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High Court of Chhattisgarh · body

2022 DAILYLAW 727 (CHH)

THE NATIONAL INSURANCE COMPANY LTD. v. ABHINAV SAHU

MAC/818/2022 · 2026-06-23

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2022

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 9 {MA(C) No. 818 of 2022} 2026:CGHC:25909 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर तिवेतिवेध अपु ल ( प्रतिकर ) क्रमां!क -818 /2022 1. द नेशनेल इं!श्या-र.स क! पुने लिलतिमांटेड, द्वार शखा प्र!धक, मांख्या मांग5, क-स ड़ी , रमांनेगर क-र, लि7ल क-र (छत्ती सगढ़) । द्वार-प्रभार , टे .पु . ह, टे .पु . ह कया5लया, व्यापुर तिवेहर र-ड, क नेर =क क ऊपुर, तिलसपुर, लि7ल तिलसपुर (छत्ती सगढ़) तिपुने 495001. (द-षी वेहने मां-टेरसयातिकल क्रमां!क-स .7 .-16-स .7.-1780 क  मां क! पुने ) -----अपु लर्थीF तिवेरूद्घ 1. अतिभानेवे सहI, आत्मां7 कमांलश सहI, आया लगभाग 13 वेषी5, 2. अतिभा7  सहI, आत्मां7 कमांलश सहI, आया लगभाग 9 वेषी5, 3. शक! ति सहI, तिवेधवे स्वेगFया श्री कO ष्ण सहI, आया लगभाग 52 वेषी5, अनेवेदक क्रमां!क-1 एवे! 2 कS ओर स स!रक्षक एवे! वेद-तिमांत्र (नेक्स्टे फ्रें. ड) दद , अनेवेदक क्रमां!क 3 शक! ति सहI, उपुर-क्त सभा तिनेवेस -ग्रामां दरFपुर, वेड5 क्रमां!क 38 अ!तिकपुर, लि7ल सरग7 (अ!तिकपुर), छत्ती सगढ़ । (दवेक5गण) 4. कमांलश सहI, आत्मां7 स्वेगFया श्री कO ष्ण सहI, आया लगभाग 35 वेषी5, तिनेवेस - मांइं!स क[ल-ने , वेड5 क्रमां!क 6, तिवेश्रीमांपुर, हस ल एवे! लि7ल स\र7पुर (छत्ती सगढ़) । (द-षी वेहने मां-टेरसयातिकल क्रमां!क-स .7 .-16-स .7.-1780 क वेहने चलक) POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.06.25 10:57:54 +0530 2 / 9 {MA(C) No. 818 of 2022} 5. श्री मां सरस्वे सहI, पुत्ने श्री प्रमां श!कर सहI, आया लगभाग 32 वेषी5, तिनेवेस - ग्रामां ग]ड, र्थीने एवे! हस ल प्रपुपुर, लि7ल स\र7पुर (छत्ती सगढ़) । (द-षी वेहने मां-टेरसयातिकल क्रमां!क-स .7 .-16-स .7.-1780 क पु!7 कO  स्वेमां ) -----अनेवेदकगण अपु लर्थीF  मां क! पुने द्वार : श्री आर.एने. पुस्टे , अलिधवेक्त सतिह श्री आकश श्री वेस्वे, अलिधवेक्त । दवेक5गण/अनेवेदक क्रमां!क-1 स 3 द्वार : क-ई उपुस्थिस्र्थी नेहa । अनेवेदक क्रमां!क-4 स 5 द्वार : श्री प्रवे ण धर!धर, अलिधवेक्त । न्यायामां\ति5 श्री स!7या क मांर 7यासवेल !! आदश पु ठ पुर पुरिर !! 24/06/2026 1. मां-टेर याने अलिधतिनेयामां, 1988 कS धर 173 क अ!ग5 प्रस् इंस अपु ल मां. मां-टेर दर्घ5टेने दवे अलिधकरण, स\र7पुर, लि7ल-स\र7पुर (छत्ती सगढ़) द्वार मां-टेर दर्घ5टेने दवे प्रकरण क्रमां!क-29/2020, “नेलिलग अतिभानेवे सहI वेगgरह तिवेरुद्ध कमांलश सहI वेगgरह” मां. पुरिर अलिधतिनेण5या तिदने!क 11/02/2022 क- चनेk द गई हg, लि7स आग स!क्षपु मां. “प्रश्नेध ने अलिधतिनेण5या” स स!-लिध तिकया 7 रह हg । 2. प्रकरण क थ्या, स!क्षपु मां., इंस प्रकर ह= तिक तिदने!क 05/05/2018 क- अनेवेदक कमांलश सहI अपुने पुत्ने श्री मां तिनेश सहI (मांOक) क- मां-टेरसइंतिकल क्रमां!क स .7 .- 16-स .7.-1780 (लि7स आग स!क्षपु मां. “द-षी वेहने” स स!-लिध 7 रह हg) पुर gठकर तिवेश्रीमांपुर स अस्थिmकपुर 7 रह र्थी । ग्रामां अलि7रमां क समां पु चलक कमांलश सहI द्वार उक्त वेहने क- 7 एवे! लपुरवेह पु\वे5क चल हnए गड्ढे मां. उर दने क करण 3 / 9 {MA(C) No. 818 of 2022} श्री मां तिनेश सहI स्वेया! क- स!भाल नेहa सकp । इंस दkरने उसक दपुट्टा मां-टेरसइंतिकल क चक्क मां. फँs स गया, लि7सस वेह वेहने स तिगर गई! और उस ग!भा र च-टे. आई! । उपुचर ह उस नेरयाण अस्पुल, रयापुर मां. भाF करया गया, 7हs उपुचर क दkरने तिदने!क 07/05/2018 क- उसकS मांOत्या ह- गई । मांOक सब्7 तिवेक्रया क कया5 कर र्थीa र्थी अपुने आया स अपुने नेलिलग च्च अनेवेदक क्रमां!क-1 एवे! 2, र्थी अपुने सस अनेवेदक क्रमां!क-3, क भारण-पु-षीण कर र्थीa । उसकS मांOत्या क फँलस्वेरूपु उक्त आलिश्री7ने उसक स!रक्षण एवे! आलिर्थी5क सहया-ग स वे!तिच ह- गए । र्घटेने क स!!ध मां. र्थीने 7यानेगर मां. चलक कमांलश सहI क तिवेरुद्ध धर 304-क भार या दण्ड स!तिह क अ!ग5 अपुरध पु!7 द्ध कर अतिभाया-गपुत्र प्रस् तिकया गया । त्पुश्च अनेवेदक क्रमां!क-1 स 3 द्वार मां-टेर याने अलिधतिनेयामां कS धर 166 क अ!ग5 दवे आवेदने प्रस् तिकया गया । दवे अलिधकरण ने अतिभालखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या क आधर पुर याह तिनेष्कषी5 अतिभालिललिखा तिकया तिक चलक कमांलश सहI द्वार द-षी वेहने क-  व्र एवे! लपुरवेह पु\वे5क चलए 7ने स र्घतिटे दर्घ5टेने क पुरिरणमांस्वेरूपु श्री मां तिनेश सहI कS मांOत्या हnई । अलिधकरण ने  मां पु[लिलस कS शy! क उल्लं!र्घने ने पु हnए दवेक5गण क पुक्ष मां. र्थी अपु लर्थीF  मां क! पुने , द-षी वेहने क चलक एवे! उसक पु!7 कO  स्वेमां क तिवेरुद्ध स!याक्त रूपु स रतिश 9,82,000/- (रुपुया नेk लखा यास ह7र मांत्र) क प्रतिकर, 6 प्रतिश वेतिषी5क ब्या7 सतिह, अलिधतिनेणF तिकया । उक्त अलिधतिनेण5या क- अपु लर्थीF  मां क! पुने द्वार प्रस् वे5मांने अपु ल मां. चनेk द गई हg । 3. अपु लर्थीF  मां क! पुने क तिवेद्वाने अलिधवेक्त क क5 हg तिक द-षी वेहने क स!!ध मां. दया  मां प्र तिमांयामां कS रतिश  मां क! पुने क- प्रप्त नेहa हnई र्थी , स्थि|क उक्त रतिश मांसस5 प्रभा ऑटे-मां-इं|स क- प्रदने कS गई र्थी , लि7स उसक द्वार  मां क! पुने मां. 7मां नेहa तिकया 4 / 9 {MA(C) No. 818 of 2022} गया । इंस थ्या क समांर्थी5ने मां. स!!लिध दस्वे7] क- अतिभालखा पुर अतिरिरक्त सक्ष्या क रूपु मां. ग्राहण तिकए 7ने ह अपु लर्थीF द्वार व्यावेहर प्रतिक्रया स!तिह, 1908 क आदश 41 तिनेयामां 27 सहपुतिठ छत्ती सगढ़ मां-टेरयाने तिनेयामां, 1994 क तिनेयामां 242(3) क अ!ग5 अ!रिरमां आवेदने क्रमां!क-2/2022 प्रस् तिकया गया हg । इंसक अतिरिरक्त, मांसस5 प्रभा ऑटे-मां-इं|स क- दवे प्रकरण मां. पुक्षकर नेए 7ने ह व्यावेहर प्रतिक्रया स!तिह, 1908 क आदश 1 तिनेयामां 10 क अ!ग5 अ!रिरमां आवेदने क्रमां!क-4/2022 प्रस् तिकया गया हg । सर्थी ह , उक्त थ्या] क स!!ध मां. अलिधकरण क समांक्ष प्रस् 7वे-दवे मां. स!श-धने कS अनेमांति प्रदने तिकए 7ने ह अ!रिरमां आवेदने क्रमां!क-3/2024 भा प्रस् तिकया गया हg । तिनेवेदने तिकया गया हg तिक उक्त अ!रिरमां आवेदने] क- स्वे कर कर अतिरिरक्त सक्ष्या प्रस् करने कS अनेमांति प्रदने कS 7ए र्थी प्रकरण क- पुनेतिवे5चर एवे! तिवेलिध अनेसर अलिधतिनेण5या ह अलिधकरण क- प्रतिप्रतिषी तिकया 7या । 4. अपु लर्थीF क तिवेद्वाने अलिधवेक्त क याह भा क5 हg तिक दर्घ5टेने तिदने!क 05/05/2018 कS ई गई हg, तिक!  प्रर्थीमां स\चने पुत्र लगभाग डढ़ वेषी5 क तिवेल! स तिदने!क 17/12/2019 क- द75 करया गया । मांOक श्री मां तिनेश सहI कS मांOत्या तिदने!क 07/05/2018 क- ह-ने क उपुर! द75 मांग5 स\चने मां. क वेल उसक पुति कमांलश सहI क नेमां चलक क रूपु मां. अ!तिक हg । मांग5 अतिभालखा स याह स्पुष्ट नेहa ह- तिक दर्घ5टेने तिकस वेहने स हnई, उक्त वेहने क पु!7 याने क्रमां!क क्या र्थी? र्थी उसक स्वेमां कkने र्थी? याह क5 तिदया गया हg तिक 7 द-षी वेहने कS स!लिलप्त ह तिवेलिधसmमां एवे! तिवेश्वेसने या सक्ष्या स प्रमांतिण नेहa हnई हg,  अलिधकरण द्वार अपु लर्थीF  मां क! पुने क तिवेरुद्ध प्रतिकर अलिधतिनेण5या पुरिर तिकया 7ने तिवेलिधस!ग नेहa हg । अ€ अपु लर्थीF क तिवेरुद्ध पुरिर प्रश्नेध ने अलिधतिनेण5या अपुस् तिकए 7ने या-ग्या हg । 5 / 9 {MA(C) No. 818 of 2022} 5. अनेवेदक क्रमां!क-4 एवे! 5 क तिवेद्वाने अलिधवेक्त क क5 हg तिक अलिधकरण द्वार पुरिर अलिधतिनेण5या अतिभालखा पुर उपुलब्ध थ्या एवे! सक्ष्या क सmयाक‚ मां\|या!कने र्थी उतिच तिवेवेचने पुर आधरिर हg, अ€ उसमां. तिकस प्रकर क हस्क्षपु कS आवेश्याक नेहa हg । याह भा क5 तिदया गया हg तिक अपु लर्थीF  मां क! पुने द्वार प्रस् अ!रिरमां आवेदने, लि7नेमां. 7वे-दवे मां. स!