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High Court of Chhattisgarh · body

2021 DAILYLAW 488 (CHH)

THE ORIENTAL INSURANCE COMPANY LIMITED v. SMT. GANGA BAI SAHU

MAC/207/2021 · 2026-07-21

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2021

Judgment text

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1 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} CGHC010072652021 2026:CGHC:31351 प्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया, तिलसपुर तिर्णया सरति तिक-17/07/2026 तिर्णया उद्घो)ति* तिक-22/07/2026 तिवेतिवेध अपु ल ( तिपु.ति ) क्रमांक -149/2021 1. श्री मां गगई सहू8, पुति–स्वेग;या भर सहू8, आया लगभग 39 वे*, 2. रतिवेक मांर सहू8, तिपु–स्वेग;या भर सहू8, आया लगभग 22 वे*, 3. तिवे) क मांर सहू8, तिपु–स्वेग;या भर सहू8, आया लगभग 20 वे*, 4. मां)ज क मांर सहू8, तिपु–स्वेग;या भर सहू8, आया लगभग 18 वे*, 5. श्री मां गगई सहू8, पुति–स्वेग;या धमांलल सहू8, आया लगभग 63 वे*, सभ तिवेस –क्वेर्टर क्रमांक ए-13/128, पुर कEल) , ढेलवेडी हू, पुलिलस था– कJमांKगर, हूस ल–कर्टघो)र, लिजल–क)र (छत्ती सगढ़) । -----वेकगर्ण तिवेरूद्घो 1. प्रमां) क मांर शुक्ल, तिपु–रमांशु क मांर शुक्ल, आया लगभग 26 वे*, तिवेस -क्वेर्टर क्रमांक एच.पु .र्ट .-18, लिसचई कEल) , आई.र्ट .आई. चPकJ-रमांपुर, पुलिलस था-क)वेल , हूस ल एवे लिजल–क)र (छत्ती सगढ़) । ()* वेहू स्कEतिपुया) क्रमांक-स .ज .-12-ए.ज.-7018 क वेहू चलक) 2. मां)हूम्मां सज्ज अल , तिपु–सरफ, तिवेस –एल.आई.ज .-156, आर.पु . गर, क)र, हूस ल एवे लिजल–क)र (छत्ती सगढ़) । ()* वेहू स्कEतिपुया) क्रमांक-स .ज .-12-ए.ज.-7018 क पुज कT  स्वेमां ) 3. ओरिरएर्टल इंश्या)रYस क पु लिलतिमांर्टडी, द्वार शुखा प्रधक, शुखा कयालया, र्ट .पु . गर, क)र, लिजल–क)र (छत्ती सगढ़) । ()* वेहू स्कEतिपुया) क्रमांक-स .ज .-12-ए.ज.-7018 क  मां क पु ) -----प्रत्याथा;गर्ण POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.07.22 16:59:22 +0530 2 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} अपु लथा;गर्ण/वेकगर्ण द्वार : सश्री स)तिया क ल पु, अलिधवेक्ता । प्रत्याथा; क्रमांक-1 एवे 2 द्वार : श्री र्ट .आर. पुर्टल एवे श्री तिवेकस क मांर पुण्डीया, अलिधवेक्ता । प्रत्याथा; क्रमांक-3 द्वार : श्री भ)लथा न्, अलिधवेक्ता । एवे तिवेतिवेध अपु ल ( तिपु.ति ) क्रमांक -207/2021 1. ओरिरएर्टल इंश्या)रYस क पु लिलतिमांर्टडी, द्वार शुखा प्रधक, शुखा कयालया, र्ट .पु . गर, क)र (छत्ती सगढ़), अलिधकT  हूस्रक/उपु प्रधक, र्ट .पु . हू, ओरिरएर्टल इंश्या)रYस क पु लिलतिमांर्टडी, र्ट .पु . हू कयालया, प्रथामां ल, रमां र्ट`डी सYर्टर, पुर स स्र्टaण्डी क पुस, तिलसपुर, लिजल–तिलसपुर (छत्ती सगढ़) । ()* वेहू स्कEतिपुया) क्रमांक-स .ज .-12-ए.ज.-7018 क  मां क पु ) -----अपु लथा; तिवेरूद्घो 1. श्री मां गगई सहू8, पुति–स्वेग;या भर सहू8, आया लगभग 39 वे*, 2. रतिवेक मांर सहू8, तिपु–स्वेग;या भर सहू8, आया लगभग 22 वे*, 3. तिवे) क मांर सहू8, तिपु–स्वेग;या भर सहू8, आया लगभग 20 वे*, 4. मां)ज क मांर सहू8, तिपु–स्वेग;या भर सहू8, आया लगभग 18 वे*, 5. श्री मां गगई सहू8, पुति–स्वेग;या धमांलल सहू8, आया लगभग 63 वे*, सभ तिवेस –क्वेर्टर क्रमांक ए-13/128, पुर कEल) , ढेलवेडी हू, पुलिलस था– कJमांKगर, हूस ल–कर्टघो)र, लिजल–क)र (छत्ती सगढ़) । (-----वेकगर्ण) 6. प्रमां) क मांर शुक्ल, तिपु–रमांशु क मांर शुक्ल, आया लगभग 26 वे*, तिवेस –क्वेर्टर क्रमांक एच.पु .र्ट .-18, लिसचई कEल) , आई.र्ट .आई. चPकJ, रमांपुर, था, हूस ल एवे लिजल– क)र (छत्ती सगढ़) । ()* वेहू स्कEतिपुया) क्रमांक-स .ज .-12-ए.ज.-7018 क वेहू चलक) 7. मां)हूम्मां सज्ज अल , तिपु–सरफ, तिवेस –एल.आई.ज .-156, आर.पु . गर, क)र, हूस ल एवे लिजल–क)र (छत्ती सगढ़) । ()* वेहू स्कEतिपुया) क्रमांक-स .ज .-12-ए.ज.