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Allahabad High Court · body

2022 DAILYLAW 2128 (ALL)

VIKALP MISHRA AND 3 OTHERS v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

A482/14527/2022 · 2026-05-11

Gautam Chowdhary

body2022

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 482 No. - 14527 of 2022 Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदकगण की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के अन्तगर्त यह आवेदन प्ऴ, पिरवाद सं० 1913 सन 2021 अन्तगर्त धारा 498ए/ 323/ 504/ 506 भा०दं०सं० एवं 4 दहेज ्ऺितषेध अिधिनयम, थाना पि्ाम शरीरा, िजला कौशाम्बी में जूडीिशयल मिजस््िेट, कौशाम्बी ्षारा पािरत ्ऺसं्ञान तलबी आदेश िद० 20.04.2022 को अपास्त करने एवं सम्पूणर् कायर्वाही को अपास्त करने के उ्देश्य से योिजत िकया गया है। 2. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा के तकों को ्शवणोपरान्त, प्ऴावली के पिरशीलन से न्यायालय ने पाया िक पिरवाद में लगाए गए आरोप एक सं्ञेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हैं एवं वह आरोप, िकए गए िववेचना/ अवलोकन के उपरान्त लगाए गए हैं। उन आरोपों को इस न्यायालय ्षारा धारा 482 दं०्ऺ०सं०/धारा 528 बी.एन.एस.एस. के तहत अपनी शि्व का ्ऺयोग करते हुए, जॉच के दौरान एक्ऴ की गयी साम्षी के आरोपों की शु्धता और िव्षसनीयता का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। इस स्तर पर आवेदकगण / अिभयु्वगण के िववािदत बचाव पर िवचार नहीं िकया जा सकता है। तद्नुसार, ्ऺसं्ञान या उपरो्व वाद की कायर्वाही को र्द करने की ्ऺाथर्ना और पिरणामी कायर्वाही अस्वीकृ त की जाती है। 4. इस स्तर पर, आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा का अनुरोध है िक आवेदकगण को अभी तक उपरो्व मामलें में िगरफ्तार नहीं िकया गया है और पुिलस आवेदकगण को िगरफ्तार करने के ्ऺयास में है और संबंिधत िवचारण न्यायालय ्षारा आवेदकगण के िखलाफ दण्डात्मक ्ऺि्वया Versus Counsel for Applicant(s) : Arvind Kumar Counsel for Opposite Party(s) : Bindeshwari Prasad Mishra, Chandra Prakash Tripathi, G.A. Vikalp Mishra And 3 Others .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) जारी की जा सकती है। इसिलए, आवेदकगण के जमानत आवेदन प्ऴ पर िवचार करने के िलए संबंिधत िवचारण न्यायालय को िनदरॏश जारी कर िदया जाय। 5. यहां ्ऺासंिगक है िक माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के ्ऺकरण को आदेश िद० 07-10-2021 ्षारा पहले ही जमानत हेतु िदशा-िनदरॏश देते हुए िनस्तािरत िकया जा चुका है, इसके प्ाात् अब संबंिधत िवचारण न्यायालय को जमानत देने के िलए उनके िववेक और िवचार को िनयंि्ऴत करने वाले वैधािनक ्ऺािवधानों को ्ऺभािवत िकए िबना, इस न्यायालय ्षारा कोई िविश्ि िनदरॏश जारी करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंिक यह अपे्षा की जाती है िक संबंिधत िवधारण न्यायालय आवेदकगण के जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ को िनस्तािरत करते सगय माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा पहले से जारी आवश्यक िदशा-िनदरॏशों को ध्यान में रखेगा। 6. उपरो्व िटप्पिणयों के साथ, यह आवेदन प्ऴ अिन्तम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। May 12, 2026 S.Mishra A482 No. 14527 of 2022 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad