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High Court of Chhattisgarh · body

2016 DAILYLAW 585 (CHH)

Prafulla Kumar Verma v. Shrichand Verma

MAC/614/2016 · 2026-04-30

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2016

Judgment text

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1 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) 2026:CGHC:20567 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर तिवेतिवेध अपु ल ( प्रतिकर ) क्रमां!क -614 /2016 1. प्रफु ल क मांर वेमां*, तिपु-स्वेग,या खू. रमां वेमां*, आया लगभग 37 वेर्ष*, 2. श्री मां सरस्वे ई, पुति स्वेग,या खू. रमां वेमां*, आया लगभग 52 वेर्ष*, 3. क मांर मांनक वेमां*, तिपु-स्वेग,या खू. रमां वेमां*, आया लगभग 25 वेर्ष*, सभ -तिनवेस वेर्ड* क्रमां!क 15, रल, हस ल रल, थान रल, जि<ल-मांर (छत्ती सगढ़) -----अपु लथा,गण/दावेक*गण तिवेरूद्घ 1. श्री च!दा वेमां*, तिपु-पुरमांश्वेर वेमां*, आया लगभग 35 वेर्ष*, तिनवेस वेर्ड* क्रमां!क 13, नयापुर, मांर, जि<ल-मांर (छत्ती सगढ़), (दाBर्ष वेहन ट्रDक क्रमां!क-स .< .-07-स .-4416 क वेहन चलक) 2. <Bगन्द्र छड़ा, तिपु-हवेल रमां छड़ा, आया लगभग 45 वेर्ष*, तिनवेस वेर्ड* क्रमां!क 7, पु!< कHलBन , ग!<पुर क तिनकट्र, मांर, जि<ल-मांर (छत्ती सगढ़), (दाBर्ष वेहन ट्रDक क्रमां!क-स .< .-07-स .-4416 क पु!< कI  स्वेमां ) 3. श्री रमां <नरल इं!श्याBरKस क! पुन जिलतिमांट्रर्ड, ई/8, ई.पु .आई.पु ., रल्कB औद्यBतिगक क्षेत्र, स पुर, <यापुर (र<स्थान), (दाBर्ष वेहन ट्रDक क्रमां!क-स .< .-07-स .-4416 क  मांक*) -----उत्तीरवेदा गण/अनवेदाकगण अपु लथा,गण/दावेक*गण द्वार : श्री सरश क मांर वेमां*, अजिधवेक्ता । उत्तीरवेदा /अनवेदाक क्रमां!क-3 द्वार : श्री दा पुक गप्ता, अजिधवेक्ता । POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.05.04 12:50:03 +0530 2 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) एवे! तिवेतिवेध अपु ल ( प्रतिकर ) क्रमां!क -881 /2016 1. श्री रमां <नरल इं!श्याBरKस क! पुन जिलतिमांट्रर्ड, ई/8, ई.पु .आई.पु ., रल्कB औद्यBतिगक क्षेत्र, स पुर, <यापुर (र<स्थान), (दाBर्ष वेहन ट्रDक क्रमां!क-स .< .-07-स .-4416 क  मांक*) -----अपु लथा, तिवेरूद्घ 1. प्रफु ल क मांर वेमां*, तिपु-स्वेग,या खू. रमां वेमां*, आया लगभग 37 वेर्ष*, 2. श्री मां सरस्वे ई, पुति स्वेग,या खू. रमां वेमां*, आया लगभग 52 वेर्ष*, 3. क मांर मांनक वेमां*, तिपु-स्वेग,या खू. रमां वेमां*, आया लगभग 25 वेर्ष*, (दावेक*गण) सभ -तिनवेस वेर्ड* क्रमां!क 15, रल, हस ल रल, थान रल, जि<ल-मांर (छत्ती सगढ़), 4. श्री च!दा वेमां*, तिपु-पुरमांश्वेर वेमां*, आया लगभग 35 वेर्ष*, तिनवेस वेर्ड* क्रमां!क 13, नयापुर, मांर, जि<ल-मांर (छत्ती सगढ़), (दाBर्ष वेहन ट्रDक क्रमां!क-स .< .-07-स .-4416 क वेहन चलक) 5. <Bगन्द्र छड़ा, तिपु-हवेल रमां छड़ा, आया लगभग 45 वेर्ष*, तिनवेस वेर्ड* क्रमां!क 7, पु!< कHलBन , ग!<पुर क तिनकट्र, मांर, जि<ल-मांर (छत्ती सगढ़), (दाBर्ष वेहन ट्रDक क्रमां!क-स .< .-07-स .-4416 क पु!< कI  स्वेमां ) -----उत्तीरवेदा अपु लथा,/ मांक* द्वार : श्री दा पुक गप्ता, अजिधवेक्ता । उत्तीरवेदा क्रमां!क-1 स 3 द्वार : श्री सरश क मांर वेमां*, अजिधवेक्ता । न्यायामां.ति* श्री स!<या क मांर <यासवेल !! तिनण*या पु ठ पुर पुरिर !! 01/05/2026 3 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) 1. उपुरBक्ता दाBन[ अपु लK एक ह दार्घ*ट्रन स स!!जिध हBन क करण इंनक तिनरकरण स!याक्ता रूपु स तिकया < रह ह] । 2. मांBट्रर यान अजिधतिनयामां, 1988 क_ धर 173 क अ!ग* प्रस् उपुरBक्ता अपु ल[ मांK मांBट्रर दार्घ*ट्रन दावे अजिधकरण, मांर, जि<ल-मांर (छत्ती सगढ़) द्वार दावे प्रकरण क्रमां!क- 109/2014, “प्रफु ल्ल क मांर वेमां* वेग]रह तिवेरुद्ध श्री च!दा वेमां* वेग]रह” मांK पुरिर अजिधतिनण*या तिदान!क 02/03/2016 कB चनe दा गई ह], जि<स आग स!क्षेपु मांK “प्रश्नध न अजिधतिनण*या” स स!Bजिध तिकया < रह ह] । 3. प्रकरण क थ्या स!क्षेपु मांK इंस प्रकर हg तिक दार्घ*ट्रन तिदान!क 04/10/2012 क_ ह] । मांIक लBक श क मांर वेमां*, आया लगभग 22 वेर्ष*, अतिवेवेतिह नवेयावेक था । वेह मांBट्ररसइंतिकल मांK रल क_ ओर < रह था । सया! लगभग 07:00 < रल-अतिहवेर मांग* स्थिस्था समांदातियाक भवेन क समां पु सड़ाक तिकनर ट्रDक क्रमां!क स .< .-07-स .-4416 (जि<स आग "दाBर्ष वेहन" स स!Bजिध तिकया < रह ह]) खूड़ा था । उस समांया अ!धर हB चक था । दावे क अनसर उक्ता वेहन मांK कBई पुतिकk ग लइंट्र नहl <ल रह था , जि<सक करण मांIक सड़ाक पुर खूड़ा वेहन कB दाखू नहl पुया और पु छ स <कर उसस ट्रकर गया, जि<सस उस ग!भ र चBट्रK आई! और उसक_ मांIत्या हB गई । मांIक क भई प्रफु ल्ल क मांर वेमां* क_ स.चन पुर थान रल मांK उस तिदान मांग* कयामां तिकया गया था प्रथामां स.चन पुत्र प्रदाश* पु -2 क मांध्यामां स अपुरध क्रमां!क-227/2012 पु!< द्ध तिकया गया । तिवेवेचन उपुर! अतिभयाBगपुत्र प्रस् तिकया गया । मांIक लBक श क मांर वेमां* क भई, मां एवे! हन द्वार मांBट्रर यान अजिधतिनयामां, 1988 क_ धर 166 क अ!ग* प्रतिकर ह दावे आवेदान प्रस् तिकया गया । जि<स पुर दाBर्ष वेहन क चलक श्री च!दा वेमां* एवे! स्वेमां <BगKद्र छड़ा द्वार स!याक्ता रूपु स <वेदावे प्रस् तिकया गया ।  मां क! पुन द्वार भ <वेदावे 4 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) प्रस् कर हoए याह अतिभवेचन तिकया गया तिक वेहन क मांल यान अनज्ञा पुत्र, तिफुट्रनस था वे]ध र्डDइंतिवे!ग लइंसKस क अभवे मांK  मां पुHजिलस क_ शq! क उल्ल!र्घन हoआ ह], अr वेह प्रतिकर रतिश क भगन ह उत्तीरदाया नहl ह] । 4. उभयापुक्षे क अतिभवेचन पुर अजिधकरण द्वार वेदा प्रश्न तिनतिमां* तिकए गए । दावेक* पुक्षे स मांIक क भई प्रफु ल्ल क मांर वेमां* था र्घट्रनस्थाल क सक्षे क रूपु मांK कमांदावे वेमां* क पुर क्षेण करया गया, <तिक वेहन स्वेमां <BगKद्र छड़ा था  मां क! पुन क_ ओर स कया*लया अतिरिरक्ता क्षेत्र या पुरिरवेहन अजिधकर , दाग* क सहयाक ग्रेर्ड-3 सत्यान्द्र क मांर सBन एवे!  मां क! पुन क तिवेजिध सहयाक रमांश जिसन्ह क पुर क्षेण करया गया । उभयापुक्षे कB सनन क उपुर! अजिधकरण द्वार ट्रDक एवे! मांBट्ररसइंतिकल चलक दाBन[ क_ 50%- 50% याBगदाया उपुक्षे तिनध*रिर क_ गई । मांIक क_ मांजिसक आया 5,000/- रुपुया आ!क_ गई । च.!तिक मांIक अतिवेवेतिह था, अr उसक व्यातिक्ताग खूच* क रूपु मांK 50% कट्रe कर हoए वेतिर्ष*क आजिश्री रतिश 30,000/- रुपुया तिनध*रिर क_ गई । उसमांK 18 क गणक लग. तिकए <न पुर क ल आजिश्री रतिश 5,40,000/- रुपुया आ!क_ गई । 50% याBगदाया उपुक्षे पुए <न क करण दाBर्ष वेहन क उत्तीरदातियात्वे 50% अथा* 2,70,000/- रुपुया तिनध*रिर तिकया गया, जि<समांK स!पुदा क_ हतिन क मांदा मांK 10,000/- रुपुया था अ!तिमां स!स्कर व्याया क मांदा मांK 5,000/- रुपुया <Bड़ाकर क ल 2,85,000/- रुपुया क अवेर्ड* दावेक*गण क पुक्षे मांK था दाBर्ष वेहन क चलक, स्वेमां एवे!  मांक* क तिवेरुद्ध पुरिर तिकया गया । उक्ता अजिधतिनण*या क तिवेरुद्ध वे*मांन दाBन[ अपु लK प्रस् क_ गई हg । दावेक* पुक्षे क_ तिवेतिवेध अपु ल ( प्रतिकर ) क्रमां!क -614 /2016 5 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) 5. दावेक* पुक्षे क तिवेद्वान अजिधवेक्ता क प्रथामां क* याह ह] तिक मांIक लBक श क मांर वेमां* या!तित्रक_ स्नक क छत्र था । वेह ट्यू.शन पुढ़कर 10,000/- रुपुया प्रतिमांह अजि<* कर था, तिक!  अजिधकरण द्वार उसक_ मांजिसक आया मांत्र 5,000/- रुपुया आ!क_ गई ह], <B कमां ह], उस ढ़या <न चतिहए । इंस क* क  मां क! पुन द्वार तिवेरBध तिकया गया ह] । मांमांल मांK प्रस् स!