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High Court of Chhattisgarh · body

2024 DAILYLAW 802 (CHH)

State Of Chhattisgarh v. Dinesh Mahar

ACQA/410/2024 · 2026-01-05

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2024

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 7 {Acq. A. No.-410 of 2024} 2026:CGHC:751 अ्ቚतिवे्ቕ छቈኍ सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दोषमुति अपु ल ्ቅमु!क -410 /2024  छቈኍ सगढ़ रज्या, ቛኋर पुलिलस थाना-अቌ኎/ना , लिቌ኎ल-धमुर , छቈኍ सगढ़ -----अपु लथा1/रज्या तिवेरू्ሾ  तिदोनाश मुहार तिपु-अशक मुहार, उ्቞-लगभग 26 वेष/, तिनावेस -रवेनाग़቟, पुलिलस थाना-अቌ኎/ना , लिቌ኎ल-धमुर , छቈኍ सगढ़ -----उቈኍरवेदो /अतिभया अपु लथा1/रज्या ቛኋर : डॉ<क्टर सरन््ቖ दोवे!गना, पु@नाल अलिधवे । अतिभया/उቈኍरवेदो ቛኋर : ቦኍ स@य्यादो इशहातिदोल अल , अलिधवे । मुनाना या न्यायामुEति/ ቦኍ स!ቌ኎या क मुर ቌ኎यासवेल , न्यायाध श !! तिना्ቓ/या पु ठ पुर पुरिर !! 06/01/2026 1. दोण्डॉ ्ቚति्ቅया स!तिहा, 1973 कN धर-378 (1) क हा दोषमुति क तिवेरू्ሾ ्ቚस् इस अपु ल मुS तिवेचर्ቓ न्यायालया-तिवेशष न्यायाध श (लTतिगक अपुरधU स लकU क स!र्ቌ्ቓ अलिधतिनायामु, 2012 क अ!ग/ गतिठ न्यायालया, लिቌ኎स आग स!्ቌपु मुS “तिवेशष अलिधतिनायामु” कहा गया हा@), धमुर , लिቌ኎ल-धमुर , छቈኍ सगढ़ ቛኋर तिवेशष दोቄኌण्डॉक ्ቚकर्ቓ ्ቅमु!क- POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.01.07 14:32:47 +0530 2 / 7 {Acq. A. No.-410 of 2024} 31/2019 “छቈኍ सगढ़ रज्या तिवेरू्ሾ तिदोनाश मुहार” मुS पुरिर तिना्ቓ/या तिदोना!क- 24/10/2019 कN वे@ध क चना[ दो गई हा@ । लिቌ኎सक हा अतिभयाቌ኎ना क मुमुल ्ቚमुति्ቓ ना पु हा]ए अतिभया क धर-454, 354क, 354घ, 506, 341 भर या दोण्डॉ स!तिहा था तिवेशष अलिधतिनायामु कN धर-18 क अपुरध स दोषमु तिकया गया । लिቌ኎स आग स!्ቌपु मुS “्ቚश्नाध ना तिना्ቓ/या” स स!लिध तिकया ቌ኎ रहा हा@ । 2. अतिभयाቌ኎ना क मुमुल स!्ቌपु मुS इस ्ቚकर हा@ तिक पु ति़቟ (अ.स.-2) तिदोना!क 18/07/2019 क दोपुहार लगभग 03:00 ቌ኎, ቌ኎ ቇኋमु-लिलमुर ቄኌस्था अपुना मुकना मुS अक ल था ,  अतिभया तिदोनाश मुहार, पु ति़቟ क पु़቟स मुEलच!दो मुहार कN ़቟ कN ओर स पु ति़቟ क घर कN छ पुर चढ़कर स ढ़ क मुध्यामु स उसक घर क अ!दोर पुरछ मुS ्ቚवेश तिकया । अतिभया ना पु ति़቟ स कहा तिक वेहा उसस प्यार कर हा@ और वेहा उसस  क्याU नाहाh कर हा@; यातिदो वेहा  नाहाh करग  वेहा उस ቌ኎ना स मुर दोग । इसक पुश्च अतिभया ना चकE तिनाकलकर पु ति़቟ क धमुकN दो । इस पुर पु ति़቟ ना याहा कहा हा]ए तिक वेहा उसस  नाहाh करना चहा , ቌ኎र-ቌ኎र स र एवे! तिचቤኋ हा]ए कमुर क अ!दोर ቌ኎कर कमुर क दोरवेቌ኎ अ!दोर स !दो कर लिलया । लगभग 10 तिमुनाट पुश्च हार तिनाकलकर दोखना पुर पु ति़቟ ना पुया तिक अतिभया तिदोनाश उसक घर क मुख्या दोरवेቌ኎ खलकर वेहा! स ቌ኎ चक था । शमु लगभग 05:00 ቌ኎ ቌ኎ पु ति़቟ क मु-तिपु घर आए,  पु ति़቟ ना उन्हाS घटना कN ቌ኎नाकर दो । त्पुश्च पु ति़቟ ቛኋर ्ቚदोश/ पु -1 क रूपु मुS लिललिख तिशकया ्ቚस् तिकए ቌ኎ना पुर पुलिलस थाना अቌ኎/ना , लिቌ኎ल-धमुर ቛኋर तिदोना!क 22/07/2019 क ्ቚथामु सEचना पु्ቔ ्ቚदोश/ पु -2 कयामु तिकया गया । तिवेवेचना क दो[रना घटनास्थाल क नाक्श @यार करया गया था पुटवेर स भ नाक्श नावेया गया । अतिभया स सब्ቌ኎ कटना क एक चकE ቌ኎ब् तिकया गया । पु ति़቟ कN 3 / 7 {Acq. A. No.-410 of 2024} आया पुर ्ቌ्ቓ क स!!ध मुS उसक तिवे्ቕलया स ्ቚ्቎ अ!कसEच क आतिट/कल-ए/1 क रूपु मुS ቌ኎ब् तिकया गया । सति्ቌयाU क याना दोቌ኎/ तिकए गए था स!पुE्ቓ/ तिवेवेचना उपुर! अतिभयाग- पु्ቔ ्ቚस् तिकया गया । 3. तिवेचर्ቓ क दो[रना आरपु क ्ቚमु्ቓना हा अतिभयाቌ኎ना कN ओर स अपुना पु्ቌ क समुथा/ना मुS क ल 10 सति्ቌयाU क पुर ्ቌ्ቓ करया गया था 09 दोस्वेቌ኎ ्ቚदोतिश/ करए गए । धर 313 दोण्डॉ ्ቚति्ቅया स!तिहा क हा अतिभया ना अपुना तिवेरु्ቍ आए सति्ቌयाU क कथानाU स इ!कर कर हा]ए स्वेया! क तिनादोsष हाना या । त्पुश्च उभयापु्ቌ क सनाकर तिवेचर्ቓ न्यायालया ቛኋर “्ቚश्नाध ना तिना्ቓ/या” पुरिर कर हा]ए अतिभया क दोषमु तिकया गया, लिቌ኎स दोषमुति क इस अपु ल मुS चना[ दो गई हा@ । 4. अपु लथा1/रज्या क तिवेቛኋना अलिधवे क क/ हा@ तिक पु ति़቟ (अ.स.-2) ना अपुना न्यायालया ना सቌኚया मुS अतिभयाቌ኎ना मुमुल कN पुE्ቓ/u पुतिv कN हा@, लिቌ኎सक समुथा/ना उसकN तिमु्ቔ (अ.स.-6) क कथानाU स भ हा हा@ । तिवेचर्ቓ न्यायालया ቛኋर पु ति़቟ क अवेयास्क मुना गया हा@, तिक!  उसक सቌኚया पुर तिवेश्वेस ना कर ्ቔतिटपुE्ቓ/ तिनाष्कष/ तिनाकल गया हा@, ቌ኎ तिवेलिध कN दृतिv मुS ቄኌस्थार रख ቌ኎ना याग्या नाहाh हा@ । अतिभया क तिवेरु्ቍ अतिभयाቌ኎ना क मुमुल पुE्ቓ/u ्ቚमुति्ቓ रहा हा@ । अu ्ቚश्नाध ना दोषमुति क तिना्ቓ/या अपुस् कर हा]ए अपु ल स्वे कर कN ቌ኎कर अतिभया क दोषलिस्ቍ कर दोቄኌण्डॉ तिकया ቌ኎ए । 5. अतिभया/उቈኍरवेदो क तिवेቛኋना अलिधवे ቛኋर तिवेचर्ቓ न्यायालया क “्ቚश्नाध ना तिना्ቓ/या” क समुथा/ना कर हा]ए क/ तिदोया गया हा@ तिक तिवेचर्ቓ न्यायालया ቛኋर ቌ኎ दोषमुति क तिनाष्कष/ अ!तिक गया हा@, वेहा पुE्ቓ/u उतिच हा@ । अपु लथा1/रज्या पु्ቌ ቛኋर अपु ल मुS उठए गए क/ स्वे कर याग्या नाहाh हाT । अu अपु ल खरिरቌ኎ कN ቌ኎ए । 4 / 7 {Acq. A. No.-410 of 2024} 6. उभयापु्ቌ क क/ ቦኍवे्ቓ तिकया गया और तिवेचर्ቓ न्यायालया क अतिभलख क सEቌኚमुपुEवे/क पुरिरश लना तिकया गया । 7. न्यायादृv! Mallappa and other v. State of Karnataka, (2024) 3 SCC 544 मुS मुनाना या उच्चमु न्यायालया ቛኋर दोषमुति क तिवेरू्ሾ ्ቚस् अपु ल क तिनारकर्ቓ हा क छ न्यातियाक लिस्ሾ! ्ቚतिपुतिदो तिकए गए हाT ቌ኎ कቄኌण्डॉक-42 मुS तिनाम्नानासर हा@u- “42. Our criminal jurisprudence is essentially based on the promise that no innocent shall be condemned as guilty. All the safeguards and the jurisprudential values of criminal law, are intended to prevent any failure of justice. The principles which come into play while deciding an appeal from acquittal could be summarised as: (i) Appreciation of evidence is the core element of a criminal trial and such appreciation must be comprehensive inclusive of all evidence, oral or documentary; (ii) Partial or selective appreciation of evidence may result in a miscarriage of justice and is in itself a ground of challenge; (iii) If the court, after appreciation of evidence, finds that two views are possible, the one in favour of the accused shall ordinarily be followed; (iv) If the view of the trial court is a legally plausible view, mere possibility of a contrary view shall not justify the reversal of acquittal; (v) If the appellate court is inclined to reverse the acquittal in appeal on a reappreciation of evidence, it must specifically address all the 5 / 7 {Acq. A. No.-410 of 2024} reasons given by the trial court for acquittal and must cover all the facts; (vi) In a case of reversal from acquittal to conviction, the appellate court must demonstrate an illegality, perversity or error of law or fact in the decision of the trial court.” 8. तिवेचर्ቓ या मुमुल क ्ቚस् स!पुE्ቓ/ सቌኚया क पुरिरश लना स याहा ቄኌस्थाति स्पुv हा हा@ तिक कलिथा घटना तिदोना!क 18/07/2019 क दोपुहार लगभग 03:00 ቌ኎, अथा/ तिदोना क समुया कN ई गई हा@, तिक!  उ घटना क स!!ध मुS सलहा-मुशतिवेर क पुश्च ्ቚथामु सEचना रिरपुट/ चर तिदोवेस पुश्च{ तिदोना!क 22/07/2019 क दोቌ኎/ करया गई हा@ । याहा स्वे क|  थ्या हा@ तिक पु ति़቟ ना घटना कN ቌ኎नाकर उस तिदोना अपुना मु-तिपु क दो दो था । इसक वेቌ኎Eदो, ्ቚथामु सEचना रिरपुट/ दोቌ኎/ करना मुS चर तिदोवेस क तिवेल! क्याU हा]आ, इसक समुधना्ቚदो स्पुv कर्ቓ अतिभयाቌ኎ना ቛኋर ्ቚस् नाहाh तिकया गया हा@ । 9. दोEसर मुहात्वेपुE्ቓ/ थ्या याहा हा@ तिक पु ति़቟ क अनासर अतिभया पुEवे/ मुS भ उसस छ़቟छ़቟ कर रहा हा@, तिक!  स्वेया! पु ति़቟ ना अपुना सቌኚया मुS याहा स्वे कर तिकया हा@ तिक अतिभया स उसक पुEवे/ पुरिरचया था था उनाक मुध्या आपुस च  हा रहा था । इसक वेቌ኎Eदो, घटना कN रिरपुट/ दोቌ኎/ करना मुS चर तिदोवेस क तिवेल! क्याU हा]आ, इसक समुधना्ቚदो अथावे स!षቌ኎नाक स्पुv कर्ቓ अतिभयाቌ኎ना ቛኋर ्ቚस् नाहाh हा@ । 10. पु ति़቟ (अ.स.-2) क अनासर अतिभया पुEवे/ मुS भ उस तिवे्ቕलया आ-ቌ኎ समुया छ़቟छ़቟ कर था, तिक!  इस स!!ध मुS पु ति़቟ क पुरिरቌ኎नाU ቛኋर पुEवे/ मुS रिरपुट/ दोቌ኎/ करए ቌ኎ना कN ቌ኎  कहा गई हा@, उस पुर वे स्वेया! ቄኌस्थार नाहाh रहा हाT था अतिभलख पुर ऐस तिकस भ पुEवे/ रिरपुट/ क ्ቚस् तिकया ቌ኎ना नाहाh पुया गया हा@ । इसक अतिरिर, घटना कN ቌ኎नाकर पु ति़቟ ቛኋर अपुना तिमु्ቔU क तिदोए ቌ኎ना क स!!ध मुS तिमु्ቔ (अ.स.-4) एवे! 6 / 7 {Acq. A. No.-410 of 2024} तिमु्ቔ (अ.स.-5) ना उसक कथानाU क समुथा/ना नाहाh तिकया हा@, ቌ኎तिक तिमु्ቔ (अ.स.-6) ना घटना कN ቌ኎नाकर कफीN तिवेल! स ्ቚ्቎ हाना या हा@ । ቌ኎ ्ቚथामु सEचना रिरपुट/ तिवेल! स दोቌ኎/ कN गई हा@,  तिमु्ቔ स्ቌ क कथाना स भ पु ति़቟ कN तिवेश्वेसना या क स!!ध मुS अतिभयाቌ኎ना क कई ठस समुथा/ना ्ቚ्቎ नाहाh हा । 11. याहा एक मुहात्वेपुE्ቓ/ थ्या हा@ तिक तिवेवेचक क रूपु मुS सहायाक उपुतिनार ्ቌक ቌ኎ .आर. सहा€ (अ.स.-10) ना अपुना ्ቚतिपुर ्ቌ्ቓ मुS याहा स्वे कर तिकया हा@ तिक घटनास्थाल एक रिरहायाश ्ቌ्ቔ हा@, ቌ኎हा! अनाक लग तिनावेस कर हाT । पु ति़቟ क कथानाU स भ याहा पुरिरलति्ቌ हा हा@ तिक उसक घर स लग हा]ए था आसपुस अन्या व्यातियाU क मुकना ቄኌस्था हाT । पु ति़቟ ना याहा भ कहा हा@ तिक घटना क समुया वेहा तिचቤኋई था । अतिभयाቌ኎ना क अनासर अतिभया मुEलच!दो मुहार कN ़቟ कN ओर स पु ति़቟ क घर कN छ पुर चढ़कर स ढ़ क मुध्यामु स उसक घर क अ!दोर पुरछ मुS ्ቚवेश तिकया । कलिथा घटना दोपुहार लगभग 03:00 ቌ኎, अथा/ तिदोना क समुया कN ई गई हा@ । ऐस ቄኌस्थाति मुS याहा स्वेभतिवेक हा@ तिक आसपुस क लग अतिभया क आ-ቌ኎ दोख सक था । इसक वेቌ኎Eदो, इस स!!ध मुS पु़቟स क तिकस भ स्वे!्ቔ स्ቌ क पुर ्ቌ्ቓ अतिभयाቌ኎ना ቛኋर नाहाh तिकया गया हा@ । इसक अतिरिर, याहा भ ्ቚमुति्ቓ नाहाh हा पुया हा@ तिक घटना क समुया पु ति़቟ ቛኋर वेस्वे मुS तिचቤኋना अथावे सहाया मु!गना कN  तिकस ना सना हा । पु ति़቟ कN तिमु्ቔU क कथानाU स भ उसकN तिवेश्वेसना या स!दोहास्पुदो हा हा@ । सथा हा , ्ቚथामु सEचना पु्ቔ दोቌ኎/ करना मुS हा]ए तिवेल! क स!!ध मुS कई समुधना्ቚदो अथावे स!षቌ኎नाक स्पुv कर्ቓ भ ्ቚस् नाहाh तिकया गया हा@ । ऐस ቄኌस्थाति मुS पु ति़቟ स!दोहा स पुर तिवेश्वेसना या नाहाh पुया ቌ኎ । 12. उपुर न्यायादृv! क ्ቚकश मुS सቌኚया तिवेवेचना क फीलस्वेरूपु याहा न्यायालया पु हा@ तिक तिवेचर्ቓ न्यायालया ቛኋर ቌ኎ दोषमुति क तिनाष्कष/ अ!तिक तिकया गया हा@ वेहा अतिभलख मुS 7 / 7 {Acq. A. No.-410 of 2024} उपुलब्ध थ्या और सቌኚया क तिवेपुर  या तिवेरधभस नाहाh हा@ था ्ቚश्नाध ना दोषमुति क तिना्ቓ/या मुS कई अवे@ध या अश्ሾ पुरिरलति्ቌ नाहाh हा । इसलिलए उसमुS हास््ቌपु कN आवेश्याक नाहाh पुया ቌ኎ । 13. अu दोषमुति क तिवेरू्ሾ ्ቚस् याहा अपु ल स्वे कर याग्या ना हाना स खरिरቌ኎ कN ቌ኎ हा@ । 14. तिना्ቓ/या कN ्ቚतिलिलतिपु क सथा तिवेचर्ቓ न्यायालया क अतिभलख श ्ቈपुEवे/क वेपुस ्ቚतिष हा । सहा /- (स!ቌ኎या क मुर ቌ኎यासवेल) न्यायाध श पुमुना