेशान नहीं करेगा। iii) आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी के सम्ष जॉच हेतु अपेि्षत ितिथ एवं िनयत समय पर उपिस्थत रहेगा तथा अनावश्यक स्थगन नहीं लेगा। iv) आवेदक उस अपराध के समान कोई अपराध नहीं करेगा, िजसका आरोप आवेदक पर लगाया गया है या िजसके िकए जाने का संदेह है। v) आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी ्िि्व को ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से कोई ्ऺलोभन, धमकी या वादा नहीं करेगा िजससे वह ्िि्व न्यायालय या िकसी पुिलस अिधकारी के सम्ष तथ्यों का खुलासा करने से िवमुख हो जाए या साष्यों के साथ NABAIL No. 8028 of 2025 2
छेड़छाड़ करे।
9. उपरो्व शतरॏ के उल्लंघन की िस्थित में अिभयोजन प्ष को, आवेदक को ्ऺद्त अि्षम जमानत के िनरस्तीकरण हेतु उपयु्व आवेदन ्ऺस्तुत करने की स्वतं्ऴता होगी। October 6, 2025 CP.sahani NABAIL No. 8028 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad