SHYAM LAL @ CHHOTU DHURVE v. STATE OF CHHATTISGARH
CRA/1632/2024 · 2026-02-05
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2024
DailyLaw.ai
[ 2024 DAILYLAW 807 (CHH) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2024 DAILYLAW 807 (CHH) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
1 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024}
2026:CGHC:6882 अ्ቚतिवे्ቕ छቈኍ सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाቄኌक अपु ल ्ቅाሰ"क
-1632
/2024
श्यााሰलल उ्ቛ- छ.टू0 धुवे2 तिपु-वे रन िሺस"ह धुवे2, उ्-लगभग 27 वे्ቧ-, तिनवेस -ቇኋाሰ च.रभሿኍ , पुिሺलस थान-. ल, िሺ=ल-क रधुाሰ, छቈኍ सगढ़ -----अपु लथा>/अतिभया्ሹ तिवेरू्ሾ छቈኍ सगढ़ रज्या, ቛኋर पुिሺलस थान-. ल, िሺ=ल-क रधुाሰ, छቈኍ सगढ़ -----उቈኍरवेदा /रज्या अपु लथा>/अतिभया्ሹ ቛኋर : ቦኍ =या ्ቚकश शक्ल, अिሺधुवे्ሹ/पुHनल अिሺधुवे्ሹ, छቈኍ सगढ़ उच्च न्यायालया तिवेिሺधुक सहया सतिाሰति ቛኋर तिनया्ሹ । उቈኍरवेदा /रज्या ቛኋर : ቦኍ अफ़र.= खान, पुHनल अिሺधुवे्ሹ । ाሰनन या न्यायााሰ0ति- ቦኍ स"=या क ाሰर =यासवेल
, न्यायाधु श
!! तिन्ቓ-या पु ठ पुर पुरिर !! 06/02/2026
1. भर या नगरिरक सरቌኋ स"तिह, 2023 कQ धुर-415 (2) क ह ्ቚस् इस दाቄኌक अपु ल ाሰW तिवेचर्ቓ न्यायालया-तिवेश्ቧ न्यायाधु श (लXतिगक अपुरधुY स लकY क POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.02.06 16:58:46 +0530
2 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024} स"रቌኋ्ቓ अिሺधुतिनयााሰ, 2012 क ह गतिठ न्यायालया िሺ=स आग स"ቌኋपु ाሰW “तिवेश्ቧ अिሺधुतिनयााሰ” कह गया हH), िሺ=ल-क रधुाሰ, छቈኍ सगढ़ ቛኋर तिवेश्ቧ स्ቔ ्ቚकर्ቓ ्ቅाሰ"क- 15/2024 “छቈኍ सगढ़ रज्या तिवेरू्ሾ श्यााሰलल उ्ቛ- छ.टू0 वे2” ाሰW पुरिर तिन्ቓ-या तिदान"क- 14/06/2024 क. चन_ दा गई हH । िሺ=सक ह अपु लथा> क. तिनम्ननसर दा.्ቧिሺस्ቍ कर दाቄኌ तिकया गया हH । िሺ=स आग स"ቌኋपु ाሰW “्ቚश्नधु न तिन्ቓ-या” स स".िሺधु तिकया = रह हHc- दा.्ቧिሺसति्ቍ दादाश धुर-342 भर या दा स"तिह, 1860 01 वे्ቧ- क सቦኍाሰ करवेस एवे" 100/- रूपुया क अथा-दा था अथा-दा रतिश अदा न करन कQ दाश ाሰW 01 ाሰह क अतिरिर्ሹ करवेस कQ स= । धुर-376(2)(ढ) भर या दा स"तिह, 1860 10 वे्ቧ- क सቦኍाሰ करवेस एवे" 500/- रूपुया क अथा-दा था अथा-दा रतिश अदा न करन कQ दाश ाሰW 03 ाሰह क अतिरिर्ሹ करवेस कQ स= । धुर-506(भग-दा.) भर या दा स"तिह, 1860 02 वे्ቧ- क सቦኍाሰ करवेस एवे" 100/- रूपुया क अथा-दा था अथा-दा रतिश अदा न करन कQ दाश ाሰW 01 ाሰह क अतिरिर्ሹ करवेस कQ स= । सभ ाሰ0ल स=ए" सथा-सथा चलWग ।
3 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024}
2. उቤኔखान या हH तिक तिवेचर्ቓ न्यायालया ቛኋर उपुर.्ሹ ्ቚश्नधु न तिन्ቓ-या क अ"ग- पु तिh क. 18 वे्ቧ- स काሰ उ् कQ ह.न ्ቚाሰति्ቓ नहi पुया =कर अतिभया्ሹ क.
भर या दा स"तिह कQ धुर-376(3) था तिवेश्ቧ अिሺधुतिनयााሰ कQ धुर-6 क अपुरधु स स"दाह क लभ ्ቚदान कर हjए दा.्ቧाሰ्ሹ तिकया गया हH ।
3. अतिभया.=न ाሰाሰल स"ቌኋपु ाሰW इस ्ቚकर हH तिक पु तिh (अ.स.-1), =. ቇኋाሰ नवेग"वे, क.यालर कQ तिनवेस हH, ቇኋाሰ Wदाआ ह ाሰW अपुन दादा क पुस आ -= रह था । घटून तिदान"क 06/11/2023 क. भ वेह दा.पुहर लगभग 01:30 = अक ल तिचल््ቛQ स स ाሰW Hठकर रवेन हjई था दा.पुहर लगभग 03:00 = ቇኋाሰ च.रभሾኍ ाሰW स"0राሰ धुवे2 (अ.स.-4) क घर क साሰन उरकर अक ल पुHदाल ቇኋाሰ Wदाआ ह कQ ओर = रह था । रस् ाሰW ="गल पुh हH, =हp अतिभया्ሹ अचनक पु छ स आया और उसक हथा पुकhकर ाሰpह दा हjए उसक सथा गल कया- करन कQ कह । ाሰन करन पुर अतिभया्ሹ ቛኋर उस =न स ाሰरन कQ धुाሰकQ दाकर ="गल क अ"दार ल =या गया, =हp अतिभया्ሹ न किሺथा रूपु स शाሰ लगभग 06:00 = क न र उसक सथा =रन शर रिरक स""धु नया । इसक पुश्च अतिभया्ሹ उस अपुन घर ቇኋाሰ च.रभሾኍ ल गया, =हp अतिभया्ሹ कQ पुत्न न उस भ.=न करया । पु तिh क अनसर वेह अतिभया्ሹ कQ पुत्न क. घटून न चह था , तिक" अतिभया्ሹ कQ धुाሰकQ क भया स नहi सकQ । रति्ቔ ाሰW अतिभया्ሹ न अपुन पुत्न क सथा ाሰरपु टू कर गल -गल_= कQ, उस काሰर स हर तिनकल तिदाया था पु तिh क. काሰर क अ"दार रखाकर रति्ቔ ाሰW दा. र =रन उसक सथा शर रिरक स""धु नया । तिदान"क 07/11/2023 क. ्ቚc लगभग 08:30 = पु तिh उस ቇኋाሰ ाሰW ቄኌस्था स"0राሰ धुवे2 (अ.स.-4) क घर गई, =हp उसन स"0राሰ धुवे2 कQ पुत्न क. घटून कQ =नकर दा । त्पुश्च उस तिदान सया" लगभग 07:00 = स"0राሰ धुवे2 ቛኋर
4 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024} पु तिh कQ चच कQ पु्ቔ क. ाሰ.इल ्ቛ.न क ाሰध्यााሰ स स0चन दा गई । तिदान"क 08/11/2023 क. स0चन ्ቚ् ह.न पुर पु तिh क पुरिर=न ्ቚc लगभग 10:00 = स"0राሰ धुवे2 क घर पुहjpच और पु तिh क. अपुन सथा ल गए । त्पुश्च पु तिh कQ िሺलिሺखा तिशकया, ्ቚदाश- पु -1, क आधुर पुर थान .
ल ाሰW तिदान"क 08/11/2023 क. ्ቚथााሰ स0चन पु्ቔ, ्ቚदाश- पु -2, पु"= ्ቍ तिकया गया । अतिभया.क््ቔ क तिचतिकत्स या पुर ቌኋ्ቓ करया गया था तिचतिकत्सक ቛኋर Hयार कQ गई स्लइ एवे" कपुhY क. रसयातिनक पुर ቌኋ्ቓ ह ्ቚति्ቧ तिकया गया । तिवेवेचन क दा_रन घटूनस्थाल क ाሰ_क-नक्श Hयार तिकया गया, सतिቌኋयाY क कथान दा=- तिकए गए था स"पु0्ቓ- तिवेवेचन उपुर" अतिभया.ग-पु्ቔ ्ቚस् तिकया गया ।
4. तिवेचर्ቓ क दा_रन आर.पु क ्ቚाሰ्ቓन ह अतिभया.=न कQ ओर स अपुन पुቌኋ क साሰथा-न ाሰW क ल 13 सतिቌኋयाY क पुर ቌኋ्ቓ करया गया था 35 दास्वे= ्ቚदातिश- तिचन्ह"तिक करए गए । धुर 313 दा ्ቚति्ቅया स"तिह क ह कथान ाሰW अतिभया्ሹ न अपुन तिवेपुर सतिቌኋयाY क कथानY क. इ"कर कर हjए स्वेया" क. तिनदाu्ቧ ह.न वे झू0ठ ्ቛ" सया =न या िሺ=सन चवे ाሰW क.ई सቌኚया ्ቚस् नहi तिकया । त्पुश्च उभयापुቌኋ क. सन =कर तिवेचर्ቓ न्यायालया ቛኋर अपु लथा> क. इस तिन्ቓ-या कQ कቄኌक-1 क अनसर दा.्ቧिሺस्ቍ कर दाቄኌ तिकया गया हH । िሺ=स इस अपु ल ाሰW चन_ दा गई हH ।
5. अपु लथा>/अतिभया्ሹ क तिवेቛኋन अिሺधुवे्ሹ क क- हH तिक तिवेचर्ቓ न्यायालया न अपुन तिन्ቓ-या कQ कቄኌक-20 ाሰW याह स्पु्ቖ रूपु स ्ቚाሰति्ቓ नहi पुया हH तिक पु तिh घटून क साሰया 18 वे्ቧ- स काሰ आया कQ था । इस आधुर पुर तिवेचर्ቓ न्यायालया ቛኋर अतिभया्ሹ क. भर या दा स"तिह कQ धुर-376(3) एवे" तिवेश्ቧ अिሺधुतिनयााሰ कQ धुर-6 क अपुरधु स दा.्ቧाሰ्ሹ
5 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024} तिकया गया हH । तिवेቛኋन अिሺधुवे्ሹ क याह भ क- हH तिक ्ቚकर्ቓ ाሰW पु तिh पु0्ቓ-c स"तिदाग्धु सቌኋ हH । वेस्तिवेक थ्या याह हH तिक अतिभया्ሹ न पु तिh क. तिकस अन्या पुरु्ቧ क सथा आपुिሺቈኍ=नक अवेस्था ाሰW स""धु न हjए दाखा िሺलया था था उसस पु0छछ कर हjए याह कह था तिक वेह इस तिवे्ቧया ाሰW उसक पुरिर=नY क.
स0तिच करग । इस स ቌኋब्धु ह.कर पु तिh ቛኋर अतिभया्ሹ क तिवेरु्ቍ झू0ठ रिरपु.टू- दा=- करई गई हH । पु तिh क कथानY क साሰथा-न अतिभया.=न सቌኋ स"0राሰ धुवे2 (अ.स.-4) क यान स भ नहi ह. हH । स्वेया" पु तिh न अपुन ्ቚतिपुर ቌኋ्ቓ ाሰW याह स्वे कर तिकया हH तिक वेह अतिभया्ሹ क घर भ गई था
था उसन कहi भ न . अतिभया्ሹ क ्ቚतिर.धु तिकया और न ह अतिभया्ሹ क पुरिर=नY अथावे आस-पुh.स अथावे गpवे क तिकस व्याति्ሹ क. किሺथा घटून कQ क.ई =नकर दा । पु तिh न याह भ स्वे कर तिकया हH तिक = वेह अतिभया्ሹ क सथा गpवे ाሰW ह था , गpवे क कई ल.गY न उस दाखा था, ति्ቛर भ उसन न . तिकस क. क.ई स0चन दा और न ह
तिकस ्ቚकर कQ सहया ाሰpग । ऐस ቄኌस्थाति ाሰW उसक याह कथान तिक अतिभया्ሹ न अपुन
पुत्न क. काሰर स हर भग तिदाया और उस काሰर क अ"दार रखाकर लपु0वे-क स""धु नया, पु0्ቓ-c अस्वेभतिवेक एवे" अतिवेश्वेसन या ्ቚ ह. हH । इसक वे=0दा तिवेचर्ቓ न्यायालया ቛኋर उनक सቌኚया कQ उतिच रूपु स साሰ ቌኋ न कर हjए अपु लथा> क. ्ቔतिटूपु0वे-क दा.्ቧिሺस्ቍ कर दाቄኌ तिकया हH । “्ቚश्नधु न तिन्ቓ-या” ቄኌस्थार रखा =न या.ग्या नहi हH । अc अपु ल स्वे कर कर “्ቚश्नधु न तिन्ቓ-या” अपुस् कर हjए उस दा.्ቧाሰ्ሹ तिकया =या ।
6. उቈኍरवेदा /रज्या पुቌኋ कQ ओर स तिवेቛኋन अिሺधुवे्ሹ न इस अपु ल क तिवेर.धु कर हjए क- तिकया हH तिक अतिभया.=न सतिቌኋयाY न अतिभया.=न ाሰाሰल क साሰथा-न तिकया हH िሺ=सपुर अतिवेश्वेस तिकया =न क क.ई कर्ቓ नहi हH । तिवेचर्ቓ न्यायालया क “्ቚश्नधु न तिन्ቓ-या” सቌኚया कQ उतिच साሰ ቌኋ पुर आधुरिर हH । अतिभया.=न न अपु लथा> क तिवेरू्ሾ अपुन
6 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024} ाሰाሰल स"दाह स पुर ्ቚाሰति्ቓ तिकया हH । अपु लथा> पुቌኋ ቛኋर अपु ल ाሰW उठया गया क- स्वे कर या.ग्या नहi हH । अc अपु ल खारिर= तिकया =या ।
7.
उभयापुቌኋ क क- सन गया और अतिभलखा क स0ቌኚाሰपु0वे-क पुरिरश लन तिकया गया ।
8. न्यायादृ्ቖ" Santosh Prasad @ Santosh Kumar v. State of Bihar, (2020) 3 SCC 443 ाሰW ाሰनन या उच्चाሰ न्यायालया ቛኋर अवेधुरिर तिकया गया हH तिक लत्कर क अपुरधु ाሰW एकाሰ्ቔ पु तिh क कथान पुर भ दा.्ቧिሺसति्ቍ कQ = सक हH तिकन् याह ह.न चतिहए = पु तिh क यान तिवेश्वेस पुHदा करW था पु0र रह स तिवेश्वेसन या, दाग और उत्क€ ्ቖ ग्ቓवेቈኍ क ्ቚ ह., =. तिक तिनम्ननसर अवेधुरिर तिकया गया हH:-
“5.4.3. In Krishan Kumar Malik v. State of Haryana (2011) 7 SCC 130 it is observed and held by this Court that no doubt, it is true that to hold an accused guilty for commission of an offence of rape, the solitary evidence of the prosecutrix is sufficient provided the same inspires confidence and appears to be absolutely trustworthy, unblemished and should be of sterling quality. 5.5 With the aforesaid decisions in mind, it is required to be considered, whether is it safe to convict the accused solely on the solitary evidence of the prosecutrix? Whether the evidence of the prosecutrix inspires confidence and appears to be absolutely trustworthy, unblemished and is of sterling quality?”
6. Having gone through and considered the deposition of the prosecutrix, we find that there are material contradictions. Not only there are material contradictions, but even the manner in which the
7 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024} alleged incident has taken place as per the version of the prosecutrix is not believable. In the examination- in-chief, the prosecutrix has stated that after jumping the fallen compound wall accused came inside and thereafter the accused committed rape. She has stated that she identified the accused from the light of the mobile. However, no mobile is recovered. Even nothing is on record that there was a broken compound wall. She has further stated that in the morning at 10 O’clock she went to the police station and gave oral complaint. However, according to the investigating officer a written complaint was given.
It is also required to be noted that even the FIR is registered at 4:00 p.m. In her deposition, the prosecutrix has referred to the name of Shanti Devi, PW1 and others. However, Shanti Devi has not supported the case of the prosecution. Therefore, when we tested the version of PW5-prosecutrix, it is unfortunate that the said witness has failed to pass any of the tests of “sterling witness”. There is a variation in her version about giving the complaint. There is a delay in the FIR. The medical report does not support the case of the prosecution. FSL report also does not support the case of the prosecution. As admitted, there was an enmity/dispute between both the parties with respect to land. The manner in which the occurrence is stated to have occurred is not believable. Therefore, in the facts and circumstances of the case, we find that the solitary version of the prosecutrix-PW5 cannot be taken as a gospel truth at face value and in the absence of any other supporting evidence, there is no scope to sustain the conviction and sentence imposed on the appellant and accused is to be given the benefit of doubt.”
8 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024}
9. पु तिh (अ.स.-1) न अपुन न्यायालया न कथान ाሰW िሺलिሺखा तिशकया, ्ቚदाश- पु -1, क अनसर किሺथा घटून्ቅाሰ कQ पुति्ቖ कQ हH । तिक" ्ቚतिपुर ቌኋ्ቓ क दा_रन उसन याह स्वे कर तिकया हH तिक = अतिभया्ሹ उस अपुन घर ल = रह था, उस साሰया रस् ाሰW गpवे क कई ल.ग उपुቄኌस्था था, िሺ=न्हYन उन्हW दाखा भ था, ति्ቛर भ न .
उसन तिचቤኔन क ्ቚयास तिकया और न ह तिकस ्ቚकर कQ सहया ाሰpग । उसन याह भ स्वे कर तिकया हH तिक अतिभया्ሹ न उस अपुन घर ाሰW pधुकर नहi रखा था । उसन याह भ स्वे कर तिकया हH तिक अतिभया्ሹ क घर ाሰW उसकQ पुत्न क अतिरिर्ሹ उसक h भई, छ.टू भई, ाሰp, पुत्न था न च्च भ रह था, तिक" उसन, उनाሰW स तिकस क. भ घटून क स""धु ाሰW क छ नहi या । पु तिh न याह भ स्वे कर तिकया हH तिक अतिभया्ሹ न उस तिकस चक0 अथावे अन्या हिሺथायार तिदाखाकर भयाभ नहi तिकया था । उसन याह भ स्वे कर तिकया हH तिक ="गल स अतिभया्ሹ क घर लगभग 08– 09 तिकल.ाሰ टूर कQ दा0र पुर ቄኌस्था हH, =हp पुहjpचन ाሰW लगभग ढई घ"टू क साሰया लग था । उसन याह भ स्वे कर तिकया हH तिक घटून क स""धु ाሰW उसन सवे-्ቚथााሰ अपुन चच-चच
अथावे ाሰ-तिपु क. न कर पु"च क. या था । उसन याह भ स्वे कर तिकया हH तिक िሺ=स ="गल ाሰW उसन घटून घतिटू ह.न या हH, वेह स्थान झूतिhयाY स या्ሹ एवे" पुथार ल था, तिक" उसक शर र कQ पु ठ अथावे तिकस अन्या भग ाሰW क.ई भ च.टू नहi आई था । पु तिh न याह भ स्वे कर तिकया हH तिक = वेह तिदान"क 07/11/2023 क. पु"च क घर पुर रुकQ था , उसन न . पु"च कQ पुत्न क. उ्ሹ घटून क तिवे्ቧया ाሰW या और न ह अपुन घर (=.
लगभग ढ़ तिकल.ाሰ टूर कQ दा0र पुर ቄኌस्था था) पुहjpचन क िሺलए उनस क.ई अनर.धु तिकया । उसन याह भ स्वे कर तिकया हH तिक = वेह पु"च क घर पुर था , अतिभया्ሹ उस खा.=न या पुस= करन वेहp नहi आया था । उसन याह भ स्वे कर तिकया हH तिक = वेह अतिभया्ሹ क घर स सह तिनकलकर पुh.स पु"च क घर गई, अतिभया्ሹ अथावे उसकQ पुत्न
ቛኋर उस र.क नहi गया ।
9 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024}
10. ाሰाሰल ाሰW पु तिh क अतिरिर्ሹ अन्या पुर तिቌኋ सतिቌኋयाY ाሰW उसकQ ाሰ (अ.स.-2) एवे" तिपु (अ.स.-3) हX, =. ቇኋाሰ नवेग"वे, क.यालर क तिनवेस हX, =तिक स"0राሰ धुवे2 (अ.स.-4) ቇኋाሰ च.रभሾኍ क तिनवेस हH, िሺ=सक घर पु तिh ቛኋर घटून क पुश्च =न एवे" घटून न कह गया हH । पु तिh ቛኋर याह भ कह गया हH तिक वेह ቇኋाሰ Wदाआ ह ቄኌस्था अपुन दादा क घर =या कर था , तिक" उ्ሹ दादा क न्यायालया ाሰW पुर ቌኋ्ቓ नहi करया गया हH । इसक स्थान पुर ቇኋाሰ Wदाआ ह कQ तिनवेस (अ.स.-9), =. रिरश् ाሰW पु तिh कQ चच हH, क पुर ቌኋ्ቓ तिकया गया हH । उ्ሹ सभ सቌኋ ्ቚत्याቌኋदाश> न ह.कर सन -सनई क गवेह हX । इनक यान ाሰW इस ाሰहत्वेपु0्ቓ- ति"दा क. लकर स्पु्ቖ तिवेर.धुभस तिवे्ቕाሰन हH तिक पु तिh, स"0राሰ धुवे2 (अ.स.-4) क घर ्ቚc गई था अथावे सया" गई था । इसक अतिरिर्ሹ, स्वेया" पु तिh न किሺथा घटून क स""धु ाሰW स"0राሰ धुवे2 (अ.स.-4) अथावे अपुन पुरिर=नY क. वेस्वे ाሰW क्या या था, इस स""धु ाሰW भ
सतिቌኋयाY क कथानY ाሰW एकरूपु क अभवे हH ।
11. याह उቤኔखान या हH तिक स"0राሰ धुवे2 एवे" अपु लथा> दा.नY ቇኋाሰ च.रभሾኍ क तिनवेस हX था =हp किሺथा घटून घतिटू ह.न ई गई हH, वेहp स ቇኋाሰ Wदाआ ह कQ दा0र ाሰ्ቔ लगभग ढ़- दा. तिकल.ाሰ टूर हH । इसक वे=0दा पु तिh न . अपुन दादा क घर गई, न ह अपुन चच
क घर =कर उन्हW घटून कQ स0चन दा , ቄኌल्क वेह अन्या पु"च स"0राሰ धुवे2 (अ.स.-4) क घर गई । पु तिh ቛኋर स"0राሰ धुवे2 क. क्या स0चन दा गई था पुरिर=नY क.
क्या =नकर दा गई, याह थ्या तिवेश्ቧ रूपु स पु तिh क ሺኋन ाሰW हH, तिक" इस स""धु ाሰW अतिभया.=न सቌኚया ाሰW स्पु्ቖ क अभवे हH । सतिቌኋयाY क कथानY स याह भ ्ቚकटू ह. हH तिक पु तिh ቛኋर घटून कQ =नकर तिदाए =न क पुश्च एक Hठक आया.िሺ= कQ गई था
था उ्ሹ Hठक क उपुर" पुिሺलस ाሰW रिरपु.टू- दा=- करए =न क तिन्ቓ-या िሺलया गया था ।
10 / 10 {Cr. A. No.-1632 of 2024}
12. उपुर.्ሹ न्यायादृ्ቖ" था स"पु0्ቓ- सቌኚया तिवेवेचन क आधुर पुर याह न्यायालया पु हH तिक पु तिh (अ.स.-1) क कथान स"दाह स पुर तिवेश्वेसन या नहi हH । तिवेचर्ቓ न्यायालया ቛኋर कQ गई दा.्ቧिሺसति्ቍ तिवेिሺधु क ्ቚकश ाሰW ቄኌस्थार रखा =न या.ग्या नहi हH । अतिभया.=न क ाሰाሰल स"दाह स पुर ्ቚाሰति्ቓ नहi रह हH । अc स"दाह क लभ अपु लथा>/अतिभया्ሹ क. तिाሰलन चतिहए ।
13. अc अपु ल स्वे कर कQ = हH । “्ቚश्नधु न दा.्ቧिሺसति्ቍ वे दादाश” क तिन्ቓ-या अपुस् तिकया = हH था अपु लथा> क. स"दाह क लभ दा हjए दा.्ቧाሰ्ሹ तिकया = हH ।
14. अपु लथा> क. =ल ाሰW तिनरू्ሾ या गया हH । यातिदा उसकQ अन्या ाሰाሰल ाሰW आवेश्याक न ह. . उस त्कल रिरह तिकया =ए ।
15. तिन्ቓ-या कQ ्ቚति क सथा तिवेचर्ቓ न्यायालया क. ाሰ0ल अतिभलखा था तिन्ቓ-या कQ सत्या्ቚतििሺलतिपु स""िሺधु =ल अधु ቌኋक क. आवेश्याक कया-वेह ह स0चनथा- एवे" पुलनथा- श ्ቈपु0वे-क ्ቚति्ቧ ह. । सह /- (स"=या क ाሰर =यासवेल) न्यायाधु श पु.ाሰन