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High Court of Chhattisgarh · body
2017 DAILYLAW 798 (CHH)
Rajendra v. State Of Chhattisgarh
CRR/752/2017 · 2026-04-09
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2017
[ 2017 DAILYLAW 798 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 14 {Cr. R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017}
2026:CGHC:16546 प्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
तिर्णया सरति तिक-19/03/2026 तिर्णया उद्घो*ति+ तिक-10/04/2026 ण्डि./क पुर र्ण क्रमांक
-752
/2017
1. रजेन्द्र, तिपु- टी करमां तिरल, आया लगभग 22 वे+, तिवेस -ग्रामां सरस वे, था सरस वे, हस ल तिलईगढ़, जिजेल ल>जेर-भटीपुर (छत्ती सगढ़)।
2. तिश, तिपु-उरमां जेगड़े, आया लगभग 22 वे+, तिवेस -ग्रामां सरधाभठा, था सरस वे, हस ल तिलईगढ़, जिजेल ल>जेर-भटीपुर (छत्ती सगढ़)।
3. स>रभ जेजे, तिपु-स रमां जेजे, आया लगभग 19 वे+, तिवेस -ग्रामां सरधाभठा, था सरस वे, हस ल तिलईगढ़, जिजेल ल>जेर-भटीपुर (छत्ती सगढ़)। -----आवेकगर्ण/अतिभयाक्तगर्ण तिवेरूद्घो छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार पुजिलस था-सरयापुल , जिजेल मांहसमां, छत्ती सगढ़ -----अवेक/रज्या आवेकगर्ण/अतिभयाक्तगर्ण द्वार : श्री तिशखर शमां, अजिधावेक्त । अवेक/रज्या द्वार : श्री वे जिथाक च>, पुNल अजिधावेक्त । एवे POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.04.10 11:48:35 +0530
2 / 14 {Cr. R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} ण्डि./क पुर र्ण क्रमांक
-784
/2017
1. मां*हम्मां >सर ख (त्रुतिटीवेश मां*हम्मां जे>हर उल्लेजिख) तिपु-इस्मांइल ख, उम्र-लगभग 20 वे+, तिवेस -रहWआपुड़े, पुजिलस था-पु./क, जिजेल-हWगल (पुण्डिXचमां गल),
2. सरजे , तिपु-प्रभथा , उम्र-लगभग 20 वे+, तिवेस तिवेवेकर, पुजिलस था-पु./क, जिजेल-हWगल (पुण्डिXचमां गल), *Y वेमां तिवेस -पुठातिया ढा, ए.एच.-53, सरयापुल , रजेस्वे एवे जिसतिवेल जिजेल मांहसमां (छत्ती सगढ़)। -----आवेकगर्ण/अतिभयाक्तगर्ण तिवेरूद्घो छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार पुजिलस था-सरयापुल , जिजेल मांहसमां, छत्ती सगढ़ -----अवेक/रज्या आवेकगर्ण/अतिभयाक्तगर्ण द्वार : श्री जेमां ल अख्र ल*ह , अजिधावेक्त । अवेक/रज्या द्वार : सश्री वे जिथाक च>, पुNल अजिधावेक्त । न्यायामां]ति श्री सजेया क मांर जेयासवेल !! स .ए.वे . तिर्णया !! 1. ./ प्रतिक्रया सतिह, 1973 क_ धार-397 सहपुतिठा धार-401 क ह प्रस् इस ण्डि./क पुर र्ण मां` अपु ल या न्यायालया-अपुर सत्रु न्यायाधा श, सरयापुल , जिजेल- मांहसमां (छत्ती सगढ़) द्वार ण्डि./क अपु ल क्रमांक 29/2016 “रजेन्द्र वेगNरह तिवेरुद्ध छत्ती सगढ़ रज्या” था ण्डि./क अपु ल क्रमांक 30/2016 “शख समां मां उर्फ पुप्पु] वेगNरह तिवेरुद्ध छत्ती सगढ़ रज्या” मां` सयाक्त रूपु स पुरिर तिर्णया तिक 28/07/2017 क*
3 / 14 {Cr. R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} च> गई हN । जिजेसक ह अपु लथाhगर्ण/अतिभयाक्तगर्ण क_ अपु ल तिरस् कर गई ।
2.
अतिभया*जे मांमांल सपु मां` इस प्रकर हN तिक प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3), जे* था सरयापुल , जिजेल मांहसमां (छत्ती सगढ़) मां` पुस्था था, उस तिक 27/06/2016 क_ रतित्रु लगभग 03:30 जे मांखतिर स स]च प्रप्त हWई तिक कj ति+क पुशओं क* वेधा क प्रया*जे स एक मांलवेहक क टीर मां` पुरिरवेह कर ल जेया जे रह हN । उक्त स]च पुर वेह हमांरह स्टीर्फ क सथा ग्रामां जेलपुर मां*ड़े पुहWच । वेहl पुया तिक अतिभयाक्तगर्ण टीmक क टीर क्रमांक एच.आर.-42-/ -0350 मां` 32 ग Nल भरकर क वे स उड़े स क_ ओंर ल जे रह था । उक्त क टीर वेह क* अतिभयाक्त मां*हम्मां >सर ख चल रह था था उसक सथा सह-अतिभयाक्त शख समां मां उर्फ पुप्पु] क टीर मां` उपुण्डिस्था था । क टीर क आग *लर* वेह क्रमांक स .जे .-13-या].ई.-1977 मां` अन्या अतिभयाक्तगर्ण रजेन्द्र, तिश, स>रभ जेजे एवे सरजे उक्त टीmक क टीर क_ अगवेई कर रह था । अतिभयाक्तगर्ण क* र*ककर उस वेNधा अतिभलख प्रस् कर ह कह गया, तिकन् उक पुस क*ई वेNधा अतिभलख उपुलब्धा हo था । त्पुXच 32 ग NलY क पुर र्ण पुश तिचतिकत्सक स*+ च>धार (अ.स.-1) द्वार तिकया गया, जिजेक प्रतिवे प्रश पु -1 क रूपु मां` प्रस् तिकया गया । प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) द्वार क ल 06 अतिभयाक्तगर्ण (एक सह-अतिभयाक्त शख समां मां उर्फ पुप्पु] जिजेसक पुर र्ण पुश हo) क कब्जे स 32 ग Nल था टीmक क टीर एवे *लर* वेह क_ जेब् प्रश पु -2 क अग क_ गई था ह लस प्रश पु -3 क रूपु मां` जे तिकया गया । उक्त ह लस क आधार पुर था सरयापुल , जिजेल मांहसमां मां` प्रथामां स]च पुत्रु प्रश पु -4 क रूपु मां` जे तिकया गया । घटीस्थाल क क्श प्रश पु -5 Nयार तिकया गया ।
4 / 14 {Cr. R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} जेब् NलY क* सरथा श्री ग*तिवेन् ग>शल सतिमांति, जे*ग र, स, जिजेल मांहसमां क सपु तिकया गया । अतिभयाक्तगर्ण क* तिगरफ्र तिकया गया था सपु]र्ण तिवेवेच उपुर उक तिवेरुद्ध अतिभया*ग पुत्रु प्रस् तिकया गया ।
3.
तिवेचरर्ण क >र आर*पु क प्रमांर्ण ह अतिभया*जे क_ ओंर स अपु पु क समांथा मां` क ल 05 सतियाY क पुर र्ण करया गया था 12 स्वेजेY क* प्रश तिचन्हतिक करया गया । ./ प्रतिक्रया सतिह क_ धार 313 क अग कथा मां` अतिभयाक्तगर्ण अपु तिवेपुर आए सतियाY क कथाY स इकर कर हWए स्वेया क* तिt+ ह* या जिजेन्हY चवे मां` क*ई सक्ष्या प्रस् हo तिकया । उभयापु क* स जेकर तिवेचरर्ण न्यायालया- न्यातियाक मांजिजेस्टीmटी प्रथामां श्रीर्ण , सरयापुल , जिजेल मांहसमां (छत्ती सगढ़) द्वार ण्डि./क प्रकरर्ण क्रमांक 250/2016 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरुद्ध मां*हम्मां समां मां उर्फ पुप्पु] वेगNरह” मां` तिक 20/09/2016 क* तिर्णया पुरिर कर आवेकगर्ण एवे सह-अतिभयाक्त मां*हम्मां समां मां उर्फ पुप्पु] क* छत्ती सगढ़ कj ति+क पुश पुरिररर्ण अजिधातियामां, 2004 क_ धार 10 क अग *+जिसद्ध पु हWए 01 वे+ क सश्रीमां करवेस था 1,000/- रुपुया क अथा./ स ण्डि./ तिकया गया था अथा./ अ कर क_ श मां` 01 मांह क सधारर्ण करवेस स ण्डि./ तिकया जे तिधारिर तिकया गया ।
4. तिवेचरर्ण न्यायालया क उक्त तिर्णया क* अतिभयाक्तगर्ण रजेन्द्र, तिश एवे स>रभ जेजे द्वार ण्डि./क अपु ल क्रमांक 29/2016 मां` था अतिभयाक्तगर्ण शख समां मां उर्फ पुप्पु], मां*हम्मां >सर ख एवे सरजे द्वार ण्डि./क अपु ल क्रमांक 30/2016 मां` च> गई । उक्त *Y अपु लY पुर अपु ल या न्यायालया-अपुर सत्रु न्यायाधा श, सरयापुल , जिजेल मांहसमां द्वार सयाक्त रूपु स तिवेचर कर हWए तिक 28/07/2017 क* तिर्णया पुरिर
5 / 14 {Cr.
R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} तिकया गया, जिजेसक द्वार अपु ल` तिरस् कर हWए तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार पुरिर *+जिसतिद्ध एवे ./श क_ पुतिv क_ गई । उक्त तिर्णया तिक क* अतिभयाक्त शख समां मां उर्फ पुप्पु] क अपुण्डिस्था रह पुर उसक तिवेरुद्ध तिगरफ्र वेरटी जेर कर क आश तिया गया था श+ अतिभयाक्तगर्ण क* ./ भगया जे ह करगर भजे गया, जिजेक सधा मां` इस न्यायालया द्वार पुXच मां` ./श स्थातिग तिकया गया ।
5. उपुर*क्त *Y ण्डि./क पुर र्ण यातिचकओं मां` अपु ल या न्यायालया द्वार पुरिर प्रXधा तिर्णया तिक 28/07/2017 क* च> गई हN ।
6. आवेकगर्ण/अतिभयाक्तगर्ण क तिवेद्वा अजिधावेक्तगर्ण क क हN तिक प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) द्वार वेतिर्ण कयावेह क_ पुतिv स्वेत्रु स पुचरमां पुक (अ.स.-2) था तिगरधार भ*ई (अ.स.-4) द्वार हo क_ गई हN । अतिभया*जे इस सधा मां` क*ई भ अतिभलख प्रस् कर मां` असर्फल रह हN तिक कजिथा टीmक क टीर क_ अगवेई *लर* वेह द्वार क_ जे रह था । अतिभया*जे याह भ प्रमांतिर्ण कर मां` असर्फल रह हN तिक कजिथा 32 ग NलY क पुरिरवेह उक वेधा क आशया स तिकया जे रह था था याह भ प्रमांतिर्ण हo कर सक तिक उक्त NलY क* वेधा क प्रया*जे स कहl ल जेया जे रह था । घटीस्थाल पुर अतिभयाक्तगर्ण क_ पुहच भ तिकस स्वेत्रु सक्ष्या द्वार हo क_ गई हN । इस प्रकर प्रXधा *+जिसतिद्ध एवे ./श तिवेजिधा क_ दृतिv मां` उपुयाक्त ह* स ण्डिस्थार रख जे या*ग्या हo हN ।
7. अतिभयाक्त मां*हम्मां >सर ख, जे* कजिथा टीmक क टीर वेह क चलक था, क तिवेद्वा अजिधावेक्त क तिकया हN तिक उस उक्त NलY क पुरिरवेह ह अतिभयाक्त रजेन्द्र, तिश, स>रभ जेजे एवे सरजे द्वार तिकरया पुर जिलया गया था, जेतिक अतिभयाक्त रजेन्द्र,
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R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} तिश एवे स>रभ जेजे क तिवेद्वा अजिधावेक्त क क हN तिक उन्हY उक्त वेह तिकरया पुर हo जिलया था, वे घटीस्थाल पुर उपुण्डिस्था हo था था अतिभयाक्त मां*हम्मां >सर ख द्वार भ तिवेचरर्ण क >र ऐस क*ई चवे हo जिलया गया तिक उसक वेह क* सह- अतिभयाक्तY द्वार तिकरया पुर जिलया गया था । अz अपु ल स्वे कर क_ जेए था तिवेचरर्ण न्यायालया एवे अपु ल या न्यायालया द्वार पुरिर *+जिसतिद्ध एवे ./श क* अपुस् कर हWए आवेकगर्ण/अतिभयाक्तगर्ण क* *+मांक्त तिकया जेए । तिवेद्वा अजिधावेक्त द्वार अपु क क समांथा मां` न्यायादृv & . , 2014 Shankar Another v State of Chhattisgarh
(4) . . . . 239 C G L J क हवेल तिया हN ।
8.
रज्या/उत्तीरवे क तिवेद्वा अजिधावेक्त क क हN तिक छत्ती सगढ़ कj ति+क पुश पुरिररर्ण अजिधातियामां, 2004 क_ धार 6 क असर अतिभया*जे द्वार सक्ष्या क मांध्यामां स याह सह स पुर प्रमांतिर्ण तिकया गया हN तिक कजिथा टीmक क टीर वेह मां` 32 ग कj ति+क पुशओं क पुरिरवेह क वे स उड़े स क_ ओंर तिकया जे रह था । इस प्रकर छत्ती सगढ़ रज्या स अन्या रज्या उड़े स मां` ल जे ह पुरिरवेह तिकया जे प्रमांतिर्ण हWआ हN । उक्त टीmक क टीर वेह मां` चलक क रूपु मां` अतिभयाक्त मां*हम्मां >सर ख एवे पुरिरचलक क रूपु मां` अतिभयाक्त शख समां मां उर्फ पुप्पु] उपुण्डिस्था था । उक्त टीmक क टीर वेह क_ अगवेई *लर* वेह द्वार क_ जे रह था , जिजेसमां` अतिभयाक्त रजेन्द्र, तिश, स>रभ जेजे एवे सरजे उपुण्डिस्था था । जेब् क स पुचरमां पुक (अ.स.-2) द्वार अपु हस्र तिकया जे स्वे कर तिकया गया हN था अन्या स तिगरधार भ*ई (अ.स.-4) भ इस थ्या क_ पुतिv क_ हN तिक पुजिलस द्वार टीmक क टीर वेह एवे *लर* वेह क* पुकड़े गया था था उसमां` 32 ग मांवेश पुए जेकर जेब् क_ कयावेह क_ गई था । इस प्रकर प्रधा आरक सश ल शमां द्वार वेतिर्ण कयावेह पुर अतिवेXवेस कर क क*ई करर्ण हo हN ।
7 / 14 {Cr. R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} अतिभयाक्त पु उक्त कj ति+क पुशओं क पुरिरवेह क सधा मां` क*ई भ वेNधा अतिभलख प्रस् कर मां` असर्फल रह हN, जिजेसस याह स्पुv हN तिक अतिभयाक्तगर्ण द्वार कj ति+क पुशओं क ति अमांति पुरिरवेह तिकया गया । अजिधातियामां, 2004 क_ धार 6 क अग एक स्था स ]सर स्था क पुरिरवेह तिकया जे प्रमांतिर्ण हN था अजिधातियामां, 2004 क_ धार 11 क प्रवेधासर याह तियात्वे अतिभयाक्तगर्ण पुर था तिक वे याह प्रमांतिर्ण कर` तिक कj ति+क पुशओं क वेधा, पुरिरवेह या तिवेक्रया अजिधातियामां क उपुधाY क उल्लेघ मां` हo था ।
9. उभयापु क क श्रीवेर्ण तिकया गया और अतिभलख क स]क्ष्मांपु]वेक पुरिरश ल तिकया गया ।
10. छत्ती सगढ़ कj ति+क पुश पुरिररर्ण अजिधातियामां, 2004 क_ धार-06 एवे धार-10 क प्रवेधा तिम्सर हNz-
“6.
वेधा क जिलया ग> वेश क पुरिरवेह क प्रति+धा-(1) क*ई भ व्यातिक्त तिकस कj ति+क पुश क, इस अजिधातियामां क उपुधाY क उल्लेघ मां` उसक वेधा क प्रया*जे क जिलया या याह जे हWया तिक उसक इस प्रकर वेधा तिकया जेवेग या वेधा तिकया जे क_ सभवे हN, रज्या क भ र क तिकस स्था स रज्या क भ र तिकस स्था पुर या रज्या क हर क तिकस स्था क* * तिक्र_ करग, पुरिरवेह करग, ह पुरिरवेह क जिलया ग और उसक पुरिरवेह करएग । (2) xxxxxxxxxx (3) xxxxxxxxxx
10. शण्डिस्-जे* क*ई धार 4, 5 एवे 6 क उपुधाY क उल्लेघ करग या उल्लेघ क प्रयास करग या उसक ष्प्ररर्ण करग वेह तिकस भ भति क करवेस स, जे* [स] वे+ क क ह* सक ग या जेमां स जे*
8 / 14 {Cr. R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} [पुचस] हजेर रूपुया क क ह* सक ग या *Y स ण्डि./ तियाक जेयाग ।"
11.