श-धने, अतिरिरक्त सक्ष्या प्रस् करने कS अनेमांति र्थी मांसस5 प्रभा ऑटे-मां-इं|स क- प्रकरण मां. पुक्षकर नेए 7ने स!!ध प्रर्थी5ने कS गई हg, उने थ्या] क स!!ध मां. अपु लर्थीF द्वार अलिधकरण क समांक्ष प्रस् अपुने 7वे-दवे मां. क-ई अतिभावेचने अर्थीवे प्रतिरक्ष नेहa ल गई र्थी । ऐस स्थिस्र्थीति मां. अपु ल क स्र पुर नेवे ने थ्या एवे! उक्त प्रश्ने] क- अतिभालखा पुर लने कS अनेमांति प्रदने नेहa कS 7 सक । अ€ याह तिनेवेदने तिकया गया हg तिक अपु लर्थीF द्वार प्रस् समांस् अ!रिरमां आवेदने तिनेरस् तिकए 7एs । याह भा क5 हg तिक प्रश्नेध ने अलिधतिनेण5या, थ्या एवे! तिवेलिध कS दृतिष्ट स उतिच, वेgध एवे! न्यायास!ग हg, लि7सक पुरिरणमांस्वेरूपु उसमां. तिकस प्रकर क हस्क्षपु कS आवेश्याक नेहa हg । इंसलिलए अपु ल खारिर7 तिकया 7ए । 6. उपुस्थिस्र्थी पुक्ष क क5 श्रीवेण तिकए गए र्थी अतिभालखा क स\क्ष्मांपु\वे5क पुरिरश लने तिकया गया । 7. आदश 41 तिनेयामां 27 व्यावेहर प्रतिक्रया स!तिह, क प्रवेधने तिनेmनेवे हg€- “27. अपु ल न्यायालया मां. अतिरिरक्त सक्ष्या क पुश तिकया 7ने- (1) अपु ल क पुक्षकर अपु ल न्यायालया मां. अतिरिरक्त सक्ष्या चह वेह मांkलिखाक ह- या दस्वे7 , पुश करने क हकदर नेहa ह]ग, तिक!  यातिद- (क) उच्च न्यायालया ने लि7सकS तिडक्रS कS अपु ल कS गई हg, ऐस सक्ष्या ग्राहण करने स इंन्कर कर तिदया ह 7- ग्राहण तिकया 7ने चतिहए र्थी, अर्थीवे 6 / 9 {MA(C) No. 818 of 2022} [(कक) वेह पुक्षकर 7- अतिरिरक्त सक्ष्या पुश करने चह हg याह लिसद्घ कर द ह तिक वेह सmयाक‚ त्पुर क प्रया-ग कर क वे7\द ऐस सक्ष्या कS 7नेकर नेहa रखा र्थी या उस उस समांया पुश नेहa कर सक र्थी 7 वेह तिडक्रS पुरिर कS गई र्थी लि7सक तिवेरूद्घ अपु ल कS गई हg, अर्थीवे] (खा) अपु ल न्यायालया तिकस दस्वे7 क पुश तिकए 7ने कS या तिकस सक्ष कS पुर क्ष कS 7ने कS अपुक्ष या - स्वेया! तिनेण5या सनेने क समांर्थी5 ह-ने क लिलए या तिकस अन्या सरवेने‚ हक क लिलए कर, - अपु ल न्यायालया ऐस सक्ष्या क लिलया 7ने या दस्वे7 क पुश तिकया 7ने या सक्ष कS पुर क्ष क तिकया 7ने अनेज्ञा कर सक ग । (2) 7हs कहa अतिरिरक्त सक्ष्या पुश करने क लिलए अपु ल न्यायालया अनेज्ञा द द हg वेहs न्यायालया ऐस सक्ष्या क ग्राहण तिकए 7ने क करण] क- लखाद्घ करग ।” 8. अतिभालखा क पुरिरश लने र्थी उपुया5क्त तिवेलिधक प्रवेधने] क अवेल-कने स याह स्पुष्ट ह- हg तिक लि7ने आधर] पुर मांसस5 प्रभा ऑटे-मां-इं|स क- प्रकरण मां. पुक्षकर नेए 7ने, 7वे-दवे मां. स!श-धने तिकए 7ने र्थी स!!लिध दस्वे7] क- अतिभालखा पुर लकर अतिरिरक्त सक्ष्या ग्राहण करने ह प्रकरण, अलिधकरण क- प्रतिप्रतिषी तिकए 7ने क तिनेवेदने तिकया गया हg, उने थ्या] क स!!ध मां. अपु लर्थीF  मां क! पुने द्वार अलिधकरण क समांक्ष प्रस् 7वे-दवे मां. क-ई अतिभावेचने नेहa तिकया गया र्थी । ऐस स्थिस्र्थीति मां. व्यावेहर प्रतिक्रया स!तिह, 1908 क आदश 41 तिनेयामां 27 क अ!ग5 अतिरिरक्त सक्ष्या स्वे कर तिकए 7ने ह लि7ने शy! क प्रवेधने तिकया गया हg, उनेमां. स तिकस भा श5 कS पु\ति5 अपु लर्थीF द्वार नेहa कS गई हg । पुरिरणमांस्वेरूपु, अपु ल क इंस स्र पुर उक्त तिवेषीया स स!!लिध नेवे ने आपुलित्तीयाs एवे! प्रतिरक्षएs उठने कS अनेमांति प्रदने नेहa कS 7 सक । अ€ अपु लर्थीF 7 / 9 {MA(C) No. 818 of 2022}  मां क! पुने द्वार प्रस् अ!रिरमां आवेदने क्रमां!क-02/2022, अ!रिरमां आवेदने क्रमां!क- 03/2022 र्थी अ!रिरमां आवेदने क्रमां!क-04/2022 स्वे कर तिकए 7ने या-ग्या ने पुए 7ने स तिनेरस् तिकए 7 ह= । 9. 7हs क अपु लर्थीF  मां क! पुने क इंस क5 क स!!ध हg तिक कलिर्थी दर्घ5टेने मां. द-षी वेहने कS स!लिलप्त स!दह स पुर प्रमांतिण नेहa हnई हg, इंस स!!ध मां. अतिभालखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या क पुर क्षण करने पुर याह स्थिस्र्थीति स्पुष्ट ह- हg तिक दवेक5 पुक्ष कS ओर स मांOक कS सस, अनेवेदक क्रमां!क-3 श्री मां शक न् सहI, र्थी सक्ष मांने-हर क पुर क्षण करया गया हg । 7तिक वेहने चलक, पु!7 कO  स्वेमां अर्थीवे  मां क! पुने कS ओर स अपुने पुक्ष क समांर्थी5ने मां. तिकस सक्ष क पुर क्षण नेहa करया गया हg । अतिभालखा स याह भा स्पुष्ट ह- हg तिक दर्घ5टेने क समांया द-षी वेहने क चलक मांOक क पुति कमांलश सहI र्थी र्थी द-षी वेहने कS पु!7 कO  स्वेमां श्री मां सरस्वे सहI, चलक कमांलश सहI कS रिरश्दर ह= । र्थीतिपु, मांत्र इंस आधर पुर तिक चलक एवे! पु!7 कO  स्वेमां पुरस्पुर रिरश्दर ह=, याह तिनेष्कषी5 नेहa तिनेकल 7 सक तिक उक्त वेहने क- तिमांथ्या अर्थीवे कपुटेपु\ण5 ढं!ग स दर्घ5टेने मां. स!लिलप्त दश5या गया हg । तिकस वेहने कS स!लिलप्त क स!!ध मां. तिनेष्कषी5 अतिभालखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या एवे! पुरिरस्थिस्र्थीतिया] क समांग्रा मां\|या!कने क आधर पुर तिनेकल 7ने अपुतिक्ष हg । क वेल पुक्षकर] क मांध्या तिवेद्यमांने रिरश्दर , अन्या ठ-स एवे! तिवेश्वेसने या सक्ष्या क अभावे मां., वेहने कS स!लिलप्त क- अस्वे कर करने क पुया5प्त आधर नेहa मांने 7 सक । 10. अतिभालखा क पुरिरश लने र्थी दवेक5 पुक्ष द्वार प्रस् सक्ष्या क मां\|या!कने स याह स्थिस्र्थीति स्पुष्ट ह- हg तिक मांOक कS सस श्री मां शक न् सहI र्थी र्घटेने-स्र्थील क सक्ष क रूपु मां. पुर तिक्ष मांने-हर, द-ने] ने दर्घ5टेने क- प्रत्याक्ष रूपु स र्घतिटे ह- हnए दखाने क दवे नेहa 8 / 9 {MA(C) No. 818 of 2022} तिकया हg । स्वेया! मांने-हर ने भा अपुने कर्थीने मां. स्वे कर तिकया हg तिक उसने दर्घ5टेने ह- नेहa दखा र्थी , स्थि|क र्घटेने क पुश्च वेह मांkक पुर पुहnsच र्थी । र्थीतिपु, अतिभालखा स याह थ्या स्पुष्ट रूपु स स्र्थीतिपु ह- हg तिक र्घटेने क समांया श्री मां तिनेश सहI क- उसक पुति कमांलश सहI मां-टेरसइंतिकल पुर gठकर ल 7 रह र्थी । याह भा एक स्वेभातिवेक एवे! समांन्या मांनेवे या व्यावेहर हg तिक क-ई व्यातिक्त र्घरल\ अर्थीवे पुरिरवेरिरक कयाy! क लिलए प्रया€ स्वेया! क अर्थीवे अपुने पुरिरतिच रिरश्दर] क वेहने क ह उपुया-ग कर हg । 11. दह मांग5 प्रदश5 ए-6 र्थी उस पुर आधरिर मांग5 इं!टे मांशने प्रदश5 ए-5 क पुरिरश लने स याह भा स्पुष्ट ह- हg तिक श्री मां तिनेश सहI कS मांOत्या क त्कल पुश्च द75 इंने मांग5 मां. मां-टेरसइंतिकल क चलक क रूपु मां. कमांलश सहI क ह उल्लंखा तिकया गया हg । याद्यतिपु उक्त मांग5 स\चने मां. मां-टेरसइंतिकल क पु!7 याने क्रमां!क अर्थीवे उसक अन्या तिवेस्O तिवेवेरण अ!तिक नेहa हg, र्थीतिपु क वेल इंस आधर पुर याह तिनेष्कषी5 नेहa तिनेकल 7 सक तिक लगभाग डढ़ वेषी5 पुश्च तिदने!क 17/12/2019 क- द-षी वेहने क स!!ध मां. द75 प्रर्थीमां स\चने पुत्र अतिवेश्वेसने या हg । 7 याह थ्या अतिभालखा स स्पुष्ट हg तिक वेहने क चलक कमांलश सहI र्थी र्थी स!!लिध मां-टेरसइंतिकल उसक रिरश्दर क स्वेतिमांत्वे कS र्थी ,  उपुलब्ध पुरिरस्थिस्र्थीतिया] मां. याह स्वेभातिवेक प्र  ह- हg तिक उक्त मां-टेरसइंतिकल ह दर्घ5टेने मां. स!लिलप्त र्थी । अतिभालखा पुर ऐस क-ई तिवेश्वेसने या सक्ष्या उपुलब्ध नेहa हg लि7सस याह तिनेष्कषी5 तिनेकल 7 सक तिक उक्त वेहने क- तिमांथ्या रूपु स दर्घ5टेने मां. स!लिलप्त दश5या गया हg । फँलस्वेरूपु, दवेक5 पुक्ष द्वार प्रस् मांkलिखाक एवे! दस्वे7 सक्ष्या पुर अतिवेश्वेस करने क क-ई उतिच आधर पुरिरलतिक्ष नेहa ह- । अ€ अपु लर्थीF  मां क! पुने क याह क5 तिक द-षी वेहने दर्घ5टेने मां. स!लिलप्त नेहa र्थी, स्वे कर तिकए 7ने या-ग्या नेहa हg । 9 / 9 {MA(C) No. 818 of 2022} 12. अ€ उपुर-क्त तिवेवेचने क आधर पुर याह न्यायालया पु हg तिक अपु लर्थीF  मां क! पुने क क5 स्वे कर या-ग्या नेहa हg । अलिधकरण क प्रश्नेध ने अलिधतिनेण5या अतिभालखा मां. उपुलब्ध थ्या एवे! सक्ष्या क तिवेपुर  नेहa हg । अ€ अपु ल स्वे कर या-ग्या ने ह-ने स खारिर7 कS 7 ह= । 13. आदश कS प्रति क सर्थी अलिधकरण क अतिभालखा श घ्रपु\वे5क आवेश्याक कया5वेह ह स\चनेर्थी5 वे पुलनेर्थी5 वेपुस प्रतिषी ह- । सह /- (स!7या क मांर 7यासवेल) न्यायाध श पो मन