पु.ण* सक्ष्या क पुरिरश लन स इंस स!!ध मांK कBई दास्वे< प्रमांण उपुलब्ध नहl हB, जि<सक आधर पुर मांIक क_ मांजिसक आया 10,000/- रुपुया तिनध*रिर क_ < सक । ऐस स्थिस्थाति मांK अजिधकरण द्वार मांIक क_ मांजिसक आया 5,000/- रुपुया तिनध*रिर तिकया <न उतिच प्र  हB ह] । अr इंसमांK हस्क्षेपु क_ आवेश्याक नहl ह] । 6. दावेक* पुक्षे क तिवेद्वान अजिधवेक्ता क तिद्वा या क* याह ह] तिक अजिधकरण द्वार मांIक क व्यातिक्ताग खूच* क रूपु मांK 50% कट्रe क_ गई ह] <B अजिधक ह] और इंस कमां तिकया <न चतिहए । इंस क* क भ  मां क! पुन द्वार तिवेरBध तिकया गया ह] । याह उल्लखून या ह] तिक मांIक 22 वेर्ष,या अतिवेवेतिह नवेयावेक था । ऐस स्थिस्थाति मांK National Insurance Company Limited v. Pranay Sethi (2017) 16 SCC 680 मांK प्रतिपुतिदा तिवेजिध क प्रकश मांK मांIक क व्यातिक्ताग खूच* क रूपु मांK 50% कट्रe तिकया <न तिवेजिधसम्मां ह] । अr अजिधकरण क उक्ता तिनष्कर्ष* मांK कBई अवे]ध पुरिरलतिक्षे नहl हB । इंसजिलए दावेक* पुक्षे क उक्ता क* भ स्वे कर याBग्या नहl ह] । 7. दावेक* पुक्षे क तिवेद्वान अजिधवेक्ता क I या क* याह ह] तिक दाBर्ष वेहन अ!धर मांK सड़ाक क  च[- च खूड़ा था था वेहन खूड़ा तिकए <न क कBई स!क  नहl तिदाया गया था और न ह कBई पुतिकk ग लइंट्र <लई गई था । ऐस स्थिस्थाति मांK मांIक क_ कBई याBगदाया उपुक्षे जिसद्ध नहl हB , स्थिल्क पु.ण* उपुक्षे दाBर्ष वेहन क चलक एवे! स्वेमां क_ ह] । अr 6 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) अजिधकरण द्वार मांIक क_ 50% याBगदाया उपुक्षे तिनध*रिर तिकया <न उतिच नहl ह] और उस अपुस् तिकया <ए । 8. इंसक तिवेपुर   मां क! पुन क तिवेद्वान अजिधवेक्ता न क* प्रस् तिकया तिक दावेक* पुक्षे स पुर तिक्षे प्रफु ल्ल क मांर वेमां* र्घट्रनस्थाल क प्रत्याक्षेदाश, सक्षे नहl ह] था अन्या सक्षे कमांदावे वेमां* भ र्घट्रन र्घतिट्र हBन क पुश्च र्घट्रनस्थाल पुर पुहo}च था, जि<स उसन स्वेया! स्वे कर तिकया ह] । वेहन स्वेमां <BगKद्र छड़ा न स्पुष्ट तिकया ह] तिक वेहन खूर अवेस्था मांK सड़ाक तिकनर खूड़ा था, चलक वेहl उपुस्थिस्था था था पुतिकk ग लइंट्र भ <लई गई था । र्घट्रनस्थाल चeड़ा मांग* ह], <ह} दाB वेहन[ क एक सथा आवेगमांन स!भवे ह] । मांeक नक्श प्रदाश* पु -3 स भ याह स्पुष्ट हB ह] तिक ट्रDक सड़ाक क मांध्या न हBकर तिकनर खूड़ा था । अr अजिधकरण द्वार अ!तिक याBगदाया उपुक्षे क तिनष्कर्ष* उतिच ह] । 9. स!पु.ण* अतिभलखू क पुरिरश लन स याह स्पुष्ट हB ह] तिक प्रथामां स.