Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33524 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR.
GAUTAM CHOWDHARY, J. 1.वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदकगण Nazim व Sahbuddin @ Sahabu की ओर से मु०अ०सं० 351/2025, अन्तगर्त धारा 191(2), 190, 352, 115(2), 351(3), 333, 109(1), 125, 17(2) भा०दं०िव०, थाना जानी, िजला मेरठ में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2.आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3.आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उन्होंने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। प्रश्नगत प्रकरण में आवेदक पर अन्य चार व्यिक्तयों सिहत एक राय होकर चाकू , फरसा तथा लाठी से चुटैल के साथ मारपीट करने का आक्षेप आरोिपत िकया गया है, िकतु इस मामलें में प्रासंिगक तथ्य है िक आवेदक Sahbuddin @ Sahabu की िविशष्ट भूिमका चुटैल के बयान में विणत नहीं है तथा आवेदक Nazim को सिरया से किथत घटना कािरत करने की भूिमका विणत की गयी है, िकतु चुटैल के िचिकत्सीय परीक्षण आख्या से इसकी पिरपुिष्ट नहीं हो रही है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदकगण को घायल व्यिक्त को कोई चोट पहुँचाने की कोई िविशष्ट भूिमका नहीं सौंपी गई है। अिभयोजन पक्ष का मामला अितशयोिक्तपूणर् है। इस मामले में दोनों पक्षों को एक ही समय में चोटें आई हैं तथा वास्तव में यह एक क्रॉस के स है व यह ज्ञात नहीं है िक हमलावर कौन है। पुनः उनका कथन है िक आवेदकगण की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वे ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदकगण िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 08.08.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदकगण को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Sachin Malik Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Nazim And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) 4.िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्तगण के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्तगण द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्तगण को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5.आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित
और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदकगण को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6.अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदकगण को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो-दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदकगण िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। 1. आवेदकगण अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेंगे/धमकायेंगे नहीं।
2. आवेदकगण न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होंगे तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेंगे।
3. आवेदकगण जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेंगे और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होंगे न कोई अपरािधक कृ त्य करेंगे।
4. आवेदकगण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देंगे न ही उनसे कोई वायदा करेंगे, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदकगण की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 26, 2025 S.Ali/CP.sahani BAIL No. 33524 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad