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Allahabad High Court · body

2022 DAILYLAW 2093 (ALL)

SRI NARAYAN DWIVEDI AND OTHERS v. STATE OF U.P. THROUGH PRINCIPAL SECRETARY (HOME) AND ANOTHER

A482/2301/2022 · 2026-04-19

Gautam Chowdhary

body2022

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 482 No. - 2301 of 2022 Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदकगण की ओर से धारा 482 दं०प्र०सं० के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र, पिरवाद सं० 04 सन 2021, अन्तगर्त धारा 498ए, 323, 504, 506 भा०दं०िव० एवं धारा 4 दहेज प्रितषेध अिधिनयम, थाना मिहला थाना, िजला जालौन, जो िसिवल जज, जू०िड०/एफ०टी०सी०, जालौन िस्थत उरई के न्यायालय में लंिबत है, इस मामलें की संपूणर् कायर्वाही को अिभखिण्डत करने हेतु योिजत िकया गया है। 2. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता का कथन है िक पक्षकारों के मध्य आपस में सुलह- समझौता हो गया है तथा वे इस वाद को आगे नहीं चलाना चाहते हैं। इसिलए, उपरोक्त वाद की संपूणर् कायर्वाही को अपास्त कर िदया जाय। अपने तकर् के समथर्न में उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Gian Singh Vs. State of Punjab, 2012 AIR SCW 5333, B.S. Joshi and others Vs. State of Haryana, (2003) 3 SCC 675, Narinder Singh & Ors Vs. State of Punjab & Anr. 2014 Law Suit (SC) 202, Yogendra Yadav & Ors Vs. State of Jharkhand & Anr, Dimpey Gujral W/o Vivek Gujral & Ors Vs. Union Territory & Ors में पािरत नजीरों की ओर न्यायालय का ध्यान आकृ ष्ट कराया। उनका यह भी कथन है िक पक्षकारों के बीच हुए समझौतानामा को सत्यािपत करने हेतु िवचारण न्यायालय में प्रस्तुत िकया गया तथा संबंिधत िवचारण न्यायालय की आदेश िद० 17.03.2025 के अनुसार िवचारण न्यायालय द्वारा समझौता तस्दीक िकया जा चुका है, जो पत्रावली पर उपलब्ध है। 4. पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण को सुनने तथा पत्रावली एवं माननीय उच्चतम न्यायालय की उपरोक्त नजीरों का पिरशीलन करने के पश्चात् Versus Counsel for Applicant(s) : Rakesh Dubey Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Gaurav Singh Tomar Sri Narayan Dwivedi And Others .....Applicant(s) State Of U.P. Through Principal Secretary (Home) And Another .....Opposite Party(s) धारा 482 दं०प्र०सं० के अन्तगर्त प्रस्तुत िकया गया यह आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य है। 5. तद्नुसार, यह आवेदन पत्र स्वीकार िकया जाता है तथा उपरोक्त विणत वाद की संपूणर् कायर्वाही अिभखिण्डत (Quashed) की जाती है। 6. इस वाद में यिद कोई अन्तिरम आदेश हो तो उसे समाप्त समझा जाय। 7. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत करें। April 20, 2026 CP.sahani A482 No. 2301 of 2022 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad