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High Court of Chhattisgarh · body
2023 DAILYLAW 911 (CHH)
THE ORIENTAL INSURANCE COMPANY LIMITED v. GUDDI KAWASI
MAC/551/2023 · 2026-08-13
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2023
[ 2023 DAILYLAW 911 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 10 {MA(C) No. 551 of 2023}
CGHC010098602023
2026:CGHC:36380 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
तिवेतिवेध अपु ल
( प्रतिकर
) क्रमां!क
-551
/2023
द ओरिरया!टल इं!श्या/र0स क! पुनी लिलतिमांटड, हो/टल एक्समां7नी एवेन्या8, मांतिडकल क9लज र/ड, जगदलपुर, लिजल स्र (छत्ती सगढ़), तिपुनीक/ड-494001 (द/षी वेहोनी तिपुकपु क्रमां!क-स .ज .-18-क .-0286 क मां क! पुनी ) -----अपु लर्थीC तिवेरूद्घ
1. गड्डी कवेस तिपु-होड़मांरमां कवेस , आया लगभग 20 वेषीJ, तिनीवेस -ग्रामां कण्डकMपुर गड़स, पुलिलस र्थीनी-कटकल्याण, लिजल-द!वेड़, (छत्ती सगढ़) । ---(दवेकJ)
2. याशवे! क मांर मांरकमां तिपु-स्वेगCया सखच!द मांरकमां, आया-लगभग 32 वेषीJ, तिनीवेस – ग्रामां क/यानीर, पु/स्ट-नी7मांड़, होस ल वे लिजल- जपुर (छत्ती सगढ़) । (द/षी वेहोनी तिपुकपु क्रमां!क-स .ज .-18-क .-0286 क चलक) -----प्रत्यार्थीCगण अपु लर्थीC मां क! पुनी द्वार : श्री पु!कज अग्रावेल एवे! श्री मां स्वेति अग्रावेल, अलिधवेक्तागण। दवेकJ/प्रत्यार्थीC क्र! .-1 द्वार : श्री तिवेभ/र ग/वेधJनी, अलिधवेक्ता । चलक/प्रत्यार्थीC क्रमां!क-2 द्वार : श्री प्रवे ण क मांर धर!धर, अलिधवेक्ता । न्यायामां8तिJ श्री स!जया क मांर जयासवेल !! तिनीणJया पु ठ पुर पुरिर !! 14/08/2026 POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.08.17 17:14:34 +0530
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1. मां/टर यानी अलिधतिनीयामां, 1988 कM धर 173 क अ!गJ प्रस् इंस अपु ल मां0 तिद्वा या अतिरिरक्ता मां/टर दर्घJटनी दवे अलिधकरण, द!वेड़, लिजल-दति]ण स्र द!वेड़, छत्ती सगढ़ द्वार दवे प्रकरण क्रमां!क-113/2021, “गड्डी कवेस तिवेरुद्ध याशवे! क मांर मांरकमां वेग7रहो” मां0 पुरिर अलिधतिनीणJया तिदनी!क 18/01/2023 क/ चनीb द गई हो7 । लिजस आग स!]पु मां0 “प्रश्नीध नी अलिधतिनीणJया” स स!/लिध तिकया ज रहो हो7 ।
2. प्रकरण क थ्या, स!]पु मां0, इंस प्रकर होe तिक दवेकJ गड्डी कवेस क भई मांनी कवेस
(मांfक) तिदनी!क 29/11/2020 क/ अपुनी चचर भई !श लल कवेस क सर्थी मां/टरसइंतिकल स ज रहो र्थी । द/पुहोर लगभग 03:30 ज ग्रामां आकल!क क पुस /लर/ तिपुकअपु क्रमां!क स .ज .-18-क .-0286 (लिजस आग स!]पु मां0 “द/षी वेहोनी” स सम्/लिध तिकया ज रहो हो7) क चलक याशवे! क मांर मांरकमां उक्ता वेहोनी क/ ज गति एवे! लपुरवेहो पु8वेJक चल होhए आया लिजसकM ठ/कर लगनी क फलस्वेरूपु मांनी कवेस क/ ग!भ र च/ट0 आनी स उसकM मांfत्या हो/ गई । दर्घJटनी क समांया मांfक कM आया 22 वेषीJ र्थी । वेहो मांजद8र एवे! वेनी/पुज स!ग्राहोण क कयाJ कर र्थी र्थी उक्ता कयाJ स लगभग ₹10,000/- प्रतिमांहो कM आया अलिजJ कर र्थी ।
3.
दवेकJ द्वार मां/टर यानी अलिधतिनीयामां, 1988 कM धर 166 क अ!गJ प्रतिकर कM प्रतिk हो दवे आवेदनी प्रस् तिकया गया । उक्ता दवे आवेदनी पुर उभयापु] क/ सनीवेई उपुर! अलिधकरण द्वार “प्रश्नीध नी अलिधतिनीणJया” पुरिर तिकया गया, लिजसमां0 याहो अवेधरिर तिकया गया तिक द/षी वेहोनी क चलक याशवे! क मांर मांरकमां, पु!ज कf स्वेमां सखच!द मांरकमां (लिजनीकM दवे ल!ति रहोनी क दbरनी मांfत्या हो/ गई) र्थी अपु लर्थीC मां क! पुनी प्रतिकर क भगनी हो स!याक्ताl एवे! पुfर्थीक्ताl रूपु स उत्तीरदया होe, दवेकJ क पु] मां0 क ल
3 / 10 {MA(C) No. 551 of 2023} ₹12,86,600/- क प्रतिकर, दवे आवेदनी प्रस् तिकए जनी कM तिलिर्थी स वेस्तिवेक अदयाग क 7% वेतिषीJक ब्याज सतिहो, अलिधतिनीणC तिकया गया । उक्ता “प्रश्नीध नी अलिधतिनीणJया” क/ इंस अपु ल मां0 चनीb द गई हो7 ।
4. अपु लर्थीC मां क! पुनी क तिवेद्वानी अलिधवेक्ता क प्रर्थीमां कJ याहो हो7 तिक “द/षी वेहोनी” कM
मां पु9लिलस , प्रदशJ ड -4, तिदनी!क 05/10/2020 स 04/10/2021 कM अवेलिध क लिलए प्रभवे र्थी र्थी उक्ता पु9लिलस सखच!द मांरकमां क नीमां स जर कM गई र्थी । जतिक,
मां पु9लिलस जर हो/नी कM तिलिर्थी स पु8वेJ हो सखच!द मांरकमां कM तिदनी!क 28/06/2020 क/ मांfत्या हो/ चकM र्थी । इंसक वेज8द उसक नीमां स उक्ता मां पु9लिलस प्रk कM गई, लिजसस याहो स्पुष्ट हो7 तिक मां फजC रूपु स करई गई र्थी । दर्घJटनी तिदनी!क 29/11/ 2020 क/ र्घतिट होhई, अर्थीJp पु9लिलस जर हो/नी क समांया मांधरक सखच!द मांरकमां ज तिवे नीहोq र्थी । अl उसक नीमां स करई गई मां स!तिवेद प्रर!भ स हो श8न्या एवे! अप्रवेJनी या र्थी । ऐस स्थिस्र्थीति मां0 अपु लर्थीC मां क! पुनी पुर दर्घJटनी स उत्पुन्न प्रतिकर कM क/ई दया अलिधर/तिपु नीहोq कM ज सक ।
5. प्रत्यार्थीCगण क तिवेद्वानी अलिधवेक्तागण नी अपु ल क तिवेर/ध कर होhए कJ तिकया हो7 तिक अपु लर्थीC मां क!
पुनी याहो प्रमांतिण करनी मां0 असफल रहो हो7 तिक पु!ज कf स्वेमां सखच!द मांरकमां कM मांfत्या मां पु9लिलस जर तिकए जनी कM तिलिर्थी अर्थीवे दर्घJटनी तिदनी!क स पु8वेJ हो/ चकM र्थी । ऐस स्थिस्र्थीति मां0, अपु लर्थीC मां क! पुनी क/ उसकM दया स मांक्ता नीहोq तिकया ज सक । अपु लर्थीC मां क! पुनी कM ओर स प्रस् कJ स्वे कर तिकए जनी या/ग्या नीहोq हो7 । अl अपु ल तिनीरस् तिकया जए ।
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6. उक्ता ति!द पुर अतिभलख क पुरिरश लनी स याहो स्थिस्र्थीति पुरिरलति] हो/ हो7 तिक स8 क भर हो/नी क वेज8द अपु लर्थीC मां क! पुनी कM ओर स पुर ति] शख प्र!धक क मांर गbरवे (अनी.स. क्रमां!क-2) नी अपुनी न्यायालया नी सक्ष्या मां0 क वेल इंनी कर्थीनी तिकया हो7 तिक उनीक अन्वेषीक अमांरन्द्र क मांर द ति] द्वार द गई अन्वेषीण प्रतिवेदनी अतिभलख पुर स!लग्न हो7 । तिक! उक्ता अन्वेषीक अमांरन्द्र क मांर द ति] क मां क! पुनी कM ओर स पुर ]ण नीहोq करया गया हो7 और नी हो अन्वेषीण प्रतिवेदनी क/ तिवेलिधवेp प्रमांतिण करया गया हो7 । इंसक अतिरिरक्ता, मांfक सखच!द मांरकमां कM मांfत्या तिदनी!क 28/06/2020 क/ हो/ जनी क स!!ध मां0 क/ई मांfत्या प्रमांण-पुत्र अर्थीवे अन्या तिवेश्वेसनी या दस्वेज भ अतिभलख पुर प्रस् कर प्रमांतिण नीहोq तिकया गया हो7 ।
7. याहो भ उल्लेखनी या हो7 तिक दवेकJ पु] क सति]या| स प्रतिपुर ]ण क दbरनी ऐस क/ई सझावे क नीहोq तिदया गया हो7 तिक दर्घJटनी तिदनी!क 29/11/2020 स पु8वेJ हो
"द/षी वेहोनी" क पु!ज कf स्वेमां सखच!द मांरकमां कM मांfत्या तिदनी!क-28/06/2020 क/ हो/ चकM र्थी । इंस प्रकर, अपु लर्थीC मां क! पुनी कM ओर स पुरतिमांट एवे! तिफटनीस क स!!ध मां0 पुरिरवेहोनी कयाJलया, द!वेड़ क सहोयाक ग्राड-2 पु8रनीलल ठक र (अनी.स. क्रमां!क-1) क पुर ]ण करया गया हो7 । उक्ता स] नी "द/षी वेहोनी" क स!!ध मां0 प्रलिधकर-पुत्र प्रदशJ ड -1, पु!ज यानी स!!ध तिवेवेरण प्रदशJ ड -2 र्थी तिफटनीस स!!ध दस्वेज प्रदशJ ड -3 क रूपु मां0 प्रस् तिकए होe । तिक!
उक्ता स] नी भ अपुनी सक्ष्या मां0 ऐस क/ई कर्थीनी नीहोq तिकया हो7 तिक वेहोनी क पु!ज कf स्वेमां सखच!द मांरकमां कM मांfत्या दर्घJटनी स पु8वेJ तिदनी!क 28/06/ 2020 क/ हो/ चकM र्थी । इंस प्रकर, अपु लर्थीC मां क! पुनी अपुनी इंस कJ क/ प्रमांतिण करनी मां0 असफल रहो हो7 तिक मां पु9लिलस जर तिकए जनी क पु8वेJ हो सखच!द मांरकमां कM मांfत्या हो/ चकM र्थी अर्थीवे उसक नीमां स मां पु9लिलस फजC रूपु स प्रk कM गई र्थी ।
5 / 10 {MA(C) No. 551 of 2023} क वेल अन्वेषीण प्रतिवेदनी क अतिभलख मां0 स!लग्न हो/नी मांत्र स, तिनी उसक अन्वेषीक क पुर ]ण करए र्थी प्रतिवेदनी क/ तिवेलिधवेp प्रदतिशJ करए, उसमां0 उतिल्लेलिख थ्या| क/ प्रमांतिण नीहोq मांनी ज सक । ऐस स्थिस्र्थीति मां0, वेहोनी क सखच!द मांरकमां क नीमां स
तिमां हो/नी क स!!ध मां0 अलिधकरण द्वार अतिभलिललिख तिनीष्कषीJ मां0 क/ई त्रतिट पुरिरलति] नीहोq हो/ । फलl इंस ति!द पुर अपु लर्थीC मां क! पुनी कM ओर स प्रस् कJ स्वे कर तिकए जनी या/ग्या नीहोq हो7 ।
8. अपु लर्थीC मां क! पुनी क द8सर कJ याहो हो7 तिक "द/षी वेहोनी" क वे7ध एवे! प्रभवे तिफटनीस प्रमांणपुत्र दर्घJटनी तिदनी!क क/ उपुलब्ध नीहोq र्थी, लिजसक पुरिरणमांस्वेरूपु मां पु9लिलस कM श€! क उल्ले!र्घनी होhआ हो7 । इंस स!!ध मां0 अतिभलख क पुरिरश लनी स याहो स्पुष्ट हो7 तिक अपु लर्थीC मां क! पुनी कM ओर स पुरिरवेहोनी कयाJलया, द!वेड़ क सहोयाक ग्राड-2 पु8रनीलल ठक र क पुर ]ण करया गया हो7 । उक्ता स] नी "द/षी वेहोनी" क तिफटनीस क स!!ध मां0 दस्वेज प्रदशJ ड -3 क रूपु मां0 प्रस् तिकया हो7, लिजसक अनीसर वेहोनी क तिफटनीस प्रमांणपुत्र तिदनी!क 24/11/2017 स 23/11/2018 क कM अवेलिध क लिलए प्रभवे र्थी । इंस प्रकर, उक्ता तिफटनीस प्रमांणपुत्र दर्घJटनी तिदनी!क 29/11/2020 क/ प्रभवे नीहोq र्थी । इंसक अतिरिरक्ता, वेहोनी स्वेमां कM ओर स ऐस क/ई सक्ष्या प्रस् नीहोq तिकया गया हो7, लिजसस याहो प्रमांतिण हो/ सक तिक दर्घJटनी तिदनी!क क/ "द/षी वेहोनी" क स!!ध मां0 क/ई वे7ध एवे! प्रभवे तिफटनीस प्रमांणपुत्र अस्थिस्त्वे मां0 र्थी ।
9.
जहो• क, दर्घJटनी तिदनी!क क/ "द/षी वेहोनी" क वे7ध तिफटनीस प्रमांण-पुत्र नीहोq हो/नी क प्रश्नी हो7? इंस स!!ध मां0 इंस न्यायालया कM यागलपु ठ र्थी मांनीनी या क रल उच्च न्यायालया द्वार Pareed Pillai Vs. Oriental Insurance Company Ltd., AIR 2019 Kerala 6 क मांमांल मां0 तिवेलिध स्पुष्ट कM ज चकM हो7 ।
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10. इंस न्यायालया कM यागलपु ठ नी Adesh Kumar & Another Vs. Smt. Satarupa Bai Yadav & Others (मां/टर दर्घJटनी दवे प्रकरण क्रमां!क 1289/2014 एवे! अन्या स!द्ध प्रकरण, तिदनी!क 19.11.2020 क/ तिनीणC) क मांमांल मां0 मांनीनी या क रल उच्च न्यायालया द्वार Pareed Pillai (उपुयाJक्ता) क मांमांल मां0 प्रतिपुतिद लिसद्ध! क होवेल द होhए अतिभतिनीधJरिर तिकया हो7 तिक "द/षी वेहोनी" क तिफटनीस प्रमांण-पुत्र क अभवे मां पु9लिलस
कM शJ क मां8लभ8 उल्ले!र्घनी हो7 । याहो मांत्र कनी कM उल्ले!र्घनी नीहोq हो7 ।
11. मांनीनी या उच्चमां न्यायालया नी Amrit Paul Singh and another Vs. TATA AIG General Insurance Company Limited and others, (2018) 7 SCC 558 क मांमांल मां0 मां पु9लिलस कM शJ क उल्ले!र्घनी क स!!ध मां0 अतिभतिनीधJरिर तिकया हो7 तिक मां क! पुनी पुहोल अलिधतिनीणC प्रतिकर रतिश क भगनी करग और त्पुश्चp उसकM वेस8ल
तिमां स कर सक ग । प्रस् प्रकरण मां0 भ दर्घJटनी तिदनी!क क/ द/षी वेहोनी क पुस वे7ध एवे! प्रभवे तिफटनीस प्रमांण-पुत्र नीहोq र्थी, ज/ मां पु9लिलस कM शJ क स्पुष्ट उल्ले!र्घनी हो7 ।
12. अl Amrit Paul Singh (उपुयाJक्ता) मां0 प्रतिपुतिद लिसद्ध! क आल/क मां0, अपु लर्थीC/
मां क! पुनी क/ तिनीदƒतिश तिकया ज हो7 तिक वेहो इंस न्यायालया द्वार तिनीधJरिर प्रतिकर रतिश क प्रर्थीमांl भगनी कर और त्पुश्चp स!!लिध दवे अलिधकरण क समां] तिनीष्पुदनी कयाJवेहो प्रस् कर उक्ता रतिश कM वेस8ल द/षी वेहोनी क स्वेमां एवे! चलक स तिवेलिध क अनीसर कर ।
13. उपुयाJक्ता तिवेवेचनी एवे! तिनीष्कषीJ क आल/क मां0, मां क! पुनी कM अपु ल उपुयाJक्ता वेतिणJ स मां क आ!तिशक रूपु स स्वे कर कM ज हो7 ।
7 / 10 {MA(C) No. 551 of 2023} प्रति-आ]पु
14. दवेकJ कM ओर स उपुस्थिस्र्थी तिवेद्वानी अलिधवेक्ता क कJ हो7 तिक अलिधकरण नी मांfक कM मांलिसक आया ₹8,000/- तिनीधJरिर कर त्रतिट कM हो7, जतिक स!!लिध समांया मां0 अक शल श्रीतिमांक क/ दया न्या8नीमां मांजद8र भ उक्ता रतिश स अलिधक र्थी । अl, याहो कJ प्रस् तिकया गया तिक अलिधकरण द्वार तिनीधJरिर प्रतिकर मां0 समांतिच वेfतिद्ध तिकया जवे ।
15.
इंसक तिवेपुर , मां क! पुनी कM ओर स उपुस्थिस्र्थी तिवेद्वानी अलिधवेक्ता नी दवेकJ कM ओर स कJ मां0 तिवेर/ध कर होhए कहो हो7 तिक प्रकरण क थ्या एवे! पुरिरस्थिस्र्थीतिया| क/ दृतिष्टग रख होhए अलिधकरण द्वार पुरिर प्रतिकर न्याया/तिच एवे! तिवेलिधसम्मां हो7 र्थी उसमां0 तिकस प्रकर कM वेfतिद्ध तिकए जनी क क/ई आधर नीहोq हो7 ।
16. उभयापु] क कJ श्रीवेण तिकए गए र्थी अतिभलख क स8क्ष्मांपु8वेJक पुरिरश लनी तिकया गया ।
17. याद्यतिपु दवेकJ द्वार याहो दवे तिकया गया हो7 तिक दर्घJटनी क समांया मांfक मांजद8र एवे! वेनी/पुज स!ग्राहोण क कयाJ कर होhए ₹10,000/- प्रतिमांहो अलिजJ कर र्थी, र्थीतिपु उक्ता आया क स!!ध मां0 दवे कM पुतिष्ट करनी हो क/ई समांतिच सक्ष्या प्रस् नीहोq तिकया गया हो7 । दर्घJटनी तिदनी!क 29.11.2020 क/ र्घतिट होhई र्थी और उक्ता समांया एक अक शल श्रीतिमांक क/ दया न्या8नीमां मांजद8र ₹8,960/- र्थी । अl, उपुलब्ध सक्ष्या एवे! प्रकरण कM पुरिरस्थिस्र्थीतिया| क/ दृतिष्टग रख होhए, मांfक कM मांलिसक आया ₹8,960/- तिनीधJरिर कM ज हो7, लिजसक अनीसर उसकM वेतिषीJक आया ₹1,07,520/- तिनीधJरिर हो/ हो7 ।
18. र्घटनी क तिदनी!क, मांfक कM आया (17 वेषीJ ज7स अलिधकरण नी तिनीधJरिर तिकया हो7) र्थी उस पुर आलिश्री व्यातिक्ताया| कM स!ख्या क/ दृतिष्टग रख होhए, याहो न्यायालया पु हो7 तिक अलिधकरण
8 / 10 {MA(C) No. 551 of 2023} द्वार भवे स!भवेनीओ! क मांद मां0 कM गई वेfतिद्ध, व्यातिक्ताग एवे! ज वेनी-तिनीवेJहो व्याया क मांद मां0 कM गई कटb , लग8 तिकया गया गणक र्थी पुर!पुरग मांद| क अ!गJ प्रदनी कM गई रतिश न्याया/तिच एवे! तिवेलिध क अनीरूपु हो7 ।
19. उपुयाJक्ता तिवेवेचनी र्थी मांनीनी या सवे€च्च न्यायालया द्वार न्यायादृष्ट! National Insurance Company Limited v. Pranay Sethi, (2017) 16 SCC 680, न्यायादृष्ट! Sarla Verma v. Delhi Transport Corporation, (2009) 6 SCC 121 र्थी न्यायादृष्ट! Magma General Insurance Co. Ltd. v. Nanu Ram @ Chuhru Ram & Ors., (2018) 18 SCC 130 क प्रकरण| मां0 प्रतिपुतिद तिवेलिध क आल/क मां0, याहो न्यायालया प्रतिकर रतिश क पुनीतिनीJधJरण तिनीम्नीनीसर कर हो7l- क्र.
मांद अलिधकरण द्वार अलिधतिनीणC प्रतिकर इंस न्यायालया द्वार अलिधतिनीणC प्रतिकर 1 वेतिषीJक आया ₹96,000 (₹8,000 × 12) ₹1,07,520 (₹8,960 × 12) 2 भवे स!भवेनीए• (40%) ज/ड़नी क पुश्च क ल वेतिषीJक आया - ₹1,50,528 (₹1,07,520 + ₹43,008) 3 व्यातिक्ताग एवे! ज तिवेक/पुजJनी व्याया (1/2) कM कटb क पुश्च वेतिषीJक आलिश्री ₹48,000 (₹96,000 − ₹48,000) ₹75,264 (₹1,50,528 − ₹75,264) 4 गणक (18) लग8 करनी क पुश्च आलिश्री कM क ल होतिनी ₹8,64,000 (₹48,000 × 18) ₹13,54,752 (₹75,264 × 18) 5 भवे स!भवेनीए• (40%) ₹3,45,600 (₹8,64,000 × 40%) -
9 / 10 {MA(C) No. 551 of 2023} क्र. मांद अलिधकरण द्वार अलिधतिनीणC प्रतिकर इंस न्यायालया द्वार अलिधतिनीणC प्रतिकर 6 स!पुद कM होतिनी ₹16,500 ₹16,500 7 अ!त्यातिष्ट व्याया ₹16,500 ₹16,500 8 सहोचयाJ कM होतिनी ₹44,000 ₹44,000 क ल प्रतिकर ₹12,86,600 ₹14,31,752
20. इंस प्रकर, अलिधकरण द्वार अलिधतिनीणC ₹12,86,600/- कM लनी मां0 इंस न्यायालया द्वार क ल ₹14,31,752/- क प्रतिकर तिनीधJरिर तिकया ज हो7 । फलl, दवेकJ ₹1,45,152/- कM अतिरिरक्ता प्रतिकर रतिश प्रk करनी क अलिधकर हो7 ।
21. पुरिरणमांस्वेरूपु, दवेकJ द्वार प्रस् प्रति-आ]पु आ!तिशक रूपु स स्वे कर तिकया ज हो7 । अलिधकरण द्वार प्रदत्ती प्रतिकर क अतिरिरक्ता ₹1,45,152/- दवेकJ प्रk करनी क अलिधकर हो7 । उक्ता अतिरिरक्ता प्रतिकर रतिश पुर दवे आवेदनी क तिदनी!क स उसक वेस्तिवेक भगनी क 6% (छl प्रतिश) वेतिषीJक कM दर स ब्याज दया हो/ग र्थी
“प्रश्नीध नी अलिधतिनीणJया” क/ उपुयाJक्ता स मां क स!श/लिध तिकया ज हो7 ।
22. रलिजस्टŠ क/ तिनीदƒतिश तिकया ज हो7 तिक इंस अपु ल मां0 दवेकJगण क पु] मां0 स्वे कf अतिरिरक्ता प्रतिकर रतिश क स!!ध मां0 उन्हो0 तिवेलिधवेp स8तिच तिकया जए । इंस प्रया/जनीर्थीJ, आवेश्याक हो/नी पुर स!!लिध ]त्र, जहो• दवेकJगण तिनीवेस कर होe, क लिजल तिवेलिधक सवे प्रलिधकरण क सतिचवे क समांन्वेया स पु7रल गल स्वेया!सवेक| कM सहोया प्रk कM ज सक
हो7 ।
10 / 10 {MA(C) No. 551 of 2023}
23.
तिनीणJया कM प्रति क सर्थी अलिधकरण क अतिभलख श घ्रपु8वेJक आवेश्याक कयाJवेहो हो स8चनीर्थीJ वे पुलनीर्थीJ वेपुस प्रतिषी हो/ । सहो /- (स!जया क मांर जयासवेल) न्यायाध श पोमन