अतिभया*जे क मांहत्वेपु]र्ण स प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) हN, जिजेस सपु]र्ण अतिभया*जे मांमांल क_ पुतिv कर हWए याह कथा तिकया हN तिक मांखतिर स]च प्रप्त ह* पुर हमांरह स्टीर्फ क सथा तिक 27/06/2016 क_ रतित्रु मां` वेह मां>क पुर पुहWlच था ग्रामां क वे क_ ओंर स उड़े स क_ तिश मां` जे रह *लर* वेह एवे टीmक क टीर वेह क* जेलपुर मां*ड़े क समां पु र*ककर अतिभयाक्तगर्ण स पु]छछ क_ । उस याह भ या तिक टीmक क टीर मां` तिरपुल स ढाककर 32 ग ग>वेश या पुशओं क* ठा]सकर भर गया था । त्पुXच उस ./ प्रतिक्रया सतिह क_ धार 91 क अग स]च कर वेNधा अतिभलख प्रस् कर क_ मांग क_, तिकन् अतिभयाक्तगर्ण क*ई भ अतिभलख प्रस् कर मां` असर्फल रह । स याह भ या तिक उस उक्त ग>वेश या पुशओं क स्वेस्थ्या पुर र्ण करया, ह लस प्रश पु -3 Nयार तिकया, जेब् पुत्रुक प्रश पु -2 Nयार तिकया था उक्त ग>वेश या पुशओं क* ग> सवे सतिमांति, जे*ग र, जिजेल मांहसमां क अध्या क सपु तिकया ।
12. प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) क कथा क_ पुतिv कर हWए पुश तिचतिकत्सक स*+ च>धार (अ.स.-1) 32 ग NलY क पुर र्ण कर अपु प्रतिवे प्रश पु -1 क रूपु मां` प्रस् तिकया था याह कथा तिकया तिक सभ पुश कj ति+ या*ग्या एवे हल चल या*ग्या था । इस प्रकर ग> सवे सतिमांति, जे*ग र, जिजेल मांहसमां क अध्या शखरमां (अ.स.-5) भ इस थ्या क_ पुतिv कर हWए या तिक 32 ग Nल उन्ह` सपुमां प्रश पु -12 क अग सपु तिकए गए था, जे* स्वेस्था अवेस्था मां` था था वेमां मां` ग>शल मां` सरति ह„ ।
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13.
जेहl क जेब् सतियाY क प्रX हN, पुचरमां पुक (अ.स.-2) प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) क कथाY क_ पुतिv हo क_ हN, तिकन् जेब् पुत्रुक पुर अपु हस्र ह* स्वे कर तिकया हN । अन्या स तिगरधार भ*ई (अ.स.-4) याह कथा तिकया हN तिक रतित्रु लगभग 03:00 जे पुजिलस कतिमांयाY द्वार उस, उसक घर स लकर जेलपुर ल जेया गया, जेहl एक टीmक क टीर वेह मां` मांवेश पुए गए था लगभग 06 व्यातिक्तयाY क* पुकड़े गया था और एक *लर* वेह भ वेहl उपुण्डिस्था था । उक्त स तिकस अतिभयाक्त क_ पुहच कर मां` असमांथा रह हN था याह भ कह हN तिक उस क टीर वेह मां` चढ़कर मांवेतिशयाY क* प्रत्या हo ख था, तिकन् उसक कथाY स प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) क इस कथा क_ पुतिv ह* हN तिक उक्त रतित्रु मां` ग>वेश या पुशओं स भर टीmक क टीर एवे *लर* वेह क सथा 06 व्यातिक्तयाY क* पुकड़े गया था । च]lतिक सभ अतिभयाक्तगर्ण उस ग्रामां क तिवेस ह*कर अन्यात्रु स्था क तिवेस ह„, ऐस ण्डिस्थाति मां` स तिगरधार भ*ई (अ.स.-4) स याह अपु हo क_ जे सक तिक वेह रतित्रु मां` ख गए व्यातिक्तयाY क_ पुहच कर सक , थातिपु जिजेस प्रकर स उस पुजिलस द्वार क_ गई कयावेह क_ पुतिv क_ हN, उसस प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) क कथाY पुर अतिवेXवेस कर क क*ई करर्ण पुरिरलति हo ह* ।
14. प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) याह स्वे कर तिकया हN तिक उसक द्वार जे र*जेमांच सन्ह क_ प्रति प्रस् हo क_ गई हN । प्रथामां स]च पुत्रु प्रश पु -4 क_ कयामां ह लस प्रश पु -3 क आधार पुर क_ गई हN । उक्त प्रथामां स]च पुत्रु मां` र*जेमांच सन्ह क्रमांक 1479 क उल्लेख भ तिवेद्यमां हN । ऐस ण्डिस्थाति मां` मांत्रु इस आधार पुर तिक र*जेमांच सन्ह क_ प्रति अतिभलख पुर प्रस् हo क_ गई हN, प्रधा
10 / 14 {Cr. R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} आरक सश ल शमां (अ.स.-3) क कथाY पुर अतिवेXवेस तिकया जे उतिच हo प्र ह* ।
15.