-7018 क पुज कT  स्वेमां ) -----प्रत्याथा;गर्ण 3 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} अपु लथा; द्वार : श्री भ)लथा न्, अलिधवेक्ता । प्रत्याथा; क्रमांक-1 स 5 द्वार : सश्री स)तिया क ल पु, अलिधवेक्ता । प्रत्याथा; क्रमांक-6 एवे 7 द्वार : श्री र्ट .आर. पुर्टल एवे श्री तिवेकस क मांर पुण्डीया, अलिधवेक्तागर्ण । न्यायामां.ति श्री सजया क मांर जयासवेल !! स .ए.वे . तिर्णया !! 1. मां)र्टर या अलिधतियामां, 1988 कJ धर 173 क अग प्रस् उपुयाक्ता )K अपु ल मांY तिद्वा या मां)र्टर घोर्ट वे अलिधकरर्ण, कर्टघो)र, लिजल-क)र (छत्ती सगढ़) द्वार मां)र्टर घोर्ट वे प्रकरर्ण क्रमांक-38/2019 "श्री मां गगई सहू8 एवे अन्या तिवेरुद्ध प्रमां) क मांर शुक्ल एवे अन्या" मांY तिक 08.12.2020 क) पुरिर अलिधतिर्णया क) चP गई हूa । लिजस आग सपु मांY "प्रश्ध  अलिधतिर्णया" स सलिध तिकया ज रहू हूa । )K अपु लY एक हू अलिधतिर्णया स उद्भू. हू) क करर्ण उक तिरकरर्ण सयाक्ता रूपु स तिकया ज रहू हूa । 2. याहू तितिवेवेति हूa तिक स्कEतिपुया) वेहू क्रमांक स .ज .-12-ए.ज.-7018 (लिजस आग ")* वेहू" स सलिध तिकया ज रहू हूa) क चलक प्रमां) क मांर शुक्ल, पुज कT  स्वेमां मां)हूम्मां सज्ज अल था  मांक  ओरिरएर्टल इंश्या)रYस क पु लिलतिमांर्टडी हूa । 3. प्रकरर्ण क थ्या, सपु मांY, इंस प्रकर हूh तिक तिक 08.08.2018 क) भर सहू8 (मांTक) अपु रिरश्र प्रहूल सहू8 (आवेक स क्रमांक-2) क सथा उसकJ मां)र्टरसइंतिकल पुर पु छ aठकर मांतिकपुर, क)र स अपु तिवेस ढेलवेडी हू कEल) ज रहू था । ज वे स .एस.ई. . प्लर्ट गर्ट क समां पु मांख्या मांग पुर पुहूlmच, उस समांया प्रमां) क मांर शुक्ल द्वार ")* वेहू" क)  व्र एवे लपुरवेहू पु.वेक चल हूlए आया लिजसकJ 4 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} र्टक्कर स भर सहू8 क) गभ र च)र्टY आई और उसकJ घोर्टस्थाल पुर हू मांTत्या हू) गई । घोर्ट कJ स.च पुर था र; मांY अपुरध क्रमांक-173/2018 पुज द्ध तिकया गया था तिवेवेच पु.र्ण हू) क उपुर ")* वेहू" क चलक क तिवेरुद्ध अतिभया)गपुत्र प्रस् तिकया गया । 4. मांTक कJ पुत् ,   पुत्र एवे मां  मां)र्टर या अलिधतियामां, 1988 कJ धर 166 क अग प्रतिकर हू वे आवे प्रस् तिकया । अलिधकरर्ण  अतिभलखा पुर उपुलब्ध मांPलिखाक एवे स्वेज सक्ष्या क पुर र्ण उपुर याहू तिष्क* अतिभलिललिखा तिकया तिक घोर्ट ")* वेहू" क चलक द्वार वेहू क)  व्र एवे लपुरवेहू पु.वेक चल क करर्ण करिर हूlई, लिजसमांY भर सहू8 कJ मांTत्या हूlई । अलिधकरर्ण  याहू भ पुया तिक  मां पुEलिलस कJ तिकस शु क उल्लंघो प्रमांतिर्ण हूu हूlआ हूa, फलv प्रतिकर क भग कर क तियात्वे  मां क पु क हूa । अलिधकरर्ण  प्रशु पु -13 (वे पुच;) क आधर पुर मांTक क) एस.ई.स .एल., ढेलवेडी हू कEलर एरिरया, क)र मांY फa  ऑपुरर्टर क पु पुर कयार मां हूlए उसकJ मांलिसक आया ₹76,745.22/- तिधरिर कJ । प्रशु पु -16, पु - 17 एवे पु -18 क असर उसकJ जन्मांतिलिथा 26.09.1977 पुई गई । घोर्ट कJ तिलिथा पुर उसकJ आया 40 वे* 10 मांहू 13 ति हू) क आधर पुर उस 41 वे* मां हूlए 30% भवे सभवेओ क लभ प्र तिकया गया । पुmच आलिश्रीK क) ध्या मांY रखा हूlए व्यातिक्ताग एवे ज वे-तिवेहू व्याया क लिलए 1/4 कJ कर्टP था 14 क गर्णक लग. कर अन्या पुरपुरग मांK क अग ₹70,000/- ज)ड़ हूlए क ल ₹1,19,83,455/- क प्रतिकर, वे आवे कJ तिलिथा स अयाग क 7% प्रतिवे* ब्याज सतिहू प्र तिकया गया । 5 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} क 5. "प्रश्ध  अलिधतिर्णया" स ब्ध हू)कर  मां क पु  अपु ल प्रस् कर मांख्याv ")* वेहू" कJ घोर्ट मांY सलिलप्त, मांTक कJ आया क तिधरर्ण था वेकगर्ण कJ आलिश्री सध तिष्क*~ क) चP  हूa । उक क हूa तिक वेकगर्ण क पु मांY ज्या प्रतिकर तिधरिर तिकया गया हूa । .सर ओर, वेकगर्ण  पुTथाक अपु ल प्रस् कर प्रतिकर रतिशु मांY वेTतिद्ध कJ मांग कर हूlए अतिभकलिथा तिकया हूa तिक अलिधकरर्ण द्वार मांTक कJ आया क अरूपु गर्णक क सहू तिधरर्ण  तिकए ज स उन्हूY उतिच प्रतिकर प्रप्त हूu हूlआ हूa । 6. उभयापु क क श्रीवेर्ण तिकए गए था अतिभलखा क पुरिरशु ल तिकया गया । )* वेहू कJ सलिलप्त 7.  मां क पु क तिवेद्वा अलिधवेक्ता  क प्रस् तिकया तिक हू मांग स.च मांY ")* वेहू" क पुज या क्रमांक अतिक हूu हूa । इंसक अतिरिरक्ता, उक्ता वेहू कJ जप्त घोर्ट क लगभग ढेई मांहू पुश्च• कJ गई । उन्हूK याहू भ क तिया तिक प्रत्याशु; स प्रहूल सहू8  अपु प्रतिपुर र्ण मांY स्वे कर तिकया हूa तिक पुलिलस द्वार जप्त क उपुर था पुरिरसर मांY उस वेहू तिखाकर या गया था तिक उस वेहू स घोर्ट हूlई था । ऐस पुरिरस्थिस्थातियाK मांY ")* वेहू" कJ घोर्ट मांY सलिलप्त सहू स पुर प्रमांतिर्ण हूu मां ज सक । तिवेद्वा अलिधवेक्ता द्वार प्रथामां न्यायादृष्टां Usha Devi and others v. New India Insurance Company Limited and others, 2019 SCC OnLine SC 2425, तिद्वा या न्यायादृष्टां मां या मांध्याप्रशु उच्च न्यायालया क United India Insurance Company Limited v. Smt. Babli Yadav and others (Misc. Appeal No. 6059 of 2023 तिर्णया तिक 28.03.2025) था T या न्यायादृष्टां 6 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} Anil and others v. New India Assurance Company Limited and others, (2018) 2 SCC 482 क हूवेल तिया हूa । 8. इंसक तिवेपुर , वेकगर्ण क तिवेद्वा अलिधवेक्ता  क प्रस् तिकया तिक घोर्ट क प्रत्याशु; स प्रहूल सहू8  अपु न्यायालया  कथा मांY स्पुष्टां रूपु स अतिभकलिथा तिकया हूa तिक घोर्ट ")* वेहू" स हू करिर हूlई था । उसक कथा कJ पुतिष्टां पुलिलस तिवेवेच क अतिमां प्रतिवे था उसक अन्या स्वेजK स भ हू) हूa । उक आग क हूa तिक  मां क पु कJ ओर स ")* वेहू" कJ घोर्ट मांY सलिलप्त क खाण्डी कर हू  ) वेहू चलक क पुर र्ण करया गया और  हू पुज कT  स्वेमां कJ ओर स क)ई सक्ष्या प्रस् तिकया गया । अv अलिधकरर्ण द्वार अतिभलिललिखा तिष्क* अतिभलखा पुर उपुलब्ध मांPलिखाक एवे स्वेज सक्ष्या क अरूपु हू) स उसमांY हूस्पु कJ आवेश्याक हूu हूa । 9. वेक पु कJ ओर स मांTक कJ पुत् श्री मां गगई (आवेक स क्रमांक-1) क पुर र्ण करया गया हूa । याद्यतिपु वेहू घोर्ट कJ प्रत्याशु; स हूu हूa, थातिपु उसक द्वार घोर्ट स सलिध पुलिलस तिवेवेच क चल स्वेज, प्रशु पु -1 स प्रशु पु - 11 क, अतिभलखा पुर प्रस् तिकए गए हूh । इंसक अतिरिरक्ता, वेक पु  प्रहूल सहू8 (आवेक स क्रमांक-2) क पुर र्ण करया हूa, ज) घोर्ट क प्रत्याशु; स हूa । उसक द्वार  गई स.च पुर हू मांग स.च (प्रशु पु -3) ज कJ गई, लिजसमांY सफ  रग कJ स्कEतिपुया) वेहू स घोर्ट करिर हू) उल्लंलिखा हूa । तिवेवेच पु.र्ण हू) क उपुर पुलिलस द्वार ")* वेहू" क चलक क तिवेरुद्ध अतिमां प्रतिवे (प्रशु पु -1) प्रस् तिकया गया, लिजसमांY प्रहूल सहू8 क) प्रत्याशु; स क रूपु मांY स.च द्ध तिकया गया हूa । न्यायालया क समां भ प्रहूल सहू8  अपु कथा मांY स्पुष्टां रूपु स अतिभकलिथा 7 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} तिकया हूa तिक घोर्ट ")* वेहू" स हू करिर हूlई था । उसक उक्ता कथा क प्रतिपुर र्ण मांY क)ई खाण्डी हूu तिकया ज सक । 10. पुलिलस द्वार तिवेवेच पुश्च प्रस् अतिभया)ग-पुत्र क सस्थिक्ष्याक मां.ल्या क ति पुर मां या उच्चमां न्यायालया द्वार ICICI Lombard General Insurance Company Limited v. Rajani Sahu and Others, (2025) 2 SCC 599 क तिर्णया कJ कस्थिण्डीक-8 स 10 मांY तिम्सर तिवेलिध प्रतिपुति कJ गई हूav- “8 As regards the reliability of charge-sheet and other documents collected by the police during the investigation in motor accident cases, this Court in Mangla Ram v. Oriental Insurance Co. Ltd. [Mangla Ram v. Oriental Insurance Co. Ltd., (2018) 5 SCC 656 : (2018) 3 SCC (Civ) 335 : (2018) 2 SCC (Cri) 819 : 2018 INSC 311] , held in para 27, thus : (SCC p. 672) “27. Another reason which weighed with the High Court to interfere in the first appeal filed by Respondents 2 and 3, was absence of finding by the Tribunal about the factum of negligence of the driver of the subject jeep. Factually, this view is untenable. Our understanding of the analysis done by the Tribunal is to hold that Jeep No. RST 4701 was driven rashly and negligently by Respondent 2 when it collided with the motorcycle of the appellant leading to the accident. This can be discerned from the evidence of witnesses and the contents of the charge-sheet filed by the police, naming Respondent 2. This Court in a recent decision in Dulcina Fernandes [Dulcina Fernandes v. Joaquim Xavier Cruz, (2013) 10 SCC 646 : (2014) 1 SCC (Civ) 73 : (2014) 1 SCC (Cri) 13] , noted that the key of negligence on the part of the driver of the offending vehicle as set up by the claimants was required to be decided by the Tribunal on the touchstone of preponderance of probability and certainly not by standard of proof beyond reasonable doubt. Suffice it to observe that the exposition in the judgments already adverted to by us, filing of 8 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} charge-sheet against Respondent 2 prima facie points towards his complicity in driving the vehicle negligently and rashly. Further, even when the accused were to be acquitted in the criminal case, this Court opined that the same may be of no effect on the assessment of the liability required in respect of motor accident cases by the tribunal.” 9. It is true that the Tribunal had looked into the oral and documentary evidence including the FIR, final report and such other documents prepared by the police in connection with the accident in question. The Tribunal had also taken note of the fact that based on the final report, the driver of the offending truck was tried and found guilty for rash and negligent driving. The High Court took note of such aspects and found no illegality in the procedure adopted by the Tribunal and consequently dismissed the appeal. 10. In the contextual situation it is relevant to refer to a decision of this Court in Mathew Alexander v. Mohd. Shafi [Mathew Alexander v. Mohd. Shafi, (2023) 13 SCC 510 : 2023 INSC 621] , this Court held thus : (SCC p. 514, para 12) “12. …A holistic view of the evidence has to be taken into consideration by the Tribunal and strict proof of an accident caused by a particular vehicle in a particular manner need not be established by the claimants. The claimants have to establish their case on the touchstone of preponderance of probabilities. The standard of proof beyond reasonable doubt cannot be applied while considering the petition seeking compensation on account of death or injury in a road traffic accident. To the same effect is the observation made by this Court in Dulcina Fernandes v. Joaquim Xavier Cruz [Dulcina Fernandes v. Joaquim Xavier Cruz, (2013) 10 SCC 646 : (2014) 1 SCC (Civ) 73 : (2014) 1 SCC (Cri) 13] which has referred to the aforesaid judgment in Bimla Devi [Bimla Devi v. Himachal RTC, (2009) 13 SCC 530 : (2009) 5 SCC (Civ) 189 : (2010) 1 SCC (Cri) 1101] .” 9 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} 11. तिवेचरध  प्रकरर्ण क थ्या एवे अतिभलखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या क समांग्र पुरिरशु ल स याहू स्पुष्टां हूa तिक प्रहूल सहू8 (आवेक स क्रमांक-2), ज) घोर्ट क प्रत्याशु; स हूa,  अपु न्यायालया  कथा मांY स्पुष्टां रूपु स अतिभकलिथा तिकया हूa तिक घोर्ट ")* वेहू" स करिर हूlई था । उसक उक्ता कथा कJ पुतिष्टां पुलिलस तिवेवेच उपुर प्रस् अतिमां प्रतिवे था अन्या चल स्वेजK स भ हू) हूa । इंसक तिवेपुर ,  मां क पु कJ ओर स ")* वेहू" कJ घोर्ट मांY सलिलप्त क खाण्डी कर हू क)ई स्वेत्र, तिवेश्वेस या अथावे प्रतिक. ल सक्ष्या प्रस् हूu तिकया गया हूa । मांत्र इंस आधर पुर तिक हू मांग स.च मांY ")* वेहू" क पुज या क्रमांक अतिक हूu हूa अथावे वेहू कJ जप्त घोर्ट क क छ समांया पुश्च• हूlई हूa, वेक पु द्वार प्रस् तिवेश्वेस या मांPलिखाक एवे स्वेज सक्ष्या क) अस्वे कर हूu तिकया ज सक । प्रत्याशु; स प्रहूल सहू8 क कथा एवे न्यायादृष्टां Rajani Sahu (पु.वे~क्ता) मांY प्रतिपुति तिवेलिधक लिसद्धK क आल)क मांY याहू न्यायालया पु हूa तिक ")* वेहू" कJ घोर्ट मांY सलिलप्त क सध मांY अलिधकरर्ण द्वार अतिभलिललिखा तिष्क* अतिभलखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या क अरूपु एवे तिवेलिधसम्मां हूa । थ्याK कJ तिभन्न क करर्ण  मां क पु कJ ओर स प्रस् न्यायादृष्टां क लभ उन्हूY हूu तिमांल । फलस्वेरूपु, इंस सध मांY  मां क पु द्वार उठई गई आपुलित्ती अस्वे कर तिकए ज या)ग्या हूa । मांTक कJ आया 12.  मां क पु क तिवेद्वा अलिधवेक्ता  क प्रस् तिकया तिक प्रशु पु -13 (वे पुच;), प्रशु पु -14 (आयाकर तिवेवेरर्ण ) था प्रशु पु -15 (फEमां-16) मांY अतिक आया पुरस्पुर एक समां हूu हूa । ऐस स्थिस्थाति मांY अलिधकरर्ण क) इं स्वेजK मांY उतिल्लंलिखा न्या.मां आया क) हू मांTक कJ आया क रूपु मांY स्वे कर कर चतिहूए था । अv क वेल प्रशु पु - 10 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} 13 क आधर पुर मांTक कJ मांलिसक आया ₹76,745.22/- तिधरिर तिकया ज उतिच हूu हूa । इंसक तिवेपुर , वेकगर्ण क तिवेद्वा अलिधवेक्ता  क प्रस् तिकया तिक प्रशु पु -13 घोर्ट स ठ क पु.वेवे; मांहू कJ वे पुच; हूa, ज) घोर्ट क समांया मांTक द्वार प्रप्त वेस्तिवेक वे क) प्रतिशु कर हूa । अv अलिधकरर्ण द्वार उस पुर तिवेश्वेस तिकया ज पु.र्णv न्याया)तिच एवे तिवेलिधसम्मां हूa । 13. अतिभलखा पुर उपुलब्ध स्वेजK क पुरिरशु ल स याहू स्पुष्टां हूa तिक प्रशु पु -14 (आयाकर तिवेवेरर्ण ) एवे प्रशु पु -15 (फEमां-16) तिधरर्ण वे* 2017-18 स सलिध स्वेज हूh, जतिक प्रशु पु -13 घोर्ट तिक 08.08.2018 स ठ क पु.वेवे; मांहू जलई, 2018 कJ वे पुच; हूa । स्वेभतिवेक रूपु स घोर्ट क समांया मांTक द्वार प्रप्त वेस्तिवेक मांलिसक वे क सवेलिधक प्रमांतिर्णक एवे समांकल  सक्ष्या प्रशु पु -13 हू हूa । क वेल इंस आधर पुर तिक पु.वेवे; आयाकर सध अतिभलखाK मांY आया क तिवेवेरर्ण तिभन्न हूa, घोर्ट क समांया कJ वे पुच; कJ प्रमांतिर्णक पुर सहू हूu तिकया ज सक । अv अलिधकरर्ण द्वार प्रशु पु -13 क आधर पुर मांTक कJ मांलिसक आया ₹76,745.22/- तिधरिर तिकया ज अतिभलखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या क अरूपु एवे पु.र्णv तिवेलिधसम्मां हूa । फलस्वेरूपु, इंस सध मांY अलिधकरर्ण क तिष्क* मांY तिकस प्रकर क हूस्पु कJ आवेश्याक हूu हूa । भवे सभवेएm 14. जहूm क मांTक कJ आया एवे भवे सभवेओ क प्रश् हूa, अलिधकरर्ण  प्रशु पु -16, प्रशु पु -17 एवे प्रशु पु -18 क आधर पुर मांTक कJ आया 41 वे* मां हूlए न्यायादृष्टां National Insurance Company Limited v. Pranay Sethi, (2017) 11 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} 16 SCC 680 मांY प्रतिपुति तिवेलिधक लिसद्ध क अरूपु उसकJ आया मांY भवे सभवेओ क मां मांY 30% कJ वेTतिद्ध कJ हूa । इंस सध मांY तिकस भ पु द्वार 30% भवे सभवेओ क लभ प्र तिकए ज पुर क)ई आपुलित्ती हूu कJ गई हूa । अv याहू न्यायालया पु हूa तिक मांTक कJ आया मांY भवे सभवेओ क मां मांY 30% कJ वेTतिद्ध तिकया ज तिवेलिधसम्मां हूa । फलस्वेरूपु, इंस सध मांY अलिधकरर्ण द्वार तिकया गया तिधरर्ण याथावे रखा ज हूa । आयाकर कJ गर्ण वे कर्टP 15. प्रशु पु -13 (वे पुच;) मांY उपुलब्ध तिवेवेरर्ण क असर मांTक कJ मांलिसक आया ₹76,745.22/- अथा• वेति*क आया ₹9,20,942.64/- तिधरिर हू) हूa । उसकJ आया मांY भतिवेष्या कJ सभवेओ क मां मांY 30% वेTतिद्ध या हू)ग । सर, भतिवेष्या कJ सभवेओ क मां मांY ₹2,76,282.79/- ज)ड़ पुर मांTक कJ वेति*क आया ₹11,97,225.43/- तिधरिर हू) हूa । 