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High Court of Chhattisgarh · body
2016 DAILYLAW 623 (CHH)
Harishchand Gabel v. State Of Chhattisgarh
CRA/590/2016 · 2026-06-24
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2016
[ 2016 DAILYLAW 623 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 7 {Cr. A. No.-590 of 2016 & Cr.R. No.-266 of 2016}
2026:CGHC:26141 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक अपु ल क्रमां"क
-590
/2016
1. हरिरशच"दा गल तिपु-स्वेग/या जगन्नाथ गल, उम्र-लगभग 45 वेर्ष7, ति8वेस -छ9टे मांड़पुर, खरसिसया, पुसिलस थ8 वे हस ल-खरसिसया, सिजल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----अपु लथ//तिशकयाक7 तिवेरूद्घ
1. छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार सिजल दासिBकर , रयागढ़, सिजल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ (रज्या),
2. तिवे89दा पुया तिपु-दावे प्रसदा पुया, उम्र-लगभग 45 वेर्ष7, ति8वेस -कलमां , पुसिलस थ8 वे हस ल-खरसिसया, सिजल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ (अतिभयाक्त),
3. तिवे89दा पुटेल तिपु-दाFलरमां पुटेल, उम्र-लगभग 38 वेर्ष7, ति8वेस -छ9टे मांड़पुर, पुसिलस थ8 वे हस ल-खरसिसया, सिजल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ (अतिभयाक्त) -----उत्तीरवेदा गण अपु लथ//तिशकयाक7 द्वार : श्री मां89ज क मांर सिसन्ह, असिBवेक्त । रज्या/उत्तीरवेदा क्रमां"क-1 द्वार : श्री र9तिहस्वे सिस"ह, उपु शसकMया असिBवेक्त । अतिभयाक्तगण/उत्तीरवेदा क्रमां"क-2 वे 3 द्वार : श्री ए8०क ० मांलवे या, असिBवेक्त । एवे" POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.06.29 10:28:01 +0530
2 / 7 {Cr. A. No.-590 of 2016 & Cr.R. No.-266 of 2016} दाण्डिक पु8र क्षण
क्रमां"क
-266
/2016
1. तिवे89दा पुया तिपु-दावे प्रसदा पुया, उम्र-लगभग 45 वेर्ष7, ति8वेस -कलमां , पुसिलस थ8 वे हस ल-खरसिसया, सिजल-रयागढ़, छत्ती सगढ़,
2. तिवे89दा पुटेल तिपु-दाFलरमां पुटेल, उम्र-लगभग 38 वेर्ष7, ति8वेस -छ9टे मांड़पुर, पुसिलस थ8 वे हस ल-खरसिसया, सिजल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----आवेदाकगण/अतिभयाक्तगण तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार सिजल दासिBकर , रयागढ़, पुसिलस थ8-रयागढ़, सिजल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----रज्या आवेदाकगण/अतिभयाक्तगण द्वार : श्री ए8०क ० मांलवे या, असिBवेक्त । रज्या द्वार : श्री र9तिहस्वे सिस"ह, उपु शसकMया असिBवेक्त । न्यायामांRति7 श्री स"जया क मांर जयासवेल
, !! ति8ण7या पु ठ पुर पुरिर !! 25/06/2026
1. उपुर9क्त दाण्डिक अपु ल एवे" दाण्डिक पु8र क्षण एक ह घटे8 स स""सिB हV थ थ8-खरसिसया, सिजल-रयागढ़ (छत्ती सगढ़) क अपुरB क्रमां"क-207/2002 स उद्भूR ह98 क करण, उ8क ति8रकरण इस स"याक्त आदाश द्वार तिकया ज रह हZ ।
2. अतिभया9ज8 क मांमांल, स"क्षपु मां[, इस प्रकर हZ तिक तिदा8"क 02/10/2002 क9 सया" लगभग 06:00 ज ग्रामां छ9टे मांड़पुर, थ8-खरसिसया, सिजल-रयागढ़ मां[ आह जगन्नाथ प्रसदा गल अपु8 घर क हर रमांदा मां[ Zठ ह]आ थ । उस समांया अतिभयाक्तगण/
3 / 7 {Cr.
A. No.-590 of 2016 & Cr.R. No.-266 of 2016} आवेदाकगण तिवे89दा पुया एवे" तिवे89दा पुटेल उसक घर क अ"दार प्रवेश तिकया । आह द्वार उन्ह[ मां8 तिकए ज8 पुर उन्ह^8 पुत्थर स उसक सिसर पुर प्रहर तिकया, सिजसस उस च9टे[ आईं" । घटे8 क पुश्च अतिभयाक्तगण वेह" स भग गए । आह जगन्नाथ प्रसदा गल कM सRच8 पुर थ8-खरसिसया मां[ तिदा8"क 04/10/2002 क9 प्रथमां सRच8 पुत्र दाज7 तिकया गया थ उसक तिचतिकत्स या पुर क्षण करया गया । तिवेवेच8 पुश्च अतिभयाक्तगण क तिवेरुद्ध अतिभया9गपुत्र प्रस् तिकया गया ।
3. आपुरसिBक प्रकरण क्रमां"क-531/2009, "छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरुद्ध तिवे89दा पुया एवे" एक अन्या" मां[ न्यातियाक मांसिजस्टेfटे प्रथमां श्रीण , खरसिसया, सिजल-रयागढ़ द्वार तिदा8"क 07/01/2016 क9 ति8ण7या पुरिर तिकया गया, सिजसक द्वार अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण क9 Bर 294 भर या दा स"तिह क आर9पु स दा9र्षमांक्त तिकया गया । थतिपु, उन्ह[ दा9र्षसिसतिद्ध कर Bर 452 भर या दा स"तिह क अ"ग7 01 वेर्ष7 क सश्रीमां करवेस एवे" ₹1,000/- क अथ7दा स, थ Bर 323 सहपुतिठ Bर 34 भर या दा स"तिह क अ"ग7 01 मांह क सश्रीमां करवेस एवे" ₹500/- क अथ7दा स दाण्डि तिकया गया ।
4. उक्त दा9र्षसिसतिद्ध एवे" दादाश क9 अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण द्वार अपु ल क मांध्यामां स च8F दा गईं । उक्त अपु ल क ति8रकरण तिद्वा या अपुर सत्र न्यायाB श, रयागढ़, सिजल- रयागढ़ द्वार आपुरसिBक अपु ल क्रमां"क-2020000002/2018, "तिवे89दा पुया एवे" एक अन्या तिवेरुद्ध छत्ती सगढ़ शस8" मां[ तिदा8"क 17/03/2018 क9 ति8ण7या पुरिर कर तिकया गया । अपु ल या न्यायालया 8 अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण कM दा9र्षसिसतिद्ध क9 याथवेi 8ए रख । सथ ह , Bर 323 भर या दा स"तिह क अ"ग7 आर9तिपु दादाश कM पुतिj कM गईं । थतिपु, Bर 452 भर या दा स"तिह क अ"ग7 असिBर9तिपु 01 वेर्ष7
4 / 7 {Cr. A. No.-590 of 2016 & Cr.R. No.-266 of 2016} क सश्रीमां करवेस क दा क9 कमां कर ह]ए 06 मांह क सश्रीमां करवेस मां[ पुरिरवेति7 कर तिदाया गया थ ₹1,000/- क अथ7दा कM पुतिj कM गईं ।
5.
अपु ल या न्यायालया द्वार पुरिर उक्त ति8ण7या क9 च8F दा ह]ए अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण 8 याह दाण्डिक पु8र क्षण प्रस् तिकया हZ । अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण क तिवेद्वा8 असिBवेक्त क क7 हZ तिक आह जगन्नाथ प्रसदा गल (अ.स.-1) 8 अपु8 प्रतिपुर क्षण मां[ याह स्वे कर तिकया हZ तिक अतिभयाक्तगण कM मां9टेरसइतिकल उसक घर मां[ रख ह]ईं थ थ अतिभयाक्तगण उस ल8 क सिलए उसक घर गए थ । ऐस ण्डिस्थति मां[ अतिभयाक्तगण/ आवेदाकगण क तिवेरुद्ध आर9तिपु अपुरB क मांमांल स्थतिपु 8हm ह9 हZ । याह भ क7 प्रस् तिकया गया हZ तिक अB 8स्थ न्यायालया^ द्वार अतिभलख पुर उपुलब्B सक्ष्या क समांतिच मांRल्या"क8 तिकए ति8 अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण क9 दा9र्षसिसद्ध तिकया गया हZ, ज9 तिवेसिB एवे" थ्या^ क अ8रूपु 8हm हZ । अr पु8र क्षण स्वे कर कर "प्रश्8B 8 दा9र्षसिसतिद्ध एवे" दादाश" क9 अपुस् तिकया जए थ अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण क9 आर9तिपु अपुरB^ स दा9र्षमांक्त तिकया जए ।
6. अपु ल या न्यायालया द्वार दा मां[ कM गईं कमां स""B उक्त ति8ण7या क9 आह जगन्नाथ प्रसदा गल (अ मांs) क पुत्र हरिरश्च"दा गल द्वार दाण्डिक अपु ल क्रमां"क-590/2016 क मांध्यामां स च8F दा गईं हZ । अपु लथ/ क तिवेद्वा8 असिBवेक्त क क7 हZ तिक अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण 8 आह जगन्नाथ प्रसदा गल क घर मां[ अ8सिBकर प्रवेश कर उसक सिसर पुर पुत्थर स प्रहर तिकया थ, सिजसस उस च9टे[ आईं थm । ऐस पुरिरण्डिस्थतिया^ मां[ तिवेचरण न्यायालया द्वार Bर 452 भर या दा स"तिह क अ"ग7 असिBर9तिपु 01 वेर्ष7 क सश्रीमां करवेस क दा न्याया9तिच एवे" उपुयाक्त थ । याह क7 भ प्रस् तिकया गया हZ
5 / 7 {Cr. A. No.-590 of 2016 & Cr.R. No.-266 of 2016} तिक अपु ल या न्यायालया द्वार उक्त दा क9 घटेकर 06 मांह क सश्रीमां करवेस मां[ पुरिरवेति7 तिकए ज8 क क9ईं पुया7प्त एवे" तिवेसिBसम्मां आBर 8हm थ । अr दा मां[ कमां
तिकए ज8 स""B अपु ल या न्यायालया क आदाश क9 अपुस् तिकया जए थ तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर मांRल दादाश क9 पुj तिकया जए ।
7.
रज्या कM ओर स उपुण्डिस्थ तिवेद्वा8 असिBवेक्त 8 क7 प्रस् तिकया हZ तिक आह जगन्नाथ प्रसदा गल (अ.स.-1) 8 अपु8 सक्ष्या मां[ घटे8 क स्पुj समांथ78 तिकया हZ । उसक कथ8 क तिचतिकत्स या सक्ष्या स भ पुया7प्त समांथ78 ह9 हZ, सिजसस उस च9टे[ आ8 प्रमांतिण ह9 हZ । इसक अतिरिरक्त, घटे8 मां[ प्रयाक्त पुत्थर कM जब् क9 भ सक्ष
(अ.स.-3) द्वार पुj तिकया गया हZ । याह क7 भ तिदाया गया हZ तिक अतिभया9ज8 द्वार प्रस् मांFसिखक एवे" दास्वेज सक्ष्या^ क समांग्रा मांRल्या"क8 स अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण क तिवेरुद्ध आर9तिपु अपुरB स"दाह स पुर प्रमांतिण ह9 हV । अr तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर दा9र्षसिसतिद्ध एवे" दादाश क आदाश तिवेसिBसम्मां, न्याया9तिच एवे" अतिभलख पुर उपुलब्B सक्ष्या क अ8रूपु हZ ।
8. उभयापुक्ष क क7 स8 गया और अतिभलख क सRक्ष्मांपुRवे7क पुरिरश ल8 तिकया गया ।
9. समांस् अतिभलख एवे" सक्ष्या क पुरिरश ल8 स याह पुरिरलतिक्ष ह9 हZ तिक आह जगन्नाथ प्रसदा गल (अ.स.-1) 8 अपु8 न्यायालया 8 कथ8 मां[ अतिभया9ज8 मांमांल क समांथ78 तिकया हZ । उसक कथ8 स याह थ्या स्थतिपु ह9 हZ तिक अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण द्वार उसक घर मां[ प्रवेश कर उसक सथ मांरपु टे कM गईं थ । आह क कथ8 क तिचतिकत्स या सक्ष्या स भ समांथ78 प्रप्त ह9 हZ । तिचतिकत्सक एस.क . अग्रावेल (अ.स.-10) द्वार प्रदात्ती तिचतिकत्स या पुर क्षण प्रतिवेदा8 (प्रदाश7 पु -4) स आह क9 च9टे[ आ8 प्रमांतिण ह9
6 / 7 {Cr.
A. No.-590 of 2016 & Cr.R. No.-266 of 2016} हZ । इसक अतिरिरक्त, स8ईं ईं (अ.स.-2), पुतिरमां (अ.स.-3), हरिरशच"दा गल (अ.स.-4) थ शक" ल (अ.स.-5) क सक्ष्या भ अतिभया9ज8 मांमांल कM पुतिj ह9
हV । उपुया7क्त मांFसिखक एवे" दास्वेज सक्ष्या क समांग्रा मांRल्या"क8 स याह स्पुj हZ तिक अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण पुर Bर 452 थ Bर 323 सहपुतिठ Bर 34 भर या दा स"तिह क अ"ग7 आर9तिपु अपुरB स"दाह स पुर प्रमांतिण ह9 हV । फलस्वेरूपु, अB 8स्थ न्यायालया^ द्वार अतिभसिलसिख दा9र्षसिसतिद्ध मां[ क9ईं ऐस अवेZB, त्रतिटे अथवे अशद्ध पुरिरलतिक्ष 8हm ह9 , सिजसस उसमां[ हस्क्षपु तिकया ज8 आवेश्याक ह9 । अr दा9र्षसिसतिद्ध क स""B मां[ अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण द्वार उठईं गईं आपुसित्ती स्वे कर या9ग्या 8हm पुईं ज ।
10. जहz क दादाश क प्रश्8 हZ, उस पुर तिवेचर तिकया गया । अतिभलख स याह थ्या पुरिरलतिक्ष ह9 हZ तिक घटे8 वेर्ष7 2002 कM हZ, अथ7i लगभग 24 वेर्ष7 पुRवे7 कM । अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण क क9ईं पुRवे7 आपुरसिBक इतिहस 8हm हZ । वे7मां8 मां[ अतिभयाक्त तिवे89दा पुया कM आया लगभग 60 वेर्ष7 थ अतिभयाक्त तिवे89दा पुटेल कM आया लगभग 47 वेर्ष7 हZ । याह भ अतिभलख स स्पुj हZ तिक अपु ल या न्यायालया द्वार ति8ण7या पुरिर तिकए ज8 क पुश्च दा98^ अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण लगभग 06 तिदावेस क अतिभरक्ष मां[ रह हV थ उ8क द्वार असिBर9तिपु अथ7दा भ जमां कर तिदाया गया हZ ।
11. उपुर9क्त समांस् पुरिरण्डिस्थतिया^, तिवेशर्षr घटे8 कM प्रच 8, अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण क स्वेच्छ पुRवे7वेsत्ती, उ8कM वे7मां8 आया थ उ8क द्वार व्या कM गईं अतिभरक्ष अवेसिB क9 दृतिjग रख ह]ए उन्ह[ पु8r करगर भज ज8 आवेश्याक 8हm पुया ज । फलr, उ8क तिवेरुद्ध असिBर9तिपु करवेस क दा क9 उ8क द्वार पुRवे7 मां[ व्या कM गईं अतिभरक्ष
7 / 7 {Cr. A. No.-590 of 2016 & Cr.R. No.-266 of 2016} अवेसिB क स तिमां तिकया ज हZ थ अथ7दा क स""B मां[ पुरिर आदाश कM पुतिj कM ज हZ ।
12. उपुर9क्त8सर दाण्डिक अपु ल एवे" दाण्डिक पु8र क्षण क ति8रकरण तिकया ज हZ ।
13. अतिभयाक्तगण/आवेदाकगण क9 जमां8 पुर या गया हZ । दा प्रतिक्रया स"तिह, 1973 कM Bर-437 (क) क ह उ8क जमां8-मांचलक और 06 मांह क सिलए प्रभवेश ल रहग त्पुश्चi अन्या न्यायालया मां[ उपुण्डिस्थ ह98 कM आवेश्याक 8 रह8 पुर मांक्त समांझा जयाग ।
14.
ति8ण7या कM प्रति क सथ तिवेचरण न्यायालया क9 मांRल अतिभलख आवेश्याक कया7वेह ह सRच8थ7 एवे" पुल8थ7 श घ्रपुRवे7क वेपुस प्रतिर्ष ह9 । सह /- (स"जया क मांर जयासवेल) न्यायाB श पु9मां8