प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) प्रतिपुर र्ण मां` याह भ स्वे कर तिकया हN तिक उक्त मांवेतिशयाY स भर टीmक क टीर क_ अगवेई *लर* वेह द्वार क_ जे रह था , थातिपु इस सधा मां` क*ई स्वेजे प्रस् हo तिकया गया हN । याह उल्लेख या हN तिक अगवेई (पुयालतिटीग) क सधा मां` तिकस प्रकर क स्वेजे प्रमांर्ण उपुलब्धा ह* स्वेभतिवेक हo मां जे सक । अतिभया*जे क असर इस सधा मां` क*ई स स टी वे अतिभलख भ उपुलब्धा हo हN, जिजेसस क*ई पुjथाक अतिभलख Nयार तिकया जे सक । इस प्रकरर्ण मां` जिजेस प्रकर टीmक क टीर क आग-आग *लर* वेह मां` चर अतिभयाक्तY क चल या गया हN था प्रधा आरक सश ल शमां अपु इस कथा पुर ण्डिस्थार रह हN तिक उक्त *Y वेहY क च क*ई अन्या वेह हo था, सथा ह टीmक क टीर मां` उपुण्डिस्था * अतिभयाक्तY क याह चवे रह हN तिक श+ अतिभयाक्तगर्ण उक टीmक क टीर क* तिकरया पुर लकर जे रह था, जेतिक *लर* वेह मां` सवेर चर अतिभयाक्तY क तिवेद्वा अजिधावेक्त द्वार उक्त थ्या स इकर तिकया गया हN । इ समांस् पुरिरण्डिस्थातियाY एवे सक्ष्या क* दृतिvग रख हWए प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) क इस कथा मां` क*ई सह उत्पुन्न हo ह* तिक उक्त समांया *लर* वेह, टीmक क टीर क_ अगवेई कर रह था था उसमां` चरY अतिभयाक्तगर्ण उपुण्डिस्था था ।
16. प्रधा आरक सश ल शमां (अ.स.-3) क कथा मां` याह थ्या भ आया हN तिक जे उन्हY अतिभयाक्तगर्ण क* वेNधा अतिभलख प्रस् कर ह स]तिच तिकया, उक_ ओंर स क*ई भ अतिभलख प्रस् हo तिकया गया । अन्या सतियाY क कथाY स समांजिथा प्रधा
11 / 14 {Cr.