16. मांTक कJ उक्ता वेति*क आया मांY स आयाकर क रूपु मांY वेaधतिक कर्टP तिकया ज अपुति हूa । तिवेत्ती या वे* 2018-19 हू लग. आयाकर प्रवेधK क असर आयाकर कJ गर्ण तिम्सर हूa :- आयाकर स्लa आयाकर र कर या)ग्या आया क ल कर ₹2,50,000/- क शु.न्या ₹2,50,000.00 शु.न्या ₹2,50,001/- स ₹5,00,000/- 5% ₹2,50,000.00 ₹12,500.00 ₹5,00,001/- स ₹10,00,000/- 20% ₹5,00,000.00 ₹1,00,000.00 ₹10,00,001/- स अलिधक 30% ₹1,97,225.43 ₹59,167.63 क ल आयाकर ₹1,71,667.63 12 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} 17. अv आयाकर कर्टP क पुश्च वेति*क आया ₹10,25,557.80/- (₹11,97,225.43 - ₹1,71,667.63) तिधरिर हू)ग । आलिश्री 18. वेकगर्ण कJ मांTक पुर आलिश्री क सध मांY  मां क पु द्वार उठई गई आपुलित्ती पुर तिवेचर तिकया ज रहू हूa । अतिभलखा पुर उपुलब्ध मांPलिखाक एवे स्वेज सक्ष्या क आधर पुर अलिधकरर्ण  मांTक कJ पुत् ,   पुत्र था उसकJ मां सतिहू क ल पुmच वेकगर्ण क) मांTक पुर आलिश्री मां हूlए उसक व्यातिक्ताग एवे ज वे-तिवेहू व्याया क मां मांY आया क एक-चPथाई (1/4) भग घोर्टया हूa । 19.  मां क पु क तिवेद्वा अलिधवेक्ता  क प्रस् तिकया तिक वेकगर्ण मांY सस्थिम्मांलिल  K पुत्र घोर्ट कJ तिलिथा पुर वेयास्क था था स्वेया आज तिवेक अलिज कर मांY समां था । ऐस स्थिस्थाति मांY उन्हूY मांTक पुर आलिश्री हूu मां ज सक । अv अलिधकरर्ण द्वार पुmच आलिश्रीK क) मां हूlए व्यातिक्ताग एवे ज वे-तिवेहू व्याया क लिलए आया क एक-चPथाई (1/4) भग घोर्टया ज तिवेलिधसम्मां हूu हूa । उक असर इंस प्रकरर्ण मांY क वेल मांTक कJ पुत् एवे मां क) हू आलिश्री मां ज चतिहूए था था व्यातिक्ताग एवे ज वे- तिवेहू व्याया क लिलए आया क एक-तिहूई (1/3) भग घोर्टया ज अपुति था । 20. अतिभलखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या क पुरिरशु ल स याहू स्पुष्टां हूa तिक वेकगर्ण   K पुत्रK रतिवेक मांर सहू8, तिवे) क मांर सहू8 एवे मां)ज क मांर सहू8 कJ आया क्रमांशुv 22 वे*, 20 वे* एवे 18 वे* शुई हूa । थातिपु, मांत्र उक वेयास्क हू) स याहू तिष्क* हूu तिकल ज सक तिक वे मांTक पुर आलिश्री हूu था ।  मां क पु  अपु लिललिखा कथा मांY भ ऐस क)ई स्पुष्टां अतिभवेच हूu तिकया हूa तिक  K पुत्र स्वेत्र रूपु स आज तिवेक अलिज कर 13 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} रहू था अथावे आलिथाक रूपु स आत्मांतिभर था । इं हू हूu, उक्ता थ्या क समांथा मांY  मां क पु कJ ओर स क)ई मांPलिखाक अथावे स्वेज सक्ष्या भ प्रस् हूu तिकया गया हूa । आवेक स श्री मां गगई क प्रतिपुर र्ण क Pर भ इंस सध मांY क)ई प्रभवे प्रश् हूu तिकया गया, लिजसस याहू स्थातिपु हू) सक तिक  K पुत्र मांTक पुर आलिश्री  हू)कर आत्मांतिभर था । ऐस पुरिरस्थिस्थातियाK मांY मांत्र अमां क आधर पुर तिष्क* हूu तिकल ज सक । 21. इंस सभ मांY पुज एवे हूरिरयार्ण उच्च न्यायालया  Narinder Kaur v. Jagmeet Singh, 2025 ACJ 357 मांY याहू प्रतिपुति तिकया हूa तिक आलिश्री क त्पुया क वेल आलिथाक आलिश्री क स तिमां हूu हूa । भर या समांलिजक व्यावेस्था मांY स एवे मां-तिपु ज वे क तिवेतिभन्न चरर्णK मांY एक-.सर पुर आलिथाक, शुर रिरक, भवेत्मांक एवे मां)वेaज्ञातिक रूपु स भ आलिश्री हू) सक हूh । अv क वेल स क वेयास्क हू) क आधर पुर उन्हूY आलिश्री स वेतिच हूu तिकया ज सक । उक्ता तिर्णया कJ कस्थिण्डीक 22 स 24 मांY प्रतिपुति तिवेलिधक लिसद्ध वेमां तिवेवे क तिरकरर्ण क लिलए प्रसतिगक हूh । ज) तिक तिम्सर हूav- “22. It is submitted by learned counsel for the Insurance Company that since the sons are grown up children of deceased and they ought to be settled in their lives and also father of deceased Karnail Singh ought to have his own source of livelihood, therefore, they were not dependent upon the earning of the deceased and therefore, compensation ought to be denied them. However, the aforesaid submission is not tenable. 23. No doubt, the sons of both the deceased are major and even compensation has been sought at the instance of Balbir Singh, father of deceased Karnail Singh, but out rightly it cannot be concluded about they being not dependents upon the deceased. It 14 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} should be noticed that in the Indian Society the children as well as the parents remain dependents upon each other at various stages of life. It is pertinent to mention that the word ‘dependent has a different meaning in different connotations. Some may be dependent in terms of money and others may be dependent in terms of service. 24. Thus, dependency is a relative criteria to claim compensation for loss of dependency. It does not mean financial only. It also includes gratuitous service dependency, physical dependency, emotional dependency, psychological dependency and so on and so forth, which can never be equated in term of money. Thus considering the same, even the major sons of both the deceased as well as father of deceased Karnail Singh ought not to be deprived of the compensation. ………” (Emphasis supplied) 22. वेमां प्रकरर्ण मांY  मां क पु याहू स्थातिपु कर मांY पु.र्णv असफल रहू हूa तिक घोर्ट कJ तिलिथा पुर मांTक क  K पुत्र स्वेया आज तिवेक अलिज कर आलिथाक रूपु स आत्मांतिभर था । क वेल उक वेयास्क हू) क आधर पुर उन्हूY मांTक पुर अलिश्री हूu मां ज सक । अतिभलखा पुर उपुलब्ध मांPलिखाक एवे स्वेज सक्ष्या स याहू स्पुष्टां हूa तिक मांTक कJ पुत् ,  K पुत्र था उसकJ मां सभ मांTक पुर आलिश्री था । Narinder Kaur (पु.वे~क्ता) मांY प्रतिपुति तिवेलिधक लिसद्ध क आल)क मांY याहू न्यायालया पु हूa तिक अलिधकरर्ण द्वार पुmच आलिश्रीK क) दृतिष्टांग रखा हूlए मांTक क) व्यातिक्ताग एवे ज वे-तिवेहू व्याया क लिलए आया क एक-चPथाई (1/4) भग घोर्टया ज पु.र्णv न्याया)तिच एवे तिवेलिधसम्मां हूa । फलस्वेरूपु, इंस सध मांY  मां क पु द्वार उठई गई आपुलित्ती स्वे कर तिकए ज या)ग्या हूu हूa । 15 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} गर्णक 23. गर्णक क सध मांY वेकगर्ण द्वार उठई गई आपुलित्ती पुर तिवेचर तिकया ज रहू हूa । वेकगर्ण क तिवेद्वा अलिधवेक्ता  क प्रस् तिकया तिक प्रशु पु -16, प्रशु पु -17 एवे प्रशु पु -18, ज) क्रमांशुv मांTक क पुa कडी, पुरिरचया पुत्र एवे आधर कडी हूh, क असर मांTक कJ जन्मांतिलिथा 26.09.1977 हूa । फलस्वेरूपु घोर्ट तिक 08.08.2018 क) उसकJ आया 40 वे* 10 मांहू 13 ति था । इंसक वेज. अलिधकरर्ण  मांTक कJ आया 41 वे* मां हूlए 14 क गर्णक लग. तिकया हूa । उक क हूa तिक घोर्ट कJ तिलिथा क मांTक  41 वे* कJ आया पु.र्ण हूu कJ था , अv उसकJ आया 40 वे* मां हूlए Sarla Verma v. Delhi Transport Corporation, (2009) 6 SCC 121 मांY प्रतिपुति लिसद्ध क असर 15 क गर्णक लग. तिकया ज चतिहूए था । इंसक तिवेपुर ,  मां क पु क तिवेद्वा अलिधवेक्ता  अलिधकरर्ण क तिष्क* क समांथा तिकया । 24. याहू न्यायालया अपु लथा; क क स सहूमां हूa तिक घोर्ट तिक 08.08.2018 क) उसकJ आया 40 वे* 10 मांहू 13 ति था , अथा• उस 41 वे* कJ आया पु.र्ण हूu कJ था । ऐस स्थिस्थाति मांY अलिधकरर्ण द्वार उसकJ आया 41 वे* मां हूlए 14 क गर्णक लग. तिकया ज अतिभलखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या एवे तिवेलिध क अरूपु हूu हूa । Sarla Verma (पु.वे~क्ता), लिजस National Insurance Company Limited v. Pranay Sethi, (2017) 16 SCC 680 मांY अमां)ति तिकया गया हूa, मांY प्रतिपुति तिवेलिधक लिसद्ध क असर 40 वे* कJ आया हू) पुर 15 क गर्णक लग. तिकया ज अपुति हूa । फलस्वेरूपु, याहू न्यायालया पु हूa तिक इंस स मां क "प्रश्ध  अलिधतिर्णया" सशु)ध या)ग्या हूa । अv मांTक कJ आया 40 वे* मां हूlए 15 क गर्णक लग. तिकया ज हूa । 16 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} प्रतिकर कJ अतिमां गर्ण 25. उपुयाक्ता समांस् तिवेवेच क आधर पुर याहू न्यायालया पु हूa तिक अलिधकरर्ण द्वार मांTक कJ मांलिसक आया ₹76,745.22/- तिधरिर कर था व्यातिक्ताग एवे ज वे-तिवेहू व्याया क मां मांY आया क 1/4 भग घोर्ट अतिभलखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या एवे तिवेलिध क अरूपु हूa। थातिपु, अलिधकरर्ण  मांTक कJ वेति*क आया ₹9,20,942.64/- मांY स ₹48,162/- आयाकर कJ कर्टP कर उसक पुश्च भवे सभवेओ क मां मांY 30% कJ वेTतिद्ध कJ हूa। जतिक आयाकर कJ गर्ण भवे सभवेओ सतिहू वेति*क आया पुर कJ ज चतिहूए। सथा हू , मांTक कJ आया 40 वे* 10 मांहू 13 ति हू) क वेज. उस 41 वे* मां हूlए 14 क गर्णक लग. तिकया ज भ तिवेलिधसम्मां हूu हूa। च.mतिक घोर्ट कJ तिलिथा क मांTक  41 वे* कJ आया पु.र्ण हूu कJ था , अv उसकJ आया 40 वे* मां हूlए 15 क गर्णक लग. तिकया ज न्याया)तिच एवे तिवेलिधसम्मां हूa । न्यायादृष्टां Magma General Insurance Co. Ltd. v. Nanu Ram @ Chuhru Ram & Ors., (2018) 18 SCC 130 इंसक अतिरिरक्ता, वेकगर्ण सहूचया कJ हूति क मां मांY ₹40,000/- प्रति वेक क असर प्रतिकर प्रप्त कर क अलिधकर हूh । फलस्वेरूपु, वेकगर्ण क) या प्रतिकर रतिशु क पुतिधरर्ण तिम्सर तिकया ज हूa- क्र. मां अलिधकरर्ण द्वार अलिधतिर्ण; प्रतिकर इंस न्यायालया द्वार अलिधतिर्ण; प्रतिकर 1 वेति*क आया ₹9,20,942.64 ₹9,20,942.64 2 अलिधकरर्ण द्वार आयाकर कर्टP पुश्च वेति*क शुद्ध आया ₹8,72,780.64 (₹9,20,942.64 – ₹48,162) - 3 भवे सभवेएm (30%) ₹2,61,834.19 ₹2,76,282.79 17 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} क्र. मां अलिधकरर्ण द्वार अलिधतिर्ण; प्रतिकर इंस न्यायालया द्वार अलिधतिर्ण; प्रतिकर 4 भवे सभवेएm ज)ड़ क पुश्च वेति*क आया ₹11,34,614.83 ₹11,97,225.43 5 इंस न्यायालया द्वार आयाकर कर्टP पुश्च शु* रतिशु - ₹10,25,557.80 6 व्यातिक्ताग एवे ज वे-तिवेहू व्याया हू 1/4 कर्टP पुश्च वेति*क आलिश्री ₹8,50,961.12 ₹7,69,168.35 7 गर्णक पुश्च आलिश्री कJ क ल हूति ₹1,19,13,455.68 (गर्णक–14) ₹1,15,37,525.25 (गर्णक–15) 8 सहूचया कJ हूति ₹40,000.00 ₹2,00,000.00 9 सपु कJ हूति ₹15,000.00 ₹15,000.00 10 हू-सस्कर व्याया ₹15,000.00 ₹15,000.00 क ल प्रतिकर ₹1,19,83,455.68 ₹1,17,67,525.00 तिष्क* 26. उपुयाक्ता पुगर्ण क असर वेकगर्ण क ल ₹1,17,67,525/- (रुपुया एक कर)ड़ सत्रहू लखा सड़सठ हूजर पुmच सP पुच्च स मांत्र) प्रतिकर प्रप्त कर क अलिधकर हूh । च.mतिक अलिधकरर्ण द्वार क ल ₹1,19,83,455/- प्रतिकर अलिधतिर्ण; तिकया गया था, अv इंस न्यायालया द्वार कJ गई पुगर्ण क असर प्रतिकर रतिशु मांY वेTतिद्ध  हू)कर ₹2,15,930/- कJ कमां हू) हूa । 27. पुरिरर्णमांस्वेरूपु,  मां क पु द्वार प्रस् तिवेतिवेध अपु ल (तिपु.ति) क्रमांक-207/2021 आतिशुक रूपु स स्वे कर था वेकगर्ण द्वार प्रस् तिवेतिवेध अपु ल (तिपु.ति) क्रमांक-149/2021 तिरस् कJ ज हूa । 18 / 18 {MA(C) No. 149 of 2021 & 207 of 2021} 28. फलस्वेरूपु, प्रतिकर रतिशु ₹1,19,83,455/- क जया ₹1,17,67,525/- तिधरिर कJ ज हूa ज) वेकगर्ण प्रप्त करYग । शु* शु‰ याथावे• रहूYग । 29. रलिजस्र्ट` क) ति‰तिशु तिकया ज हूa तिक इंस तिर्णया क फलस्वेरूपु वेकगर्ण क पु मांY स्वे कT  अतिरिरक्ता प्रतिकर रतिशु क सध मांY उन्हूY तिवेलिधवे• स.तिच तिकया जए । इंस प्रया)जथा, आवेश्याक हू) पुर सलिध त्र, जहूm वेकगर्ण तिवेस कर हूh, क लिजल तिवेलिधक सवे प्रलिधकरर्ण क सतिचवे क समांन्वेया स पुaरल गल स्वेयासवेकK कJ सहूया प्रप्त कJ ज सक हूa । 30. तिर्णया कJ प्रति क सथा अलिधकरर्ण क अतिभलखा शु घ्रपु.वेक आवेश्याक कयावेहू हू स.चथा वे पुलथा वेपुस प्रति* हू) । सहू /- (सजया क मांर जयासवेल) न्यायाध शु पोमन