चन पुत्र प्रदाश* पु -2 क अनसर प्रफु ल्ल क मांर वेमां* र्घट्रन क लगभग आध र्घ!ट्र दा र्घट्रनस्थाल पुर पुहo}च था । उसन अपुन प्रतिपुर क्षेण मांK स्वे कर तिकया ह] तिक मांeक नक्श क अनसर ट्रDक सड़ाक क ई! ओर खूड़ा था था मांग* क पुया*प्ता भग खूल था । इंस प्रकर आवेदाक सक्षे कमांदावे वेमां* न भ प्रतिपुर क्षेण मांK स्वे कर तिकया ह] तिक र्घट्रनस्थाल चeड़ा मांग* ह], <ह} दाB सK एक सथा तिनकल सक हg था उसक पुश्च भ पुया*प्ता स्थान च ह] । उसन याह भ स्वे कर तिकया तिक मांग* क लगभग 50% भग आवेगमांन ह उपुलब्ध था था अन्या वेहन भ आवेगमांन कर रह था । उक्ता सक्ष्या स याह स्पुष्ट ह] तिक दाBर्ष वेहन सड़ाक क  च[- च न हBकर तिकनर खूड़ा था और मांIक पु छ स <कर उसस ट्रकरया । दार्घ*ट्रन सया! 07:00 < क_ ह] और उस समांया अ!धर हB चक था । सड़ाक पुर आवेगमांन क तिनयामां[ क अनसर न क वेल ट्रDक चलक, स्थिल्क मांBट्ररसइंतिकल चलक कB भ पुया*प्ता 7 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) सवेधन रन अपुतिक्षे था । यातिदा वेहन तिन पुतिकk ग लइंट्र क भ सड़ाक तिकनर खूड़ा था,  भ मांBट्ररसइंतिकल चलक इंस थ्या क_ उपुक्षे नहl कर सक था तिक वेह अपुन वेहन क हर्डलइंट्र क प्रकश मांK अपुन मांग* क समांतिच अवेलBकन कर । अr उपुलब्ध सक्ष्या क आधर पुर याह न्यायालया पु ह] तिक अजिधकरण द्वार दाBन[ चलक[ क_ 50%- 50% याBगदाया उपुक्षे तिनध*रिर तिकया <न उतिच ह], जि<समांK तिकस प्रकर क_ त्रतिट्र नहl पुई < । 10. उपुरBक्ता आधर पुर याह न्यायालया पु ह] तिक दावेक*गण द्वार उठई गई आपुजित्तीया} स्वे कर याBग्या नहl हg । फुलस्वेरूपु, दावेक*गण द्वार प्रस् तिवेतिवेध अपु ल (प्रतिकर) क्रमां!क-614/2016 खूरिर< क_ < ह] ।  मां क! पुन क_ तिवेतिवेध अपु ल ( प्रतिकर ) क्रमां!क -881 /2016 11. इंस अपु ल मांK अपु लथा,  मां क! पुन क तिवेद्वान अजिधवेक्ता क क* ह] तिक दार्घ*ट्रन क_ तिजिथा पुर चलक श्री च!दा वेमां* क पुस वे]ध एवे! प्रभवे र्डDइंतिवे!ग लइंसKस नहl था । अr  मां पुHजिलस क_ शq! क उल्ल!र्घन हBन क करण  मां क! पुन प्रतिकर क भगन ह उत्तीरदाया नहl ह] । <तिक दावेक* पुक्षे क तिवेद्वान अजिधवेक्ता क क* ह] तिक अजिधकरण द्वार  मां शq! क उल्ल!र्घन प्रमांतिण न पुए <न पुर पुरिर तिकया गया अवेर्ड* तिवेजिधसम्मां ह] । 12. उभयापुक्षे क क* श्रीवेण तिकए गए था अतिभलखू क पुरिरश लन तिकया गया । 13. अतिभलखू क पुरिरश लन स याह स्पुष्ट हB ह] तिक चलक श्री च!दा वेमां* क र्डDइंतिवे!ग लइंसKस, वेहन स्वेमां <BगKद्र छड़ा द्वार प्रदाश* र्ड -2 क रूपु मांK प्रस् तिकया गया ह] था वेहन क पु!< यान प्रमांणपुत्र प्रदाश* र्ड -1 क रूपु मांK प्रस् तिकया गया ह] । प्रदाश* र्ड -1 क अनसर दाBर्ष वेहन ट्रDक, एच.< .व्ह . (हवे गड्स व्ह कल) क_ श्रीण मांK आ ह] । वेहन 8 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) स्वेमां <BगKद्र छड़ा क अनसर चलक श्री च!दा वेमां* क चलक अनज्ञातिप्ता प्रदाश* र्ड -2 दार्घ*ट्रन तिदान!क 04/10/2012 कB वे]ध एवे! प्रभवे था । इंसक खू!र्डन ह अपु लथा,  मां क! पुन क_ ओर स कया*लया अतिरिरक्ता क्षेत्र या पुरिरवेहन अजिधकर , दाग* क सहयाक ग्रेर्ड-3 सत्यान्द्र क मांर सBन द्वार चलक अनज्ञातिप्ता पु!< आह• तिकया गया । सत्यान्द्र क मांर सBन न चलक श्री च!दा वेमां* क चलक अनज्ञातिप्ता क तिवेवेरण प्रदाश* र्ड -3 क रूपु मांK प्रस् तिकया ह] । उक्ता तिवेवेरण क अनसर चलक श्री च!दा वेमां* क नमां लइंट्र मांBट्रर व्ह कल क अनज्ञातिप्ता पुत्र तिदान!क 24/12/1997 कB <र तिकया गया था, जि<सक क्रमां!क एस./2292 था । उक्ता अनज्ञातिप्ता पुत्र मांK ट्रD!सपुBट्र* व्ह कल एवे! एच.< .व्ह . क पुIष्ठां!कन तिदान!क 07/10/2002 कB करया गया था, जि<सक_ वे]ध तिदान!क 06/10/ 2005 क, अथा*ƒ 03 वेर्ष* क जिलए था । इंसक पुश्च उक्ता लइंसKस क नवे न करण तिदान!क 28/02/2009 स 27/02/2012 क क जिलए करया गया था । सत्यान्द्र क मांर सBन न अपुन पुर क्षेण क_ क! तिर्डक-2 मांK स्पुष्ट रूपु स कथान तिकया ह] तिक चलक श्री च!दा वेमां* क अनज्ञातिप्ता पुत्र कम्प्या.ट्रर कI  हBन क पुश्च उसक क्रमां!क CG07/ 1997/0002292 हB गया था, जि<सक पुनr नवे न करण तिदान!क 08/01/2013 स 07/01/2016 क क जिलए तिकया गया था । अथा*ƒ प्रदाश* र्ड -3 क तिवेवेरण क अनसर चलक श्री च!दा वेमां* क चलक अनज्ञातिप्ता पुत्र तिदान!क 28/02/2012 स 07/01/2013 क वे]ध एवे! प्रभवे नहl था । च.}तिक दार्घ*ट्रन इंस अवेजिध क मांध्या तिदान!क 04/10/2012 क_ ह], जि<स तिजिथा कB प्रदाश* र्ड -3 क अनसर चलक श्री च!दा वेमां* क चलक अनज्ञातिप्ता प्रभवे नहl था । वेर्ष* 2005 क पुश्च एवे! तिदान!क 08/01/2013 स पु.वे* उक्ता अनज्ञातिप्ता मांK ट्रD!सपुBट्र* व्ह कल अथावे एच.< .व्ह . क कBई पुIष्ठां!कन (इं!र्डBस*मांKट्र) भ नहl करया गया था । 9 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) 14. इंस प्रकर सक्ष्या स याह स्पुष्ट ह] तिक दार्घ*ट्रन तिदान!क 04/10/2012 कB चलक श्री च!दा वेमां* क चलक अनज्ञातिप्ता मांK एच.< .व्ह . चलन स!!ध कBई वे]ध पुIष्ठां!कन (इं!र्डBस*मांKट्र) तिवेद्यमांन नहl था, <तिक आर.स . क प्रदाश* र्ड -1/स क अनसर दाBर्ष वेहन एच.< .व्ह . क_ श्रीण मांK आ ह] । मांBट्रर यान अजिधतिनयामां, 1988 क_ धर 3 एवे! 14 क अनसर एच.< .व्ह . स!!ध पुIष्ठां!कन 03 वेर्ष* क_ अवेजिध क जिलए वे]ध हB ह], तिक!  दार्घ*ट्रन क_ तिजिथा पुर ऐस कBई वे]ध पुIष्ठां!कन चलक क चलक अनज्ञातिप्ता मांK तिवेद्यमांन नहl था । 15. उपुरBक्ता पुरिरस्थिस्थातिया[ मांK याह न्यायालया पु ह] तिक चलक श्री च!दा वेमां* क वे]ध एवे! प्रभवे चलक अनज्ञातिप्ता क स!!ध मांK अजिधकरण द्वार अतिभजिलजिखू तिनष्कर्ष* त्रतिट्रपु.ण* ह], अr वेह स्थिस्थार रखू <न याBग्या नहl ह] । च.}तिक दार्घ*ट्रन तिदान!क 04/10/2012 कB दाBर्ष वेहन, <B तिक एच.< .व्ह . श्रीण क ह], क चलन ह आवेश्याक पुIष्ठां!कन (इं!र्डBस*मांKट्र) चलक श्री च!दा वेमां* क चलक अनज्ञातिप्ता पुत्र मांK तिवेद्यमांन नहl था, इंसजिलए उस तिजिथा पुर उसक चलक अनज्ञातिप्ता पुत्र वे]ध एवे! प्रभवे नहl पुया < । फुलस्वेरूपु,  मां पुHजिलस क_ शq! क उल्ल!र्घन हBन प्रमांतिण हB ह] । अr इंस तिवेर्षया मांK अपु लथा,  मां क! पुन द्वार प्रस् क* स्वे कर याBग्या पुया < ह] था अजिधकरण द्वार तिदाया गया याह तिनष्कर्ष* तिक चलक क पुस वे]ध वे प्रभवे अनज्ञातिप्ता था , कB अपुस् तिकया < ह] । 16. <ह! क प्रतिकर क_ अदायाग क प्रश्न ह], च.!तिक वेहन  तिमां था और इंसजिलए मांनन या सवेqच्च न्यायालया द्वार न्यायादृष्ट! Amrit Paul Singh and Another v. Tata AIG General Insurance Company Limited and Others प्रकतिश (2018) 7 SCC 558 प्रकरण मांK प्रतिपुतिदा तिवेजिध-जिसद्ध! क आलBक मांK था वे*मांन प्रकरण क थ्या एवे! पुरिरस्थिस्थातिया[ क सम्याकƒ पुरिरश लन उपुर!, उक्ता तिनण*या मांK प्रतिपुतिदा अदायाग एवे! वेस.ल (पु ए!र्ड रिरकवेर) क जिसद्ध! कB वे*मांन प्रकरण मांK लग. तिकया <न न्यायाBतिच पुया < 10 / 10 (MA(C) No. 614 of 2016 & 881 of 2016) ह] । फुलस्वेरूपु,  मां क! पुन कB तिनदा†तिश तिकया < ह] तिक वेह दावे अजिधकरण द्वार तिनध*रिर प्रतिकर रतिश क भगन सवे*प्रथामां दावेक*गण क पुक्षे मांK सतिनस्थिश्च कर था त्पुश्च उक्ता भगतिन रतिश क_ वेस.ल ह स!!जिध दावे अजिधकरण क समांक्षे तिनष्पुदान कया*वेह स!स्थिस्था कर, दाBर्ष वेहन क स्वेमां एवे! चलक स तिवेजिध अनसर उक्ता रतिश क_ वेस.ल करन क_ अजिधकर हBग । 17.  मां क! पुन क_ ओर स प्रस् तिवेतिवेध अपु ल (प्रतिकर) क्रमां!क-881/2016 क तिनरकरण उपुरBक्ता रूपु मांK तिकया < ह] । 18. आदाश क_ प्रति क सथा अजिधकरण क अतिभलखू श घ्रपु.वे*क आवेश्याक कया*वेह ह स.चनथा* वे पुलनथा* वेपुस प्रतिर्ष हB । सह /- (स!<या क मांर <यासवेल) न्यायाध श पो मन