R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} आरक सश ल शमां (अ.स.-3) क इस कथा पुर अतिवेXवेस कर क क*ई करर्ण पुरिरलति हo ह* तिक कजिथा टीmक क टीर मां` 32 ग कj ति+क पुशओं क पुरिरवेह क वे स उड़े स क_ ओंर तिकया जे रह था था उसक_ अगवेई *लर* वेह मां` सवेर 04 अतिभयाक्तगर्ण द्वार क_ जे रह था । इस प्रकर धार 10 क अपुरधा क प्रया*जेथा रज्या क एक स्था स ]सर स्था क_ ओंर कj ति+क पुशओं क पुरिरवेह तिकया जे प्रमांतिर्ण ह* हN ।
17. न्यायादृv शकर (पु]वेtक्त) क मांमांल मां` न्यायालया याह पु हWए *+मांतिक्त प्र क_ था तिक अजिधातियामां क_ धार 6 क अग अतिभया*जे द्वार याह आर*पु * तिवेतिशv रूपु स तिवेरतिच तिकया गया था और ह इस सधा मां` स्पुv सक्ष्या प्रस् तिकया गया था तिक कj +क पुशओं क* रज्या क भ र एक स्था स ]सर स्था पुर अथावे रज्या क हर अन्यात्रु ल जेया जे रह था । तिकन्, वेमां प्रकरर्ण मां` तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार अतिभयाक्तगर्ण क तिवेरुद्ध जे* आर*पु तिवेरतिच तिकया गया हN, उसमां` इस थ्या क स्पुv उल्लेख हN । आर*पु इस प्रकर हN—
“01. तिक आपु तिक 27.06.2016 क* समांया र 03.30 जे स्था- जेलपुर मां*ड़े सरगढा-सरयापुल र*ड़े अग आर क न्द्र सरयापुल मां` अन्या अतिभयाक्त मां*. समां मां, रजेन्द्र, तिश, स>रभ, सरजे क सथा समांन्या आशया कर समांन्या आशया क अग्राशरर्ण मां` 32 ग Nल (तिकमां 8,00,000/-रूपुया) क* वेधा तिकया जे अथावे वेधा तिकया जे सभव्या जे हWए पुरिरवेह तिकया?“
18. उपुर*क्त तिवेरतिच आर*पु था अतिभया*जे द्वार प्रस् सक्ष्या क अवेल*क स याह न्यायालया पु हN तिक न्यायादृv शकर (पु]वेtक्त) क थ्या वेमां प्रकरर्ण स तिभन्न ह„ । अz उक्त न्यायादृv क लभ अतिभयाक्त पु क* प्रप्त हo ह* ।
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19.
अतिभया*जे सक्ष्या मां` याह थ्या स्पुv रूपु स हo आया हN तिक उड़े स रज्या क तिकस तिवेतिशv स्था पुर उक्त पुशओं क* ल जेया जे रह था था उड़े स रज्या मां` कत्लख ण्डिस्था हN या हo, थातिपु इस सभ मां` छत्ती सगढ़ कj ति+क पुश पुरिररर्ण अजिधातियामां, 2004 क_ धार 11 क प्रवेधा मांहत्वेपु]र्ण हN, जिजेसमां` स] क भर क सधा मां` प्रवेधा तिकया गया हN, जे* तिम्सर हNz-
“11. स] क भर अतिभयाक्त पुर ह*ग-इस अजिधातियामां क_ धार 4, 5 या 6 क उपुधाY क उल्लेघ क जिलए धार 10 क अधा ./ या तिकस उपुधार क तिकस तिवेचरर्ण मां` याह सति कर क भर अतिभयाक्त पुर ह*ग तिक कj ति+क पुश क वेधा, पुरिरवेह या तिवेक्रया इस अजिधातियामां क उपुधाY क उल्लेघ मां` हo था ।"
20.
उल्लेख या हN तिक अतिभयाक्तगर्ण क* धार 6 सहपुतिठा धार 10 क अग *+जिसद्ध कर ण्डि./ तिकया गया हN । धार 6 क अग याह प्रमांतिर्ण पुया गया हN तिक 32 ग कj ति+क पुशओं क पुरिरवेह एक स्था स ]सर स्था पुर तिकया जे रह था, जिजेसक जिलए अतिभयाक्तगर्ण क पुस क*ई वेNधा अतिभलख उपुलब्धा हo था । धार 11 क तिवेश+ प्रवेधा क* दृतिvग रख हWए पुरिरवेह क उद्देXया क सधा मां` प्रमांर्ण क भर अतिभयाक्तगर्ण पुर आ हN । उन्ह` याह प्रमांतिर्ण कर अपुति था तिक कj ति+क पुशओं क वेधा, पुरिरवेह या तिवेक्रया अजिधातियामां क उपुधाY क उल्लेघ मां` हo तिकया जे रह था । तिकन् उक्त प्रमांर्ण-भर क तिवेह मां` अतिभयाक्तगर्ण * मांवेतिशयाY क क्रया-तिवेक्रया स सजिधा क*ई रस प्रस् तिकया और ह ./ प्रतिक्रया सतिह क_ धार 313 क अग अपु कथा मां` याह स्पुv तिकया तिक वे उक्त पुशओं क* कहl स लए था और कहl ल जे रह था । ऐस ण्डिस्थाति मां`, जे पुरिरवेह तिकया जे अतिभया*जे द्वार प्रमांतिर्ण कर तिया गया हN, याह प्रमांतिर्ण कर क भर तिक उक्त पुरिरवेह अवेNधा हo था अथावे वेधा क उद्देXया स हo था, अतिभयाक्तगर्ण
13 / 14 {Cr. R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} पुर था, जिजेसक तिवेह मां` वे असर्फल रह ह„ । पुरिरर्णमांस्वेरूपु, तिवेचरर्ण न्यायालया एवे अपु ल या न्यायालया द्वार अतिभयाक्तगर्ण क_ *+जिसतिद्ध मां` क*ई त्रुतिटी पुरिरलति हo ह* , अz *+जिसतिद्ध क ति पुर याह पुर र्ण स्वे कर या*ग्या हo पुया जे । ./श
21.
अतिभयाक्तगर्ण क तिवेद्वा अजिधावेक्त क क हN तिक घटी वे+ 2016 क_ हN था उसक पुXच लगभग 10 वे+ व्या ह* चक ह„ । घटी क समांया अतिभयाक्तगर्ण क_ आया लगभग 20 स 22 वे+ क मांध्या था था वे अपु-अपु पुरिरवेर क भरर्ण-पु*+र्ण मां` सलग्न ह„ । अतिभलख पुर उक तिवेरुद्ध तिकस प्रकर क पु]वे आपुरजिधाक आचरर्ण हo हN । वे क छ समांया अतिभर मां` रह चक ह„ । अz उस पुयाप्त मां हWए उन्ह` रिरह तिकया जेवे ।
22. तिगरफ्र पुत्रुक क असर अतिभयाक्त मां*हम्मां >सर ख अतिशति ह*कर वेह चलक क कया कर हN, अतिभयाक्त रजेन्द्र स्क तिशति ह*कर वेल्/र क कया कर हN, अतिभयाक्त तिश 12वेo क तिशति ह*कर कj ति+ कया कर हN, अतिभयाक्त स>रभ जेजे 12वेo क तिशति ह*कर अध्यायार हN था अतिभयाक्त सरजे अतिशति ह*कर पुरिरचलक क कया कर हN । इ समांस् पुरिरण्डिस्थातियाY, अतिभयाक्तगर्ण क समांजिजेक एवे आजिथाक पुरिरवेश था घ समांयावेजिधा क व्या ह* जे क* दृतिvग रख हWए याह न्यायालया पु हN तिक अतिभयाक्तगर्ण क* पुz करगर भजे जे न्याया*तिच हo ह*ग ।
23. पुरिरर्णमांस्वेरूपु, छत्ती सगढ़ कj ति+क पुश पुरिररर्ण अजिधातियामां, 2004 क_ धार 10 क अग आर*तिपु 01 वे+ क सश्रीमां करवेस क* घटीकर अतिभयाक्तगर्ण द्वार अ क व्या क_ गई अतिभर अवेजिधा क स तिमां तिकया जे हN, जे* अतिभयाक्त मां*हम्मां >सर ख एवे सरजे क सधा मां` 02 मांह 24 ति था अतिभयाक्त रजेन्द्र, तिश एवे
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R. No.-752 of 2017 & 784 of 2017} स>रभ जेजे क सधा मां` 02 मांह 02 ति हN । सथा ह , अथा./ क_ रतिश 1,000/- रुपुया स ढ़कर 10,000/- रुपुया प्रत्याक अतिभयाक्त क जिलए तिधारिर क_ जे हN, जिजेस 60 ति मां` जेमां तिकया जे ह*ग, अन्याथा अयाग कर क_ श मां` प्रत्याक अतिभयाक्त 05 मांह क अतिरिरक्त सधारर्ण करवेस क भग ह*ग । पु]वे मां` जेमां क_ गई अथा./ रतिश समांया*जिजे क_ जेयाग ।
24. अz पुर र्ण यातिचकए आतिशक रूपु स स्वे कर क_ जे ह„ । आवेकगर्ण/ अतिभयाक्तगर्ण जेमां पुर हN । उक जेमां-मांचलक आगमां 06 मांह क जिलए प्रभवेश ल रहग । इसक पुXच, याति तिकस अन्या न्यायालया मां` उक_ उपुण्डिस्थाति क_ आवेXयाक हo पुई जे हN, * उस मांक्त समांझा जेएग ।
25. तिर्णया क_ प्रति क सथा अपु ल या न्यायालया और तिवेचरर्ण न्यायालया क* मां]ल अतिभलख आवेXयाक कयावेह ह स]चथा एवे पुलथा श घ्रपु]वेक वेपुस प्रति+ तिकया जेए । सह /- (सजेया क मांर जेयासवेल) न्यायाधा श पु*मां