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Allahabad High Court · body

2022 DAILYLAW 2239 (ALL)

AMAR CHANDANI v. STATE OF U.P AND ANOTHER

A482/30147/2022 · 2026-05-04

Gautam Chowdhary

body2022

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 482 No. - 30147 of 2022 Along with : 1. Application U/s 482 No. 30148 of 2022: Heera Lal Chandra and 4 others Versus State of U.P. and another Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक अमर चंदानी (पित) की ओर से धारा 482 दं०्ऺ०सं० के अंतगर्त आवेदन पत् सं० 30147 वषर् 2022 तथा आवेदकगण सं० 1. हीरा लाल, 2. हेमा चंदानी उफर् हेमा देवी, 3. पूजा चंदानी, 4. अंकु श मोटवानी, 5. पायल चंदानी उफर् का्िा मोटवानी (पिरवारजन) की ओर से धारा 482 दं०्ऺ०सं० के अंतगर्त यह आवेदक प्ऴ सं० 30148 वषर् 2022 इस आशय से योिजत िकया गया िक मु०अ०सं० 347/2021, अंतगर्त धारा 498-ए, 323, 504, 506, 377 भा०दं०िव० एवं धारा 3/4 दहेज ्ऺितषेध अिधिनयम, थाना गोरखनाथ, िजला गोरखपुर में आरोप प्ऴ, िदनांिकत 26.12.2021 से उ्यूत वाद सं० 11261 सन 2022, में अपर मुख्य न्याियक मिजस््िेट,्ऺथम-गोरखपुर ्षारा पािरत ्ऺश्नगत तलबी/्ऺसं्ञान आदेश िद० 28.04.2022 तथा इस मामलें की संपूणर् कायर्वाही को अिभखिण्डत कर िदया जाय। 2. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा के स्थान पर उनके सहयोगी िव्षान अिधव्वा ्शी अंशुमान िसह, पिरवादी के िव्षान के स्थान पर उनके सहयोगी िव्षान अिधव्वा ्शी ्ऺशांत िसह एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा का कथन है िक इस न्यायालय के आदेश िदनांक 21.09.2022 के ्षारा इस ्ऺकरण को इलाहाबाद उच्च न्यायालय मध्यस्थता एवं सुलह कें ्श को Versus Counsel for Applicant(s) : Udai Chandani Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Umar Zamin Amar Chandani .....Applicant(s) State Of U.P And Another .....Opposite Party(s) संदिभत िकया गया, िजसके ्वम में उभय प्ष (आवेदक अमर चंदानी (पित) के मृत्यु के प्ाात् उसके िपता ्शी हीरा लाल एवं िवप्षी सं० 2/पत्नी गौरी चंदानी उफर् ि्ऺया रत्नानी) के मध्य आपसी मध्यस्थता के माध्यम से उभय प्षकारों के मध्य आपस में सुलह-समझौता हो गया है तथा वे इस वाद को आगे नहीं चलाना चाहते हैं। इसिलए, उपरो्व वाद की संपूणर् कायर्वाही को अपास्त कर िदया जाय। अपने तकर् के समथर्न में उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा Gian Singh Vs. State of Punjab, 2012 AIR SCW 5333, B.S. Joshi and others Vs. State of Haryana, (2003) 3 SCC 675, Narinder Singh & Ors Vs. State of Punjab & Anr. 2014 Law Suit (SC) 202, Yogendra Yadav & Ors Vs. State of Jharkhand & Anr, Dimpey Gujral W/o Vivek Gujral & Ors Vs. Union Territory & Ors में पािरत नजीरों की ओर न्यायालय का ध्यान आकृ ्ि कराया। 4. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा के सहयोगी िव्षान अिधव्वा उपयुर््व कथन से पूणर्तः सहमत है। 5. प्ऴावली पर उपलब्ध इलाहाबाद उच्च न्यायालय मध्यस्थता एवं सुलह कें ्श के आख्या िदनांिकत 28.05.2023 के अनुसार, (आवेदक अमर चंदानी (पित) के मृत्यु के प्ाात् उसके िपता ्शी हीरा लाल एवं िवप्षी सं० 2/पत्नी गौरी चंदानी उफर् ि्ऺया रत्नानी) के मध्य आपसी मध्यस्थता के माध्यम से उभय प्षकारों के मध्य आपस में सुलह-समझौता हो गया है एवं उभय प्ष के िव्षान अिधव्वागण को सुनने एवं माननीय उच्चतम न्यायालय की उपरो्व नजीरों का पिरशीलन करने के प्ाात्धारा 482 दं०्ऺ०सं० के अन्तगर्त ्ऺस्तुत िकया गया यह आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य है। 6. तद्नुसार, यह आवेदन प्ऴ स्वीकार की जाती है तथा उपरो्व विणत वाद की संपूणर् कायर्वाही अिभखिण्डत (Quashed) की जाती है। 7. इस वाद में यिद कोई अन्तिरम आदेश हो तो उसे समाप्त समझा जाय। 8. कायार्लय को िनदरॏश िदया जाता है िक इस आदेश की एक ्ऺितिलिप संबंिधत न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनि्ात करें। May 5, 2026 CP.sahani A482 No. 30147 of 2022 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad