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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 100554 (ALL)

FULTAN ALIAS GAJENDRA SINGH v. STATE OF U.P. AND 4 OTHERS

ABAIL/9894/2024 · 2025-09-24

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 9894 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 225/2022 से उद्भूत सत्र वाद सं० 1255/2023, अन्तगर्त धारा 384 भा.दं.सं. एवं धारा 11/12 पॉक्सो अिधिनयम, थाना अछनेरा, िजला आगरा में अिग्रम जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चंदन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक िनदोर्ष है, उसे उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। आवेदक द्वारा प्राथिमकी में दिशत उपरोक्त धाराओं का अपराध कािरत नहीं िकया गया है। आवदेक द्वारा वतर्मान वाद को कािरत करने का न तो कोई हेतुक है, न ही कोई सरोकार है। िववेचक द्वारा पूवर् में आरोपपत्र दािखल िकया जा चुका था तथा आवेदक का नाम आरोपपत्र से िनकाल िदया गया था। तत्पश्चात संबंिधत िवचारण न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान िलये जाने के पश्चात आवेदक को तलब िकया गया। आवेदक को पूवर् में आदेश िदनांक 12.11.2024 को अंतिरम जमानत प्रदान की गयी है, िजसमें न्यायालय द्वारा अिधरोिपत शतोर्ं का आवेदक द्वारा अनुपालन िकया जा रहा है। आवेदक की ओर से यह भी आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है एवं वतर्मान घटना को कािरत िकये जाने में उसकी भूिमका संभाव्य Versus Counsel for Applicant(s) : G.A., Lovekush Kumar Mishra Counsel for Opposite Party(s) : Gyanesh Kumar Mishra Fultan Alias Gajendra Singh .....Applicant(s) State Of U.P. And 4 Others .....Opposite Party(s) है। पूवर् में प्राप्त अिग्रम जमानत में न्यायालय द्वारा अिधरोिपत शतोर्ं का आवेदक द्वारा पालन नहीं िकया जा रहा है एवं न्याियक प्रिक्रया में सहयोग नहीं िकया जा रहा है, इसिलए आवेदक को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है। अतः अिभयुक्त का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय। 5. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए। 6. वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए, आवेदक को पूवर् में सशतर् अंतिरम जमानत न्यायालय द्वारा प्रदान की गयी थी, िकन्तु आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता की तरफ से ऐसा कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं िकया गया है, िजससे यह स्पष्ट हो सके िक आवेदक द्वारा उक्त शतोर्ं का अनुपालन िकया जा रहा है अथवा नहीं। अतः मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है, तद्नुसार आवेदक का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 7. उपरोक्तानुसार वाद के गुण-दोष पर िटप्पणी िकये बगैर यह अिग्रम जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है। 8. इस वाद में यिद कोई अंतिरम आदेश हो, तो वह स्वतः समाप्त समझा जाए। 9. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनिश्चत करें। September 25, 2025 Pawan Kumar ABAIL No. 9894 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad